Quoteहमारे गवर्नेंस मॉडल की दुनिया में चर्चा, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले: पीएम मोदी
Quoteतुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण है हमारा रास्ता: आगरा में पीएम मोदी
Quoteमोदी की गारंटी ‘सबका साथ-सबका विकास’ लेकिन सपा-कांग्रेस के लिए उसका वोट बैंक ही खास: पीएम मोदी

राधे राधे !

भारत माता की,

भारत माता की,

मैं ब्रज क्षेत्र के सभी देवी-देवताओं को श्रद्धापूर्वक प्रणाम करता हूं। मैं आज आपके पास विशेष रूप से आया हूं। मैं पहले भी आता रहा हूं। जहां-जहां पहुंच सकता हूं, पहुंचता हूं। लेकिन पहले जब मैं आता था कुछ देने के लिए आता था, कुछ लेकर के आता था। कोई योजना लेकरके आता था, किसी के उद्घाटन के लिए आता था। लेकिन आज मैं देने के लिए नहीं, मांगने के लिए आया हूं। मैं आपसे विकसित भारत के लिए आशीर्वाद मांगने आया हूं। आप मुझे बताइए, अगर भारत विकसित होता है तो आपका भला होगा कि नहीं होगा। भारत विकसित होता है तो आपके परिवार का भला होगा कि नहीं होगा। भारत विकसित होगा तो आपके बच्चों का भला होगा कि नहीं होगा। इसलिए देश भी एकजुट होकर कह रहा है- फिर एक बार...मोदी सरकार !

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साथियों,

भारत की बढ़ती हुई शक्ति कुछ ताकतों को पसंद नहीं आ रही है। अब जैसे यहां डिफेंस कॉरिडोर बन रहा है। यहां देश की सेना के लिए, आत्मनिर्भर बनने के लिए, दुनिया में निर्यात के लिए घातक अस्त्र-शस्त्र बनेंगे। लेकिन दुनियाभर में जो हथियारों के दलाल हैं, जो पुरानी सरकारों में घूस देकर अपना काम करा लेने के एक्सपर्ट हो गए थे। और पुरानी सरकारों में बैठे लोगों को भी ये मलाई खाने को मिलती थी, उनको भी मजा आता था। ऐसे सारे लोग, मोदी जब शस्त्रों को यहां बनाने की बात करता है, देश को आत्मनिर्भर बनाने की बाद करता है तो बौखला गए हैं, बहुत नाराज़ हैं। वो नहीं चाहते कि भारत की सेना आत्मनिर्भर बने। इसलिए वो मोदी के विरुद्ध एकजुट हो गए हैं। इन ताकतों को रोकने के लिए, देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए, देश की सुरक्षा के लिए फिर एक बार BJP-NDA सरकार जरूरी है।

भाइयों और बहनों,

मोदी की गारंटी सबका साथ, सबका विकास की है। लेकिन सपा-कांग्रेस के इंडी-गठबंधन के लिए देश से भी पहले उनका वोटबैंक खास है। हमारा 10 साल का ट्रैक रिकॉर्ड हो या फिर भाजपा का संकल्प पत्र, हमारा जोर सैचुरेशन पर है। कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सबको मिले, पूरा लाभ मिले, बिना बिचौलिया, बिना रिश्वत हकदार को मिले। यही भाजपा का सैचुरेशन मॉडल है। क्योंकि जहां सैचुरेशन होता है, वहां सभी हकदार को उसको हक मिलता है। हमारा सेकुलरिज्म भी यही है, सामाजिक न्याय भी यही है। बिना जाति, धर्म के भेदभाव के सबको मिलना चाहिए। सच्चा सामाजिक न्याय भी यही है जब आप बिना भेदभाव, बिना अपने-पराये, बिना रिश्वतखोरी, सबका हक पूरा करते हैं, तो इससे बड़ा सामाजिक न्याय क्या हो सकता है। आपने देखा होगा, फ्री राशन हो, मुफ्त इलाज हो, पक्का घर हो, टॉयलेट बनाना हो, गैस कनेक्शन हो, नल से जल हो, ये सारे लाभ हर लाभार्थी को मिले, बिना भेदभाव के मिले, ये मोदी की गारंटी है। अच्छा मेरा एक काम करोगे। सबलोग हाथ ऊपर करके बताओगे तो मैं बताऊंगा। पक्का करोगे, देखिए मैं दिन-रात मेहनत तो करता हूं, और यहां उत्तर प्रदेश में मेरी हर योजना को नीचे ले जाने में योगी जी रात-दिन मेहनत करते हैं। उनकी पूरी सरकार मेहनत करती है। फिर भी जब आप गांव में जाएंगे, इलाके में जाएंगे, सोसाइटी में जाएंगे। हो सकता है दो-चार ऐसे लोग मिल जाएं जिनको अब तक ये योजना नहीं पहुंची है। तो मेरा एक काम करेंगे। जिनको योजना नहीं पहुंची है उनकी सूची बनाना। और उनको कहना मोदी जी आगरा में आए थे, गारंटी दी है, कि जिनका बाकी रह गया है, तीसरे टर्म में उसका भी पूरा हो जाएगा। और आप देखिए, मेरे लिए तो आप सभी मोदी ही हैं। और इसलिए मेरी गारंटी आपके माध्यम से जरूर पहुंचेगी। साथियों, जब हम एक बाद एक गरीब के सशक्तिकरण के हम काम कर रहे हैं। गरीब को गरीबी को परास्त करने के लिए मजबूत कर रहे हैं। ये एक ऐसा मॉडल है जिस मॉडल की आज दुनिया के लोग चर्चा कर रहे हैं, क्योंकि हमने जो रास्ता अपनाया है। हमने जो मॉडल अपनाया है, उससे जो देश में 25 करोड़ देशवासी जो गरीबी की जिंदगी जीते थे, वो गरीबी से बाहर निकले हैं।

