Quoteಪೌರತ್ವ ಕಾಯ್ದೆ: ಭಾರತೀಯ ಪ್ರಜೆಗಳಿಗೆ ಕಾನೂನಿನಿಂದ ಯಾವುದೇ ತೊಂದರೆ ಇಲ್ಲ ಎಂದು ಪ್ರಧಾನಿ ಸ್ಪಷ್ಟಣೆ ನೀಡಿದ್ದಾರೆ, ಕಾಂಗ್ರೆಸ್ ಭಯದ ವಾತಾವರಣ ನಿರ್ಮಾಣ ಮಾಡುತ್ತಿದೆ ಎಂದು ಟೀಕಿಸಿದರು
Quoteಪೌರತ್ವ ತಿದ್ದುಪಡಿ ಕಾಯ್ದೆ ಯಾವುದೇ ಭಾರತೀಯ ಪ್ರಜೆಗಳ‌ ಹಕ್ಕುಗಳನ್ನು ಮೊಟಕುಗೊಳಿಸುವುದಿಲ್ಲ ಅಥವಾ ಯಾರಿಗೂ ತೊಂದರೆ ಆಗುವುದಿಲ್ಲ: ಪ್ರಧಾನಿ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ
Quoteಕಾಂಗ್ರೆಸ್ ಮತ್ತು ಅದರ ಮಿತ್ರ ಪಕ್ಷಗಳು ರಾಜಕೀಯ ಉದ್ದೇಶಕ್ಕಾಗಿ ಮುಸ್ಲಿಮರನ್ನು ಪ್ರಚೋದಿಸುತ್ತಿವೆ ಮತ್ತು ದೇಶದ ಹಲವು ಭಾಗಗಳಲ್ಲಿ ಅಶಾಂತಿ ಮೂಡಿಸುತ್ತಿವೆ : ಜಾರ್ಖಂಡ್ ಚುನಾವಣಾ ಸಭೆಯಲ್ಲಿ ಪ್ರಧಾನಿ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ
Quoteಜಾರ್ಖಂಡ್ ನಲ್ಲಿ ಪ್ರಧಾನಿ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ಸಂವಿಧಾನದ ಕಲಂ 370 ರದ್ದತಿ ವಿಷಯದಲ್ಲಿ ಪ್ರತಿ ಪಕ್ಷಗಳು ರಾಜಕಾರಣ ಮಾಡುತ್ತಿವೆ ಎಂದು ಆರೋಪಿಸಿದರು
Quoteಸಿಎಎ ಪ್ರತಿಭಟನೆಗಳ ಕುರಿತು ಪ್ರಧಾನಿ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ, ನಾನು ಯುವಕರಲ್ಲಿ‌ ಮನವಿ ಮಾಡುವುದೆಂದರೆ ನಮ್ಮ ನೀತಿಗಳ ಕುರಿತು ಚರ್ಚೆ ಮಾಡಿ, ಪ್ರಜಾಪ್ರಭುತ್ವದ ರೀತಿಯಲ್ಲಿ ಪ್ರತಿಭಟನೆ ಮಾಡಿ ಎಂದು.

भारत माता की जयभारत माता की जयभारत माता की जय। अभी-अभी यहां आने से पहले मुझे अमर शहीद सिद्धू कान्हूचांद भैरव को श्रद्धांजलि अर्पण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। आपको लगा होगा कि हेलिकॉप्टर तो आ गया प्रधानमंत्री क्यों नहीं आए लेकिन प्रधानमंत्री तो वहां सर झुकाने के लिए चले गए थे। ये मेरा एक और सौभाग्य है कि इस बार के झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए आज ये मेरी अंतिम सभा वीरों की माटी और बाबा बागेश्वर नाथ के सानिध्य में हो रही है। ऐसे ही वीर-वीरांगनाओं के आशीर्वाद से भाजपा सरकार पूरे देश में आदिवासी सेनानियों से जुड़े संग्रहालय बना रही हैम्यूजियम बना रही है।

भारत के स्वतंत्रता संग्राम मेंभारत के निर्माण मेंहिंदुस्तान के हर कोने में इन आदिवासी वीरों के योगदान को भारत हमेशा-हमेशा याद रखेगा। आने वाली पीढ़ियां इनसे प्रेरित हों यही हमारी कामना है। मैं ऐसी तमाम पुण्य आत्माओं को नमन करता हूंउनके संघर्ष को प्रणाम करता हूं। साथियोझारखंड में चार चरणों का मतदान हो चुका है और हर चरण में भारी मतदान हुआ हैशांतिपूर्ण मतदान हुआ है। झारखंड के मतदाताओं ने डर और भय से मुक्त होकर मतदान किया है। इस बार भी हर तरफ एक ही आवाज है झारखंड पुकारा भाजपा दोबाराझारखंड पुकारा भाजपा दोबाराझारखंड पुकारा भाजपा दोबारा। भाइयो और बहनो, ये आवाज इसलिए बुलंद हुई है क्योंकि कमल के फूल से झारखंड को विकास और सुरक्षा की गारंटी मिली है। जब कमल का फूल खिलता है तो गरीब का भला होता हैमहिलाओं का भला होता हैयुवाओं का भला होता हैआदिवासियों का भला होता हैपिछड़े इलाकों का भला होता हैपूरे समाज का भला होता है।

|

साथियोजब से भाजपा कीएनडीए की सरकार देश में है तब से हर वर्गहर संप्रदाय के हित में ही हमने काम किया है। झारखंड सहित पूरे देश के करोड़ों किसान परिवारों के बैंक खातों में अगर 36 हजार करोड़ रुपए सीधे जमा हो चुके हैं तो ये हर वर्गहर संप्रदाय के किसानों के खाते में जमा हुए हैंकोई भेदभाव नहीं होने दिया है। देश भर के करोड़ों गरीब किसानोंखेत मजदूरोंअसंगठित क्षेत्र के श्रमिकोंछोटे-छोटे दुकानदारोंकारोबारियों को 3 हजार रुपए की पेंशन की सुविधा मिली है तो ये भी बिना भेदभाव के सभी को मिली है। झारखंड सहित देश भर की आठ करोड़ से अधिक बहनो को पहली बार मुफ्त गैस कनेक्शन मिला है। ये आदिवासी को भी मिलापिछड़े को भी मिलादलित को भी मिलासामान्य वर्ग को भी मिलाहर पंथ और संप्रदाय के लोगों को भी इसका लाभ मिल रहा है। देश के करीब दो करोड़ गरीबों और झारखंड के 10 लाख गरीबों के लिए अगर घर बने तो ये भी बिना भेद के किया जा रहा है। जिसके पास नहीं है उन सबको मिलेपक्का घर मिले इसलिए हम काम कर रहे हैं। आयुष्मान भारत के तहत हर वर्ष पांच लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज भी हर गरीब को मिल रहा हैइस योजना से पूरे देश के करीब 67 लाख और झारखंड के 2 लाख से ज्यादा गरीब परिवारों का मुफ्त इलाज हो ही चुका है।

