QuoteIf you work for 10 hours then I will work for 18 hours and this is Modi's guarantee to 140 crore Indians: PM Modi in Pratapgarh

भारत माता की..

भारत माता की..

भारत माता की।

बेल्हा माई और बाबा घुइसरनाथ के पावन धरती प्रतापगढ़ के हम प्रणाम करे आज इहां आये हई। यहां एक तरफ अयोध्या है, एक तरफ काशी, एक तरफ प्रयागराज है यानी, प्रतापगढ़ के आशीर्वाद में सब तीर्थों के आशीर्वाद शामिल हैं और प्रतापगढ़ के नाम में ही प्रताप ही प्रताप है। ये वीरों और बलिदानियों की धरती है। मैं आपसे पूछना चाहता हूं, आज जब हमारे भारत का प्रताप दुनिया देख रही है। आज जब दुनिया में भारत का डंका बजता है, भारत G-20 जैसे बड़े आयोजन बड़ी सफलता और गर्व के साथ करवाता है, भारत अपने तिरंगे की छाप चंद्रमा पर छोड़ता है, मैं आपसे पूछना चाहता हूं जब सारी बातें आप जानते हैं तो आप सबको गर्व होता है क्या? इन सफलताओं से आपको गर्व होता है क्या? यानी सब बतायेंगे तो पता चलेगा कि मेरी आवाज पहुंच रही है, आपको गर्व होता है, क्या 10 साल पहले आप ऐसी सफलता की कल्पना भी कर सकते थे क्या? तब हजारों करोड़ के घोटाले इसके सिवाय कभी और कोई खबर आती थी क्या? ये बदलाव ऐसे ही नहीं हुआ है। 10 साल पहले जो असंभव था वो आज संभव हुआ है, कैसे? ये सब बदलाव कैसे आया? ये बदलाव कैसे आया? आपका जवाब पूरी तरह गलत है। ये बदलाव, ये सफलता मोदी के कारण नहीं ये आपके एक वोट के कारण हुआ है, ये आपके वोट की ताकत है कि आज दुनिया में हिंदुस्तान का डंका बज रहा है, ये आपके वोट की ताकत है कि चंद्रमा पर शिव शक्ति प्वाइंट जड़ दिया गया है और इसलिए पूरा देश कह रहा है इस सरकार का तीसरा कार्यकाल होगा और दमदार।

लेकिन साथियों,

इंडी गठबंधन वाले देश से भाजपा-एनडीए की स्थिर सरकार हटाना चाहते हैं और इनके पास सरकार चलाने का क्या फॉर्मूला है? इनका फॉर्मूला है- 5 साल में 5 पार्टियों के 5 PM बनायेंगे। यानी हर साल एक नया पीएम। ये चाहते हैं कि भानुमती का कुनबा जोड़ने वालों को लूट का बराबर मौका मिले। मैं जरा आपसे पूछना चाहता हूं क्या आपको 5 साल में पांच पीएम मंजूर है? क्या ये पांच पीएम देश को चला सकते हैं? क्या देश को बर्बाद करेंगे कि नहीं करेंगे?

|

साथियों,

एक बार किसी एक छोटे व्यापारी को अपने यहां काम करने के लिए एक सहायक की जरूरत थी तो उसने अपने आसपास पड़ोस वालों को कहा कि भाई 22- 25 साल का कोई नौजवान मुझे मिल जाये तो मेरे कारोबार में जरा मदद हो जाये और मैं उसको ठीक तनख्वाह भी दे दूंगा तो किसी को पता चला वो पहुंच गये कि हां 24 साल का आपका जो क्राइटेरिया है, वो मैं पूरा कर दूंगा तो उन्होंने कहा ठीक है आपके बेटे को लेकर आइये तो उसने क्या किया 12- 12 साल के दो बच्चों को लेकर के आ गया, बोले 12- 12 वाले दो हैं, 24 हो गए रख लीजिये, कोई रखेगा क्या? कोई रखेगा क्या? ये कह रहे हैं पांच साल के लिए पांच पीएम रख लो।
साथियों
इंडी गठबंधन में वही लोग हैं, जो सेना के शौर्य पर सवाल उठाते हैं। इनके एजेंडे क्या हैं? ये कह रहे हैं कि ये कश्मीर में फिर से आर्टिकल-370 लगा देंगे। ये CAA का जो कानून मोदी ने बनाया है, उसको रद्द कर देंगे। ये फिर से पाकिस्तान के पास गुलाब लेकर जायेंगे, कबूतर उड़ायेंगे और इसलिए आपको सपा-कांग्रेस से सावधान रहने की जरूरत है।