साथियों,

हमारे देश में हमने तुष्टिकरण की राजनीति बहुत देखी है। तुष्टिकरण की राजनीति ने देश को टुकड़ों-टुकड़ों में बांट के रख दिया है। तुष्टिकरण की राजनीति ने सच्चे और ईमानदारों के हक को डुबोया है। और इसीलिए अब मोदी तुष्टिकरण को समाप्त करके संतुष्टिकरण की ओर आगे बढ़ रहा है। हमारा रास्ता तुष्टिकरण का नहीं है, हमारा रास्ता संतुष्टिकरण है। सबका साथ सबका विकास ये मंत्र भी उसी का महामार्ग है लेकिन सपा-कांग्रेस का इंडी-गठबंधन घोर तुष्टिकरण में जुटा है। चौबीस के चुनाव में कांग्रेस ने जो मेनिफेस्टो जारी किया है, उस पर शतप्रतिशत, और ये मैंने पहले ही दिन कहा था आज नहीं कह रहा हूं। कांग्रेस के इस बार के मेनिफेस्टो पर शतप्रतिशत मुस्लिम लीग का ठप्पा लगा हुआ है, मुस्लिम लीग की छाप है। कांग्रेस का पूरा मेनिफेस्टो सिर्फ वोटबैंक को मजबूत करने के लिए समर्पित है। हमारा मेनिफेस्टो देश को मजबूत करने के लिए समर्पित है।

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साथियों,

आजादी के बाद से ही ये स्पष्ट हो गया था कि भारत में धर्म के आधार पर कभी आरक्षण नहीं दिया जाएगा। ये संविधान सभा में चर्चा करने के बाद तय हुआ है। संविधान सभा में जो चर्चा हुई थी, जिसको बाबा साहेब अंबेडकर ने लिखा था। बाबा साहेब आंबेडकर की इच्छा थी, यही संविधान की मूल भावना है, यही सामाजिक न्याय है कि भारत में धर्म के आधार पर भारत का संविधान आरक्षण की सहमति नहीं देता है। लेकिन कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है जो आए दिन बाबा साहेब का अपमान करती है, संविधान का अपमान करती है और सामाजिक न्याय की धज्जियां उड़ाती है। इसी कांग्रेस ने कभी कर्नाटका में, कभी आंध्र प्रदेश में, कभी अपने घोषणापत्र में बार-बार धर्म के आधार पर आरक्षण की वकालत की। देश का संविधान, देश की अदालतें, कांग्रेस को ऐसा करने से बार-बार मना कर चुकी है। उनकी हर बात को देश की न्यायपालिका ने ठुकरा दिया है। और इसीलिए अब कांग्रेस ने पिछले दरवाजे से खेल खेलना शुरू किया है। एसी-एसटी-ओबीसी की आंख में धूल झोंककर पाप करने के रास्ते बनाने का काम किया है। अब कांग्रेस ने ठान लिया है कि वो धर्म के आधार पर रिजर्वेशन लाकर रहेगी। और इसके लिए कांग्रेस ने तरीका निकाला है जो ओबीसी का कोटा है, 27 परसेंट का जो ओबीसी का कोटा है, क्योंकि मैं भी उस समाज से आता हूं, इसलिए मुझे उसकी पूरी जानकारी है। ये जो 27 प्रतिशत आरक्षण का कोटा है, उन्होंने तय किया है कि उसमें कुछ चोरी कर लिया जाए। 27 परसेंट में से चोरी कर लिया जाए, छीन लिया जाए। चुपचाप छीन लिया जाए। और धर्म के आधार पर आरक्षण दे दिया जाए। का जो आरक्षण का कोटा उसमें से चुपचाप छीन लिया जाए और धर्म के आधार पर आरक्षण दे दिया जाए। क्या आपको ये मंजूर है, ये आप सहन कर सकते हैं, ये आप स्वीकार कर सकते हैं। देखिए कर्नाटका ने क्या किया। कर्नाटका की कांग्रेस की सरकार ने रातों-रात कर्नाटक में जितनी भी मुस्लिम जातियां हैं, छोटी-मोटी, धनी, पढ़ी-लिखी सब, सभी जातियों को रातों-रात कागज पर ठप्पा मारकर उनको ओबीसी बना दिया। और उनको कह दिया ये जो 27 परसेंट है न अब आप उसके मालिक हो, जाओ लूट लो। ओबीसी के हक पर डाका डाला है, ये डाका है कि नहीं है। जरा पूरी ताकत से बताइए भाई, ये डाका है कि नहीं है। जार इधर से माताएं-बहनें बताइए ये डाका है कि नहीं है। कांग्रेस का इरादा, यूपी में भी यही खेल खेलने का है, यही कारनामा दोहराने का है। देश में जहां-जहां मौका मिले, ये पिछले दरवाजे, चोरी-छिपे से, ओबीसी का हक लूट लेना, एसटी का लूट लेना, एससी का का हक ले लेना और उनको दे देना। और इसमें उसे समाजवादी पार्टी का पूरा साथ मिल रहा है।

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आप याद कीजिए, 2012 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस की केंद्र सरकार ने तब भी ऐसी ही कोशिश की थी। इन्होंने ओबीसी के आरक्षण का एक हिस्सा धर्म के आधार पर माइनॉरिटीज को देने का फैसला किया था। लेकिन तब ये अपने इरादों में सफल नहीं हुए थे। यूपी के लोगों को और विशेषकर OBC समुदाय को कांग्रेस और सपा का ये खतरनाक खेल मेरे ओबीसी भाइयों-बहनों को समझना पड़ेगा। दलितों को, वंचितों को, पिछड़ों को ये सपा-कांग्रेस का खेल समझना होगा। यहां यूपी में हमारे यादव, कुर्मी, मौर्या, कुशवाहा, जाट-गुज्जर, राजभर, तेली, पाल जैसी अनेक OBC जातियां हैं, उनका हक है, भारत के संविधान के अनुसार हक है। तो इनसे छीनकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस, अपने चहेते वोटबैंक को देना चाहती हैं। समाजवादी पार्टी, अपने वोटबैंक की खातिर यादवों-पिछड़ों से ही सबसे बड़ा विश्वासघात कर रही है। तुष्टिकरण में डूबी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस, दोनों की एक ही प्रकार की सोच है। यहां उत्तर प्रदेश में जो दो लड़कों में दोस्ती है, इसका भी आधार ये तुष्टिकरण की राजनीति है। दोनों मिलकर भाषण में तो OBC-OBC करते हैं और पिछले दरवाजे से OBC का हक छीनकर अपने वोटबैंक को देना चाहते हैं। आप मुझे बताइए...क्या आप कांग्रेस-सपा को ये पाप करने देंगे? ये बेइमानी करने देंगे। आपके अधिकार को लूटने देंगे।