भाइयो-बहनोजब गरीब कोआदिवासी को लगता है कि मेरा कोई अपना है जो दिल्ली में बैठकर उसका ध्यान रख रहा हैउसके बच्चों का ध्यान रख रहा है तो गरीब से गरीब जंगलों में रहने वाला मेरा भाईमेरी बहनेमेरी माताएं हम पर भरपूर आशीर्वाद बरसाती हैं। आप देखिए इतनी दूर-दूर से जहां भी मेरी नजर जाती है लोग ही लोग हैं। इतनी बड़ी तादाद में आप यहां मुझे आशीर्वाद देने आए हैंहम सबको आशीर्वाद देने आए हैं। आपका यही स्नेहयही आशीर्वाद तो जेएमएमकांग्रेसआरजेडी और देश भर के वामपंथियों को परेशान करता है उनकी नींद हराम कर देता है। मोदी कोभाजपा को मिल रहा देश का प्यार इनको पच नहीं रहा हैइनको ये समझ ही नहीं आ रहा है कि जिन बातों को लेकर दशकों तक देश को इन्होंने डराया वो आखिर झूठ क्यों साबित हुईंसब झूठ चलाया था अब सच उजागर हो कर के सामने आ गया है कि अगर सबसे ज्यादा सुरक्षा कहीं है तो ये भाजपा की सरकारों में ही है। वे आखिर इस बात से परेशान हैं कि आखिर जिन मामलों को दशकों तक लटकाए रखाऐसे मसले जो लटके पड़े थेलोगों को भी चिंतित कर देते थेउत्तेजित कर देते थेपरेशान कर देते थे। ऐसे उलझे हुए मामलों को आज मोदी ने कैसे सुलझा दिया।

साथियोये हमारे बरहेट में राम-जानकी विराजमान हैं और भगवान राम जी ने 14 साल वनवास में आदिवासियों के बीच में अपनी जिंदगी गुजारी थी और इसलिए यहां भव्य श्रद्धा केंद्रराम जी का मंदिर है। अब आप मुझे बताइएअयोध्या में राम जन्मभूमि का मामला इतने सालों से लटकता रहाइसका समाधान होना चाहिए था कि नहीं होना चाहिए थाये मसला शांति से सुलझना चाहिए था कि नहीं सुलझना चाहिए थासत्य के मार्ग पर सबको चलना चाहिए था कि नहीं चलना चाहिए था लेकिन क्यों नहीं हुआक्योंकि वो वही काम करते थे जिसमें उनकी राजनीति की रोटियां सिंकती रहें। इसलिए नहीं हुआ क्योंकि इसका हल कांग्रेस और उसके साथी कभी नहीं चाहते थेलटकाना-भटकाना इसी में उनकी राजनीति की खिचड़ी पकती थी। वो राजनीति करते रहेसबको डराते रहे और देश अयोध्या में राम मंदिर का इंतजार करता रहा। मेरे प्यारे भाइयो-बहनोहम राष्ट्रनीति पर चले और अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर के निर्माण का रास्ता आज साफ हो गया भाइयो-बहनो। कहीं कोई तनाव हुआ क्याकोई दंगा हुआ क्यामारपीट हुई क्याशांति से हुआ कि नहीं हुआदेश में सब काम शांति से होने चाहिए कि नहीं होने चाहिएअब मोदी शांति से सब करने की कोशिश कर रहा है तो उनके पेट में चूहे दौड़ रहे हैं।

|

भाइयो-बहनोआर्टिकल 370 को लेकर भी इन्होंने यही डर दिखायाअगर 370 को हाथ लगाएंगे तो करंट लग जाएगाबवाल हो जाएगादेश का टुकड़ा हो जाएगा। यही बोलते थे नायही डर दिखाते थे नाउन्होंने जम्मू कश्मीर में अलगाव को बढ़ने दियाआतंकवाद को बढ़ने दियावहां से पंडित लोग निकाले गएये देखते रह गए लेकिन निर्णय नहीं कियाफैसला नहीं लिया। आपने जब इस सेवक को फिर आदेश दिया तो आर्टिकल 370 भी निकल गया और शांतिपूर्ण तरीके से आज कश्मीर आगे बढ़ गया। साथियोआपने इस डर कोइस छल को नकार दिया। पूरे देश ने कांग्रेस और उसके साथियों की नकारात्मक सोच को ही नकार दिया। लेकिन साथियोलोगों को डराने कोझूठी बातें फैलाने को उन्होंने अपनी राजनीति का आधार बना दिया है।

जनता की सेवा कर के राजनीति नहीं कर सकतेझूठ फैला कर के हीडर का माहौल फैला कर के ही वे अपनी राजनीति करने की अपनी आदत अभी भी उसी के भरोसे चल रहे हैं। अब देखिए नागरिकता संशोधन कानून को लेकर फिर से ये सफेद झूठ बोलने लगे हैंलोगों को डराने लगे हैं। कांग्रेस और उसके जैसे दलों और उसके वामपंथी इको सिस्टम ने पूरी ताकत झोंक दी है भारत के मुसलमानों को डराने के लिए। ये लोग देश में झूठ और डर का माहौल बना रहे हैंहिंसा फैला रहे हैं जबकि ये बात पत्थर की लकीर की तरह साफ है कि नागरिकता संशोधन कानून से भारत के एक भी नागरिक कोचाहे वो हिंदू होमुसलमान होइसाई हो या पारसी होकिसी की भी नागरिकता पर कोई असर नहीं होगा। ये मेरी बात आपको समझ में आ गईबराबर आ गईमैंने साफ-साफ बताया कि नहीं बतायासंसद में भी बताया थाआपको समझ में आता है उनको समझ में नहीं आता है क्योंकि उनकी राजनीति की खिचड़ी नहीं पक रही है।

भाइयो-बहनोफिर भी कांग्रेस और उसके साथी झूठ फैला रहे हैंअफवाह फैला रहे हैंअपप्रचार कर रहे हैं। साथियोआज झारखंड की इस धरती सेइन वीर पुत्रों की धरती से देश के लिए मर मिटने वाले इन शहीदों की धरती से मैं फिर एक बार पूरे देश कोदेश के हर एक नागरिक को चाहे हिंदू होमुसलमान होहर किसी को फिर से कहना चाहता हूं कि इस कानून से किसी भी भारतीय नागरिक की नागरिकता पर कोई असर नहीं होगा। हमने जो कानून बनाया है ये तो हमारे पड़ोस के तीन देशों मेंबांग्लादेशपाकिस्तानअफगानिस्तानतीन देशों में धार्मिक अत्याचार की वजह से भारत आने वाले लोगों के लिए हमने कानून बनाया है। ये उन लोगों के लिए बनाया गया है जो बरसों से बहुत ही दयनीय स्थिति में हैंजिनके पास वापसी का कोई रास्ता ही नहीं है। मैं पूछना चाहता हूं कि आखिर इसमें भारतीय मुसलमानों या किसी भी भारतीय नागरिक के अधिकारों का हनन कहां होता है। क्यों झूठ बोल रहे होक्यों झूठ फैला रहे होक्यों देश को बर्बाद करने में तुले हुए हो।

