QuotePeople of UP have decided to defeat 'Parivarvadi' parties: PM Modi in Bahraich
QuoteWe opened up 'Anna ke Bhandaar' during the COVID crisis, 80 crore people have been getting free ration for the last 2 years: PM Modi
QuoteThis time we are going to hit a 'Jeet Ka Chowka'...First in 2014, then 2017, 2019, and now 2022: PM Modi in Bahraich

भारत माता की...

भारत माता की...

बालार्क ऋषि कय तपो भूमि आउर महाराजा सुहेलदेव कय युद्ध स्थली बहराइच, स्वतंत्रता कय अमर सेनानी राजा देव बक्स सिंह कय जन्मभूमि गोंडा, महात्मा बुद्ध कय श्रावस्ती आउर मां पाटेश्वरी देवी कय पुण्य भूमि बलरामपुर कय लोगन का हमार कोटि- कोटि प्रणाम।

सबसे पहले तो मुझे पहुंचने में विलंब हुआ, इसके लिए मैं आप सबका क्षमा चाहता हूं, मैं आज नॉर्थ-ईस्ट में मणिपुर में था, मणिपुर से आते थोड़ा समय हो गया, इसलिए मैं आपकी क्षमा चाहता हूं, लेकिन ये जो दृश्य मैं देख रहा हूं, कहीं पैर रखने की भी जगह रखी है कि नहीं और जितने लोग यहां हैं, उतने मैं बाहर देख रहा हूं, पता नहीं उनको सुनाई देता होगा, नहीं देता होगा। इतनी बड़ी तादाद में लोग आज यहां दूसरे जिलों से भी एक तो यहां मौजूद हैं बाकि लोग वर्चुअली और जिलों में भी इस कार्यक्रम से जुड़े हैं, मैं उन सबको भी यहां से प्रणाम करता हूं।

आप जो इतनी बड़ी संख्या में हम सबको, भारतीय जनता पार्टी को आशीर्वाद देने आए हैं, उससे साफ है कि यूपी चुनाव में इस बार भी जीत का लगने वाला है चौका। एक बार 2014, दूसरी बार 2017, तीसरी बार 2019 और इस बार चौका। यूपी के लोग बाइस में भी घोर परिवारवादियों को हराने के लिए फैसला कर चुके हैं।

भाइयों और बहनों,

हिंदुस्तान का कोना कोना शौर्य और पराक्रम की गाथाओं से भरा हुआ है। हमारी मिट्टी ही हमारे मिजाज को तय कर देती है। हमारी मिट्टी ही हमारा व्यक्तित्व रच देती है। जिस धरती पर हम हैं, ये धरती ही महाराजा सुहेलदेव के पराक्रम की महक लिए हुए है। पिछले वर्ष मुझे उनके स्मारक के शिलान्यास का भी सौभाग्य मिला। इस स्मारक में उनकी भव्य प्रतिमा भी लगाई जाएगी।

साथियों,

आप देख रहे हैं कि इस समय दुनिया में कितनी उथल-पुथल मची हुई है। जब चारो तरफ उथल-पुथल मची हो, चारो तरफ कल क्या होगा परसों क्या होगा, गिनतियां चलती हो, ऐसे में आज भारत को ताकतवर होना चाहिए की नहीं होना चाहिए, भारत मजबूत होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए, आज भारत का ताकतवर होना न सिर्फ भारत के लिए पूरी मानवता के लिए बहुत जरूरी है।

आज आपका एक-एक वोट भारत को ताकतवर बनाएगा। सुहेलदेव की धरती के लोगों का एक-एक वोट, देश को मजबूती देगा। आप देखिए स्कूल में भी कोई ढीला-ढाला टीचर हो तो बच्चों को पसंद आता है क्या, ढीला-ढाला मास्टरजी हो तो बच्चों को पसंद आता है क्या, बच्चों के परिवारवालों को पसंद आता है क्या, आप भी चाहते हैं न कि टीचर मजबूत होना चाहिए, आपके इलाके में दरोगा भी बिल्कुल ढीला-ढाला हो तो किसी को पसंद आता है क्या, दरोगा भी मजबूत होना चाहिए आपको लगता है कि नहीं लगता है, तो भाईयो-बहनों इतना बड़ा देश , इतना राज्य जिम्मेवारी भी मजबूत कंधों पर होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए, इसलिए भाइयों और बहनों जब टफ टाइम होता है तो टफ लीडर भी होना जरूरी होता है।


साथियों,

हमने तमाम संघर्षों से लोहा लेते हुए आज़ादी से यहां तक का सफर तय किया है। हर भारतीय का ध्येय एक विकसित, समृद्ध भारत है। इस समृद्ध भारत के लिए, उत्तर प्रदेश का समृद्ध होना, उत्तर प्रदेश का विकसित होना उतना ही जरूरी है। आज हम सभी आपके सामने, इसी महायज्ञ के लिए आपका सहयोग मांगने आए हैं। उत्तर प्रदेश आज विकास के जिस रास्ते पर चल पड़ा है, उसमें डबल इंजन की सरकार उतनी ही जरूरी है।


साथियों,

मैंने 2014 से लेकर 2017 तक इन घोर परिवारवादियों का कामकाज, उनका कारोबार, उनके कारनामें बहुत करीब से देखा है।दुख होता है जब अपने स्वार्थ के लिए घोर परिवारवादियों की सरकारें जनता के हित को ही स्वाहा कर देती हैं। 2017 से पहले बस्ती, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर के लोगों ने भी बहुत भेदभाव झेला।

झेला था कि नहीं झेला था, आपके साथ भेदभाव होता था कि नहीं होता था, अब योगी जी की सरकार पिछले पांच सालों से हर वो प्रयास कर रही है जो आपके जीवन में सहूलियत ला सके, जो गरीब को सम्मान दे सकें। और निश्चित तौर पर इसमें बहुत बड़ी बाधा थी यूपी की बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था। बीते पांच साल में भाजपा सरकार, यहां की कानून व्यवस्था को पटरी पर ले आई है।

वो जो आपके हक की जमीन पर बैठे थे। वो जो आप पर भय बना कर बैठे थे। वो जिनके डर से आप घरों से निकलने से बचते थे, जिनकी वजह से हमारी बहन-बेटियां परेशान थीं, वो सब आज काबू में हैं, लेकिन अभी ये पूरे तरह न सुधरे हैं और न समझे हैं वो मौके की तलाश में हैं, अभी वो अंतिम सांस ले रहे हैं।

अगर दुबारा इनको मौका मिल गया तो इनकी जान में जान आ जाएगी, आने देना है क्या, आने देना है क्या, भाइयों ये जो समझ नहीं रहे हैं, ये जो सुधरे नहीं हैं और आखिरी सांस ले रहे हैं और बदले का भाव लेकर बैठे हैं, उनको दुबारा खड़े नहीं होने देना है।

