The remarks by Sam Pitroda show the utter arrogance and hatred for the Sikh community that the Congress party and its leaders have in their hearts: PM Modi
When we took over in 2014, India was the 11th largest economy in the world, today is the sixth largest as well as the fastest growing major economy in the world: PM Modi in Haryana
Previous Congress governments in Haryana ruined the state’s economy by selling the local farmers’ lands at throwaway prices for corrupt land deals: Prime Minister Modi

भारत माता की...जय
भारत माता की...जय

जिसके पास बैठने की जगह है वो बैठे, जिसके पास खड़े रहने का मूड है वो खड़े रहे। सबसे पहले तो विलंब से आने के लिए आपकी क्षमा मांगता हूं। दूसरा, मैं देख रहा हूं की जितने लोग इस पंडाल में हैं उसे ज्यादा बहार धूप में तप रहे हैं। उनको जो असुविधा हुई इसके लिए भी क्षमा मांगता हूं और मैं इन सब को विश्वास दिलाता हूं। हरियाणा में मुझे आकर ये कहने की जरूरत नहीं है मैं अपने घर में आया हूं। लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि इतनी चिलचिलाती धूप में आप जो तपस्या कर रहे हैं, आपकी तपस्या मैं बेकार नहीं जाने दूंगा, मैं विकास करके इसे लौटाऊंगा। राष्ट्रीय रक्षा के लिए हर पल तैयार रहने वाले मिट्टी से सोना उगा कर देश का पेट भरने वाले और खेल के मैदान में भारत को गौरव दिलाने वाले हरियाणा के और रोहतक के सभी लोगों को मेरा नमस्कार। धरती जो संस्कार देती है ऐसी पवित्र भूमि को भी मेरा कोटि-कोटि वंदन। इस धरती ने सर छोटू राम और श्रद्धेय मंगल सिंह जैसा नेतृत्व देश को दिया है। इन महान विभूतियों को और देश के लिए बलिदान देने वाले हर शहीद को मैं श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं।

साथियो, साल 2014 में जब आपके बीच मैं आया था तब मैंने कहा था कि आप मुझे अवसर दीजिए, मैं देश को झुकने नहीं दूंगा। और तब मैंने कहा था कि हरियाणा ने मुझे पाला-पोसा बड़ा किया, हरियाणा की धरती ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है। और मैंने कहा था आपने जो मुझे सिखाया है उसका राष्ट्रीय रीति-नीति में मैं भरपूर फायदा उठाऊंगा। आज मैं संतोष के साथ कह सकता हूं कि मैंने आपकी शिक्षा का पूरा मान-सम्मान रखा है।

भाइयो और बहनो, आज पूरी दुनिया में सबसे तेजी से विकसित होती बड़ी अर्थव्यवस्था भारत की है। 2014 में भारत आर्थिक ताकत के रूप में दुनिया में 11वें नंबर पर था, आज छठे नंबर पर पहुंच गया हैं और पांच नंबर के दरवाजे पर दस्तक लगा रहा हैं। देश की सबसे तेज ट्रेन वंदे भारत हो या फिर आपके हाथ में मोबाइल फोन, आज ये सब कुछ भारत में ही बन रहा है। हाईवे हो, रेलवे हो, एयरवे हो, इंफॉर्मेशन वे हो, सभी क्षेत्रों में पहले से ज्यादा तेज गति से काम हुआ है। सबसे बड़ी बात, आज भारत ने जल, थल, नभ के अलावा अंतरिक्ष यानी स्पेस में भी सर्जिकल स्ट्राइक करने की क्षमता विकसित की है। भाइयो-बहनो, ये सब कुछ किसने किया, ये सब कुछ किसने किया? मुझे सब की आवाज आनी चाहिए ये सब कुछ किसने किया? ये सब किसने किया? दूर-दूर जो धूप में तप रहे हैं, ये सब किसने किया? बीते पांच वर्ष में जो कुछ भारत ने हासिल किया, ये सब किसने किया? किसने किया? आपका जवाब गलत है। रोहतक वाले ऐसी गलती करेंगे मैंने सोचा नहीं था, आपका जवाब गलत है। आप कह रहे हैं ये सब कुछ मोदी ने किया, मोदी ने किया, मोदी ने किया। जी नहीं, ये सब कुछ आपके एक वोट ने किया हैं। ये आपकी वोट की ताकत है। भाइयो बहनो, ये सब कुछ हरियाणा के मजबूत इरादों ने किया है। आपने अगर 2014 में दिल्ली में एक ईमानदार और मजबूत सरकार ना बनाई होती तो ये संभव नहीं था।

साथियो, मेरी नीयत, मेरा परिश्रम ही और आपके आशीर्वाद, यही मेरी शक्ति है, इसी नीयत पर 130 करोड़ भारतवासियों का विश्वास मुझे मिला है। इसी नेक नीयत और पुख्ता नीति के साथ भारत को विकसित बनाने का लक्ष्य लेकर आपका आशीर्वाद लेने के लिए फिर एक बार ये चौकीदार हरियाणा के दरवाजे पर आया है, रोहतक के दरवाजे पर आया है।