साथियों,

इंडी गठबंधन के लोग देश को बदहाल बनाकर सत्ता से गए थे। 2014 से पहले देश को उन्होंने तबाह कर दिया था, बर्बाद कर दिया था, हर क्षेत्र में लूट मची थी, देश निराशा की गर्त में डूबा हुआ था। 2014 में आपने जब हमें सेवा करने का मौका दिया तो पहले तो हमारी पूरी ताकत इन गड्ढों को भरने में लग गई, बर्बादी से देश को बाहर निकालने में लग गई। हमने और ये कैसे लोग थे देश जब आजाद हुआ था तब दुनिया में हम छह नंबर की इकोनॉमी थे, छह नंबर पर थे। इन लोगों ने देश को ऐसे चलाया, ऐसे चलाया कि हम छह में से ग्यारह पर पहुंच गये, ये बर्बादी की इन्होंने। फिर आपने मोदी को सेवा का मौका दिया हमने मेहनत की वो ग्यारह पर ले गये थे आज हम उसको, देश की अर्थव्यवस्था को दुनिया में नंबर पांच पर ले आये हैं दोस्तों और मोदी इतने से खुश होने वाला इंसान नहीं है और ना ही रुकने वाला है और ना ही थकने वाला है और इसलिए मैंने तय किया है कि जब तीसरी बार सरकार बनायेंगे तो हम हिंदुस्तान को दुनिया में तीसरे नंबर की ताकत बनाकर के रहेंगे और ये मोदी की गारंटी है। लेकिन, कांग्रेस पार्टी देश के विकास का मजाक बनाती है। सपा और कांग्रेस कहती है कि देश का विकास तो अपने आप हो जायेगा मेहनत करने की क्या जरूरत है? ये सपा-कांग्रेस की मानसिकता के दो ही किनारे हैं। एक- ये कहते हैं अपने आप हो जायेगा और दूसरा- ये कहते हैं, इससे क्या होगा? हमने गरीब माताओं-बहनों के लिए शौचालय बनवायें। सपा-कांग्रेस कहती थीं- इससे क्या होगा? हमने 4 करोड़ गरीब परिवारों को पक्के घर दिये। सपा-कांग्रेस कहती थी- इससे क्या होगा? कांग्रेस ने 60 साल देश पर राज किया, वर्षों तक समाजवादी पार्टी सरकार में रही और हालत ये थी कि देश में 85 प्रतिशत घरों में नल से जल नहीं आता था। हमने 14 करोड़ परिवारों तक पीने का पानी पहुंचाया और इस पर भी सपा-कांग्रेस कहती है- इससे क्या होगा? साथियों, हमारी करोड़ों बहनें लकड़ी के धुएं में खाना बनाने को मजबूर थीं। हमने हर गरीब बहन को धुएं से बचाने के लिए मुफ्त सिलेंडर दिया तो ये कहने लगे- इससे क्या होगा? देश में करोड़ों गरीबों को बैंक में नहीं घुसने दिया, दरवाजे तक नहीं घुसने दिया जाता था। हमने 52 करोड़ गरीबों के जनधन खाते खुलवायें तो ये कहते हैं- इससे क्या होगा?

 

|

साथियों,

सपा-कांग्रेस के शहजादों के लिए देश का विकास ऐसा है जैसे मोहल्ले में बच्चे वो गिल्ली-डंडे के खेल करते हैं ना ऐसा लगता है इनको। महलों में पैदा होने वाले इन शहजादों को ना मेहनत की आदत है और ना ही नतीजे लाने की इसलिए ये कहते हैं देश का विकास अपने आप होगा और कहते क्या हैं विकास कैसे होगा? बोले, खटा- खट..खटा- खट। ये सोचते हैं भारत आत्मनिर्भर अपने आप बन जायेगा और कोई पूछता है तो कैसे? तो बोले, खटा- खट..खटा- खट। ये सोचते हैं ये नये हाइवेज अपने आप ही बन जाएंगे और कोई पूछे कैसे? तो अरे छोड़ो यार खटा- खट..खटा- खट। ये सोचते हैं, भारत से गरीबी दूर हो जायेगी, कोई पूछे कैसे? तो बोले- खटा-खट..खटा-खट। अरे कोई इनके दिमाग को भी जरा बता दो अब रायबरेली की जनता भी खटा-खट..खटा-खट..खटा-खट भेजेगी घर। अमेठी से गये, रायबरेली से भी जायेंगे।

साथियों,

देश चलाना सोने की चम्मच लेकर पैदा हुये बच्चों का खेल नहीं है, आपसे नहीं हो पायेगा क्योंकि 4 जून के बाद मोदी सरकार तो बनेगी ही बनेगी, देश की जनता मोदी सरकार तो बनायेगी ही बनायेगी लेकिन इतना भर नहीं और भी बहुत कुछ होने वाला है। क्या होगा मैं बताऊं? 4 जून के बाद मोदी सरकार बनेगी ये तो आपको पता है और भी बहुत कुछ होगा, बताऊं क्या होगा? बताऊं, ये इंडी गठबंधन टूटकर के बिखर जायेगा, खटा- खट..खटा- खट। पराजय के बाद बलि के बकरे को खोजा जाएगा, खटा- खट..खटा- खट और शहजादे चाहे वो लखनऊ वाले शहजादे हो या दिल्ली वाले ये शहजादे गर्मी की छुट्टियों पर विदेश निकल जायेंगे.. खटा- खट..खटा- खट। किसी ने तो मुझे कहा कि उन्होंने टिकट बुक कराने की सूचना भी दे दी है। भाइयों-बहनों, ये खटा-खट..खटा-खट भाग जायेंगे, हम ही रह जायेंगे, हम और आप रह जायेंगे, देशवासी रह जायेंगे और मैं गारंटी देता हूं, मैं आपकी सेवा के लिये दिन-रात एक करके काम करूंगा। मेरा पल-पल आपके नाम, मेरे शरीर का कण-कण आपके नाम। हम विकसित भारत बनायेंगे, आत्मनिर्भर भारत बनायेंगे और इसके लिए हम सभी देशवासी मिलकर के जी-जान से मेहनत करेंगे और मुझे पक्का विश्वास है आप सब भी मेरे साथ हैं, हैं ना? हैं ना? और ये मोदी की गारंटी है आप 10 घंटे काम करेंगे, तो मोदी 18 घंटे काम करेगा और ये मेरी 140 करोड़ देशवासियों को गारंटी है।