साथियों,

भाजपा सरकार के प्रयासों की वजह से अब उत्तर प्रदेश में डर का माहौल दूर हो रहा है। डर उनको लग रहा है जो वर्षों तक निर्दोषों को डराते रहते थे वो आज डर के मारे कांप रहे हैं। आपके लिए आगे बढ़ने के रास्ते खुल रहे हैं, नए रास्ते बन रहे हैं। आप बच्चे को अच्छी शिक्षा देना चाहते हैं, इसलिए भाजपा सरकार स्कूलों की स्थिति सुधार रही है। आप अपने बच्चों को उच्च शिक्षा देना चाहते हैं, इसलिए भाजपा सरकार हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोल रही है, नए इंजीनियरिंग संस्थान बना रही है, ITI-पॉलिटेक्निक में सीटें बढ़ा रही है।

आप अपनी दुकानदारी करना चाहते हैं, अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं, इसलिए भाजपा सरकार मुद्रा योजना के जरिए आपको मदद दे रही है, स्टार्ट अप योजना के जरिए आपको पैसा दे रही है। आप चाहते हैं कि इलाज पर खर्च कम हो, बेहतर इलाज की सुविधा मिले। इसलिए भाजपा सरकार आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दे रही है, गांव-देहात में भी हेल्थ और वेलनेस सेंटर बनवा रही है।

सामान्य मानवी के जीवन के हर पड़ाव उसकी हर जरूरतों को ध्यान में रखकर हमारी सरकार योजनाएं लागू कर रही है। और ये सब काम बिना भेदभाव हो रहा है, बिना तुष्टिकरण किए हो रहा है। यही तो है सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास। मैं आपको एक और उदाहरण देता हूं।

साथियों,

आप सभी को पता है कि गरीब के घर में अनहोनी हो जाए, कोई दुर्घटना हो जाए, तो उस परिवार पर क्या बीतती है। पैसे की कमी तो गरीब के जीवन पर दोहरा संकट ला देती है। गरीब की इसी तकलीफ को समझते हुए हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना शुरू की थी।

और हमने प्रीमियम कितना रखा था? एक योजना के लिए सिर्फ 90 पैसे प्रतिदिन यानि एक कप चाय की कीमत से भी कम। और दूसरी योजना के लिए महीने का एक रुपए। इन योजनाओं के माध्यम से हमने गरीब को 2-2 लाख रुपए का सुरक्षा कवच दिया।

आज यूपी के साढ़े चार करोड़ से ज्यादा गरीब भाई-बहन इस योजना से जुड़े हुए हैं। और आपको खुशी होगी, इस सुरक्षा की वजह से यूपी के गरीब परिवारों को बीते वर्षों में करीब-करीब एक हजार करोड़ रुपए की मदद मिली है। हमारी सरकार संकट के समय कभी भी किसी का साथ नहीं छोड़ती बल्कि गरीब परिवार का संबल बनती है।

भाइयों और बहनों,

गरीबों के लिए सरकार की इसी संवेदनशीलता को आपने इस कोरोना के काल में भी देखा है, महसूस किया है। हम सबको पता है पूरी दुनिया में कितनी बड़ी भयंकर महामारी आई है। दो साल हो गए हैं पूरी मानव जाति दुनिया का हर देश अमीर हो गरीब हो हर कोई 100 साल की इस भयंकर बीमारी की चपेट में आया है। ये संकट हमारे देश पर भी बहुत गहरा है।

लेकिन ऐसे संकट के समय हमारी सरकार हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठी। क्या करें पूरी दुनिया में हुआ है ये तो वायरस है, आने ही वाला है, हम रोते नहीं रहे, बैठे नहीं रहे हम एक के बाद एक इस समस्या के सामने रास्ते खोजते रहे। देश के लोगों की जिंदगी बचाने में लगे रहे। ऐसे कालखंड में कोई भी गरीब भूखा ना रहे, किसी गरीब के घर में चूल्हा न जले, किसी गरीब का संतान रात को भूखे पेट सो न जाए, इसलिए हमारी सरकार ने अन्न के भंडार खोल दिए।

पूरी दुनिया को आश्चर्य भी होता है, 80 करोड़ लोगों को करीब-करीब दो साल से मुफ्त में राशन मिल रहा है। हमारे उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन पहुंचा है। आज गरीब भाजपा को आशीर्वाद दे रहा है। इसी संकट के समय में हमारी सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी गरीब, हिन्दुस्तान का कोई भी नागरिक अमीर हो या गरीब हो, उच्च-मध्यम वर्ग हो या निम्न-मध्यम वर्ग हो, शहर में रहता हो या गांव में रहता हो, स्त्री हो या पुरुष हो, कोई भी वैक्सीन से छूट ना जाए।

आप सबको वैक्सीन लगी है, हाथ ऊपर करके बताइए टीका लगा है। आप मुझे बताइए आपको टीका लगाने के लिए एक नया पैसा भी खर्च करना पड़ा है क्या। जोर से बोलिए ताकि ये घोर परिवारवादियों तो भी पता चला, कोई खर्चा आया क्या, एक भी रुपया देने पड़ा क्या।

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भाइयों-बहनों

इतना बड़ा सेवा काम, इतना बड़ा देश और इतने कम समय में..लेकिन इन घोर परिवारवादी लोगों ने देश की जनता को गुमराह करने के लिए आपको बहकाने के लिए दिन-रात नए-नए मनगढ़ंत तर्क दिए, अफवाहें फैलाई, भ्रम फैलावाया, लेकिन भाइयों-बहनों आपका मेरे प्रति जो विश्वास था, आपका मेरे प्रति जो प्रेम था, उसके कारण वो सफल नहीं हो पाए और आज हर नागरिक तक टीका पहुंच गया। आप लोगों को बहकाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वो सफल नहीं हुए।

उन्होंने ये तक कह दिया कि ये वैक्सीन भाजपा की है, इन लोगों ने आप लोगों को उकसाया ये तो भाजपा की वैक्सीन है। ये भाजपा के रंग वाली वैक्सीन है। ये भाजपा के कमल वाली वैक्सीन इसलिए वैक्सीन मत लृगाओ। लेकिन आपने उनकी एक भी बात नहीं सुनी, जैसे वैक्सीन में उनकी बातें नहीं सुनी है, चुनावों में भी मत सुनना। आपने हमारी बात मानी और टीका लगवाया। मैं आपका हृदय से धन्यवाद करता हूं भाइयों-बहनों और तो और इन लोगों ने तस्वीरें दिखाकर यूपी को बदनाम करने का भी काम किया।