साथियो, लेकिन इन सब के बीच आपको कांग्रेस और उसके साथियों से सावधान रहने की जरूरत है। कांग्रेस ने 70 साल तक देश कैसे चलाया है, उनका दिमाग कैसे काम करता है, उनकी खोपड़ी में कितना अहंकार भरा हुआ है, ये कल सिर्फ तीन शब्दों में खुद ही समेट दिया है। इस देश का गरीब और गरीब होता रहा, भ्रष्टाचार दिन-रात बढ़ता रहा, काला धन अर्थव्यवस्था की मुख्य धारा बन गया, मिडिल क्लास परेशान होता रहा और कांग्रेस या तो उसमें से मलाई खाती रही या तमाशा देखती रही। देश पर सबसे ज्यादा समय तक राज करने वाली कांग्रेस कितनी असंवेदनशील रही है उसका प्रतीक है कल बोले गए तीन शब्द, ये ऐसे ही नहीं निकले हैं। ये शब्द कांग्रेस का चरित्र है, कांग्रेस की मानसिकता है, कांग्रेस के इरादे हैं। वो शब्द तीन कौन से थे, वो तीन शब्द थे- हुआ तो हुआ, हुआ तो हुआ। आप लोग कहेंगे मोदी जी क्या कह रहे हैं? मैं जरा डीटेल में बताता हूं। कांग्रेस का अहंकार, कांग्रेस को चलाने वालों का अहंकार इन्हीं तीन शब्दों में हम भली-भांति समझ सकते थे हुआ तो हुआ। कल कांग्रेस के सबसे बड़े नेताओं में से एक ने चीख-चीख कर 84 के दंगों के बारे में कहा कि 84 का दंगा हुआ तो हुआ। आपको पता है ये नेता कौन हैं? ये नेता गांधी परिवार के सबसे करीबी हैं, गांधी परिवार के सारे लोगों के साथ हर रोज इनका बैठना उठना है। ये नेता गांधी परिवार के सबसे बड़े राजदार हैं। ये नेता राजीव गांधी के बहुत अच्छे दोस्त और आज के जो कांग्रेस के नामदार अध्यक्ष है, उनके वो गुरु हैं। इन्होंने कल टीवी के सामने साफ-साफ बोल दिया अगर 84 में दंगा हुआ, हुआ तो हुआ।

भाइयो और बहनो, इनके लिए जीवन का कोई मूल्य नहीं हैं, उनके लिए मनुष्य, मनुष्य नहीं हैं। बहनो, 84 में देश भर में हजारों सिख भाई-बहनों का कत्लेआम हुआ, लेकिन आज कांग्रेस कह रही है की हुआ तो हुआ। अकेले दिल्ली में 2800 से ज्यादा सिखों की हत्या कर दी गई, लेकिन आज कांग्रेस कह रही है की हुआ तो हुआ। सैकड़ों सिखों को पेट्रोल-डीजल डालकर जला दिया गया, गले में टायर डालकर आग लगा दी गई, लेकिन आज कांग्रेस कह रही है कि हुआ तो हुआ। हजारों सिखों को घरों से बाहर निकाल-निकाल कर मारा गया, लेकिन आज कांग्रेस कह रही है कि हुआ तो हुआ। दिल्ली और देश भर में हजारों सिखों के घर जला दिए गए, दुकानें जला दी गई, लेकिन आज कांग्रेस कह रही है कि हुआ तो हुआ। दिल्ली से हजारों की संख्या में सिख भाई-बहनों को, अपने परिवार को लेकर भागना पड़ा, अपना घर-बार छोड़ना पड़ा, लेकिन आज कांग्रेस कह रही है कि हुआ तो हुआ। यहां हरियाणा में, हिमाचल प्रदेश में, मध्य प्रदेश में, उत्तर प्रदेश में, राजस्थान में सैकड़ों सिखों को निशाना बनाया गया और नेतृत्व कांग्रेस के नेताओं ने किया। ये पाप कांग्रेस के हर छोटे मोटे हर व्यक्ति ने किया और आज कांग्रेस कह रही है कि हुआ तो हुआ। कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं पर इन दंगों के दौरान साजिश रचने, दंगों में शामिल रहने का आरोप लगा, लेकिन आज कांग्रेस कह रही है कि हुआ तो हुआ। कांग्रेस ने इसी अहंकार से देश को चलाया है। कांग्रेस के नामदारों के सिर्फ एक कर्म का लेखा जोखा है ऐसे ही कर्मों की वजह से आज 21 वीं सदी का भारत कांग्रेस को 44 सीटों पर ला करके खड़ा कर दिया और इस बार इतनी सीटें जितने के लिए भी देश उनको मदद करने के लिए तैयार नहीं है।

भाइयो और बहनो, सिर्फ एक परिवार को आगे बढ़ाने के लिए, कांग्रेस में समर्थ लोगों का अपमान किया जाता है, उनकी पहचान को ऊपर नहीं उठने दिया जाता है।