साथियों,

कांग्रेस और इंडी गठबंधन वाले 10 साल से सत्ता से बाहर हैं। इनकी काली कमाई की तिजोरी खाली हो गई है इसलिए इनकी नज़र अब देश के खजाने पर पड़ी है। कांग्रेस के शहजादे तो कह रहे हैं कि सबकी कमाई की जांच करवायेंगे। आपका पैसा जब्त करके उसे अपने वोट बैंक में बांटेंगे। इन्होंने दलितों, पिछड़ों का आरक्षण भी छीनना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने कर्नाटक में OBC आरक्षण छीनकर मुसलमानों को दे दिया है। कांग्रेस संविधान बदलकर ये नियम देशभर में लागू करना चाहती है। लेकिन, पिछड़ों से विश्वासघात करने वाली सपा इस पर चुप बैठी है, मुंह पर ताला लग गया है। और साथियों, सपा-कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति यहीं पर नहीं रुकी। ये लोग मोदी के खिलाफ वोट जिहाद, वोट जिहाद की अपील कर रहे हैं। ये कांग्रेस के शहजादे उनके एक साथी ने बताया कि उन्होंने तो तय किया है जब उनकी सरकार बनेगी तो रामलला को फिर से टेंट में भेज देंगे और राम मंदिर पर ताला लगा देंगे। लेकिन भाइयों- बहनों, ये लोग भूल रहे हैं, ये मोदी है..ये मोदी के रहते धर्म के नाम पर दलितों, पिछड़ों के आरक्षण की लूट करने के लिए सोच भी नहीं सकेंगे और मोदी है तो वो लिख के रखें उनके लिये नामुमकिन है। मोदी के रहते रामलला दोबारा टेंट में जायें, वो दिन भूल जाइये और ऐसा सोचने वालों को ये देश टेंट में रहने के लिए मजबूर कर देगा। मोदी के रहते आपकी संपत्ति वोट जिहाद करने वालों में बांटी जाये, ये मोदी नहीं करने देगा।

|

साथियों,

सपा- कांग्रेस की राजनीति का सबसे ज्यादा नुकसान यूपी को हुआ है। गुंडाराज, भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और परिवारवाद, सपा की इस राजनीति का सबसे बड़ा नुकसान आप सब मेरे देशवासियों को हुआ है, यूपी के युवाओं को हुआ है। आज इस क्षेत्र से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे निकल रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे निकलने जा रहा है। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर लॉजिस्टिक पार्क, इंडस्ट्रियल सेंटर, कृषि उत्पादन केंद्र और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स बनेंगे। हम वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, ODOP में यहां के आंवला उत्पादों को बढ़ावा दे रहे हैं और इसका लाभ किसको होगा? यहां के किसानों को, आंवला उत्पादकों को होगा।

साथियों,

जहां सपा होगी, वहां उद्योग नहीं लग सकते। सपा के राज में व्यापारियों से रंगदारी ये हर मोहल्ले की घटना हो गई थी। इसका परिणाम क्या हुआ? यूपी में निवेश नहीं आया। उद्योग नहीं लगे, रोजगार नहीं मिले। इनके भ्रष्टाचार का हाल क्या था? यहां की ATL ट्रैक्टर फैक्ट्री तक को सपा सरकार ने बेच दिया था। कितने लोगों का रोजगार गया? योगी जी की सरकार ने वो जमीन वापस ली है। योगी जी फिर से यहां नए अवसर पैदा करने के लिए काम कर रहे हैं। भाइयों और बहनों, सपा वालों को लगता है कि लोग उनके कुकृत्य भूल जायेंगे। लेकिन, उन्हें नहीं पता- न सौ पढ़ा, न एक प्रतापगढ़ा। प्रतापगढ़िया एक-एक पाप का हिसाब करेगा, हिसाब करेंगे ना? हिसाब करेंगे ना?

साथियों,

यूपी का विकास, देश का भविष्य आपके एक वोट से तय होगा। 25 मई को आप संगमलाल गुप्ता जी को भारी बहुमत से जीत दिलाइये। आपका एक- एक वोट मोदी की ताकत बढ़ायेगा और जब संगमलाल जी को वोट देंगे ना, वो सीधा-सीधा मोदी के खाते में जमा होगा। ज्यादा से ज्यादा मतदान करायेंगे, ज्यादा से ज्यादा मतदान करायेंगे, मतदान के पुराने रिकॉर्ड तोड़ेंगे। पहले मतदान, फिर जलपान मंजूर, पहले मतदान, फिर जलपान मंजूर। अच्छा मेरा एक और आग्रह है करेंगे, आप जिससे भी मिलें ज्यादा से ज्यादा घरों में जायें, ज्यादा से ज्यादा परिवारों को मिलें, उनको कहना कि अपने मोदी जी आए थे और मोदी जी ने परिवार के सबको राम- राम कहा है। मेरा राम- राम पहुंचा दोगे। बोलिए,

भारत माता की..