साथियोनागरिकता संशोधन कानून ना किसी भारतीय का अधिकार छीनता है ना ही उसे किसी तरह का नुकसान पहुंचाता है लेकिन फिर भी कांग्रेस और उसके साथी इस मुद्दे पर मुसलमानों को भड़काने काडराने काभयभीत करने का प्रयास करके अपनी राजनीतिक खिचड़ी पकाना चाहते हैं। भाइयो-बहनोकांग्रेस की बांटो और राज करो इसी नीति की वजह से देश का एक बार बंटवारा हो चुका हैमां भारती के टुकड़े पहले हो चुके हैंयही कांग्रेस है। जितने अवैध तरीके से लाखों घुसपैठियों को भारत में घुसने दियायहां उनको वोट बैंक के नाते इस्तेमाल कियाघुसपैठियों के कारण जो समस्याएं पैदा हुई हैं उसके लिए भी कांग्रेस और उसके साथी दल जो इतने सालों तक सत्ता भोगते रहे वो ही जिम्मेदार हैं।

|

साथियोमैं कांग्रेस सहित उन तमाम दलों को इस वीरों की धरती से आज चुनौती देता हूं। साथियोबताइएचुनौती दूं या ना दूंआपके आशीर्वाद हैं नाये वीरों की भूमि से आवाज उठनी चाहिए कि नहीं उठनी चाहिएमैं आज कांग्रेस और उनके जितने चेले-चपाटे हैंजितने उनके साथी दल हैं उनको आज खुले आम चुनौती देता हूंअगर उनमें हिम्मत है तो वो खुल कर के घोषणा करें कि वो पाकिस्तान के हर नागरिक को भारत में नागरिकता देने के लिए तैयार हैंकह दें जरादेश उनका हिसाब चुकता कर देगा। इतना ही नहीं अगर कांग्रेस में साहस है तो वो ये भी खुलकर घोषणा करें कि वो जम्मू कश्मीर और लद्दाख में फिर से आर्टिकल 370 को लागू करेंगेबोलो जराहिम्मत हो तो बोलो। मोदी ने हटाया है आप वापस लाने का देश के सामने घोषणा करके दिखाओगुमराह कर रहे हैं लोगों को?

अगर कांग्रेस में हिम्मत है, अगर कांग्रेस के साथियों में हिम्मत है तो वो ये भी खुलकर के घोषणा करें कि तीन तलाक के खिलाफ जो कानून बना है उसे वो रद्द कर देंगे, जरा हिम्मत के साथ बताओ। कांग्रेस इस चुनौती को स्वीकार करे, खुल कर के ऐलान करे वरना देश से झूठ बोलना, देश में भ्रम फैलाना, दूसरों को अपनी ढाल बनाकर ये गोरिल्ला राजनीति करना बंद कर दें। मैं कांग्रेस और उनके साथियो को ये भी कहना चाहता हूं वो देश के युवाओं को बर्बाद करने के ये खेल खेलना बंद कर दें, किसी का भला नहीं होगा, देश के उज्जवल भविष्य का भला नहीं होगा। जिन मां-बाप ने गाढ़ी मजदूरी करके बच्चों को पढ़ने के लिए भेजा है, उन मां-बाप के सपनों को तहस-नहस करने का पाप अपनी राजनीति के लिए मत करो। देश देख रहा है कैसे सफाई से कांग्रेस ने सिटिजनशिप एमेंडमेंट कानून, नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के बारे में बोलना ही बंद कर दिया है लेकिन दूसरे मुद्दों को उछाल कर के, उसके पीछे छिप कर के डर फैलाना, भ्रम फैलाना, गंदी राजनीति को हवा देना शुरू कर दिया है।

मैं फिर से स्पष्ट कर दूं भारत की सरकार का एक ही पवित्र ग्रंथ है, बाबा साहब अंबेडकर का दिया हुआ भारत का संविधान, यही हमारा ग्रंथ है। हमारे लिए एक ही मंत्र सर्वोपरि है, एक ही मंत्र हमारी प्रेरणा है, एक ही हमारा मंत्र हमें पुरुषार्थ करने के लिए प्रेरित करता है और वो मंत्र है भारत माता की जय। हम सिर्फ और सिर्फ भारत माता की जय, इस मंत्र के लिए जी रहे हैं, जूझ रहे हैं और जी-जान से जुटे हुए हैं। इनके दायरे में लिए गए हर फैसले के साथ मां भारती के कल्याण के लिए, मां भारती के जय-जयकार के लिए गए हर फैसले के साथ ये आपका सेवक खड़ा रहेगा।

मैं देश के कॉलेजों और युनिवर्सिटी के युवा साथियों से भी आग्रह है कि आप अपने महत्व को समझेंआपके जीवन के इस मूल्यवान समय को समझेंजहां आप पढ़ रहे हैं उन संस्थानों के महत्व को समझें। सरकार के फैसले और नीतियों को लेकर चर्चा करेंडिबेट करेंआप को कुछ गलत लगता है तो लेकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करेंसरकार तक अपनी बात पहुंचाएं। ये सरकार आपकी हर बातआपकी हर भावना को सुनती हैसमझती है लेकिन आपको ये भी समझना होगा कि कहीं कुछ दलकथित अर्बन नक्सलकही अपने आप को बुद्धिजीवी कहने वाले लोग आपके कंधे पर बंदूकें चलाकर अपना राजनीतिक उल्लू तो सीधा तो नहीं कर रहे हैंआपकी बर्बादी करने के पीछे इनका षड्यंत्र नहीं है। याद रखिएगा और ये देश 20 साल से देख रहा हैउन्हें सिर्फ और सिर्फ मोदी से नफरत है। देशहित से जुड़ा कोई भी मुद्दा होवो मोदी के प्रति उनकी जो नफरत है उससे आगे देख ही नहीं पाते हैं।

भाइयो-बहनोजेएमएमकांग्रेसआरजेडी और वामपंथियों के सिर्फ नाम अलग हैंइनकी सोच और कारनामे एक जैसे ही हैं। इन्होंने झारखंड के निर्माण को लेकर भी तो इसी तरह झूठ और डर की राजनीति की थी। झारखंड जब बिहार का हिस्सा था तब इन्होंने वहां के लोगों से झूठ बोलाउनको डराया लेकिन आपके संघर्ष और भाजपा की प्रतिबद्धता के कारण ही आज झारखंड देश के विकास में अहम भागीदारी निभा रहा है। हालांकि आदिवासियों कोपिछड़ों कोदलितों को डराने का काम आज भी कांग्रेसजेएमएम और आरजेडी वाले पहले की तरह कर ही रहे हैंफिर यहां झूठ प्रचार किया जा रहा है। कहीं पिछड़ों को डरा रहे हैं तो कहीं आदिवासियों को डरा रहे हैं। भाइयो-बहनोमैं सिद्धू कान्हू की इस धरती से पूरे जनजातीय समाज कोआदिवासी साथियो को फिर एक बार आश्वस्त करता हूं कि आपके जलआपके जंगल और आपके जमीन पर कोई आंच नहीं आएगी। आपके साथ आपके विश्वास से ही यहां का विकास होगा। आपको मालूम है ना ये लगातार कहते रहते थे मोदी आएगा तो आरक्षण चला जाएगा। ये झूठ फैलाते थे कि नहीं फैलाते थेये झूठ बोलते थे कि नहीं बोलते थेदिन-रात बोलते थे कि नहीं बोलते थेअभी हमने पार्लियामेंट में आरक्षण के कानून को फिर से आगे बढ़ा दियाफिर दस साल के लिए आगे बढ़ाने का काम ये मोदी सरकार ने पिछले हफ्ते कर दिया हैअब उनकी बोलती बंद हो गईउनके मुंह पर ताला लग गयाइनका एक झूठ चलने वाला नहीं है।