साथियों,

दशकों-दशक तक हमारे यहां गरीबी हटाओ के नाम पर, समाजवाद के नाम पर सिर्फ और सिर्फ वोट बटोरे गए और बाद में धन लूटा गया। लेकिन जो इतने वर्षों तक देश की सत्ता में रहे, यूपी में जिन्होंने हमसे पहले सरकार चलाई, उन्होंने गरीब को गरीबी से लड़ने के लिए न अस्त्र दिए, न शस्त्र नहीं दिए, न उनको कोई समर्थन दिया। 2014 में जब आपने हमें अवसर दिया, तो हमने इस पुरानी सोच को बदलने के लिए कदम उठाए। बैंकों के दरवाज़े गरीब, दलित, पिछड़े, किसान, मजदूर, महिलाओं के लिए हमने खोलना, ऐसा ही एक बड़ा कदम था।

गरीब कभी बैंक के दरवाजे तक नहीं जा सकता था। आजादी के इतने दशकों के बाद भी नहीं जा सकता था। हमने बैंक के दरवाजे गरीबों के लिए खोल दिए दोस्तों। वरना पहले ये माना जाता था कि जिसके पास पैसा होता है, वही बैंक जाता है। गरीब के पास भी बैंक खाता हो, पहले की सरकारों ने इसकी जरूरत ही नहीं समझी। ये भाजपा की सरकार है जिसने देशभर में 44 करोड़ गरीबों के जनधन खाते खुलवाए

भाइयों-बहनों
इन जनधन खातों की ताकत देखिए, ये मेरा घोर विरोध करने वालों ने आंख बंद करके उस समय जनधन खाते का भी विरोध किया था, उसका भी मजाक उड़ाया था। लोगों के पास पैसे नहीं है, खाते खोल कर के क्या करेंगे, ये जनधन खाता तो ड्रामा है, ऐसे ही बैंक के कागज खराब कर रहे हैं। ऐसी-ऐसी बातें बोली थीं। लेकिन जनधन खातों की ताकत देखिए साथियों, बच्चों की पढ़ाई के लिए सरकारी मदद, बिना बिचौलिए, बिना कट सीधे बैंक खाते में पहुंच जाती है। पीएम किसान निधि कोई बिचौलिया नहीं, सीधा छोटे किसानों के और हर किसान के बैंक खाते में पैसा पहुंच जाता है।

फसल बेची, तो पैसा सीधा बैंक खाते में आ रहा है, आज कोई सब्सिडी आनी है तो सीधे बैंक खाते में आती है। पीएम आवास का पैसा आता है, तो सीधे बैंक खाते में आता है। मनरेगा का पैसा आता है, तो सीधा बैंक के खाते में जाता है। जो पहले आपके हक पर डाका पड़ता था, बिचौलिए जो आपका पैसा खा जाते थे, उनके लिए भाजपा सरकार ने दरवाजे बंद कर दिए।

साथियों जनधन खाते के साथ जब हमने मोबाइल फोन और आधार को जोड़ा, तो ये सुरक्षा चक्र और मजबूत हो गया। अब हमारे छोटे किसानों, पशुपालकों, मछली पालकों को भी जनधन खातों के कारण बैंकों के आसान ऋण मिलना संभव हो पाया है। आपको पता होगा, हमारे देश के प्रधानमंत्री सार्वजनिक रूप से बोले थे, उन्होंने कहा था मैं दिल्ली से एक रुपया भेजता हूं तो गरीब के घर 15 पैसा पहुंचता है। तो ये 85 पैसे किसके जेब में जाते थे भाई, ये कौन मार लेता था। ये कौन मार लेता था।

ये कौन मार लेता था पैसे। अगर 1 रुपया भेजा है तो 100 पैसे पूरे गरीब के खाते में जाने चाहिए की नहीं जाने चाहिए ।100 के 100 पैसे गरीब को मिलने चाहिए की नहीं मिलने चाहिए। अब मैने ये पक्का कर लिया कि गरीब के खाते में मैं दिल्ली से 1 रुपया भेजूंगा तो बीच में कोई हाथ नहीं लगाएगा 100 के 100 पैसे पहुंचेंगे।

अब मुझे बताइए भैया, जिनकी दुकानें बंद हो गईं, जिनको ये मलाई खाने को मिलता था, उनको मेरे पर गुस्सा आएगा कि नहीं आएगा, आएगा कि नहीं आएगा। वो मोदी को गाली देगा कि नहीं देगा, मोदी को बुरा बोलेगा कि नहीं बोलेगा, मोदी के पीछे पड़ जाएगा कि नहीं पड़ जाएगा। मोदी ने कोई गुनाह नहीं किया, गुनाह यही है कि मलाई खाने वालों की कटकी बंद कर दी है। आप मुझे बताइए, मैंने सही किया कि गलत किया, सही किया कि गलत किया, ये करना चाहिए था कि नहीं करना चाहिए।

अगर मैंने सही किया तो आप मेरे साथ रहोगे पूरी मुझे ताकत दोगे। आपकी जितनी ताकत मिलेगी उतने ही ताकतवर फैसले मैं करूंगा भाइयों-बहनों। अब आप देखिए स्वनिधि योजना के माध्यम से रेहड़ी-पटरी ठेले वालों को भी बैंकों से बिना गारंटी के लोन दिया जा रहा है। इस प्रकार के काम तभी होते हैं, जब सही मायने में गरीब को सशक्त करने का इरादा मन में होता है। वरना दशकों से घोर परिवारवादी तो सिर्फ नारों से ही काम चला रहे थे।

साथियों,

आजकल ये लोग नौकरी को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। इनकी सच्चाई भी मैं आपको बताता हूं। यहां योगी जी ने पांच साल में करीब 5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। जबकि योगी जी से पहले के 10 साल तक जो सरकारें चलीं, उन्होंने 10 साल में दो लाख नौजवानों को ही नौकरी दी थी।

10 साल में 2 लाख और पांच साल में 5 लाख लोगों को नौकरी दी। तब कारोबार क्या था, किसी की सिफारिश लगानी पड़ती थी, किसी नेताजी का कुर्ता पकड़ कर चलना पड़ता था। गरीब मां को अपनी जमीन गिरवी रख करके करप्शन के पैसे देने पड़ते थे, तब जाकर के मुश्किल से बेटे का इंटरव्यू निकलता था।

गरीब का कितना नुकसान इन्होंने किया था हमने वे स्थिति बदली है। क्या युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे लोगों को आप माफ कर देंगे? क्या ऐसे लोगों को आप माफ कर देंगे? ग्रुप सी और ग्रुप डी की भर्तियों में हमने इंटरव्यू समाप्त करने का भी बहुत बड़ा काम किया है। ये सब कटकी कंपनी को दरवाजे दिखाइए भाइयों-बहनों, दरवाजे दिखाइए। आज गरीब को अर्जी करने पर योग्यता के आधार पर घर पर ऑर्डर आ जाता है भाइयों।