साथियो, भाखड़ा-नंगल डैम की सोच, सर छोटूराम की थी, लेकिन उनको कभी इसका क्रेडिट ही नहीं दिया गया। अब तो हद ही हो गई है, कुछ लोग राजनीति के लिए कुछ वोटों के लिए ऐसे महान व्यक्ति का अपमान भी कर रहे हैं। हरियाणा की जनता इसका जवाब जरूर देगी। भाइयो और बहनो, जब सिर्फ एक ही वंश एक ही परिवार का मान सम्मान सर्वोपरि बन जाता है तब दूसरे के मान सम्मान की चिंता नहीं होती है। यही योगदान कांग्रेस का भारतीय राजनीति में रहा है ऐसे परिवार हैं जहां पर भ्रष्टाचार ही संस्कार है और हरियाणा तो इसका भुक्तभोगी रहा है। रोहतक और गोहना की वैसे तो रेवड़ियां बड़ी मशहूर हैं, रोहतक और गोहाना की वैसे रेवड़ियां बड़ी मशहूर हैं, मैं यहां था तब तो खाता था लेकिन गुजरात गया तब भी यहां के पुराने दोस्त मुझे भेजते थे और दिल्ली पीएम बन के आया तब भी भेजते थे। यहां की रेवड़ियां तो मशहूर हैं लेकिन कांग्रेस की सरकार यहां नौकरियां रेवड़ियों की तरह बांटती थी और रेवड़ियों की तरह बेचती भी थी। मनोहर लाल जी की सरकार ने पूरी पारदर्शिता से काम करते हुए हरियाणा के नौजवानों को धोखा देने वाले कांग्रेस के इस खेल को बंद कर दिया है।

साथियो, दिल्ली में जो कांग्रेस के नामदार हैं, उनके जो रिश्तेदार हैं, उन्होंने यहां के पूर्व मुख्यमंत्री के साथ मिलकर क्या-क्या गुल खिलाए हैं, ये भी पूरा देश जानता है। किसान की जमीन कौड़ियों के दाम पर हड़प ली और फिर उस पर भ्रष्टाचार की खेती की गई है। आज ये जितने भी नामदार हैं, सब के सब बेल पर है जमानत पर है लेकिन आने वाले पांच वर्ष में आपने मुझे पांच साल का मौका दिया वो दरवाजे तक पहुंच गए हैं। दूसरे पांच साल का मौका दीजिए, देश को लूटने वाले जेल के अंदर होंगे।

भाइयो और बहनो, किसान के साथ-साथ कांग्रेस ने हमारे जवानों को भी नहीं छोड़ा। चाहे वन रैंक वन पेंशन हो, शहीदों के लिए नेशनल वॉर मेमोरियल हो, पुलिस मेमोरियल हो, कांग्रेस ने सभी को धोखा दिया। हमारी सरकार ने ये सारे काम और सम्मान हमारे जवानों के लिए, शहीदों के लिए और उनके परिवार के लिए किए हैं। यही कारण है की राष्ट्र रक्षा और राष्ट्र नीति को लेकर ये कभी बात नहीं करते। राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर इनके जो कर्म रहे हैं वो भी सदैव इनके साथ रहने वाले हैं। भाइयो और बहनो, यहां पानीपत में समझौता ब्लास्ट हुआ था, तो पाकिस्तान के आतंकियों को भगा दिया गया और निर्दोष लोगों को फंसा दिया गया। कांग्रेस के दरबारियों ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू किया कि ये हिन्दू आतंकवाद है।

साथियो, हजारों वर्षों की हमारी सनातन परंपरा को बदनाम करने की कांग्रेस की साजिश को इस बार फिर करारा जवाब मिलने वाला हैं। साथियो, कांग्रेस की इसी कर्मों का परिणाम है कि 2004 से लेकर 2014 तक पाकिस्तान के आतंकी भारत में हमले करते रहे और कांग्रेस की कमजोर सरकार रोती रही। आपके इस चौकीदार ने इस नीति को बदला है। आज हमारे सपूतों को हमने खुली छूट दी है, सीमा में बांधकर नहीं रखा है। हम पर हमला होगा तो दोगुनी ताकत से जवाब देंगे, आप गोली चलाओगे तो चौकीदार गोला चलाएगा। और आप अगर आतंकवादियों को एक्सपोर्ट करोगे तो हम आपके घर में घुस करके मारेंगे।

साथियो, हमारी सेना के जवानों का शौर्य तो हमेशा से ही बुलंद था लेकिन सीमा पार जाना है या नहीं पहले ये फैसला लेने वाली मजबूत सरकार नहीं थी, दोस्तो। आज तक ऐसा व्यक्ति वहां बैठा है जिसने हरियाणा का नमक खाया है। आज हम घर-घर में घुसकर के उनके हौसले कितने ही ऊंचे हो, घुसकर के मारते भी है और दुनिया हमारे साथ खड़ी भी रहती है। आज पाकिस्तान अकेला पड़ गया क्योंकि हमारी कूटनीति भी मजबूत हुई है। भाइयो और बहनो, देश जब समर्थ होता है, सुरक्षा करने में सक्षम होता है तभी दुनिया बात सुनती है।

साथियो, देश की साख बढ़ाने में हमारे यहां के खिलाड़ियों का भी बहुत बड़ा योगदान है। हरियाणा के युवा साथियों ने तिरंगे की शान को हमेशा ऊंचा रखा है। बीते 5 वर्षों में हमने स्पोर्ट्स को भारत की जीवन शैली का, फिटनेस का हिस्सा बनाने का प्रयास किया है। मुझे खुशी है कि टैलेंट की पहचान से लेकर ट्रेनिंग और चयन तक जो पारदर्शी प्रक्रिया हमने अपनाई है उससे खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा है और ये देश को मिलने वाले मेडलों में भी दिखाई देता है।