भाइयों और बहनों,

योगी जी के मुख्यमंत्री बनने से पहले यहां इंडी गठबंधन वालों का नारा होता क्या होता था, आप भूल गए होंगे। क्योंकि योगी जी के राज में ऐसा होता नहीं है इसलिए आप भूल गए हो, मैं जरा याद कराना चाहता हूं, उस समय नारा क्या था - जो जमीन सरकारी है, वो जमीन हमारी है। होता था या नहीं? ऐसा नारा लगता था कि नहीं लगता था? लखनऊ में जो बैठी थी न वोट बैंक वाली सरकार उनका आशीर्वाद रहता था। योगी जी की सरकार आई, तो ऐसे लोगों को सही जगह पहुंचाया गया। लेकिन साथियों, अब कांग्रेस और इंडी गठबंधन वालों का नया प्लान सामने आया है। ये नया प्लान है: कांग्रेस की लूट, ज़िंदगी के साथ भी, ज़िंदगी के बाद भी। कांग्रेस के लोग कहते हैं, बार-बार कह रहे हैं, बड़े खुशमिजाज होकर कहते हैं, जैसे उन्होंने बहुत बड़ा तीर मार लिया। वो कहते हैं अब आप सबकी संपत्ति की जांच होगी। कांग्रेस के शहजादे की एक्स-रे मशीन, बहनों-बेटियों की अलमारियों में पहुंचेगी, शहजादे की एक्स-रे मशीन बैंकों के लॉकर पहुंचेगी, सबको खंगालेगी। अरे किसी गरीब मां ने कुछ अपनी बेटी के लिए बचाकर रखकर के ज्वार-बाजरे के डिब्बे में रखा है न तो उनकी एक्सरे वहां भी पहुंचेगी। जिन्होंने मंगलसूत्र दबाकर रखा है तो वहां भी इनकी एक्सरे पहुंचेगी। और थोड़ा बहुत ज़ेवर-गहना रखा होगा उस पर कब्जा करके ये लोग उसे अपने वोटबैंक में बांट देंगे। यहां तक की बहनों के मंगलसूत्र तक को नहीं छोड़ा जाएगा। यही इंडी गठबंधन वालों की नई योजना है। क्या आप इन्हें सफल होने देंगे? माताएं-बहनें आपके पास जो स्त्रीधन है, आपके पास जो मंगलसूत्र है क्या ये आप किसी को लेने देंगी। किसी सरकार को लेने देंगे। देश की कोई माता-बहन लेने देगी। अरे सर कटवा देगी लेकिन वो कभी नहीं देगी। ये इनको मालूम नहीं है।

साथियों,

आपसे आपकी संपत्ति छीनने की इंडी गठबंधन की योजना सिर्फ इतने पर ही नहीं रुकती है। अब कांग्रेस-सपा वाले इंडी गठबंधन का कहना है कि वो आपकी विरासत पर भी लूट करेंगे। आपकी विरासत का मतलब है दादा-दादी ने मेहनत करके बचाके बेटे को दिया है। आपके पिता ने मेहनत करके कुछ बचा करके आपके लिए रखा है, जिस दिन वो नहीं रहेंगे, तो फिर इंडी गठबंधन-कांग्रेस ने ये घोषणा की है कि वो आपके परिवार के लोगों को मिलने से पहले 55 प्रतिशत आधे से ज्यादा सरकार उस पर कब्जा कर लेगी। बाकी बचा वो आपके नसीब में आएगा। बताइए आपके माता-पिता की मेहनत को आप लूटने देंगे क्या? यानि आज जो संपत्ति आप आने वाली पीढ़ियों के लिए जोड़ रहे हैं, आपके बाद उस पर भी ये लोग आधे से ज्यादा टैक्स लगाकर लूटना चाहते हैं। अब मैं समझाता हूं, मान लीजिए, आपने अपने बच्चों के लिए 4 कमरे का घर बनाया है। तो आपके बाद सिर्फ 2 कमरे आपकी संतान को मिलेंगे और बाकी 2 कमरे कांग्रेस-सपा सरकार हड़प लेगी। मान लीजिए, आपके पास 10 बीघा खेत है, तो 5 बीघा ही आपके बच्चों को मिलेगा, बाकि कांग्रेस-सपा सरकार है वो हड़प लेगी। आप अपनी संपत्ति कांग्रेस-सपा के भ्रष्ट पंजे में जाने देंगे? जरा पूरी ताकत से बताइए, मुद्दा बड़ा गंभीर बनता जा रहा है। जाने देंगे? आपको गुस्सा आ रहा है कि नहीं आ रहा है?