भारत माता की..

भारत माता की..

बहुत-बहुत धन्यवाद।

  • Dheeraj Thakur March 05, 2025

    जय श्री राम जय श्री राम
  • Dheeraj Thakur March 05, 2025

    जय श्री राम
  • कृष्ण सिंह राजपुरोहित भाजपा विधान सभा गुड़ामा लानी November 21, 2024

    जय श्री राम 🚩 वन्दे मातरम् जय भाजपा विजय भाजपा
  • Devendra Kunwar October 08, 2024

    BJP
  • दिग्विजय सिंह राना September 18, 2024

    हर हर महादेव
  • Vivek Kumar Gupta August 03, 2024

    नमो ....................🙏🙏🙏🙏🙏
  • Vivek Kumar Gupta August 03, 2024

    नमो ..............................🙏🙏🙏🙏🙏
  • Vimlesh Mishra July 22, 2024

    jai mata di
  • Dr Mukesh Ludanan July 02, 2024

    Jai ho
  • Pradhuman Singh Tomar June 26, 2024

    bjp BJP
Explore More
প্রধান মন্ত্রী, শ্রী নরেন্দ্র মোদীনা 78শুবা নীংতম নুমিত্তা লাল কিলাগী ফম্বাক্তগী লৈবাক মীয়ামদা থমখিবা ৱারোল

Popular Speeches

প্রধান মন্ত্রী, শ্রী নরেন্দ্র মোদীনা 78শুবা নীংতম নুমিত্তা লাল কিলাগী ফম্বাক্তগী লৈবাক মীয়ামদা থমখিবা ৱারোল

Media Coverage

"Huge opportunity": Japan delegation meets PM Modi, expressing their eagerness to invest in India
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Today, India is not just a Nation of Dreams but also a Nation That Delivers: PM Modi in TV9 Summit
March 28, 2025
QuoteToday, the world's eyes are on India: PM
QuoteIndia's youth is rapidly becoming skilled and driving innovation forward: PM
Quote"India First" has become the mantra of India's foreign policy: PM
QuoteToday, India is not just participating in the world order but also contributing to shaping and securing the future: PM
QuoteIndia has given Priority to humanity over monopoly: PM
QuoteToday, India is not just a Nation of Dreams but also a Nation That Delivers: PM

श्रीमान रामेश्वर गारु जी, रामू जी, बरुन दास जी, TV9 की पूरी टीम, मैं आपके नेटवर्क के सभी दर्शकों का, यहां उपस्थित सभी महानुभावों का अभिनंदन करता हूं, इस समिट के लिए बधाई देता हूं।

TV9 नेटवर्क का विशाल रीजनल ऑडियंस है। और अब तो TV9 का एक ग्लोबल ऑडियंस भी तैयार हो रहा है। इस समिट में अनेक देशों से इंडियन डायस्पोरा के लोग विशेष तौर पर लाइव जुड़े हुए हैं। कई देशों के लोगों को मैं यहां से देख भी रहा हूं, वे लोग वहां से वेव कर रहे हैं, हो सकता है, मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं। मैं यहां नीचे स्क्रीन पर हिंदुस्तान के अनेक शहरों में बैठे हुए सब दर्शकों को भी उतने ही उत्साह, उमंग से देख रहा हूं, मेरी तरफ से उनका भी स्वागत है।

साथियों,

आज विश्व की दृष्टि भारत पर है, हमारे देश पर है। दुनिया में आप किसी भी देश में जाएं, वहां के लोग भारत को लेकर एक नई जिज्ञासा से भरे हुए हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि जो देश 70 साल में ग्यारहवें नंबर की इकोनॉमी बना, वो महज 7-8 साल में पांचवे नंबर की इकोनॉमी बन गया? अभी IMF के नए आंकड़े सामने आए हैं। वो आंकड़े कहते हैं कि भारत, दुनिया की एकमात्र मेजर इकोनॉमी है, जिसने 10 वर्षों में अपने GDP को डबल किया है। बीते दशक में भारत ने दो लाख करोड़ डॉलर, अपनी इकोनॉमी में जोड़े हैं। GDP का डबल होना सिर्फ आंकड़ों का बदलना मात्र नहीं है। इसका impact देखिए, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, और ये 25 करोड़ लोग एक नियो मिडिल क्लास का हिस्सा बने हैं। ये नियो मिडिल क्लास, एक प्रकार से नई ज़िंदगी शुरु कर रहा है। ये नए सपनों के साथ आगे बढ़ रहा है, हमारी इकोनॉमी में कंट्रीब्यूट कर रहा है, और उसको वाइब्रेंट बना रहा है। आज दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी हमारे भारत में है। ये युवा, तेज़ी से स्किल्ड हो रहा है, इनोवेशन को गति दे रहा है। और इन सबके बीच, भारत की फॉरेन पॉलिसी का मंत्र बन गया है- India First, एक जमाने में भारत की पॉलिसी थी, सबसे समान रूप से दूरी बनाकर चलो, Equi-Distance की पॉलिसी, आज के भारत की पॉलिसी है, सबके समान रूप से करीब होकर चलो, Equi-Closeness की पॉलिसी। दुनिया के देश भारत की ओपिनियन को, भारत के इनोवेशन को, भारत के एफर्ट्स को, जैसा महत्व आज दे रहे हैं, वैसा पहले कभी नहीं हुआ। आज दुनिया की नजर भारत पर है, आज दुनिया जानना चाहती है, What India Thinks Today.