साथियो, हमारी सरकार सबका साथ सबका विकास, इसी के लिए समर्पित है। गरीबों का अपना पक्का घर हो, बहनों को शौचालय मिले और गैस की सुविधा हो, किसानों के खाते में आ रही सीधी मदद हो, मेट्रो, रेल कोच सेक्टर और कैंसर अस्पताल जैसी सुविधा हो, आपका जीवन आसान बनाने के लिए अनेक योजनाओं पर काम किया जा रहा है। विकास की ये गति हमें और तेज बढ़ानी है। आपका एक-एक वोट कमल के निशान पर होना चाहिए। आपका हर वोट मोदी के खाते में जाएगा। आपका एक-एक वोट मोदी के खाते में जाएगा। जितने ज्यादा वोटिंग कराओगे, उतने ज्यादा वोट मोदी के खाते में जाएंगे। भारी संख्या में यहां आने के लिए और हमें आशीर्वाद देने के लिए मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं।

दोनों हाथ ऊपर करके बोलिए भारत माता की... जय, भारत माता की... जय, भारत माता की... जय, बहुत बहुत धन्यवाद।

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Modi blends diplomacy with India’s cultural showcase

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Text Of Prime Minister Narendra Modi addresses BJP Karyakartas at Party Headquarters
November 23, 2024
Today, Maharashtra has witnessed the triumph of development, good governance, and genuine social justice: PM Modi to BJP Karyakartas
The people of Maharashtra have given the BJP many more seats than the Congress and its allies combined, says PM Modi at BJP HQ
Maharashtra has broken all records. It is the biggest win for any party or pre-poll alliance in the last 50 years, says PM Modi
‘Ek Hain Toh Safe Hain’ has become the 'maha-mantra' of the country, says PM Modi while addressing the BJP Karyakartas at party HQ
Maharashtra has become sixth state in the country that has given mandate to BJP for third consecutive time: PM Modi

जो लोग महाराष्ट्र से परिचित होंगे, उन्हें पता होगा, तो वहां पर जब जय भवानी कहते हैं तो जय शिवाजी का बुलंद नारा लगता है।

जय भवानी...जय भवानी...जय भवानी...जय भवानी...

आज हम यहां पर एक और ऐतिहासिक महाविजय का उत्सव मनाने के लिए इकट्ठा हुए हैं। आज महाराष्ट्र में विकासवाद की जीत हुई है। महाराष्ट्र में सुशासन की जीत हुई है। महाराष्ट्र में सच्चे सामाजिक न्याय की विजय हुई है। और साथियों, आज महाराष्ट्र में झूठ, छल, फरेब बुरी तरह हारा है, विभाजनकारी ताकतें हारी हैं। आज नेगेटिव पॉलिटिक्स की हार हुई है। आज परिवारवाद की हार हुई है। आज महाराष्ट्र ने विकसित भारत के संकल्प को और मज़बूत किया है। मैं देशभर के भाजपा के, NDA के सभी कार्यकर्ताओं को बहुत-बहुत बधाई देता हूं, उन सबका अभिनंदन करता हूं। मैं श्री एकनाथ शिंदे जी, मेरे परम मित्र देवेंद्र फडणवीस जी, भाई अजित पवार जी, उन सबकी की भी भूरि-भूरि प्रशंसा करता हूं।

साथियों,

आज देश के अनेक राज्यों में उपचुनाव के भी नतीजे आए हैं। नड्डा जी ने विस्तार से बताया है, इसलिए मैं विस्तार में नहीं जा रहा हूं। लोकसभा की भी हमारी एक सीट और बढ़ गई है। यूपी, उत्तराखंड और राजस्थान ने भाजपा को जमकर समर्थन दिया है। असम के लोगों ने भाजपा पर फिर एक बार भरोसा जताया है। मध्य प्रदेश में भी हमें सफलता मिली है। बिहार में भी एनडीए का समर्थन बढ़ा है। ये दिखाता है कि देश अब सिर्फ और सिर्फ विकास चाहता है। मैं महाराष्ट्र के मतदाताओं का, हमारे युवाओं का, विशेषकर माताओं-बहनों का, किसान भाई-बहनों का, देश की जनता का आदरपूर्वक नमन करता हूं।

साथियों,

मैं झारखंड की जनता को भी नमन करता हूं। झारखंड के तेज विकास के लिए हम अब और ज्यादा मेहनत से काम करेंगे। और इसमें भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता अपना हर प्रयास करेगा।

साथियों,

छत्रपति शिवाजी महाराजांच्या // महाराष्ट्राने // आज दाखवून दिले// तुष्टीकरणाचा सामना // कसा करायच। छत्रपति शिवाजी महाराज, शाहुजी महाराज, महात्मा फुले-सावित्रीबाई फुले, बाबासाहेब आंबेडकर, वीर सावरकर, बाला साहेब ठाकरे, ऐसे महान व्यक्तित्वों की धरती ने इस बार पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। और साथियों, बीते 50 साल में किसी भी पार्टी या किसी प्री-पोल अलायंस के लिए ये सबसे बड़ी जीत है। और एक महत्वपूर्ण बात मैं बताता हूं। ये लगातार तीसरी बार है, जब भाजपा के नेतृत्व में किसी गठबंधन को लगातार महाराष्ट्र ने आशीर्वाद दिए हैं, विजयी बनाया है। और ये लगातार तीसरी बार है, जब भाजपा महाराष्ट्र में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