साथियों,

SC/ST/OBC के हक पर डाका डालने और बहनों के मंगलसूत्र पर नज़र डालने से पहले जरा इंडी-गठबंधन वालों ये दीवार पर लिखा हुआ पढ़ लो और कान खोलकर सुन लो जब तक मोदी जिंदा है, ऐसा कोई भी पाप करने से पहले आपको मोदी से निपटना पड़ेगा। हमारा संकल्प है, जो भ्रष्टाचारी हैं, उनकी जांच होगी, जिन्होंने गरीबों को लूटा है, वो लूट का पैसा, गरीबों को वापस मिलेगा। ये जो भ्रष्टाचारी हैं, इनके पास से जो लूट का पैसा निकल रहा है, जो बंगले-गाड़ियां जब्त हो रही हैं, ये जनता को कैसे लौटाया जाए, इस पर मोदी तेजी से काम कर रहा है, रास्ता खोज रहा है। ये माताओं-बहनों की बचत पर नज़र गड़ाए हुए हैं, लेकिन मोदी माताओं-बहनों को संपत्ति में हकदार बनाने में मैं आपका चौकीदार बनकर खड़ा हूं। बीते 10 वर्षों में मोदी ने 4 करोड़ पक्के घर बनाए हैं। इनमें से 3 करोड़ से अधिक पक्के घर माताओं-बहनों के नाम किए गए हैं। ये मेरी माताओं-बहनों की ताकत है। मोदी ने बहनों के जनधन बैंक खाते खुलवाए, ताकि सरकारी लाभ का सीधा पैसा, घर की माता-बहन के खाते में जाए। और अब मोदी की गारंटी है कि 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाया जाएगा। आज देश का युवा आशावान है, आत्मविश्वास से भरा है, सामर्म्थ्यवान हैं, कर्तव्यवान हैं। और मुझे मेरे देश के युवाओं पर नाज है। मैं दुनिया में जाता हूं न तो मुझे लोग पूछते हैं, मोदी जी इतने बड़े-बड़े काम, इतने बड़े-बड़े सपने...मैंने कहा ये सपनों की ताकत मुझे मेरे देश के नौजवानों से मिलती है, उनके सामर्थ्य से मिलती है। आज देश में नए नए अवसर बन रहे हैं, नए-नए सेक्टर खुल रहे हैं। युवाओं की हर आकांक्षा का ध्यान हमारी सरकार रख रही है। युवाओं की सहायता के लिए मुद्रा लोन है, स्किल इंडिया मिशन है, स्टैंड अप इंडिया मिशन है। हमने नौकरियों में गैर-जरूरी इंटरव्यू खत्म किए, हमने स्थानीय भाषाओं में परीक्षा का प्रावधान किया, हमने सरकारी व्यवस्थाओं को फेसलेस बनाया।

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साथियों,

दूसरी तरफ कांग्रेस है जिसने आजादी के बाद से ही भाई भतीजावाद को बढ़ाया, युवाओं की क्षमताओं को बर्बाद किया। अभी इसका ताजा प्रमाण मिला है। आप जरा सुनिए और लोगों को बताइए, शायद आपने अखबारों में भी पढ़ा होगा। ताजा प्रमाण मिला है, हमारे पड़ोस के राजस्थान में वहां कांग्रेस की सरकार थी। कांग्रेस के अपने लोगों ने कांग्रेस के मुख्यमंत्री के करीबी ने कल एक बड़ा चौंकाने वाला खुलासा किया है और सार्वजनिक रूप से किया है। और अभी तक कांग्रेस के मुंह पर ताले लगे हुए हैं। वो कह रहे हैं कि पेपरलीक, यानि नौजवानों के भविष्य के साथ इतना बड़ा खिलवाड़, वो कहते हैं कि राजस्थान में जो पेपरलीक हुआ, उसमें कांग्रेस की गहलोत सरकार खुद शामिल थी। और कोई और नहीं कह रहा है, कांग्रेस के मुख्यमंत्री के कार्यालय में काम करने वाले सज्जन थे, वो कह रहे हैं। आप बताइए नौजवानों इससे बड़ा पाप, इससे बड़ा धोखा मेरे देश के युवाओं के साथ नहीं हो सकता है। यानि राजस्थान में अब कांग्रेस का ही पेपरलीक हो गया है। यही कांग्रेस की सच्चाई है। इसलिए देश के युवाओं को, हमारे फर्स्ट टाइम वोटर्स को कांग्रेस से बहुत सतर्क रहना है।

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भाइयों और बहनों,

भाजपा सरकार की पहचान ही, अच्छी सड़कें, आधुनिक रेल लाइन, मेट्रो सुविधाओं से है। कोविड में वैक्सीन की व्यवस्था, 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 70 साल से ऊपर के लोगों के लिए आयुष्मान कार्ड, हम आगरा, फतेहपुर-सीकरी सहित, इस पूरे क्षेत्र को पूरी दुनिया के निवेशकों और पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाने में जुटे हैं। आप याद रखिएगा, ये अयोध्या में प्रभु राम मंदिर के दर्शन के लिए लोग आ रहे हैं न, लाखों लोग आ रहे हैं। काशी में जो कॉरिडोर बना है, लाखों लोग आ रहे हैं, आप मान के चलिए, वो निकलते हैं अयोध्या के लिए, वे निकलते हैं काशी के लिए लेकिन वो जरूर आगरा आकर जाते हैं। इसलिए यहां का टूरिज्म तो बढ़ने ही वाला है। आपके तो एक हाथ में दो-दो लड्डू है। आप याद रखिएगा आपका वोट एसपी सिंह बघेल जी और राजकुमार चाहर जी को तो मिलेगा ही, लेकिन जब आप वोट उनको देंगे न, तो उनको तो मिलेगा ही, लेकिन ये वोट मोदी को भी मिलेगा। तो आप मोदी को वोट देंगे, पक्का देंगे। इसलिए 7 मई को कुछ समय अपने इस सेवक के लिए ज़रूर निकालना है। कितनी ही गर्मी क्यों न हो, कितनी ही शादियां क्यों न हो, कितने ही निजी काम क्यों न हो, लेकिन जब मैं इतनी मेहनत करता हूं, दिन-रात मेहनत करता हूं, तो मतदान के दिन मेरा आपसे कुछ समय मांगने का हक बनता है कि नहीं बनता है। मैं इतना तो मांग सकता हूं कि नहीं मांग सकता हूं। मैं देशवासियों से इतना तो मांग सकता हूं न कि आप देश के लिए एक-दो घंटे निकालिए। गर्मी हो तो भी निकलिए, मतदान कीजिए। मतदान कराएंगे। अच्छा मेरा एक और काम करेंगे। घर-घर जाएंगे। घर-घर जाकर के कहना मोदी जी आए थे, आप सबको राधे-राधे कहा है। पहुंचा देंगे राम-राम मेरा। मेरा राम-राम पहुंचा देंगे।
बोलिए...