|

साथियों,

भारत आज, वर्ल्ड ऑर्डर में सिर्फ पार्टिसिपेट ही नहीं कर रहा, बल्कि फ्यूचर को शेप और सेक्योर करने में योगदान दे रहा है। दुनिया ने ये कोरोना काल में अच्छे से अनुभव किया है। दुनिया को लगता था कि हर भारतीय तक वैक्सीन पहुंचने में ही, कई-कई साल लग जाएंगे। लेकिन भारत ने हर आशंका को गलत साबित किया। हमने अपनी वैक्सीन बनाई, हमने अपने नागरिकों का तेज़ी से वैक्सीनेशन कराया, और दुनिया के 150 से अधिक देशों तक दवाएं और वैक्सीन्स भी पहुंचाईं। आज दुनिया, और जब दुनिया संकट में थी, तब भारत की ये भावना दुनिया के कोने-कोने तक पहुंची कि हमारे संस्कार क्या हैं, हमारा तौर-तरीका क्या है।

साथियों,

अतीत में दुनिया ने देखा है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद जब भी कोई वैश्विक संगठन बना, उसमें कुछ देशों की ही मोनोपोली रही। भारत ने मोनोपोली नहीं बल्कि मानवता को सर्वोपरि रखा। भारत ने, 21वीं सदी के ग्लोबल इंस्टीट्यूशन्स के गठन का रास्ता बनाया, और हमने ये ध्यान रखा कि सबकी भागीदारी हो, सबका योगदान हो। जैसे प्राकृतिक आपदाओं की चुनौती है। देश कोई भी हो, इन आपदाओं से इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान होता है। आज ही म्यांमार में जो भूकंप आया है, आप टीवी पर देखें तो बहुत बड़ी-बड़ी इमारतें ध्वस्त हो रही हैं, ब्रिज टूट रहे हैं। और इसलिए भारत ने Coalition for Disaster Resilient Infrastructure - CDRI नाम से एक वैश्विक नया संगठन बनाने की पहल की। ये सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि दुनिया को प्राकृतिक आपदाओं के लिए तैयार करने का संकल्प है। भारत का प्रयास है, प्राकृतिक आपदा से, पुल, सड़कें, बिल्डिंग्स, पावर ग्रिड, ऐसा हर इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित रहे, सुरक्षित निर्माण हो।

साथियों,

भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हर देश का मिलकर काम करना बहुत जरूरी है। ऐसी ही एक चुनौती है, हमारे एनर्जी रिसोर्सेस की। इसलिए पूरी दुनिया की चिंता करते हुए भारत ने International Solar Alliance (ISA) का समाधान दिया है। ताकि छोटे से छोटा देश भी सस्टेनबल एनर्जी का लाभ उठा सके। इससे क्लाइमेट पर तो पॉजिटिव असर होगा ही, ये ग्लोबल साउथ के देशों की एनर्जी नीड्स को भी सिक्योर करेगा। और आप सबको ये जानकर गर्व होगा कि भारत के इस प्रयास के साथ, आज दुनिया के सौ से अधिक देश जुड़ चुके हैं।

साथियों,

बीते कुछ समय से दुनिया, ग्लोबल ट्रेड में असंतुलन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी challenges का सामना कर रही है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए भी भारत ने दुनिया के साथ मिलकर नए प्रयास शुरु किए हैं। India–Middle East–Europe Economic Corridor (IMEC), ऐसा ही एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। ये प्रोजेक्ट, कॉमर्स और कनेक्टिविटी के माध्यम से एशिया, यूरोप और मिडिल ईस्ट को जोड़ेगा। इससे आर्थिक संभावनाएं तो बढ़ेंगी ही, दुनिया को अल्टरनेटिव ट्रेड रूट्स भी मिलेंगे। इससे ग्लोबल सप्लाई चेन भी और मजबूत होगी।

|

साथियों,

ग्लोबल सिस्टम्स को, अधिक पार्टिसिपेटिव, अधिक डेमोक्रेटिक बनाने के लिए भी भारत ने अनेक कदम उठाए हैं। और यहीं, यहीं पर ही भारत मंडपम में जी-20 समिट हुई थी। उसमें अफ्रीकन यूनियन को जी-20 का परमानेंट मेंबर बनाया गया है। ये बहुत बड़ा ऐतिहासिक कदम था। इसकी मांग लंबे समय से हो रही थी, जो भारत की प्रेसीडेंसी में पूरी हुई। आज ग्लोबल डिसीजन मेकिंग इंस्टीट्यूशन्स में भारत, ग्लोबल साउथ के देशों की आवाज़ बन रहा है। International Yoga Day, WHO का ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के लिए ग्लोबल फ्रेमवर्क, ऐसे कितने ही क्षेत्रों में भारत के प्रयासों ने नए वर्ल्ड ऑर्डर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, और ये तो अभी शुरूआत है, ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर भारत का सामर्थ्य नई ऊंचाई की तरफ बढ़ रहा है।