|

साथियो, भाजपा का संकल्प, हमारा एक ही संकल्प है देश का विकास हो, झारखंड का विकास हो। भाजपा आपके हित और आपके सपनों को पूरा करने के लिए समर्पित है, यही कारण है कि आपकी मूल समस्याओं पर हम ध्यान दे रहे हैं। बीते पांच वर्षों में सड़क और बिजली जैसे काम पर हमने ध्यान दिया, बहनो को शौचालय और गैस कनेक्शन की सुविधा दी। आने वाले पांच वर्षों में अब उसी तरह पूरे समर्पण भाव से हम घर-घर पानी पहुंचाने के काम पर जुटे हैं। साल 2024 तक हर घर जल, ये पहुंचे इसके लिए हम काम कर रहे हैं। किसान को, हमारी बहनो को पानी के लिए परेशान ना होना पड़े, ये काम भारतीय जनता पार्टी ये कमल के फूल वाली सरकार कर रही है। इसके लिए हम अलग से मंत्रालय बनाकर और जल-जीवन मिशन के तहत हमने काम शुरू भी कर दिया है। इसके तहत आने वाले पांच वर्षों में साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिसमें से झारखंड को 200 करोड़ से अधिक स्वीकृत भी हो चुके हैं। ये पैसा ठीक से यहां लगे, यहां ठीक से पानी की पाइप गांव-गांव तक पहुंचे इसके लिए यहां भाजपा सरकार बनाना बहुत जरूरी है वरना लूटने वालों की सरकार अगर बन गई तो वो आपको पानी तो नहीं देंगे, आपके हक के इस पैसे को भी लूट लिया जाएगा। इनकी नीयत अगर आपको पानी देने की होती तो आपको पाइप से पानी के लिए इतना इंतजार नहीं करना पड़ता। एक बार साफ पानी आपके घर पहुंचा तो अनेक बीमारियां अपने आप दूर हो जाएंगी। 

साथियो, ये क्षेत्र तो गुमानी और मेराल की धारा से समृद्ध है, आपको मां गंगा का आशीर्वाद भी मिला है। यह पानी का उपयोग पीने और सिंचाई के साथ-साथ रोजगार के लिए भी उपयोग हो सकता है, ये सोच भी कांग्रेस और जेएमएम सरकारों को कभी नहीं आई। आजादी से पहले तो यहां से खूब व्यापार, कारोबार विदेशों के लिए होता था लेकिन आजादी के बाद कांग्रेस जेएमएम की सरकारों ने इसको भी ठप कर दिया। भाइयो-बहनो, भाजपा सरकार ने ही गंगा के पानी को परिवहन के लिए, यातायात के लिए उपयोग करने का बीड़ा उठाया है। हल्दिया से वाराणसी तक गंगा जी पर जहाज चलने का रास्ता साफ हो चुका है। यहां साहिबगंज में भी मल्टीमॉडल टर्मिनल बनाने का काम आज तेजी से चल रहा है। इससे साहिबगंज, देश और विदेश के तमाम हिस्सों में पानी के रास्ते जुड़ जाएगा, इसका लाभ यहां के कोयला आधारित उद्योगों को भी मिलेगा। स्टोन चिप्स, खाद, सीमेंट और चीनी के साथ-साथ अन्य सामानों की धुलाई भी आसानी से हो पाएगी यानी यहां नए उद्योगों के लिए, व्यापार-कारोबार के लिए नए रास्ते खुलेंगे। साथियो, इस इलाके के विकास को प्राथमिकता देते हुए यहां रेलवे सहित आवाजाही की तमाम दूसरी सुविधाओं को भी सशक्त किया जा रहा है। यहां जो गंगा जी पर पुल निर्माण की शुरुआत होनी है उसको लेकर दिक्कतों को भी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। साथियो, यहां पहले से ही अनेक प्राचीन मंदिर हैं, यहां प्राचीन जीवात्मा भी है। ऐसे में जब कनेक्टिविटी सुधरेगी, पर्यटन उद्योग का भी विस्तार होगा तो इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर बनेंगे।

भाइयो-बहनो, भाजपा की सरकार झारखंड को रेशम का, कपड़े का हब भी बनाना चाहती है, इसके लिए बीतें पांच वर्षों में करोड़ों रुपए की मदद झारखंड को दी गई है। इसी का परिणाम है कि पहले जहां हर वर्ष 2 हजार मीट्रिक टन का उत्पादन होता था अब करीब-करीब 2700 मीट्रिक टन उत्पादन होता है। इसी का परिणाम है कि बीते पांच वर्षों में सिर्फ रेशम उद्योग में ही पौने 2 लाख नए रोजगार मिले हैं। भाजपा की सरकार यहां रेशम उत्पादन की ईकाइयों को सशक्त बनाने में जुटी है। वन विभाग और जनजातीय विभाग मिलाकर रेशम के उत्पादन और उसको नया बाजार देने के लिए काम करे, इसके लिए अनेक काम किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं यहां के हजारों बुनकर परिवारों को हस्तशिल्पियों को पहली बार आईडी कार्ड दिए गए हैं। उनको मशीनों के लिए, कच्चे माल के लिए बैंकों से ऋण लेना अब आसान हुआ है।

|

मुद्रा योजना के तहत उनको बिना गारंटी का ऋण मिल पा रहा है। साथियोहमारा प्रयास है कि गांव की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को सशक्त किया जाएइसके लिए हम निरंतर नई-नई योजनाओं पर काम कर रहे हैं। उज्जवला योजना से सबसे ज्यादा लाभ किसका हुआहमारी माताओ-बहनो का हुआहमारी बहन-बेटियो को हुआ। शौचालय का सबसे ज्यादा लाभ किसको हुआहमारी बहन-बेटियो को हुआ। मुद्रा योजना से सबसे ज्यादा लाभ हुआ हमारी बहन-बेटियो कोयहां तक कि प्रधानमंत्री आवास योजना से भी घर की मालकिन बनने का हक मिलावो भी हमारी बहन-बेटियो को मिला। यहां की भाजपा सरकार ने तो इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए एक रुपए में ही महिलाओं के नाम रजिस्ट्री करने की सुविधा भी कर दी है।

भाइयो-बहनोयही नहीं हम सखी मंडलों को भी ताकत दे रहे हैंउनको स्वरोजगार से जोड़ रहे हैं। ये भाजपा की ही सरकार है जिसने महिलाओं को खानों के अंदर काम करने का रास्ता साफ कर दिया हैइससे जुड़ा कानून बनाया है इससे झारखंड की इन सभी बहनो को सबसे अधिक लाभ हो रहा है। साथियोभाजपा का प्रयास है कि आदिवासी क्षेत्रों के बेटे-बेटियां खूब पढ़ेंखेलों में भी आगे बढ़ें। इसके लिए झारखंड के हर ब्लॉक में एकलव्य मॉडल स्कूल की सुविधा तैयार की जा रही है। जंगल से जो उपज आदिवासी परिवार इकट्ठा करते हैं उसके अधिक दाम मिलें इसके लिए वन-धन केंद्र बनाए जा रहे हैं।