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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March 28, 2025
QuoteToday, the world's eyes are on India: PM
QuoteIndia's youth is rapidly becoming skilled and driving innovation forward: PM
Quote"India First" has become the mantra of India's foreign policy: PM
QuoteToday, India is not just participating in the world order but also contributing to shaping and securing the future: PM
QuoteIndia has given Priority to humanity over monopoly: PM
QuoteToday, India is not just a Nation of Dreams but also a Nation That Delivers: PM

श्रीमान रामेश्वर गारु जी, रामू जी, बरुन दास जी, TV9 की पूरी टीम, मैं आपके नेटवर्क के सभी दर्शकों का, यहां उपस्थित सभी महानुभावों का अभिनंदन करता हूं, इस समिट के लिए बधाई देता हूं।

TV9 नेटवर्क का विशाल रीजनल ऑडियंस है। और अब तो TV9 का एक ग्लोबल ऑडियंस भी तैयार हो रहा है। इस समिट में अनेक देशों से इंडियन डायस्पोरा के लोग विशेष तौर पर लाइव जुड़े हुए हैं। कई देशों के लोगों को मैं यहां से देख भी रहा हूं, वे लोग वहां से वेव कर रहे हैं, हो सकता है, मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं। मैं यहां नीचे स्क्रीन पर हिंदुस्तान के अनेक शहरों में बैठे हुए सब दर्शकों को भी उतने ही उत्साह, उमंग से देख रहा हूं, मेरी तरफ से उनका भी स्वागत है।

साथियों,

आज विश्व की दृष्टि भारत पर है, हमारे देश पर है। दुनिया में आप किसी भी देश में जाएं, वहां के लोग भारत को लेकर एक नई जिज्ञासा से भरे हुए हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि जो देश 70 साल में ग्यारहवें नंबर की इकोनॉमी बना, वो महज 7-8 साल में पांचवे नंबर की इकोनॉमी बन गया? अभी IMF के नए आंकड़े सामने आए हैं। वो आंकड़े कहते हैं कि भारत, दुनिया की एकमात्र मेजर इकोनॉमी है, जिसने 10 वर्षों में अपने GDP को डबल किया है। बीते दशक में भारत ने दो लाख करोड़ डॉलर, अपनी इकोनॉमी में जोड़े हैं। GDP का डबल होना सिर्फ आंकड़ों का बदलना मात्र नहीं है। इसका impact देखिए, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, और ये 25 करोड़ लोग एक नियो मिडिल क्लास का हिस्सा बने हैं। ये नियो मिडिल क्लास, एक प्रकार से नई ज़िंदगी शुरु कर रहा है। ये नए सपनों के साथ आगे बढ़ रहा है, हमारी इकोनॉमी में कंट्रीब्यूट कर रहा है, और उसको वाइब्रेंट बना रहा है। आज दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी हमारे भारत में है। ये युवा, तेज़ी से स्किल्ड हो रहा है, इनोवेशन को गति दे रहा है। और इन सबके बीच, भारत की फॉरेन पॉलिसी का मंत्र बन गया है- India First, एक जमाने में भारत की पॉलिसी थी, सबसे समान रूप से दूरी बनाकर चलो, Equi-Distance की पॉलिसी, आज के भारत की पॉलिसी है, सबके समान रूप से करीब होकर चलो, Equi-Closeness की पॉलिसी। दुनिया के देश भारत की ओपिनियन को, भारत के इनोवेशन को, भारत के एफर्ट्स को, जैसा महत्व आज दे रहे हैं, वैसा पहले कभी नहीं हुआ। आज दुनिया की नजर भारत पर है, आज दुनिया जानना चाहती है, What India Thinks Today.

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साथियों,

भारत आज, वर्ल्ड ऑर्डर में सिर्फ पार्टिसिपेट ही नहीं कर रहा, बल्कि फ्यूचर को शेप और सेक्योर करने में योगदान दे रहा है। दुनिया ने ये कोरोना काल में अच्छे से अनुभव किया है। दुनिया को लगता था कि हर भारतीय तक वैक्सीन पहुंचने में ही, कई-कई साल लग जाएंगे। लेकिन भारत ने हर आशंका को गलत साबित किया। हमने अपनी वैक्सीन बनाई, हमने अपने नागरिकों का तेज़ी से वैक्सीनेशन कराया, और दुनिया के 150 से अधिक देशों तक दवाएं और वैक्सीन्स भी पहुंचाईं। आज दुनिया, और जब दुनिया संकट में थी, तब भारत की ये भावना दुनिया के कोने-कोने तक पहुंची कि हमारे संस्कार क्या हैं, हमारा तौर-तरीका क्या है।

साथियों,

अतीत में दुनिया ने देखा है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद जब भी कोई वैश्विक संगठन बना, उसमें कुछ देशों की ही मोनोपोली रही। भारत ने मोनोपोली नहीं बल्कि मानवता को सर्वोपरि रखा। भारत ने, 21वीं सदी के ग्लोबल इंस्टीट्यूशन्स के गठन का रास्ता बनाया, और हमने ये ध्यान रखा कि सबकी भागीदारी हो, सबका योगदान हो। जैसे प्राकृतिक आपदाओं की चुनौती है। देश कोई भी हो, इन आपदाओं से इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान होता है। आज ही म्यांमार में जो भूकंप आया है, आप टीवी पर देखें तो बहुत बड़ी-बड़ी इमारतें ध्वस्त हो रही हैं, ब्रिज टूट रहे हैं। और इसलिए भारत ने Coalition for Disaster Resilient Infrastructure - CDRI नाम से एक वैश्विक नया संगठन बनाने की पहल की। ये सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि दुनिया को प्राकृतिक आपदाओं के लिए तैयार करने का संकल्प है। भारत का प्रयास है, प्राकृतिक आपदा से, पुल, सड़कें, बिल्डिंग्स, पावर ग्रिड, ऐसा हर इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित रहे, सुरक्षित निर्माण हो।