साथियों,

21वीं सदी के 25 साल बीत चुके हैं। इन 25 सालों में 11 साल हमारी सरकार ने देश की सेवा की है। और जब हम What India Thinks Today उससे जुड़ा सवाल उठाते हैं, तो हमें ये भी देखना होगा कि Past में क्या सवाल थे, क्या जवाब थे। इससे TV9 के विशाल दर्शक समूह को भी अंदाजा होगा कि कैसे हम, निर्भरता से आत्मनिर्भरता तक, Aspirations से Achievement तक, Desperation से Development तक पहुंचे हैं। आप याद करिए, एक दशक पहले, गांव में जब टॉयलेट का सवाल आता था, तो माताओं-बहनों के पास रात ढलने के बाद और भोर होने से पहले का ही जवाब होता था। आज उसी सवाल का जवाब स्वच्छ भारत मिशन से मिलता है। 2013 में जब कोई इलाज की बात करता था, तो महंगे इलाज की चर्चा होती थी। आज उसी सवाल का समाधान आयुष्मान भारत में नजर आता है। 2013 में किसी गरीब की रसोई की बात होती थी, तो धुएं की तस्वीर सामने आती थी। आज उसी समस्या का समाधान उज्ज्वला योजना में दिखता है। 2013 में महिलाओं से बैंक खाते के बारे में पूछा जाता था, तो वो चुप्पी साध लेती थीं। आज जनधन योजना के कारण, 30 करोड़ से ज्यादा बहनों का अपना बैंक अकाउंट है। 2013 में पीने के पानी के लिए कुएं और तालाबों तक जाने की मजबूरी थी। आज उसी मजबूरी का हल हर घर नल से जल योजना में मिल रहा है। यानि सिर्फ दशक नहीं बदला, बल्कि लोगों की ज़िंदगी बदली है। और दुनिया भी इस बात को नोट कर रही है, भारत के डेवलपमेंट मॉडल को स्वीकार रही है। आज भारत सिर्फ Nation of Dreams नहीं, बल्कि Nation That Delivers भी है।

साथियों,

जब कोई देश, अपने नागरिकों की सुविधा और समय को महत्व देता है, तब उस देश का समय भी बदलता है। यही आज हम भारत में अनुभव कर रहे हैं। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। पहले पासपोर्ट बनवाना कितना बड़ा काम था, ये आप जानते हैं। लंबी वेटिंग, बहुत सारे कॉम्प्लेक्स डॉक्यूमेंटेशन का प्रोसेस, अक्सर राज्यों की राजधानी में ही पासपोर्ट केंद्र होते थे, छोटे शहरों के लोगों को पासपोर्ट बनवाना होता था, तो वो एक-दो दिन कहीं ठहरने का इंतजाम करके चलते थे, अब वो हालात पूरी तरह बदल गया है, एक आंकड़े पर आप ध्यान दीजिए, पहले देश में सिर्फ 77 पासपोर्ट सेवा केंद्र थे, आज इनकी संख्या 550 से ज्यादा हो गई है। पहले पासपोर्ट बनवाने में, और मैं 2013 के पहले की बात कर रहा हूं, मैं पिछले शताब्दी की बात नहीं कर रहा हूं, पासपोर्ट बनवाने में जो वेटिंग टाइम 50 दिन तक होता था, वो अब 5-6 दिन तक सिमट गया है।

साथियों,

ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेशन हमने बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में भी देखा है। हमारे देश में 50-60 साल पहले बैंकों का नेशनलाइजेशन किया गया, ये कहकर कि इससे लोगों को बैंकिंग सुविधा सुलभ होगी। इस दावे की सच्चाई हम जानते हैं। हालत ये थी कि लाखों गांवों में बैंकिंग की कोई सुविधा ही नहीं थी। हमने इस स्थिति को भी बदला है। ऑनलाइन बैंकिंग तो हर घर में पहुंचाई है, आज देश के हर 5 किलोमीटर के दायरे में कोई न कोई बैंकिंग टच प्वाइंट जरूर है। और हमने सिर्फ बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का ही दायरा नहीं बढ़ाया, बल्कि बैंकिंग सिस्टम को भी मजबूत किया। आज बैंकों का NPA बहुत कम हो गया है। आज बैंकों का प्रॉफिट, एक लाख 40 हज़ार करोड़ रुपए के नए रिकॉर्ड को पार कर चुका है। और इतना ही नहीं, जिन लोगों ने जनता को लूटा है, उनको भी अब लूटा हुआ धन लौटाना पड़ रहा है। जिस ED को दिन-रात गालियां दी जा रही है, ED ने 22 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक वसूले हैं। ये पैसा, कानूनी तरीके से उन पीड़ितों तक वापिस पहुंचाया जा रहा है, जिनसे ये पैसा लूटा गया था।