साथियों,

आज ये परिवारवादी लोग, किसानों की भी बातें करने लग गए हैं। लेकिन बहराइच का किसान इनकी सच्चाई भी जानता है। ये वो लोग हैं जिन्होंने उत्तर प्रदेश में दर्जनों चीनी मिलें बंद करवा दिया। चीनी मिलों को ताले लगवाए की नहीं लगवाए, ये वो लोग हैं जिन्होंने यूरिया और खाद के लिए किसानों पर डंडे चलवाए।

ये वो लोग है जो किसान को गन्ने की पर्ची के लिए भी तरसा देते थे। पिछली सरकार के समय बहराइच के 75 हजार किसानों को ही सरकारी खरीद का लाभ मिल पाया था। जबकि हमारी सरकार ने सिर्फ बहराइच में गेहूं और धान के करीब 2 लाख किसानों से सरकारी खऱीद की है।

यूपी के किसानों को छुट्टा जानवरों से हो रही दिक्कतों को लेकर भी हम गंभीरता से ले रहे हैं, हमने रास्ते खोजे हैं दोस्तों। मैं आपकी इस चिंता को समझता हूं और मैं रास्ता खोज कर लाया हूं। 10 मार्च को आचार संहिता समाप्त होने के बाद, नई सरकार बनने के बाद, हम उन सारी योजनाओं का लागू कर देंगे भाइयों।

साथियों,

इन लोगों के काम करने का तरीका क्या रहा है, इसका उदाहरण सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना भी है। इनकी लापरवाही की वजह से ये योजना चार दशक में भी पूरी नहीं हो पाई। 40 साल बीत गए भाइयों, ऐसे लोगों की क्या जरूरत है। अरे आप के घर में काम करने वाला व्यक्ति अगर 2 घंटे में काम करना है और दो दिन तक नहीं करता है तो उसको रखते हैं क्या, उसको कहते हैं बाबा जाओ, तुम नहीं कर सकते, कहते हैं कि नहीं।

ऐसे लोगों को सरकार में वापिस लाओगे क्या, 40 साल तक जो आपके जीवन मरण का सवाल है, ऐसा पानी का काम लटकाए रखा और देखिए बर्बाद कैसे किया रुपयों को। जब ये योजना का प्रारंभ हुआ था तो खर्चा होने वाला था 100 करोड़।100 करोड़ में शानदार काम हो जाता लेकिन 40 साल लटका के रखा। जो आए उन्होंने कटकी की, हर किसी ने अपनी मलाई खाने का रास्ता खोजा। और जाते जाते 100 करोड़ रुपयों का काम 10 हजार करोड़ रुपयों तक पहुंचा।

ये पैसे आपके थे जो बर्बाद कर दिए इन लोगों ने आपकी कमाई के पैसे थे इन्होंने बर्बाद किए। इस योजना से बहराइच और गोरखपुर के बीच 9 जिलों के 30 लाख किसानों को सीधा फायदा होना था। लेकिन 30 लाख किसानों का इन्होंने गला घोंट दिया भाइयों। लेकिन बरसों के इंतजार के बाद आपको ये लाभ अब मिला है, हमारी सरकार के प्रयासों से मिला है।

साथियों,

बहराइच की ये धरती हमेशा से आक्रमणकारियों के मंसूबों को ध्वस्त करती रही। देश के खिलाफ जाने वालों को यहां की मिट्टी माफ नहीं करती है। लेकिन इसी मिट्टी ने देखा है कि कैसे इन परिवारवादियों ने आतंकी हमला करने वालों पर अपना प्यार उड़ेला।

जिन लोगों पर यूपी में एक नहीं कई-कई बम धमाकों का आरोप था, ये लोग उन आतंकवादियों को जेल से रिहा करने पर पक्का निर्णय करके बैठे थे, साजिश कर रहे थे। ये उन पर मुकदमा नहीं चलाना चाहते थे। समाजवादी सरकार, आतंकी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने के तक खिलाफ थी। इसलिए मैं कहता हूं, जो लोग देश की नहीं सोच सकते, देश की सुरक्षा को ताक पर रखते हैं, वो यूपी का कभी भला नहीं कर सकते।

भाईयों-बहनों,

आप मुझे बताइए और जरा बहराइच से आवाज ऐसी निकलनी चाहिए कि इन घोर परिवारवादियों की नींद उड़ जाए, जवाब देंगे। आप मुझे बताइए, जो बम धमाके करके निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार दे, ऐसे आतंकवादियों को सजा होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए। कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए अगर फांसी का हुकूम होता है तो होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए। अगर आतंकवादियों को फांसी होती है तो निर्दोष नागरिकों को उसका स्वागत करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए।

न्यायपालिका में विश्वास करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए। आतंकवादियों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए कि नहीं उठानी चाहिए। अभी दो दिन पहले अहमदाबाद के न्यायालय ने अनेक लोगों को फांसी की सजा सुनाई, जो आतंकवादी घटनाएं करके, बम धमाके करके निर्दोष लोगों को मार दिया था

मुझे बताइए ये न्यायालय ने सही काम किया कि नहीं किया। ऐसा काम होना चाहिए था कि नहीं होना चाहिए था। हमें न्यायालय का सम्मान करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए, न्यायपालिका का सम्मान करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए। लेकिन ये चुप बैठे है, क्योंकि उनको मालूम है कि अब सारा खेल जनता के सामने खुल चुका है, कौन किसकी मदद कर रहा था ये उत्तर प्रदेश का बच्चा-बच्चा जान गया है।

भाइयों-बहनों

बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती और बलरामपुर जिलों में विकास को रफ्तार दी जा सके, इसके लिए कई सौ करोड़ रुपये की योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। बहराइच-गोंड़ा रेल लाइन पर इलेक्ट्रिक ट्रेन की शुरुआत का रास्ता खुल गया है। यहां नए पुल बनाना हो या फिर कनेक्टिविटी के काम, हमारी हर कोशिश उत्तरप्रदेश के विकास के लिए है।

10 मार्च के बाद हमारी सरकार ऐसे कार्यों के लिए, आपकी सेवा के लिए, नई ऊर्जा के साथ जुटेगी लेकिन भाईयों-बहनों आपको ये बात गांठ बांध लेनी है कि माफियावादियों को मौका मिला तो ये लोग गांव-गरीब की योजनाओं को बंद कर देंगे। बदले की भावना से बंद करेंगे, जिसको मौका पड़ेगा, वो बदले की भावना की ताक में है, क्या आप बदला लेने देंगे। जो बदला लेना चाहते है उनको आने देंगे, ये बदला लेने वालों को अवसर देंगे। कमीशन, क्राइम, कब्जेदारी यही लोग फिर से मैदान में उतर आएंगे।