साथियों,

भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हर देश का मिलकर काम करना बहुत जरूरी है। ऐसी ही एक चुनौती है, हमारे एनर्जी रिसोर्सेस की। इसलिए पूरी दुनिया की चिंता करते हुए भारत ने International Solar Alliance (ISA) का समाधान दिया है। ताकि छोटे से छोटा देश भी सस्टेनबल एनर्जी का लाभ उठा सके। इससे क्लाइमेट पर तो पॉजिटिव असर होगा ही, ये ग्लोबल साउथ के देशों की एनर्जी नीड्स को भी सिक्योर करेगा। और आप सबको ये जानकर गर्व होगा कि भारत के इस प्रयास के साथ, आज दुनिया के सौ से अधिक देश जुड़ चुके हैं।

साथियों,

बीते कुछ समय से दुनिया, ग्लोबल ट्रेड में असंतुलन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी challenges का सामना कर रही है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए भी भारत ने दुनिया के साथ मिलकर नए प्रयास शुरु किए हैं। India–Middle East–Europe Economic Corridor (IMEC), ऐसा ही एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। ये प्रोजेक्ट, कॉमर्स और कनेक्टिविटी के माध्यम से एशिया, यूरोप और मिडिल ईस्ट को जोड़ेगा। इससे आर्थिक संभावनाएं तो बढ़ेंगी ही, दुनिया को अल्टरनेटिव ट्रेड रूट्स भी मिलेंगे। इससे ग्लोबल सप्लाई चेन भी और मजबूत होगी।

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साथियों,

ग्लोबल सिस्टम्स को, अधिक पार्टिसिपेटिव, अधिक डेमोक्रेटिक बनाने के लिए भी भारत ने अनेक कदम उठाए हैं। और यहीं, यहीं पर ही भारत मंडपम में जी-20 समिट हुई थी। उसमें अफ्रीकन यूनियन को जी-20 का परमानेंट मेंबर बनाया गया है। ये बहुत बड़ा ऐतिहासिक कदम था। इसकी मांग लंबे समय से हो रही थी, जो भारत की प्रेसीडेंसी में पूरी हुई। आज ग्लोबल डिसीजन मेकिंग इंस्टीट्यूशन्स में भारत, ग्लोबल साउथ के देशों की आवाज़ बन रहा है। International Yoga Day, WHO का ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के लिए ग्लोबल फ्रेमवर्क, ऐसे कितने ही क्षेत्रों में भारत के प्रयासों ने नए वर्ल्ड ऑर्डर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, और ये तो अभी शुरूआत है, ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर भारत का सामर्थ्य नई ऊंचाई की तरफ बढ़ रहा है।

साथियों,

21वीं सदी के 25 साल बीत चुके हैं। इन 25 सालों में 11 साल हमारी सरकार ने देश की सेवा की है। और जब हम What India Thinks Today उससे जुड़ा सवाल उठाते हैं, तो हमें ये भी देखना होगा कि Past में क्या सवाल थे, क्या जवाब थे। इससे TV9 के विशाल दर्शक समूह को भी अंदाजा होगा कि कैसे हम, निर्भरता से आत्मनिर्भरता तक, Aspirations से Achievement तक, Desperation से Development तक पहुंचे हैं। आप याद करिए, एक दशक पहले, गांव में जब टॉयलेट का सवाल आता था, तो माताओं-बहनों के पास रात ढलने के बाद और भोर होने से पहले का ही जवाब होता था। आज उसी सवाल का जवाब स्वच्छ भारत मिशन से मिलता है। 2013 में जब कोई इलाज की बात करता था, तो महंगे इलाज की चर्चा होती थी। आज उसी सवाल का समाधान आयुष्मान भारत में नजर आता है। 2013 में किसी गरीब की रसोई की बात होती थी, तो धुएं की तस्वीर सामने आती थी। आज उसी समस्या का समाधान उज्ज्वला योजना में दिखता है। 2013 में महिलाओं से बैंक खाते के बारे में पूछा जाता था, तो वो चुप्पी साध लेती थीं। आज जनधन योजना के कारण, 30 करोड़ से ज्यादा बहनों का अपना बैंक अकाउंट है। 2013 में पीने के पानी के लिए कुएं और तालाबों तक जाने की मजबूरी थी। आज उसी मजबूरी का हल हर घर नल से जल योजना में मिल रहा है। यानि सिर्फ दशक नहीं बदला, बल्कि लोगों की ज़िंदगी बदली है। और दुनिया भी इस बात को नोट कर रही है, भारत के डेवलपमेंट मॉडल को स्वीकार रही है। आज भारत सिर्फ Nation of Dreams नहीं, बल्कि Nation That Delivers भी है।

साथियों,

जब कोई देश, अपने नागरिकों की सुविधा और समय को महत्व देता है, तब उस देश का समय भी बदलता है। यही आज हम भारत में अनुभव कर रहे हैं। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। पहले पासपोर्ट बनवाना कितना बड़ा काम था, ये आप जानते हैं। लंबी वेटिंग, बहुत सारे कॉम्प्लेक्स डॉक्यूमेंटेशन का प्रोसेस, अक्सर राज्यों की राजधानी में ही पासपोर्ट केंद्र होते थे, छोटे शहरों के लोगों को पासपोर्ट बनवाना होता था, तो वो एक-दो दिन कहीं ठहरने का इंतजाम करके चलते थे, अब वो हालात पूरी तरह बदल गया है, एक आंकड़े पर आप ध्यान दीजिए, पहले देश में सिर्फ 77 पासपोर्ट सेवा केंद्र थे, आज इनकी संख्या 550 से ज्यादा हो गई है। पहले पासपोर्ट बनवाने में, और मैं 2013 के पहले की बात कर रहा हूं, मैं पिछले शताब्दी की बात नहीं कर रहा हूं, पासपोर्ट बनवाने में जो वेटिंग टाइम 50 दिन तक होता था, वो अब 5-6 दिन तक सिमट गया है।