साथियों,

Efficiency से गवर्नमेंट Effective होती है। कम समय में ज्यादा काम हो, कम रिसोर्सेज़ में अधिक काम हो, फिजूलखर्ची ना हो, रेड टेप के बजाय रेड कार्पेट पर बल हो, जब कोई सरकार ये करती है, तो समझिए कि वो देश के संसाधनों को रिस्पेक्ट दे रही है। और पिछले 11 साल से ये हमारी सरकार की बड़ी प्राथमिकता रहा है। मैं कुछ उदाहरणों के साथ अपनी बात बताऊंगा।

|

साथियों,

अतीत में हमने देखा है कि सरकारें कैसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिनिस्ट्रीज में accommodate करने की कोशिश करती थीं। लेकिन हमारी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में ही कई मंत्रालयों का विलय कर दिया। आप सोचिए, Urban Development अलग मंत्रालय था और Housing and Urban Poverty Alleviation अलग मंत्रालय था, हमने दोनों को मर्ज करके Housing and Urban Affairs मंत्रालय बना दिया। इसी तरह, मिनिस्ट्री ऑफ ओवरसीज़ अफेयर्स अलग था, विदेश मंत्रालय अलग था, हमने इन दोनों को भी एक साथ जोड़ दिया, पहले जल संसाधन, नदी विकास मंत्रालय अलग था, और पेयजल मंत्रालय अलग था, हमने इन्हें भी जोड़कर जलशक्ति मंत्रालय बना दिया। हमने राजनीतिक मजबूरी के बजाय, देश की priorities और देश के resources को आगे रखा।

साथियों,

हमारी सरकार ने रूल्स और रेगुलेशन्स को भी कम किया, उन्हें आसान बनाया। करीब 1500 ऐसे कानून थे, जो समय के साथ अपना महत्व खो चुके थे। उनको हमारी सरकार ने खत्म किया। करीब 40 हज़ार, compliances को हटाया गया। ऐसे कदमों से दो फायदे हुए, एक तो जनता को harassment से मुक्ति मिली, और दूसरा, सरकारी मशीनरी की एनर्जी भी बची। एक और Example GST का है। 30 से ज्यादा टैक्सेज़ को मिलाकर एक टैक्स बना दिया गया है। इसको process के, documentation के हिसाब से देखें तो कितनी बड़ी बचत हुई है।

साथियों,

सरकारी खरीद में पहले कितनी फिजूलखर्ची होती थी, कितना करप्शन होता था, ये मीडिया के आप लोग आए दिन रिपोर्ट करते थे। हमने, GeM यानि गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म बनाया। अब सरकारी डिपार्टमेंट, इस प्लेटफॉर्म पर अपनी जरूरतें बताते हैं, इसी पर वेंडर बोली लगाते हैं और फिर ऑर्डर दिया जाता है। इसके कारण, भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है, और सरकार को एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की बचत भी हुई है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर- DBT की जो व्यवस्था भारत ने बनाई है, उसकी तो दुनिया में चर्चा है। DBT की वजह से टैक्स पेयर्स के 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा, गलत हाथों में जाने से बचे हैं। 10 करोड़ से ज्यादा फर्ज़ी लाभार्थी, जिनका जन्म भी नहीं हुआ था, जो सरकारी योजनाओं का फायदा ले रहे थे, ऐसे फर्जी नामों को भी हमने कागजों से हटाया है।

साथियों,

 

हमारी सरकार टैक्स की पाई-पाई का ईमानदारी से उपयोग करती है, और टैक्सपेयर का भी सम्मान करती है, सरकार ने टैक्स सिस्टम को टैक्सपेयर फ्रेंडली बनाया है। आज ITR फाइलिंग का प्रोसेस पहले से कहीं ज्यादा सरल और तेज़ है। पहले सीए की मदद के बिना, ITR फाइल करना मुश्किल होता था। आज आप कुछ ही समय के भीतर खुद ही ऑनलाइन ITR फाइल कर पा रहे हैं। और रिटर्न फाइल करने के कुछ ही दिनों में रिफंड आपके अकाउंट में भी आ जाता है। फेसलेस असेसमेंट स्कीम भी टैक्सपेयर्स को परेशानियों से बचा रही है। गवर्नेंस में efficiency से जुड़े ऐसे अनेक रिफॉर्म्स ने दुनिया को एक नया गवर्नेंस मॉडल दिया है।

साथियों,

पिछले 10-11 साल में भारत हर सेक्टर में बदला है, हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है। और एक बड़ा बदलाव सोच का आया है। आज़ादी के बाद के अनेक दशकों तक, भारत में ऐसी सोच को बढ़ावा दिया गया, जिसमें सिर्फ विदेशी को ही बेहतर माना गया। दुकान में भी कुछ खरीदने जाओ, तो दुकानदार के पहले बोल यही होते थे – भाई साहब लीजिए ना, ये तो इंपोर्टेड है ! आज स्थिति बदल गई है। आज लोग सामने से पूछते हैं- भाई, मेड इन इंडिया है या नहीं है?