साथियों,

ये निश्चित रूप से ऐतिहासिक है। ये भाजपा के गवर्नंस मॉडल पर मुहर है। अकेले भाजपा को ही, कांग्रेस और उसके सभी सहयोगियों से कहीं अधिक सीटें महाराष्ट्र के लोगों ने दी हैं। ये दिखाता है कि जब सुशासन की बात आती है, तो देश सिर्फ और सिर्फ भाजपा पर और NDA पर ही भरोसा करता है। साथियों, एक और बात है जो आपको और खुश कर देगी। महाराष्ट्र देश का छठा राज्य है, जिसने भाजपा को लगातार 3 बार जनादेश दिया है। इससे पहले गोवा, गुजरात, छत्तीसगढ़, हरियाणा, और मध्य प्रदेश में हम लगातार तीन बार जीत चुके हैं। बिहार में भी NDA को 3 बार से ज्यादा बार लगातार जनादेश मिला है। और 60 साल के बाद आपने मुझे तीसरी बार मौका दिया, ये तो है ही। ये जनता का हमारे सुशासन के मॉडल पर विश्वास है औऱ इस विश्वास को बनाए रखने में हम कोई कोर कसर बाकी नहीं रखेंगे।

साथियों,

मैं आज महाराष्ट्र की जनता-जनार्दन का विशेष अभिनंदन करना चाहता हूं। लगातार तीसरी बार स्थिरता को चुनना ये महाराष्ट्र के लोगों की सूझबूझ को दिखाता है। हां, बीच में जैसा अभी नड्डा जी ने विस्तार से कहा था, कुछ लोगों ने धोखा करके अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की, लेकिन महाराष्ट्र ने उनको नकार दिया है। और उस पाप की सजा मौका मिलते ही दे दी है। महाराष्ट्र इस देश के लिए एक तरह से बहुत महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन है, इसलिए महाराष्ट्र के लोगों ने जो जनादेश दिया है, वो विकसित भारत के लिए बहुत बड़ा आधार बनेगा, वो विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि का आधार बनेगा।



साथियों,

हरियाणा के बाद महाराष्ट्र के चुनाव का भी सबसे बड़ा संदेश है- एकजुटता। एक हैं, तो सेफ हैं- ये आज देश का महामंत्र बन चुका है। कांग्रेस और उसके ecosystem ने सोचा था कि संविधान के नाम पर झूठ बोलकर, आरक्षण के नाम पर झूठ बोलकर, SC/ST/OBC को छोटे-छोटे समूहों में बांट देंगे। वो सोच रहे थे बिखर जाएंगे। कांग्रेस और उसके साथियों की इस साजिश को महाराष्ट्र ने सिरे से खारिज कर दिया है। महाराष्ट्र ने डंके की चोट पर कहा है- एक हैं, तो सेफ हैं। एक हैं तो सेफ हैं के भाव ने जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र के नाम पर लड़ाने वालों को सबक सिखाया है, सजा की है। आदिवासी भाई-बहनों ने भी भाजपा-NDA को वोट दिया, ओबीसी भाई-बहनों ने भी भाजपा-NDA को वोट दिया, मेरे दलित भाई-बहनों ने भी भाजपा-NDA को वोट दिया, समाज के हर वर्ग ने भाजपा-NDA को वोट दिया। ये कांग्रेस और इंडी-गठबंधन के उस पूरे इकोसिस्टम की सोच पर करारा प्रहार है, जो समाज को बांटने का एजेंडा चला रहे थे।

साथियों,

महाराष्ट्र ने NDA को इसलिए भी प्रचंड जनादेश दिया है, क्योंकि हम विकास और विरासत, दोनों को साथ लेकर चलते हैं। महाराष्ट्र की धरती पर इतनी विभूतियां जन्मी हैं। बीजेपी और मेरे लिए छत्रपति शिवाजी महाराज आराध्य पुरुष हैं। धर्मवीर छत्रपति संभाजी महाराज हमारी प्रेरणा हैं। हमने हमेशा बाबा साहब आंबेडकर, महात्मा फुले-सावित्री बाई फुले, इनके सामाजिक न्याय के विचार को माना है। यही हमारे आचार में है, यही हमारे व्यवहार में है।

साथियों,

लोगों ने मराठी भाषा के प्रति भी हमारा प्रेम देखा है। कांग्रेस को वर्षों तक मराठी भाषा की सेवा का मौका मिला, लेकिन इन लोगों ने इसके लिए कुछ नहीं किया। हमारी सरकार ने मराठी को Classical Language का दर्जा दिया। मातृ भाषा का सम्मान, संस्कृतियों का सम्मान और इतिहास का सम्मान हमारे संस्कार में है, हमारे स्वभाव में है। और मैं तो हमेशा कहता हूं, मातृभाषा का सम्मान मतलब अपनी मां का सम्मान। और इसीलिए मैंने विकसित भारत के निर्माण के लिए लालकिले की प्राचीर से पंच प्राणों की बात की। हमने इसमें विरासत पर गर्व को भी शामिल किया। जब भारत विकास भी और विरासत भी का संकल्प लेता है, तो पूरी दुनिया इसे देखती है। आज विश्व हमारी संस्कृति का सम्मान करता है, क्योंकि हम इसका सम्मान करते हैं। अब अगले पांच साल में महाराष्ट्र विकास भी विरासत भी के इसी मंत्र के साथ तेज गति से आगे बढ़ेगा।