साथियों,

ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेशन हमने बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में भी देखा है। हमारे देश में 50-60 साल पहले बैंकों का नेशनलाइजेशन किया गया, ये कहकर कि इससे लोगों को बैंकिंग सुविधा सुलभ होगी। इस दावे की सच्चाई हम जानते हैं। हालत ये थी कि लाखों गांवों में बैंकिंग की कोई सुविधा ही नहीं थी। हमने इस स्थिति को भी बदला है। ऑनलाइन बैंकिंग तो हर घर में पहुंचाई है, आज देश के हर 5 किलोमीटर के दायरे में कोई न कोई बैंकिंग टच प्वाइंट जरूर है। और हमने सिर्फ बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का ही दायरा नहीं बढ़ाया, बल्कि बैंकिंग सिस्टम को भी मजबूत किया। आज बैंकों का NPA बहुत कम हो गया है। आज बैंकों का प्रॉफिट, एक लाख 40 हज़ार करोड़ रुपए के नए रिकॉर्ड को पार कर चुका है। और इतना ही नहीं, जिन लोगों ने जनता को लूटा है, उनको भी अब लूटा हुआ धन लौटाना पड़ रहा है। जिस ED को दिन-रात गालियां दी जा रही है, ED ने 22 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक वसूले हैं। ये पैसा, कानूनी तरीके से उन पीड़ितों तक वापिस पहुंचाया जा रहा है, जिनसे ये पैसा लूटा गया था।

साथियों,

Efficiency से गवर्नमेंट Effective होती है। कम समय में ज्यादा काम हो, कम रिसोर्सेज़ में अधिक काम हो, फिजूलखर्ची ना हो, रेड टेप के बजाय रेड कार्पेट पर बल हो, जब कोई सरकार ये करती है, तो समझिए कि वो देश के संसाधनों को रिस्पेक्ट दे रही है। और पिछले 11 साल से ये हमारी सरकार की बड़ी प्राथमिकता रहा है। मैं कुछ उदाहरणों के साथ अपनी बात बताऊंगा।

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साथियों,

अतीत में हमने देखा है कि सरकारें कैसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिनिस्ट्रीज में accommodate करने की कोशिश करती थीं। लेकिन हमारी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में ही कई मंत्रालयों का विलय कर दिया। आप सोचिए, Urban Development अलग मंत्रालय था और Housing and Urban Poverty Alleviation अलग मंत्रालय था, हमने दोनों को मर्ज करके Housing and Urban Affairs मंत्रालय बना दिया। इसी तरह, मिनिस्ट्री ऑफ ओवरसीज़ अफेयर्स अलग था, विदेश मंत्रालय अलग था, हमने इन दोनों को भी एक साथ जोड़ दिया, पहले जल संसाधन, नदी विकास मंत्रालय अलग था, और पेयजल मंत्रालय अलग था, हमने इन्हें भी जोड़कर जलशक्ति मंत्रालय बना दिया। हमने राजनीतिक मजबूरी के बजाय, देश की priorities और देश के resources को आगे रखा।

साथियों,

हमारी सरकार ने रूल्स और रेगुलेशन्स को भी कम किया, उन्हें आसान बनाया। करीब 1500 ऐसे कानून थे, जो समय के साथ अपना महत्व खो चुके थे। उनको हमारी सरकार ने खत्म किया। करीब 40 हज़ार, compliances को हटाया गया। ऐसे कदमों से दो फायदे हुए, एक तो जनता को harassment से मुक्ति मिली, और दूसरा, सरकारी मशीनरी की एनर्जी भी बची। एक और Example GST का है। 30 से ज्यादा टैक्सेज़ को मिलाकर एक टैक्स बना दिया गया है। इसको process के, documentation के हिसाब से देखें तो कितनी बड़ी बचत हुई है।

साथियों,

सरकारी खरीद में पहले कितनी फिजूलखर्ची होती थी, कितना करप्शन होता था, ये मीडिया के आप लोग आए दिन रिपोर्ट करते थे। हमने, GeM यानि गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म बनाया। अब सरकारी डिपार्टमेंट, इस प्लेटफॉर्म पर अपनी जरूरतें बताते हैं, इसी पर वेंडर बोली लगाते हैं और फिर ऑर्डर दिया जाता है। इसके कारण, भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है, और सरकार को एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की बचत भी हुई है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर- DBT की जो व्यवस्था भारत ने बनाई है, उसकी तो दुनिया में चर्चा है। DBT की वजह से टैक्स पेयर्स के 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा, गलत हाथों में जाने से बचे हैं। 10 करोड़ से ज्यादा फर्ज़ी लाभार्थी, जिनका जन्म भी नहीं हुआ था, जो सरकारी योजनाओं का फायदा ले रहे थे, ऐसे फर्जी नामों को भी हमने कागजों से हटाया है।

साथियों,

 

हमारी सरकार टैक्स की पाई-पाई का ईमानदारी से उपयोग करती है, और टैक्सपेयर का भी सम्मान करती है, सरकार ने टैक्स सिस्टम को टैक्सपेयर फ्रेंडली बनाया है। आज ITR फाइलिंग का प्रोसेस पहले से कहीं ज्यादा सरल और तेज़ है। पहले सीए की मदद के बिना, ITR फाइल करना मुश्किल होता था। आज आप कुछ ही समय के भीतर खुद ही ऑनलाइन ITR फाइल कर पा रहे हैं। और रिटर्न फाइल करने के कुछ ही दिनों में रिफंड आपके अकाउंट में भी आ जाता है। फेसलेस असेसमेंट स्कीम भी टैक्सपेयर्स को परेशानियों से बचा रही है। गवर्नेंस में efficiency से जुड़े ऐसे अनेक रिफॉर्म्स ने दुनिया को एक नया गवर्नेंस मॉडल दिया है।

साथियों,

पिछले 10-11 साल में भारत हर सेक्टर में बदला है, हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है। और एक बड़ा बदलाव सोच का आया है। आज़ादी के बाद के अनेक दशकों तक, भारत में ऐसी सोच को बढ़ावा दिया गया, जिसमें सिर्फ विदेशी को ही बेहतर माना गया। दुकान में भी कुछ खरीदने जाओ, तो दुकानदार के पहले बोल यही होते थे – भाई साहब लीजिए ना, ये तो इंपोर्टेड है ! आज स्थिति बदल गई है। आज लोग सामने से पूछते हैं- भाई, मेड इन इंडिया है या नहीं है?