इसलिए आपको ज्यादा से ज्यादा संख्या में भाजपा को वोट देना है। कमल के निशान पर बटन दबाना है। एक वोट भी छूटना नहीं चाहिए। आप मुझे बताइए आज मैं हेलिकॉप्टर से देख रहा था इतनी जबरदस्त भीड़, इतनी बड़ी तादाद में आप लोग आए हैं, आप थक गए होंगे, अब मन करता होगो मोदी जी आ गए, योगी जी आ गए, सभा शानदार हो गई ,चलो अब सो जाते हैं। सो जाएंगे, नहीं सो जाएंगे न, घर घर जाएंगे, मतदाताओं को मिलेंगे, मेरी बात पहुंचाएंगे, मेरे प्रणाम उनको कहेंगे। मोदी जी आए थे आपको नमस्ते बोला है, बता देंगे।

और बताएंगे कि मोदी जी ने आप से कुछ मांगा है आप उनको बताएंगे मोदी जी ने कहा वोट डालना है, बताएंगे, कमल पर वोट डालने के लिए कहेंगे, ज्यादा से ज्यादा वोटिंग करवाएंगे, हर पोलिंग बूथ आगे निकल जाएगा। पहले से ज्यादा वोट करवाएंगे, पक्का, मैं आप पर भरोसा करूं। अरे मुझे विश्वास है दोस्तों आपने जो सभा आज करके दिखाई है आप इन सबको जिताकर लाएंगे। ये मुझे पूरा भरोसा है। मेरे साथ बोलिए भारत माता की जय, भारत माता की जय, दोनों मुट्ठी बंद करके पूरी ताकत से बोलिए

भारत माता की..

भारत माता की।

  • krishangopal sharma Bjp June 01, 2024

    नमो नमो 🙏 जय भाजपा 🙏
  • krishangopal sharma Bjp June 01, 2024

    नमो नमो 🙏 जय भाजपा 🙏
  • krishangopal sharma Bjp June 01, 2024

    नमो नमो 🙏 जय भाजपा 🙏
  • krishangopal sharma Bjp June 01, 2024

    नमो नमो 🙏 जय भाजपा 🙏
  • krishangopal sharma Bjp June 01, 2024

    नमो नमो 🙏 जय भाजपा 🙏
  • Rituraj Barnwal April 07, 2024

    Jai shree ram
  • MLA Devyani Pharande February 17, 2024

    जय हो
  • Vaishali Tangsale February 15, 2024

    🙏🏻🙏🏻
  • n.d.mori August 09, 2022

    Namo Namo Namo Namo Namo Namo Namo 🌹
  • G.shankar Srivastav August 03, 2022

    नमस्ते
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Today, India is not just a Nation of Dreams but also a Nation That Delivers: PM Modi in TV9 Summit
March 28, 2025
QuoteToday, the world's eyes are on India: PM
QuoteIndia's youth is rapidly becoming skilled and driving innovation forward: PM
Quote"India First" has become the mantra of India's foreign policy: PM
QuoteToday, India is not just participating in the world order but also contributing to shaping and securing the future: PM
QuoteIndia has given Priority to humanity over monopoly: PM
QuoteToday, India is not just a Nation of Dreams but also a Nation That Delivers: PM

श्रीमान रामेश्वर गारु जी, रामू जी, बरुन दास जी, TV9 की पूरी टीम, मैं आपके नेटवर्क के सभी दर्शकों का, यहां उपस्थित सभी महानुभावों का अभिनंदन करता हूं, इस समिट के लिए बधाई देता हूं।

TV9 नेटवर्क का विशाल रीजनल ऑडियंस है। और अब तो TV9 का एक ग्लोबल ऑडियंस भी तैयार हो रहा है। इस समिट में अनेक देशों से इंडियन डायस्पोरा के लोग विशेष तौर पर लाइव जुड़े हुए हैं। कई देशों के लोगों को मैं यहां से देख भी रहा हूं, वे लोग वहां से वेव कर रहे हैं, हो सकता है, मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं। मैं यहां नीचे स्क्रीन पर हिंदुस्तान के अनेक शहरों में बैठे हुए सब दर्शकों को भी उतने ही उत्साह, उमंग से देख रहा हूं, मेरी तरफ से उनका भी स्वागत है।

साथियों,

आज विश्व की दृष्टि भारत पर है, हमारे देश पर है। दुनिया में आप किसी भी देश में जाएं, वहां के लोग भारत को लेकर एक नई जिज्ञासा से भरे हुए हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि जो देश 70 साल में ग्यारहवें नंबर की इकोनॉमी बना, वो महज 7-8 साल में पांचवे नंबर की इकोनॉमी बन गया? अभी IMF के नए आंकड़े सामने आए हैं। वो आंकड़े कहते हैं कि भारत, दुनिया की एकमात्र मेजर इकोनॉमी है, जिसने 10 वर्षों में अपने GDP को डबल किया है। बीते दशक में भारत ने दो लाख करोड़ डॉलर, अपनी इकोनॉमी में जोड़े हैं। GDP का डबल होना सिर्फ आंकड़ों का बदलना मात्र नहीं है। इसका impact देखिए, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, और ये 25 करोड़ लोग एक नियो मिडिल क्लास का हिस्सा बने हैं। ये नियो मिडिल क्लास, एक प्रकार से नई ज़िंदगी शुरु कर रहा है। ये नए सपनों के साथ आगे बढ़ रहा है, हमारी इकोनॉमी में कंट्रीब्यूट कर रहा है, और उसको वाइब्रेंट बना रहा है। आज दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी हमारे भारत में है। ये युवा, तेज़ी से स्किल्ड हो रहा है, इनोवेशन को गति दे रहा है। और इन सबके बीच, भारत की फॉरेन पॉलिसी का मंत्र बन गया है- India First, एक जमाने में भारत की पॉलिसी थी, सबसे समान रूप से दूरी बनाकर चलो, Equi-Distance की पॉलिसी, आज के भारत की पॉलिसी है, सबके समान रूप से करीब होकर चलो, Equi-Closeness की पॉलिसी। दुनिया के देश भारत की ओपिनियन को, भारत के इनोवेशन को, भारत के एफर्ट्स को, जैसा महत्व आज दे रहे हैं, वैसा पहले कभी नहीं हुआ। आज दुनिया की नजर भारत पर है, आज दुनिया जानना चाहती है, What India Thinks Today.