भाइयो-बहनोमुफ्त इलाज होगैस कनेक्शन होकिसानों को मिल रहा पैसा होपक्का घर हो ऐसी अनेक सुविधाओं को जारी रखने के लिए भाजपा की सरकार बहुत जरूरी है। आपका आने वाला 50 साल का भविष्य तय करने के लिए ये पांच वर्ष बहुत महत्वपूर्ण हैं वरना जहां भाजपा सरकार नहीं है वहां के लोगों तक ये सुविधाएं पहुंचने में रोड़े अटकाए जा रहे हैंदीवारें खड़ी की जा रही हैंमैं दिल्ली से कितना ही जोर लगाऊं वो राजधानी में भी अटका कर के बैठ जाते हैं। झारखंड का तेज विकास तभी संभव है जब दिल्ली और रांची में दोनों एक ही सोच वालीएक ही उद्देश्य वाली डबल इंजन की सरकारें हों। इसी को ध्यान में रखते हुए आपको फूल छाप पर बटन दबाना है। याद रखिए आपका वोट सिर्फ विधायक बनाने के लिए नहीं हैसिर्फ मुख्यमंत्री बनाने के लिए नहीं हैविकास कर के दिखाने वाली सरकार बनाने के लिए है। आपका वोट सिर्फ झारखंड को ही नहीं बल्कि मुझे भी मजबूत करेगा और इसलिए मैं आप सबसे फिर से एक बार आग्रह करता हूं कि आप बड़ी संख्या में जा कर के आखिरी चरण का जब मतदान है तो कमल के फूल पर बटन दबाकर के भारतीय जनता पार्टी को और मुझे आपकी सेवा करने का मौका दीजिए। फिर एक बार आप सभी काझारखंड के हर साथी का बहुत-बहुत आभार। भारत माता की जयभारत माता की जयभारत माता की जयबहुत-बहुत धन्यवाद।

  • krishangopal sharma Bjp January 13, 2025

    नमो नमो 🙏 जय भाजपा 🙏🌷🌷🌷🌷🌷🌹🌷🌷🌷🌷🌹🌷🌷🌹🌷🌷🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷
  • krishangopal sharma Bjp January 13, 2025

    नमो नमो 🙏 जय भाजपा 🙏🌷🌷🌷🌷🌷🌹🌷🌷🌷🌷🌹🌷🌷🌹🌷🌷🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹
  • krishangopal sharma Bjp January 13, 2025

    नमो नमो 🙏 जय भाजपा 🙏🌷🌷🌷🌷🌷🌹🌷🌷🌷🌷🌹🌷🌷🌹🌷🌷🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷
  • Jitender Kumar MP June 06, 2024

    Jitender Kumar from Musepur
  • Jitender Kumar MP June 06, 2024

    Jitender Kumar
  • Jitender Kumar February 18, 2024

    want justice 🇮🇳🙏
  • Jitender Kumar February 18, 2024

    want ♎
  • Jitender Kumar February 18, 2024

    pending bills with lot of mental torchure no job lost my career. State vs Jitender
  • Jitender Kumar February 18, 2024

    want Justice either Jail or clarity in case. judges changes case is changes ipc 304 to 302 to 306 to 307 I don't know what is happening
  • Jitender Kumar February 18, 2024

    case pending in Saket court State vs Jitender
Explore More
78ನೇ ಸ್ವಾತಂತ್ರ್ಯ ದಿನಾಚರಣೆಯ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಕೆಂಪು ಕೋಟೆಯಿಂದ ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಶ್ರೀ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ಅವರು ಮಾಡಿದ ಭಾಷಣದ ಕನ್ನಡ ಅನುವಾದ

ಜನಪ್ರಿಯ ಭಾಷಣಗಳು

78ನೇ ಸ್ವಾತಂತ್ರ್ಯ ದಿನಾಚರಣೆಯ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಕೆಂಪು ಕೋಟೆಯಿಂದ ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಶ್ರೀ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ಅವರು ಮಾಡಿದ ಭಾಷಣದ ಕನ್ನಡ ಅನುವಾದ
Prachand LCH: The game-changing indigenous attack helicopter that puts India ahead in high-altitude warfare at 21,000 feet

Media Coverage

Prachand LCH: The game-changing indigenous attack helicopter that puts India ahead in high-altitude warfare at 21,000 feet
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Today, India is not just a Nation of Dreams but also a Nation That Delivers: PM Modi in TV9 Summit
March 28, 2025
QuoteToday, the world's eyes are on India: PM
QuoteIndia's youth is rapidly becoming skilled and driving innovation forward: PM
Quote"India First" has become the mantra of India's foreign policy: PM
QuoteToday, India is not just participating in the world order but also contributing to shaping and securing the future: PM
QuoteIndia has given Priority to humanity over monopoly: PM
QuoteToday, India is not just a Nation of Dreams but also a Nation That Delivers: PM

श्रीमान रामेश्वर गारु जी, रामू जी, बरुन दास जी, TV9 की पूरी टीम, मैं आपके नेटवर्क के सभी दर्शकों का, यहां उपस्थित सभी महानुभावों का अभिनंदन करता हूं, इस समिट के लिए बधाई देता हूं।

TV9 नेटवर्क का विशाल रीजनल ऑडियंस है। और अब तो TV9 का एक ग्लोबल ऑडियंस भी तैयार हो रहा है। इस समिट में अनेक देशों से इंडियन डायस्पोरा के लोग विशेष तौर पर लाइव जुड़े हुए हैं। कई देशों के लोगों को मैं यहां से देख भी रहा हूं, वे लोग वहां से वेव कर रहे हैं, हो सकता है, मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं। मैं यहां नीचे स्क्रीन पर हिंदुस्तान के अनेक शहरों में बैठे हुए सब दर्शकों को भी उतने ही उत्साह, उमंग से देख रहा हूं, मेरी तरफ से उनका भी स्वागत है।