साथियों,

इंडी वाले देश के बदले मिजाज को नहीं समझ पा रहे हैं। ये लोग सच्चाई को स्वीकार करना ही नहीं चाहते। ये लोग आज भी भारत के सामान्य वोटर के विवेक को कम करके आंकते हैं। देश का वोटर, देश का मतदाता अस्थिरता नहीं चाहता। देश का वोटर, नेशन फर्स्ट की भावना के साथ है। जो कुर्सी फर्स्ट का सपना देखते हैं, उन्हें देश का वोटर पसंद नहीं करता।

साथियों,

देश के हर राज्य का वोटर, दूसरे राज्यों की सरकारों का भी आकलन करता है। वो देखता है कि जो एक राज्य में बड़े-बड़े Promise करते हैं, उनकी Performance दूसरे राज्य में कैसी है। महाराष्ट्र की जनता ने भी देखा कि कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल में कांग्रेस सरकारें कैसे जनता से विश्वासघात कर रही हैं। ये आपको पंजाब में भी देखने को मिलेगा। जो वादे महाराष्ट्र में किए गए, उनका हाल दूसरे राज्यों में क्या है? इसलिए कांग्रेस के पाखंड को जनता ने खारिज कर दिया है। कांग्रेस ने जनता को गुमराह करने के लिए दूसरे राज्यों के अपने मुख्यमंत्री तक मैदान में उतारे। तब भी इनकी चाल सफल नहीं हो पाई। इनके ना तो झूठे वादे चले और ना ही खतरनाक एजेंडा चला।

साथियों,

आज महाराष्ट्र के जनादेश का एक और संदेश है, पूरे देश में सिर्फ और सिर्फ एक ही संविधान चलेगा। वो संविधान है, बाबासाहेब आंबेडकर का संविधान, भारत का संविधान। जो भी सामने या पर्दे के पीछे, देश में दो संविधान की बात करेगा, उसको देश पूरी तरह से नकार देगा। कांग्रेस और उसके साथियों ने जम्मू-कश्मीर में फिर से आर्टिकल-370 की दीवार बनाने का प्रयास किया। वो संविधान का भी अपमान है। महाराष्ट्र ने उनको साफ-साफ बता दिया कि ये नहीं चलेगा। अब दुनिया की कोई भी ताकत, और मैं कांग्रेस वालों को कहता हूं, कान खोलकर सुन लो, उनके साथियों को भी कहता हूं, अब दुनिया की कोई भी ताकत 370 को वापस नहीं ला सकती।



साथियों,

महाराष्ट्र के इस चुनाव ने इंडी वालों का, ये अघाड़ी वालों का दोमुंहा चेहरा भी देश के सामने खोलकर रख दिया है। हम सब जानते हैं, बाला साहेब ठाकरे का इस देश के लिए, समाज के लिए बहुत बड़ा योगदान रहा है। कांग्रेस ने सत्ता के लालच में उनकी पार्टी के एक धड़े को साथ में तो ले लिया, तस्वीरें भी निकाल दी, लेकिन कांग्रेस, कांग्रेस का कोई नेता बाला साहेब ठाकरे की नीतियों की कभी प्रशंसा नहीं कर सकती। इसलिए मैंने अघाड़ी में कांग्रेस के साथी दलों को चुनौती दी थी, कि वो कांग्रेस से बाला साहेब की नीतियों की तारीफ में कुछ शब्द बुलवाकर दिखाएं। आज तक वो ये नहीं कर पाए हैं। मैंने दूसरी चुनौती वीर सावरकर जी को लेकर दी थी। कांग्रेस के नेतृत्व ने लगातार पूरे देश में वीर सावरकर का अपमान किया है, उन्हें गालियां दीं हैं। महाराष्ट्र में वोट पाने के लिए इन लोगों ने टेंपरेरी वीर सावरकर जी को जरा टेंपरेरी गाली देना उन्होंने बंद किया है। लेकिन वीर सावरकर के तप-त्याग के लिए इनके मुंह से एक बार भी सत्य नहीं निकला। यही इनका दोमुंहापन है। ये दिखाता है कि उनकी बातों में कोई दम नहीं है, उनका मकसद सिर्फ और सिर्फ वीर सावरकर को बदनाम करना है।

साथियों,

भारत की राजनीति में अब कांग्रेस पार्टी, परजीवी बनकर रह गई है। कांग्रेस पार्टी के लिए अब अपने दम पर सरकार बनाना लगातार मुश्किल हो रहा है। हाल ही के चुनावों में जैसे आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, हरियाणा और आज महाराष्ट्र में उनका सूपड़ा साफ हो गया। कांग्रेस की घिसी-पिटी, विभाजनकारी राजनीति फेल हो रही है, लेकिन फिर भी कांग्रेस का अहंकार देखिए, उसका अहंकार सातवें आसमान पर है। सच्चाई ये है कि कांग्रेस अब एक परजीवी पार्टी बन चुकी है। कांग्रेस सिर्फ अपनी ही नहीं, बल्कि अपने साथियों की नाव को भी डुबो देती है। आज महाराष्ट्र में भी हमने यही देखा है। महाराष्ट्र में कांग्रेस और उसके गठबंधन ने महाराष्ट्र की हर 5 में से 4 सीट हार गई। अघाड़ी के हर घटक का स्ट्राइक रेट 20 परसेंट से नीचे है। ये दिखाता है कि कांग्रेस खुद भी डूबती है और दूसरों को भी डुबोती है। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ी, उतनी ही बड़ी हार इनके सहयोगियों को भी मिली। वो तो अच्छा है, यूपी जैसे राज्यों में कांग्रेस के सहयोगियों ने उससे जान छुड़ा ली, वर्ना वहां भी कांग्रेस के सहयोगियों को लेने के देने पड़ जाते।