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साथियों,

भारत आज, वर्ल्ड ऑर्डर में सिर्फ पार्टिसिपेट ही नहीं कर रहा, बल्कि फ्यूचर को शेप और सेक्योर करने में योगदान दे रहा है। दुनिया ने ये कोरोना काल में अच्छे से अनुभव किया है। दुनिया को लगता था कि हर भारतीय तक वैक्सीन पहुंचने में ही, कई-कई साल लग जाएंगे। लेकिन भारत ने हर आशंका को गलत साबित किया। हमने अपनी वैक्सीन बनाई, हमने अपने नागरिकों का तेज़ी से वैक्सीनेशन कराया, और दुनिया के 150 से अधिक देशों तक दवाएं और वैक्सीन्स भी पहुंचाईं। आज दुनिया, और जब दुनिया संकट में थी, तब भारत की ये भावना दुनिया के कोने-कोने तक पहुंची कि हमारे संस्कार क्या हैं, हमारा तौर-तरीका क्या है।

साथियों,

अतीत में दुनिया ने देखा है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद जब भी कोई वैश्विक संगठन बना, उसमें कुछ देशों की ही मोनोपोली रही। भारत ने मोनोपोली नहीं बल्कि मानवता को सर्वोपरि रखा। भारत ने, 21वीं सदी के ग्लोबल इंस्टीट्यूशन्स के गठन का रास्ता बनाया, और हमने ये ध्यान रखा कि सबकी भागीदारी हो, सबका योगदान हो। जैसे प्राकृतिक आपदाओं की चुनौती है। देश कोई भी हो, इन आपदाओं से इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान होता है। आज ही म्यांमार में जो भूकंप आया है, आप टीवी पर देखें तो बहुत बड़ी-बड़ी इमारतें ध्वस्त हो रही हैं, ब्रिज टूट रहे हैं। और इसलिए भारत ने Coalition for Disaster Resilient Infrastructure - CDRI नाम से एक वैश्विक नया संगठन बनाने की पहल की। ये सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि दुनिया को प्राकृतिक आपदाओं के लिए तैयार करने का संकल्प है। भारत का प्रयास है, प्राकृतिक आपदा से, पुल, सड़कें, बिल्डिंग्स, पावर ग्रिड, ऐसा हर इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित रहे, सुरक्षित निर्माण हो।

साथियों,

भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हर देश का मिलकर काम करना बहुत जरूरी है। ऐसी ही एक चुनौती है, हमारे एनर्जी रिसोर्सेस की। इसलिए पूरी दुनिया की चिंता करते हुए भारत ने International Solar Alliance (ISA) का समाधान दिया है। ताकि छोटे से छोटा देश भी सस्टेनबल एनर्जी का लाभ उठा सके। इससे क्लाइमेट पर तो पॉजिटिव असर होगा ही, ये ग्लोबल साउथ के देशों की एनर्जी नीड्स को भी सिक्योर करेगा। और आप सबको ये जानकर गर्व होगा कि भारत के इस प्रयास के साथ, आज दुनिया के सौ से अधिक देश जुड़ चुके हैं।

साथियों,

बीते कुछ समय से दुनिया, ग्लोबल ट्रेड में असंतुलन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी challenges का सामना कर रही है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए भी भारत ने दुनिया के साथ मिलकर नए प्रयास शुरु किए हैं। India–Middle East–Europe Economic Corridor (IMEC), ऐसा ही एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। ये प्रोजेक्ट, कॉमर्स और कनेक्टिविटी के माध्यम से एशिया, यूरोप और मिडिल ईस्ट को जोड़ेगा। इससे आर्थिक संभावनाएं तो बढ़ेंगी ही, दुनिया को अल्टरनेटिव ट्रेड रूट्स भी मिलेंगे। इससे ग्लोबल सप्लाई चेन भी और मजबूत होगी।

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साथियों,

ग्लोबल सिस्टम्स को, अधिक पार्टिसिपेटिव, अधिक डेमोक्रेटिक बनाने के लिए भी भारत ने अनेक कदम उठाए हैं। और यहीं, यहीं पर ही भारत मंडपम में जी-20 समिट हुई थी। उसमें अफ्रीकन यूनियन को जी-20 का परमानेंट मेंबर बनाया गया है। ये बहुत बड़ा ऐतिहासिक कदम था। इसकी मांग लंबे समय से हो रही थी, जो भारत की प्रेसीडेंसी में पूरी हुई। आज ग्लोबल डिसीजन मेकिंग इंस्टीट्यूशन्स में भारत, ग्लोबल साउथ के देशों की आवाज़ बन रहा है। International Yoga Day, WHO का ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के लिए ग्लोबल फ्रेमवर्क, ऐसे कितने ही क्षेत्रों में भारत के प्रयासों ने नए वर्ल्ड ऑर्डर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, और ये तो अभी शुरूआत है, ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर भारत का सामर्थ्य नई ऊंचाई की तरफ बढ़ रहा है।

साथियों,

21वीं सदी के 25 साल बीत चुके हैं। इन 25 सालों में 11 साल हमारी सरकार ने देश की सेवा की है। और जब हम What India Thinks Today उससे जुड़ा सवाल उठाते हैं, तो हमें ये भी देखना होगा कि Past में क्या सवाल थे, क्या जवाब थे। इससे TV9 के विशाल दर्शक समूह को भी अंदाजा होगा कि कैसे हम, निर्भरता से आत्मनिर्भरता तक, Aspirations से Achievement तक, Desperation से Development तक पहुंचे हैं। आप याद करिए, एक दशक पहले, गांव में जब टॉयलेट का सवाल आता था, तो माताओं-बहनों के पास रात ढलने के बाद और भोर होने से पहले का ही जवाब होता था। आज उसी सवाल का जवाब स्वच्छ भारत मिशन से मिलता है। 2013 में जब कोई इलाज की बात करता था, तो महंगे इलाज की चर्चा होती थी। आज उसी सवाल का समाधान आयुष्मान भारत में नजर आता है। 2013 में किसी गरीब की रसोई की बात होती थी, तो धुएं की तस्वीर सामने आती थी। आज उसी समस्या का समाधान उज्ज्वला योजना में दिखता है। 2013 में महिलाओं से बैंक खाते के बारे में पूछा जाता था, तो वो चुप्पी साध लेती थीं। आज जनधन योजना के कारण, 30 करोड़ से ज्यादा बहनों का अपना बैंक अकाउंट है। 2013 में पीने के पानी के लिए कुएं और तालाबों तक जाने की मजबूरी थी। आज उसी मजबूरी का हल हर घर नल से जल योजना में मिल रहा है। यानि सिर्फ दशक नहीं बदला, बल्कि लोगों की ज़िंदगी बदली है। और दुनिया भी इस बात को नोट कर रही है, भारत के डेवलपमेंट मॉडल को स्वीकार रही है। आज भारत सिर्फ Nation of Dreams नहीं, बल्कि Nation That Delivers भी है।