साथियों,

आज विश्व की दृष्टि भारत पर है, हमारे देश पर है। दुनिया में आप किसी भी देश में जाएं, वहां के लोग भारत को लेकर एक नई जिज्ञासा से भरे हुए हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि जो देश 70 साल में ग्यारहवें नंबर की इकोनॉमी बना, वो महज 7-8 साल में पांचवे नंबर की इकोनॉमी बन गया? अभी IMF के नए आंकड़े सामने आए हैं। वो आंकड़े कहते हैं कि भारत, दुनिया की एकमात्र मेजर इकोनॉमी है, जिसने 10 वर्षों में अपने GDP को डबल किया है। बीते दशक में भारत ने दो लाख करोड़ डॉलर, अपनी इकोनॉमी में जोड़े हैं। GDP का डबल होना सिर्फ आंकड़ों का बदलना मात्र नहीं है। इसका impact देखिए, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, और ये 25 करोड़ लोग एक नियो मिडिल क्लास का हिस्सा बने हैं। ये नियो मिडिल क्लास, एक प्रकार से नई ज़िंदगी शुरु कर रहा है। ये नए सपनों के साथ आगे बढ़ रहा है, हमारी इकोनॉमी में कंट्रीब्यूट कर रहा है, और उसको वाइब्रेंट बना रहा है। आज दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी हमारे भारत में है। ये युवा, तेज़ी से स्किल्ड हो रहा है, इनोवेशन को गति दे रहा है। और इन सबके बीच, भारत की फॉरेन पॉलिसी का मंत्र बन गया है- India First, एक जमाने में भारत की पॉलिसी थी, सबसे समान रूप से दूरी बनाकर चलो, Equi-Distance की पॉलिसी, आज के भारत की पॉलिसी है, सबके समान रूप से करीब होकर चलो, Equi-Closeness की पॉलिसी। दुनिया के देश भारत की ओपिनियन को, भारत के इनोवेशन को, भारत के एफर्ट्स को, जैसा महत्व आज दे रहे हैं, वैसा पहले कभी नहीं हुआ। आज दुनिया की नजर भारत पर है, आज दुनिया जानना चाहती है, What India Thinks Today.

|

साथियों,

भारत आज, वर्ल्ड ऑर्डर में सिर्फ पार्टिसिपेट ही नहीं कर रहा, बल्कि फ्यूचर को शेप और सेक्योर करने में योगदान दे रहा है। दुनिया ने ये कोरोना काल में अच्छे से अनुभव किया है। दुनिया को लगता था कि हर भारतीय तक वैक्सीन पहुंचने में ही, कई-कई साल लग जाएंगे। लेकिन भारत ने हर आशंका को गलत साबित किया। हमने अपनी वैक्सीन बनाई, हमने अपने नागरिकों का तेज़ी से वैक्सीनेशन कराया, और दुनिया के 150 से अधिक देशों तक दवाएं और वैक्सीन्स भी पहुंचाईं। आज दुनिया, और जब दुनिया संकट में थी, तब भारत की ये भावना दुनिया के कोने-कोने तक पहुंची कि हमारे संस्कार क्या हैं, हमारा तौर-तरीका क्या है।

साथियों,

अतीत में दुनिया ने देखा है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद जब भी कोई वैश्विक संगठन बना, उसमें कुछ देशों की ही मोनोपोली रही। भारत ने मोनोपोली नहीं बल्कि मानवता को सर्वोपरि रखा। भारत ने, 21वीं सदी के ग्लोबल इंस्टीट्यूशन्स के गठन का रास्ता बनाया, और हमने ये ध्यान रखा कि सबकी भागीदारी हो, सबका योगदान हो। जैसे प्राकृतिक आपदाओं की चुनौती है। देश कोई भी हो, इन आपदाओं से इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान होता है। आज ही म्यांमार में जो भूकंप आया है, आप टीवी पर देखें तो बहुत बड़ी-बड़ी इमारतें ध्वस्त हो रही हैं, ब्रिज टूट रहे हैं। और इसलिए भारत ने Coalition for Disaster Resilient Infrastructure - CDRI नाम से एक वैश्विक नया संगठन बनाने की पहल की। ये सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि दुनिया को प्राकृतिक आपदाओं के लिए तैयार करने का संकल्प है। भारत का प्रयास है, प्राकृतिक आपदा से, पुल, सड़कें, बिल्डिंग्स, पावर ग्रिड, ऐसा हर इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित रहे, सुरक्षित निर्माण हो।

साथियों,

भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हर देश का मिलकर काम करना बहुत जरूरी है। ऐसी ही एक चुनौती है, हमारे एनर्जी रिसोर्सेस की। इसलिए पूरी दुनिया की चिंता करते हुए भारत ने International Solar Alliance (ISA) का समाधान दिया है। ताकि छोटे से छोटा देश भी सस्टेनबल एनर्जी का लाभ उठा सके। इससे क्लाइमेट पर तो पॉजिटिव असर होगा ही, ये ग्लोबल साउथ के देशों की एनर्जी नीड्स को भी सिक्योर करेगा। और आप सबको ये जानकर गर्व होगा कि भारत के इस प्रयास के साथ, आज दुनिया के सौ से अधिक देश जुड़ चुके हैं।

साथियों,

बीते कुछ समय से दुनिया, ग्लोबल ट्रेड में असंतुलन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी challenges का सामना कर रही है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए भी भारत ने दुनिया के साथ मिलकर नए प्रयास शुरु किए हैं। India–Middle East–Europe Economic Corridor (IMEC), ऐसा ही एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। ये प्रोजेक्ट, कॉमर्स और कनेक्टिविटी के माध्यम से एशिया, यूरोप और मिडिल ईस्ट को जोड़ेगा। इससे आर्थिक संभावनाएं तो बढ़ेंगी ही, दुनिया को अल्टरनेटिव ट्रेड रूट्स भी मिलेंगे। इससे ग्लोबल सप्लाई चेन भी और मजबूत होगी।

|

साथियों,

ग्लोबल सिस्टम्स को, अधिक पार्टिसिपेटिव, अधिक डेमोक्रेटिक बनाने के लिए भी भारत ने अनेक कदम उठाए हैं। और यहीं, यहीं पर ही भारत मंडपम में जी-20 समिट हुई थी। उसमें अफ्रीकन यूनियन को जी-20 का परमानेंट मेंबर बनाया गया है। ये बहुत बड़ा ऐतिहासिक कदम था। इसकी मांग लंबे समय से हो रही थी, जो भारत की प्रेसीडेंसी में पूरी हुई। आज ग्लोबल डिसीजन मेकिंग इंस्टीट्यूशन्स में भारत, ग्लोबल साउथ के देशों की आवाज़ बन रहा है। International Yoga Day, WHO का ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के लिए ग्लोबल फ्रेमवर्क, ऐसे कितने ही क्षेत्रों में भारत के प्रयासों ने नए वर्ल्ड ऑर्डर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, और ये तो अभी शुरूआत है, ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर भारत का सामर्थ्य नई ऊंचाई की तरफ बढ़ रहा है।