साथियों,

आज हम भारत की मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस का एक नया रूप देख रहे हैं। अभी 3-4 दिन पहले ही एक न्यूज आई है कि भारत ने अपनी पहली MRI मशीन बना ली है। अब सोचिए, इतने दशकों तक हमारे यहां स्वदेशी MRI मशीन ही नहीं थी। अब मेड इन इंडिया MRI मशीन होगी तो जांच की कीमत भी बहुत कम हो जाएगी।

|

साथियों,

आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान ने, देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को एक नई ऊर्जा दी है। पहले दुनिया भारत को ग्लोबल मार्केट कहती थी, आज वही दुनिया, भारत को एक बड़े Manufacturing Hub के रूप में देख रही है। ये सक्सेस कितनी बड़ी है, इसके उदाहरण आपको हर सेक्टर में मिलेंगे। जैसे हमारी मोबाइल फोन इंडस्ट्री है। 2014-15 में हमारा एक्सपोर्ट, वन बिलियन डॉलर तक भी नहीं था। लेकिन एक दशक में, हम ट्वेंटी बिलियन डॉलर के फिगर से भी आगे निकल चुके हैं। आज भारत ग्लोबल टेलिकॉम और नेटवर्किंग इंडस्ट्री का एक पावर सेंटर बनता जा रहा है। Automotive Sector की Success से भी आप अच्छी तरह परिचित हैं। इससे जुड़े Components के एक्सपोर्ट में भी भारत एक नई पहचान बना रहा है। पहले हम बहुत बड़ी मात्रा में मोटर-साइकल पार्ट्स इंपोर्ट करते थे। लेकिन आज भारत में बने पार्ट्स UAE और जर्मनी जैसे अनेक देशों तक पहुंच रहे हैं। सोलर एनर्जी सेक्टर ने भी सफलता के नए आयाम गढ़े हैं। हमारे सोलर सेल्स, सोलर मॉड्यूल का इंपोर्ट कम हो रहा है और एक्सपोर्ट्स 23 गुना तक बढ़ गए हैं। बीते एक दशक में हमारा डिफेंस एक्सपोर्ट भी 21 गुना बढ़ा है। ये सारी अचीवमेंट्स, देश की मैन्युफैक्चरिंग इकोनॉमी की ताकत को दिखाती है। ये दिखाती है कि भारत में कैसे हर सेक्टर में नई जॉब्स भी क्रिएट हो रही हैं।

साथियों,

TV9 की इस समिट में, विस्तार से चर्चा होगी, अनेक विषयों पर मंथन होगा। आज हम जो भी सोचेंगे, जिस भी विजन पर आगे बढ़ेंगे, वो हमारे आने वाले कल को, देश के भविष्य को डिजाइन करेगा। पिछली शताब्दी के इसी दशक में, भारत ने एक नई ऊर्जा के साथ आजादी के लिए नई यात्रा शुरू की थी। और हमने 1947 में आजादी हासिल करके भी दिखाई। अब इस दशक में हम विकसित भारत के लक्ष्य के लिए चल रहे हैं। और हमें 2047 तक विकसित भारत का सपना जरूर पूरा करना है। और जैसा मैंने लाल किले से कहा है, इसमें सबका प्रयास आवश्यक है। इस समिट का आयोजन कर, TV9 ने भी अपनी तरफ से एक positive initiative लिया है। एक बार फिर आप सभी को इस समिट की सफलता के लिए मेरी ढेर सारी शुभकामनाएं हैं।

मैं TV9 को विशेष रूप से बधाई दूंगा, क्योंकि पहले भी मीडिया हाउस समिट करते रहे हैं, लेकिन ज्यादातर एक छोटे से फाइव स्टार होटल के कमरे में, वो समिट होती थी और बोलने वाले भी वही, सुनने वाले भी वही, कमरा भी वही। TV9 ने इस परंपरा को तोड़ा और ये जो मॉडल प्लेस किया है, 2 साल के भीतर-भीतर देख लेना, सभी मीडिया हाउस को यही करना पड़ेगा। यानी TV9 Thinks Today वो बाकियों के लिए रास्ता खोल देगा। मैं इस प्रयास के लिए बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं, आपकी पूरी टीम को, और सबसे बड़ी खुशी की बात है कि आपने इस इवेंट को एक मीडिया हाउस की भलाई के लिए नहीं, देश की भलाई के लिए आपने उसकी रचना की। 50,000 से ज्यादा नौजवानों के साथ एक मिशन मोड में बातचीत करना, उनको जोड़ना, उनको मिशन के साथ जोड़ना और उसमें से जो बच्चे सिलेक्ट होकर के आए, उनकी आगे की ट्रेनिंग की चिंता करना, ये अपने आप में बहुत अद्भुत काम है। मैं आपको बहुत बधाई देता हूं। जिन नौजवानों से मुझे यहां फोटो निकलवाने का मौका मिला है, मुझे भी खुशी हुई कि देश के होनहार लोगों के साथ, मैं अपनी फोटो निकलवा पाया। मैं इसे अपना सौभाग्य मानता हूं दोस्तों कि आपके साथ मेरी फोटो आज निकली है। और मुझे पक्का विश्वास है कि सारी युवा पीढ़ी, जो मुझे दिख रही है, 2047 में जब देश विकसित भारत बनेगा, सबसे ज्यादा बेनिफिशियरी आप लोग हैं, क्योंकि आप उम्र के उस पड़ाव पर होंगे, जब भारत विकसित होगा, आपके लिए मौज ही मौज है। आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

धन्यवाद।