साथियों,

जब कोई देश, अपने नागरिकों की सुविधा और समय को महत्व देता है, तब उस देश का समय भी बदलता है। यही आज हम भारत में अनुभव कर रहे हैं। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। पहले पासपोर्ट बनवाना कितना बड़ा काम था, ये आप जानते हैं। लंबी वेटिंग, बहुत सारे कॉम्प्लेक्स डॉक्यूमेंटेशन का प्रोसेस, अक्सर राज्यों की राजधानी में ही पासपोर्ट केंद्र होते थे, छोटे शहरों के लोगों को पासपोर्ट बनवाना होता था, तो वो एक-दो दिन कहीं ठहरने का इंतजाम करके चलते थे, अब वो हालात पूरी तरह बदल गया है, एक आंकड़े पर आप ध्यान दीजिए, पहले देश में सिर्फ 77 पासपोर्ट सेवा केंद्र थे, आज इनकी संख्या 550 से ज्यादा हो गई है। पहले पासपोर्ट बनवाने में, और मैं 2013 के पहले की बात कर रहा हूं, मैं पिछले शताब्दी की बात नहीं कर रहा हूं, पासपोर्ट बनवाने में जो वेटिंग टाइम 50 दिन तक होता था, वो अब 5-6 दिन तक सिमट गया है।

साथियों,

ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेशन हमने बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में भी देखा है। हमारे देश में 50-60 साल पहले बैंकों का नेशनलाइजेशन किया गया, ये कहकर कि इससे लोगों को बैंकिंग सुविधा सुलभ होगी। इस दावे की सच्चाई हम जानते हैं। हालत ये थी कि लाखों गांवों में बैंकिंग की कोई सुविधा ही नहीं थी। हमने इस स्थिति को भी बदला है। ऑनलाइन बैंकिंग तो हर घर में पहुंचाई है, आज देश के हर 5 किलोमीटर के दायरे में कोई न कोई बैंकिंग टच प्वाइंट जरूर है। और हमने सिर्फ बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का ही दायरा नहीं बढ़ाया, बल्कि बैंकिंग सिस्टम को भी मजबूत किया। आज बैंकों का NPA बहुत कम हो गया है। आज बैंकों का प्रॉफिट, एक लाख 40 हज़ार करोड़ रुपए के नए रिकॉर्ड को पार कर चुका है। और इतना ही नहीं, जिन लोगों ने जनता को लूटा है, उनको भी अब लूटा हुआ धन लौटाना पड़ रहा है। जिस ED को दिन-रात गालियां दी जा रही है, ED ने 22 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक वसूले हैं। ये पैसा, कानूनी तरीके से उन पीड़ितों तक वापिस पहुंचाया जा रहा है, जिनसे ये पैसा लूटा गया था।

साथियों,

Efficiency से गवर्नमेंट Effective होती है। कम समय में ज्यादा काम हो, कम रिसोर्सेज़ में अधिक काम हो, फिजूलखर्ची ना हो, रेड टेप के बजाय रेड कार्पेट पर बल हो, जब कोई सरकार ये करती है, तो समझिए कि वो देश के संसाधनों को रिस्पेक्ट दे रही है। और पिछले 11 साल से ये हमारी सरकार की बड़ी प्राथमिकता रहा है। मैं कुछ उदाहरणों के साथ अपनी बात बताऊंगा।

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साथियों,

अतीत में हमने देखा है कि सरकारें कैसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिनिस्ट्रीज में accommodate करने की कोशिश करती थीं। लेकिन हमारी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में ही कई मंत्रालयों का विलय कर दिया। आप सोचिए, Urban Development अलग मंत्रालय था और Housing and Urban Poverty Alleviation अलग मंत्रालय था, हमने दोनों को मर्ज करके Housing and Urban Affairs मंत्रालय बना दिया। इसी तरह, मिनिस्ट्री ऑफ ओवरसीज़ अफेयर्स अलग था, विदेश मंत्रालय अलग था, हमने इन दोनों को भी एक साथ जोड़ दिया, पहले जल संसाधन, नदी विकास मंत्रालय अलग था, और पेयजल मंत्रालय अलग था, हमने इन्हें भी जोड़कर जलशक्ति मंत्रालय बना दिया। हमने राजनीतिक मजबूरी के बजाय, देश की priorities और देश के resources को आगे रखा।

साथियों,

हमारी सरकार ने रूल्स और रेगुलेशन्स को भी कम किया, उन्हें आसान बनाया। करीब 1500 ऐसे कानून थे, जो समय के साथ अपना महत्व खो चुके थे। उनको हमारी सरकार ने खत्म किया। करीब 40 हज़ार, compliances को हटाया गया। ऐसे कदमों से दो फायदे हुए, एक तो जनता को harassment से मुक्ति मिली, और दूसरा, सरकारी मशीनरी की एनर्जी भी बची। एक और Example GST का है। 30 से ज्यादा टैक्सेज़ को मिलाकर एक टैक्स बना दिया गया है। इसको process के, documentation के हिसाब से देखें तो कितनी बड़ी बचत हुई है।

साथियों,

सरकारी खरीद में पहले कितनी फिजूलखर्ची होती थी, कितना करप्शन होता था, ये मीडिया के आप लोग आए दिन रिपोर्ट करते थे। हमने, GeM यानि गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म बनाया। अब सरकारी डिपार्टमेंट, इस प्लेटफॉर्म पर अपनी जरूरतें बताते हैं, इसी पर वेंडर बोली लगाते हैं और फिर ऑर्डर दिया जाता है। इसके कारण, भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है, और सरकार को एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की बचत भी हुई है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर- DBT की जो व्यवस्था भारत ने बनाई है, उसकी तो दुनिया में चर्चा है। DBT की वजह से टैक्स पेयर्स के 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा, गलत हाथों में जाने से बचे हैं। 10 करोड़ से ज्यादा फर्ज़ी लाभार्थी, जिनका जन्म भी नहीं हुआ था, जो सरकारी योजनाओं का फायदा ले रहे थे, ऐसे फर्जी नामों को भी हमने कागजों से हटाया है।

साथियों,

 