साथियों,

21वीं सदी के 25 साल बीत चुके हैं। इन 25 सालों में 11 साल हमारी सरकार ने देश की सेवा की है। और जब हम What India Thinks Today उससे जुड़ा सवाल उठाते हैं, तो हमें ये भी देखना होगा कि Past में क्या सवाल थे, क्या जवाब थे। इससे TV9 के विशाल दर्शक समूह को भी अंदाजा होगा कि कैसे हम, निर्भरता से आत्मनिर्भरता तक, Aspirations से Achievement तक, Desperation से Development तक पहुंचे हैं। आप याद करिए, एक दशक पहले, गांव में जब टॉयलेट का सवाल आता था, तो माताओं-बहनों के पास रात ढलने के बाद और भोर होने से पहले का ही जवाब होता था। आज उसी सवाल का जवाब स्वच्छ भारत मिशन से मिलता है। 2013 में जब कोई इलाज की बात करता था, तो महंगे इलाज की चर्चा होती थी। आज उसी सवाल का समाधान आयुष्मान भारत में नजर आता है। 2013 में किसी गरीब की रसोई की बात होती थी, तो धुएं की तस्वीर सामने आती थी। आज उसी समस्या का समाधान उज्ज्वला योजना में दिखता है। 2013 में महिलाओं से बैंक खाते के बारे में पूछा जाता था, तो वो चुप्पी साध लेती थीं। आज जनधन योजना के कारण, 30 करोड़ से ज्यादा बहनों का अपना बैंक अकाउंट है। 2013 में पीने के पानी के लिए कुएं और तालाबों तक जाने की मजबूरी थी। आज उसी मजबूरी का हल हर घर नल से जल योजना में मिल रहा है। यानि सिर्फ दशक नहीं बदला, बल्कि लोगों की ज़िंदगी बदली है। और दुनिया भी इस बात को नोट कर रही है, भारत के डेवलपमेंट मॉडल को स्वीकार रही है। आज भारत सिर्फ Nation of Dreams नहीं, बल्कि Nation That Delivers भी है।

साथियों,

जब कोई देश, अपने नागरिकों की सुविधा और समय को महत्व देता है, तब उस देश का समय भी बदलता है। यही आज हम भारत में अनुभव कर रहे हैं। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। पहले पासपोर्ट बनवाना कितना बड़ा काम था, ये आप जानते हैं। लंबी वेटिंग, बहुत सारे कॉम्प्लेक्स डॉक्यूमेंटेशन का प्रोसेस, अक्सर राज्यों की राजधानी में ही पासपोर्ट केंद्र होते थे, छोटे शहरों के लोगों को पासपोर्ट बनवाना होता था, तो वो एक-दो दिन कहीं ठहरने का इंतजाम करके चलते थे, अब वो हालात पूरी तरह बदल गया है, एक आंकड़े पर आप ध्यान दीजिए, पहले देश में सिर्फ 77 पासपोर्ट सेवा केंद्र थे, आज इनकी संख्या 550 से ज्यादा हो गई है। पहले पासपोर्ट बनवाने में, और मैं 2013 के पहले की बात कर रहा हूं, मैं पिछले शताब्दी की बात नहीं कर रहा हूं, पासपोर्ट बनवाने में जो वेटिंग टाइम 50 दिन तक होता था, वो अब 5-6 दिन तक सिमट गया है।

साथियों,

ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेशन हमने बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में भी देखा है। हमारे देश में 50-60 साल पहले बैंकों का नेशनलाइजेशन किया गया, ये कहकर कि इससे लोगों को बैंकिंग सुविधा सुलभ होगी। इस दावे की सच्चाई हम जानते हैं। हालत ये थी कि लाखों गांवों में बैंकिंग की कोई सुविधा ही नहीं थी। हमने इस स्थिति को भी बदला है। ऑनलाइन बैंकिंग तो हर घर में पहुंचाई है, आज देश के हर 5 किलोमीटर के दायरे में कोई न कोई बैंकिंग टच प्वाइंट जरूर है। और हमने सिर्फ बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का ही दायरा नहीं बढ़ाया, बल्कि बैंकिंग सिस्टम को भी मजबूत किया। आज बैंकों का NPA बहुत कम हो गया है। आज बैंकों का प्रॉफिट, एक लाख 40 हज़ार करोड़ रुपए के नए रिकॉर्ड को पार कर चुका है। और इतना ही नहीं, जिन लोगों ने जनता को लूटा है, उनको भी अब लूटा हुआ धन लौटाना पड़ रहा है। जिस ED को दिन-रात गालियां दी जा रही है, ED ने 22 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक वसूले हैं। ये पैसा, कानूनी तरीके से उन पीड़ितों तक वापिस पहुंचाया जा रहा है, जिनसे ये पैसा लूटा गया था।

साथियों,

Efficiency से गवर्नमेंट Effective होती है। कम समय में ज्यादा काम हो, कम रिसोर्सेज़ में अधिक काम हो, फिजूलखर्ची ना हो, रेड टेप के बजाय रेड कार्पेट पर बल हो, जब कोई सरकार ये करती है, तो समझिए कि वो देश के संसाधनों को रिस्पेक्ट दे रही है। और पिछले 11 साल से ये हमारी सरकार की बड़ी प्राथमिकता रहा है। मैं कुछ उदाहरणों के साथ अपनी बात बताऊंगा।

|

साथियों,

अतीत में हमने देखा है कि सरकारें कैसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिनिस्ट्रीज में accommodate करने की कोशिश करती थीं। लेकिन हमारी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में ही कई मंत्रालयों का विलय कर दिया। आप सोचिए, Urban Development अलग मंत्रालय था और Housing and Urban Poverty Alleviation अलग मंत्रालय था, हमने दोनों को मर्ज करके Housing and Urban Affairs मंत्रालय बना दिया। इसी तरह, मिनिस्ट्री ऑफ ओवरसीज़ अफेयर्स अलग था, विदेश मंत्रालय अलग था, हमने इन दोनों को भी एक साथ जोड़ दिया, पहले जल संसाधन, नदी विकास मंत्रालय अलग था, और पेयजल मंत्रालय अलग था, हमने इन्हें भी जोड़कर जलशक्ति मंत्रालय बना दिया। हमने राजनीतिक मजबूरी के बजाय, देश की priorities और देश के resources को आगे रखा।

साथियों,

हमारी सरकार ने रूल्स और रेगुलेशन्स को भी कम किया, उन्हें आसान बनाया। करीब 1500 ऐसे कानून थे, जो समय के साथ अपना महत्व खो चुके थे। उनको हमारी सरकार ने खत्म किया। करीब 40 हज़ार, compliances को हटाया गया। ऐसे कदमों से दो फायदे हुए, एक तो जनता को harassment से मुक्ति मिली, और दूसरा, सरकारी मशीनरी की एनर्जी भी बची। एक और Example GST का है। 30 से ज्यादा टैक्सेज़ को मिलाकर एक टैक्स बना दिया गया है। इसको process के, documentation के हिसाब से देखें तो कितनी बड़ी बचत हुई है।

साथियों,

सरकारी खरीद में पहले कितनी फिजूलखर्ची होती थी, कितना करप्शन होता था, ये मीडिया के आप लोग आए दिन रिपोर्ट करते थे। हमने, GeM यानि गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म बनाया। अब सरकारी डिपार्टमेंट, इस प्लेटफॉर्म पर अपनी जरूरतें बताते हैं, इसी पर वेंडर बोली लगाते हैं और फिर ऑर्डर दिया जाता है। इसके कारण, भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है, और सरकार को एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की बचत भी हुई है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर- DBT की जो व्यवस्था भारत ने बनाई है, उसकी तो दुनिया में चर्चा है। DBT की वजह से टैक्स पेयर्स के 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा, गलत हाथों में जाने से बचे हैं। 10 करोड़ से ज्यादा फर्ज़ी लाभार्थी, जिनका जन्म भी नहीं हुआ था, जो सरकारी योजनाओं का फायदा ले रहे थे, ऐसे फर्जी नामों को भी हमने कागजों से हटाया है।

साथियों,

 