साथियों,

सत्ता-भूख में कांग्रेस के परिवार ने, संविधान की पंथ-निरपेक्षता की भावना को चूर-चूर कर दिया है। हमारे संविधान निर्माताओं ने उस समय 47 में, विभाजन के बीच भी, हिंदू संस्कार और परंपरा को जीते हुए पंथनिरपेक्षता की राह को चुना था। तब देश के महापुरुषों ने संविधान सभा में जो डिबेट्स की थी, उसमें भी इसके बारे में बहुत विस्तार से चर्चा हुई थी। लेकिन कांग्रेस के इस परिवार ने झूठे सेक्यूलरिज्म के नाम पर उस महान परंपरा को तबाह करके रख दिया। कांग्रेस ने तुष्टिकरण का जो बीज बोया, वो संविधान निर्माताओं के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात है। और ये विश्वासघात मैं बहुत जिम्मेवारी के साथ बोल रहा हूं। संविधान के साथ इस परिवार का विश्वासघात है। दशकों तक कांग्रेस ने देश में यही खेल खेला। कांग्रेस ने तुष्टिकरण के लिए कानून बनाए, सुप्रीम कोर्ट के आदेश तक की परवाह नहीं की। इसका एक उदाहरण वक्फ बोर्ड है। दिल्ली के लोग तो चौंक जाएंगे, हालात ये थी कि 2014 में इन लोगों ने सरकार से जाते-जाते, दिल्ली के आसपास की अनेक संपत्तियां वक्फ बोर्ड को सौंप दी थीं। बाबा साहेब आंबेडकर जी ने जो संविधान हमें दिया है न, जिस संविधान की रक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। संविधान में वक्फ कानून का कोई स्थान ही नहीं है। लेकिन फिर भी कांग्रेस ने तुष्टिकरण के लिए वक्फ बोर्ड जैसी व्यवस्था पैदा कर दी। ये इसलिए किया गया ताकि कांग्रेस के परिवार का वोटबैंक बढ़ सके। सच्ची पंथ-निरपेक्षता को कांग्रेस ने एक तरह से मृत्युदंड देने की कोशिश की है।

साथियों,

कांग्रेस के शाही परिवार की सत्ता-भूख इतनी विकृति हो गई है, कि उन्होंने सामाजिक न्याय की भावना को भी चूर-चूर कर दिया है। एक समय था जब के कांग्रेस नेता, इंदिरा जी समेत, खुद जात-पात के खिलाफ बोलते थे। पब्लिकली लोगों को समझाते थे। एडवरटाइजमेंट छापते थे। लेकिन आज यही कांग्रेस और कांग्रेस का ये परिवार खुद की सत्ता-भूख को शांत करने के लिए जातिवाद का जहर फैला रहा है। इन लोगों ने सामाजिक न्याय का गला काट दिया है।

साथियों,

एक परिवार की सत्ता-भूख इतने चरम पर है, कि उन्होंने खुद की पार्टी को ही खा लिया है। देश के अलग-अलग भागों में कई पुराने जमाने के कांग्रेस कार्यकर्ता है, पुरानी पीढ़ी के लोग हैं, जो अपने ज़माने की कांग्रेस को ढूंढ रहे हैं। लेकिन आज की कांग्रेस के विचार से, व्यवहार से, आदत से उनको ये साफ पता चल रहा है, कि ये वो कांग्रेस नहीं है। इसलिए कांग्रेस में, आंतरिक रूप से असंतोष बहुत ज्यादा बढ़ रहा है। उनकी आरती उतारने वाले भले आज इन खबरों को दबाकर रखे, लेकिन भीतर आग बहुत बड़ी है, असंतोष की ज्वाला भड़क चुकी है। सिर्फ एक परिवार के ही लोगों को कांग्रेस चलाने का हक है। सिर्फ वही परिवार काबिल है दूसरे नाकाबिल हैं। परिवार की इस सोच ने, इस जिद ने कांग्रेस में एक ऐसा माहौल बना दिया कि किसी भी समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता के लिए वहां काम करना मुश्किल हो गया है। आप सोचिए, कांग्रेस पार्टी की प्राथमिकता आज सिर्फ और सिर्फ परिवार है। देश की जनता उनकी प्राथमिकता नहीं है। और जिस पार्टी की प्राथमिकता जनता ना हो, वो लोकतंत्र के लिए बहुत ही नुकसानदायी होती है।

साथियों,

कांग्रेस का परिवार, सत्ता के बिना जी ही नहीं सकता। चुनाव जीतने के लिए ये लोग कुछ भी कर सकते हैं। दक्षिण में जाकर उत्तर को गाली देना, उत्तर में जाकर दक्षिण को गाली देना, विदेश में जाकर देश को गाली देना। और अहंकार इतना कि ना किसी का मान, ना किसी की मर्यादा और खुलेआम झूठ बोलते रहना, हर दिन एक नया झूठ बोलते रहना, यही कांग्रेस और उसके परिवार की सच्चाई बन गई है। आज कांग्रेस का अर्बन नक्सलवाद, भारत के सामने एक नई चुनौती बनकर खड़ा हो गया है। इन अर्बन नक्सलियों का रिमोट कंट्रोल, देश के बाहर है। और इसलिए सभी को इस अर्बन नक्सलवाद से बहुत सावधान रहना है। आज देश के युवाओं को, हर प्रोफेशनल को कांग्रेस की हकीकत को समझना बहुत ज़रूरी है।