हमारी सरकार टैक्स की पाई-पाई का ईमानदारी से उपयोग करती है, और टैक्सपेयर का भी सम्मान करती है, सरकार ने टैक्स सिस्टम को टैक्सपेयर फ्रेंडली बनाया है। आज ITR फाइलिंग का प्रोसेस पहले से कहीं ज्यादा सरल और तेज़ है। पहले सीए की मदद के बिना, ITR फाइल करना मुश्किल होता था। आज आप कुछ ही समय के भीतर खुद ही ऑनलाइन ITR फाइल कर पा रहे हैं। और रिटर्न फाइल करने के कुछ ही दिनों में रिफंड आपके अकाउंट में भी आ जाता है। फेसलेस असेसमेंट स्कीम भी टैक्सपेयर्स को परेशानियों से बचा रही है। गवर्नेंस में efficiency से जुड़े ऐसे अनेक रिफॉर्म्स ने दुनिया को एक नया गवर्नेंस मॉडल दिया है।

साथियों,

पिछले 10-11 साल में भारत हर सेक्टर में बदला है, हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है। और एक बड़ा बदलाव सोच का आया है। आज़ादी के बाद के अनेक दशकों तक, भारत में ऐसी सोच को बढ़ावा दिया गया, जिसमें सिर्फ विदेशी को ही बेहतर माना गया। दुकान में भी कुछ खरीदने जाओ, तो दुकानदार के पहले बोल यही होते थे – भाई साहब लीजिए ना, ये तो इंपोर्टेड है ! आज स्थिति बदल गई है। आज लोग सामने से पूछते हैं- भाई, मेड इन इंडिया है या नहीं है?

साथियों,

आज हम भारत की मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस का एक नया रूप देख रहे हैं। अभी 3-4 दिन पहले ही एक न्यूज आई है कि भारत ने अपनी पहली MRI मशीन बना ली है। अब सोचिए, इतने दशकों तक हमारे यहां स्वदेशी MRI मशीन ही नहीं थी। अब मेड इन इंडिया MRI मशीन होगी तो जांच की कीमत भी बहुत कम हो जाएगी।

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साथियों,

आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान ने, देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को एक नई ऊर्जा दी है। पहले दुनिया भारत को ग्लोबल मार्केट कहती थी, आज वही दुनिया, भारत को एक बड़े Manufacturing Hub के रूप में देख रही है। ये सक्सेस कितनी बड़ी है, इसके उदाहरण आपको हर सेक्टर में मिलेंगे। जैसे हमारी मोबाइल फोन इंडस्ट्री है। 2014-15 में हमारा एक्सपोर्ट, वन बिलियन डॉलर तक भी नहीं था। लेकिन एक दशक में, हम ट्वेंटी बिलियन डॉलर के फिगर से भी आगे निकल चुके हैं। आज भारत ग्लोबल टेलिकॉम और नेटवर्किंग इंडस्ट्री का एक पावर सेंटर बनता जा रहा है। Automotive Sector की Success से भी आप अच्छी तरह परिचित हैं। इससे जुड़े Components के एक्सपोर्ट में भी भारत एक नई पहचान बना रहा है। पहले हम बहुत बड़ी मात्रा में मोटर-साइकल पार्ट्स इंपोर्ट करते थे। लेकिन आज भारत में बने पार्ट्स UAE और जर्मनी जैसे अनेक देशों तक पहुंच रहे हैं। सोलर एनर्जी सेक्टर ने भी सफलता के नए आयाम गढ़े हैं। हमारे सोलर सेल्स, सोलर मॉड्यूल का इंपोर्ट कम हो रहा है और एक्सपोर्ट्स 23 गुना तक बढ़ गए हैं। बीते एक दशक में हमारा डिफेंस एक्सपोर्ट भी 21 गुना बढ़ा है। ये सारी अचीवमेंट्स, देश की मैन्युफैक्चरिंग इकोनॉमी की ताकत को दिखाती है। ये दिखाती है कि भारत में कैसे हर सेक्टर में नई जॉब्स भी क्रिएट हो रही हैं।

साथियों,

TV9 की इस समिट में, विस्तार से चर्चा होगी, अनेक विषयों पर मंथन होगा। आज हम जो भी सोचेंगे, जिस भी विजन पर आगे बढ़ेंगे, वो हमारे आने वाले कल को, देश के भविष्य को डिजाइन करेगा। पिछली शताब्दी के इसी दशक में, भारत ने एक नई ऊर्जा के साथ आजादी के लिए नई यात्रा शुरू की थी। और हमने 1947 में आजादी हासिल करके भी दिखाई। अब इस दशक में हम विकसित भारत के लक्ष्य के लिए चल रहे हैं। और हमें 2047 तक विकसित भारत का सपना जरूर पूरा करना है। और जैसा मैंने लाल किले से कहा है, इसमें सबका प्रयास आवश्यक है। इस समिट का आयोजन कर, TV9 ने भी अपनी तरफ से एक positive initiative लिया है। एक बार फिर आप सभी को इस समिट की सफलता के लिए मेरी ढेर सारी शुभकामनाएं हैं।

मैं TV9 को विशेष रूप से बधाई दूंगा, क्योंकि पहले भी मीडिया हाउस समिट करते रहे हैं, लेकिन ज्यादातर एक छोटे से फाइव स्टार होटल के कमरे में, वो समिट होती थी और बोलने वाले भी वही, सुनने वाले भी वही, कमरा भी वही। TV9 ने इस परंपरा को तोड़ा और ये जो मॉडल प्लेस किया है, 2 साल के भीतर-भीतर देख लेना, सभी मीडिया हाउस को यही करना पड़ेगा। यानी TV9 Thinks Today वो बाकियों के लिए रास्ता खोल देगा। मैं इस प्रयास के लिए बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं, आपकी पूरी टीम को, और सबसे बड़ी खुशी की बात है कि आपने इस इवेंट को एक मीडिया हाउस की भलाई के लिए नहीं, देश की भलाई के लिए आपने उसकी रचना की। 50,000 से ज्यादा नौजवानों के साथ एक मिशन मोड में बातचीत करना, उनको जोड़ना, उनको मिशन के साथ जोड़ना और उसमें से जो बच्चे सिलेक्ट होकर के आए, उनकी आगे की ट्रेनिंग की चिंता करना, ये अपने आप में बहुत अद्भुत काम है। मैं आपको बहुत बधाई देता हूं। जिन नौजवानों से मुझे यहां फोटो निकलवाने का मौका मिला है, मुझे भी खुशी हुई कि देश के होनहार लोगों के साथ, मैं अपनी फोटो निकलवा पाया। मैं इसे अपना सौभाग्य मानता हूं दोस्तों कि आपके साथ मेरी फोटो आज निकली है। और मुझे पक्का विश्वास है कि सारी युवा पीढ़ी, जो मुझे दिख रही है, 2047 में जब देश विकसित भारत बनेगा, सबसे ज्यादा बेनिफिशियरी आप लोग हैं, क्योंकि आप उम्र के उस पड़ाव पर होंगे, जब भारत विकसित होगा, आपके लिए मौज ही मौज है। आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

धन्यवाद।