हमारी सरकार टैक्स की पाई-पाई का ईमानदारी से उपयोग करती है, और टैक्सपेयर का भी सम्मान करती है, सरकार ने टैक्स सिस्टम को टैक्सपेयर फ्रेंडली बनाया है। आज ITR फाइलिंग का प्रोसेस पहले से कहीं ज्यादा सरल और तेज़ है। पहले सीए की मदद के बिना, ITR फाइल करना मुश्किल होता था। आज आप कुछ ही समय के भीतर खुद ही ऑनलाइन ITR फाइल कर पा रहे हैं। और रिटर्न फाइल करने के कुछ ही दिनों में रिफंड आपके अकाउंट में भी आ जाता है। फेसलेस असेसमेंट स्कीम भी टैक्सपेयर्स को परेशानियों से बचा रही है। गवर्नेंस में efficiency से जुड़े ऐसे अनेक रिफॉर्म्स ने दुनिया को एक नया गवर्नेंस मॉडल दिया है।

साथियों,

पिछले 10-11 साल में भारत हर सेक्टर में बदला है, हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है। और एक बड़ा बदलाव सोच का आया है। आज़ादी के बाद के अनेक दशकों तक, भारत में ऐसी सोच को बढ़ावा दिया गया, जिसमें सिर्फ विदेशी को ही बेहतर माना गया। दुकान में भी कुछ खरीदने जाओ, तो दुकानदार के पहले बोल यही होते थे – भाई साहब लीजिए ना, ये तो इंपोर्टेड है ! आज स्थिति बदल गई है। आज लोग सामने से पूछते हैं- भाई, मेड इन इंडिया है या नहीं है?

साथियों,

आज हम भारत की मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस का एक नया रूप देख रहे हैं। अभी 3-4 दिन पहले ही एक न्यूज आई है कि भारत ने अपनी पहली MRI मशीन बना ली है। अब सोचिए, इतने दशकों तक हमारे यहां स्वदेशी MRI मशीन ही नहीं थी। अब मेड इन इंडिया MRI मशीन होगी तो जांच की कीमत भी बहुत कम हो जाएगी।

|

साथियों,

आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान ने, देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को एक नई ऊर्जा दी है। पहले दुनिया भारत को ग्लोबल मार्केट कहती थी, आज वही दुनिया, भारत को एक बड़े Manufacturing Hub के रूप में देख रही है। ये सक्सेस कितनी बड़ी है, इसके उदाहरण आपको हर सेक्टर में मिलेंगे। जैसे हमारी मोबाइल फोन इंडस्ट्री है। 2014-15 में हमारा एक्सपोर्ट, वन बिलियन डॉलर तक भी नहीं था। लेकिन एक दशक में, हम ट्वेंटी बिलियन डॉलर के फिगर से भी आगे निकल चुके हैं। आज भारत ग्लोबल टेलिकॉम और नेटवर्किंग इंडस्ट्री का एक पावर सेंटर बनता जा रहा है। Automotive Sector की Success से भी आप अच्छी तरह परिचित हैं। इससे जुड़े Components के एक्सपोर्ट में भी भारत एक नई पहचान बना रहा है। पहले हम बहुत बड़ी मात्रा में मोटर-साइकल पार्ट्स इंपोर्ट करते थे। लेकिन आज भारत में बने पार्ट्स UAE और जर्मनी जैसे अनेक देशों तक पहुंच रहे हैं। सोलर एनर्जी सेक्टर ने भी सफलता के नए आयाम गढ़े हैं। हमारे सोलर सेल्स, सोलर मॉड्यूल का इंपोर्ट कम हो रहा है और एक्सपोर्ट्स 23 गुना तक बढ़ गए हैं। बीते एक दशक में हमारा डिफेंस एक्सपोर्ट भी 21 गुना बढ़ा है। ये सारी अचीवमेंट्स, देश की मैन्युफैक्चरिंग इकोनॉमी की ताकत को दिखाती है। ये दिखाती है कि भारत में कैसे हर सेक्टर में नई जॉब्स भी क्रिएट हो रही हैं।

साथियों,

TV9 की इस समिट में, विस्तार से चर्चा होगी, अनेक विषयों पर मंथन होगा। आज हम जो भी सोचेंगे, जिस भी विजन पर आगे बढ़ेंगे, वो हमारे आने वाले कल को, देश के भविष्य को डिजाइन करेगा। पिछली शताब्दी के इसी दशक में, भारत ने एक नई ऊर्जा के साथ आजादी के लिए नई यात्रा शुरू की थी। और हमने 1947 में आजादी हासिल करके भी दिखाई। अब इस दशक में हम विकसित भारत के लक्ष्य के लिए चल रहे हैं। और हमें 2047 तक विकसित भारत का सपना जरूर पूरा करना है। और जैसा मैंने लाल किले से कहा है, इसमें सबका प्रयास आवश्यक है। इस समिट का आयोजन कर, TV9 ने भी अपनी तरफ से एक positive initiative लिया है। एक बार फिर आप सभी को इस समिट की सफलता के लिए मेरी ढेर सारी शुभकामनाएं हैं।

मैं TV9 को विशेष रूप से बधाई दूंगा, क्योंकि पहले भी मीडिया हाउस समिट करते रहे हैं, लेकिन ज्यादातर एक छोटे से फाइव स्टार होटल के कमरे में, वो समिट होती थी और बोलने वाले भी वही, सुनने वाले भी वही, कमरा भी वही। TV9 ने इस परंपरा को तोड़ा और ये जो मॉडल प्लेस किया है, 2 साल के भीतर-भीतर देख लेना, सभी मीडिया हाउस को यही करना पड़ेगा। यानी TV9 Thinks Today वो बाकियों के लिए रास्ता खोल देगा। मैं इस प्रयास के लिए बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं, आपकी पूरी टीम को, और सबसे बड़ी खुशी की बात है कि आपने इस इवेंट को एक मीडिया हाउस की भलाई के लिए नहीं, देश की भलाई के लिए आपने उसकी रचना की। 50,000 से ज्यादा नौजवानों के साथ एक मिशन मोड में बातचीत करना, उनको जोड़ना, उनको मिशन के साथ जोड़ना और उसमें से जो बच्चे सिलेक्ट होकर के आए, उनकी आगे की ट्रेनिंग की चिंता करना, ये अपने आप में बहुत अद्भुत काम है। मैं आपको बहुत बधाई देता हूं। जिन नौजवानों से मुझे यहां फोटो निकलवाने का मौका मिला है, मुझे भी खुशी हुई कि देश के होनहार लोगों के साथ, मैं अपनी फोटो निकलवा पाया। मैं इसे अपना सौभाग्य मानता हूं दोस्तों कि आपके साथ मेरी फोटो आज निकली है। और मुझे पक्का विश्वास है कि सारी युवा पीढ़ी, जो मुझे दिख रही है, 2047 में जब देश विकसित भारत बनेगा, सबसे ज्यादा बेनिफिशियरी आप लोग हैं, क्योंकि आप उम्र के उस पड़ाव पर होंगे, जब भारत विकसित होगा, आपके लिए मौज ही मौज है। आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

धन्यवाद।