साथियों,

जब मैं पिछली बार भाजपा मुख्यालय आया था, तो मैंने हरियाणा से मिले आशीर्वाद पर आपसे बात की थी। तब हमें गुरूग्राम जैसे शहरी क्षेत्र के लोगों ने भी अपना आशीर्वाद दिया था। अब आज मुंबई ने, पुणे ने, नागपुर ने, महाराष्ट्र के ऐसे बड़े शहरों ने अपनी स्पष्ट राय रखी है। शहरी क्षेत्रों के गरीब हों, शहरी क्षेत्रों के मिडिल क्लास हो, हर किसी ने भाजपा का समर्थन किया है और एक स्पष्ट संदेश दिया है। यह संदेश है आधुनिक भारत का, विश्वस्तरीय शहरों का, हमारे महानगरों ने विकास को चुना है, आधुनिक Infrastructure को चुना है। और सबसे बड़ी बात, उन्होंने विकास में रोडे अटकाने वाली राजनीति को नकार दिया है। आज बीजेपी हमारे शहरों में ग्लोबल स्टैंडर्ड के इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। चाहे मेट्रो नेटवर्क का विस्तार हो, आधुनिक इलेक्ट्रिक बसे हों, कोस्टल रोड और समृद्धि महामार्ग जैसे शानदार प्रोजेक्ट्स हों, एयरपोर्ट्स का आधुनिकीकरण हो, शहरों को स्वच्छ बनाने की मुहिम हो, इन सभी पर बीजेपी का बहुत ज्यादा जोर है। आज का शहरी भारत ईज़ ऑफ़ लिविंग चाहता है। और इन सब के लिये उसका भरोसा बीजेपी पर है, एनडीए पर है।

साथियों,

आज बीजेपी देश के युवाओं को नए-नए सेक्टर्स में अवसर देने का प्रयास कर रही है। हमारी नई पीढ़ी इनोवेशन और स्टार्टअप के लिए माहौल चाहती है। बीजेपी इसे ध्यान में रखकर नीतियां बना रही है, निर्णय ले रही है। हमारा मानना है कि भारत के शहर विकास के इंजन हैं। शहरी विकास से गांवों को भी ताकत मिलती है। आधुनिक शहर नए अवसर पैदा करते हैं। हमारा लक्ष्य है कि हमारे शहर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों की श्रेणी में आएं और बीजेपी, एनडीए सरकारें, इसी लक्ष्य के साथ काम कर रही हैं।


साथियों,

मैंने लाल किले से कहा था कि मैं एक लाख ऐसे युवाओं को राजनीति में लाना चाहता हूं, जिनके परिवार का राजनीति से कोई संबंध नहीं। आज NDA के अनेक ऐसे उम्मीदवारों को मतदाताओं ने समर्थन दिया है। मैं इसे बहुत शुभ संकेत मानता हूं। चुनाव आएंगे- जाएंगे, लोकतंत्र में जय-पराजय भी चलती रहेगी। लेकिन भाजपा का, NDA का ध्येय सिर्फ चुनाव जीतने तक सीमित नहीं है, हमारा ध्येय सिर्फ सरकारें बनाने तक सीमित नहीं है। हम देश बनाने के लिए निकले हैं। हम भारत को विकसित बनाने के लिए निकले हैं। भारत का हर नागरिक, NDA का हर कार्यकर्ता, भाजपा का हर कार्यकर्ता दिन-रात इसमें जुटा है। हमारी जीत का उत्साह, हमारे इस संकल्प को और मजबूत करता है। हमारे जो प्रतिनिधि चुनकर आए हैं, वो इसी संकल्प के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें देश के हर परिवार का जीवन आसान बनाना है। हमें सेवक बनकर, और ये मेरे जीवन का मंत्र है। देश के हर नागरिक की सेवा करनी है। हमें उन सपनों को पूरा करना है, जो देश की आजादी के मतवालों ने, भारत के लिए देखे थे। हमें मिलकर विकसित भारत का सपना साकार करना है। सिर्फ 10 साल में हमने भारत को दुनिया की दसवीं सबसे बड़ी इकॉनॉमी से दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी इकॉनॉमी बना दिया है। किसी को भी लगता, अरे मोदी जी 10 से पांच पर पहुंच गया, अब तो बैठो आराम से। आराम से बैठने के लिए मैं पैदा नहीं हुआ। वो दिन दूर नहीं जब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर रहेगा। हम मिलकर आगे बढ़ेंगे, एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे तो हर लक्ष्य पाकर रहेंगे। इसी भाव के साथ, एक हैं तो...एक हैं तो...एक हैं तो...। मैं एक बार फिर आप सभी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं, देशवासियों को बधाई देता हूं, महाराष्ट्र के लोगों को विशेष बधाई देता हूं।

मेरे साथ बोलिए,

भारत माता की जय,

भारत माता की जय,

भारत माता की जय,

भारत माता की जय,

भारत माता की जय!

वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम ।

बहुत-बहुत धन्यवाद।