साथियों,

आज हम भारत की मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस का एक नया रूप देख रहे हैं। अभी 3-4 दिन पहले ही एक न्यूज आई है कि भारत ने अपनी पहली MRI मशीन बना ली है। अब सोचिए, इतने दशकों तक हमारे यहां स्वदेशी MRI मशीन ही नहीं थी। अब मेड इन इंडिया MRI मशीन होगी तो जांच की कीमत भी बहुत कम हो जाएगी।

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साथियों,

आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान ने, देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को एक नई ऊर्जा दी है। पहले दुनिया भारत को ग्लोबल मार्केट कहती थी, आज वही दुनिया, भारत को एक बड़े Manufacturing Hub के रूप में देख रही है। ये सक्सेस कितनी बड़ी है, इसके उदाहरण आपको हर सेक्टर में मिलेंगे। जैसे हमारी मोबाइल फोन इंडस्ट्री है। 2014-15 में हमारा एक्सपोर्ट, वन बिलियन डॉलर तक भी नहीं था। लेकिन एक दशक में, हम ट्वेंटी बिलियन डॉलर के फिगर से भी आगे निकल चुके हैं। आज भारत ग्लोबल टेलिकॉम और नेटवर्किंग इंडस्ट्री का एक पावर सेंटर बनता जा रहा है। Automotive Sector की Success से भी आप अच्छी तरह परिचित हैं। इससे जुड़े Components के एक्सपोर्ट में भी भारत एक नई पहचान बना रहा है। पहले हम बहुत बड़ी मात्रा में मोटर-साइकल पार्ट्स इंपोर्ट करते थे। लेकिन आज भारत में बने पार्ट्स UAE और जर्मनी जैसे अनेक देशों तक पहुंच रहे हैं। सोलर एनर्जी सेक्टर ने भी सफलता के नए आयाम गढ़े हैं। हमारे सोलर सेल्स, सोलर मॉड्यूल का इंपोर्ट कम हो रहा है और एक्सपोर्ट्स 23 गुना तक बढ़ गए हैं। बीते एक दशक में हमारा डिफेंस एक्सपोर्ट भी 21 गुना बढ़ा है। ये सारी अचीवमेंट्स, देश की मैन्युफैक्चरिंग इकोनॉमी की ताकत को दिखाती है। ये दिखाती है कि भारत में कैसे हर सेक्टर में नई जॉब्स भी क्रिएट हो रही हैं।

साथियों,

TV9 की इस समिट में, विस्तार से चर्चा होगी, अनेक विषयों पर मंथन होगा। आज हम जो भी सोचेंगे, जिस भी विजन पर आगे बढ़ेंगे, वो हमारे आने वाले कल को, देश के भविष्य को डिजाइन करेगा। पिछली शताब्दी के इसी दशक में, भारत ने एक नई ऊर्जा के साथ आजादी के लिए नई यात्रा शुरू की थी। और हमने 1947 में आजादी हासिल करके भी दिखाई। अब इस दशक में हम विकसित भारत के लक्ष्य के लिए चल रहे हैं। और हमें 2047 तक विकसित भारत का सपना जरूर पूरा करना है। और जैसा मैंने लाल किले से कहा है, इसमें सबका प्रयास आवश्यक है। इस समिट का आयोजन कर, TV9 ने भी अपनी तरफ से एक positive initiative लिया है। एक बार फिर आप सभी को इस समिट की सफलता के लिए मेरी ढेर सारी शुभकामनाएं हैं।

मैं TV9 को विशेष रूप से बधाई दूंगा, क्योंकि पहले भी मीडिया हाउस समिट करते रहे हैं, लेकिन ज्यादातर एक छोटे से फाइव स्टार होटल के कमरे में, वो समिट होती थी और बोलने वाले भी वही, सुनने वाले भी वही, कमरा भी वही। TV9 ने इस परंपरा को तोड़ा और ये जो मॉडल प्लेस किया है, 2 साल के भीतर-भीतर देख लेना, सभी मीडिया हाउस को यही करना पड़ेगा। यानी TV9 Thinks Today वो बाकियों के लिए रास्ता खोल देगा। मैं इस प्रयास के लिए बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं, आपकी पूरी टीम को, और सबसे बड़ी खुशी की बात है कि आपने इस इवेंट को एक मीडिया हाउस की भलाई के लिए नहीं, देश की भलाई के लिए आपने उसकी रचना की। 50,000 से ज्यादा नौजवानों के साथ एक मिशन मोड में बातचीत करना, उनको जोड़ना, उनको मिशन के साथ जोड़ना और उसमें से जो बच्चे सिलेक्ट होकर के आए, उनकी आगे की ट्रेनिंग की चिंता करना, ये अपने आप में बहुत अद्भुत काम है। मैं आपको बहुत बधाई देता हूं। जिन नौजवानों से मुझे यहां फोटो निकलवाने का मौका मिला है, मुझे भी खुशी हुई कि देश के होनहार लोगों के साथ, मैं अपनी फोटो निकलवा पाया। मैं इसे अपना सौभाग्य मानता हूं दोस्तों कि आपके साथ मेरी फोटो आज निकली है। और मुझे पक्का विश्वास है कि सारी युवा पीढ़ी, जो मुझे दिख रही है, 2047 में जब देश विकसित भारत बनेगा, सबसे ज्यादा बेनिफिशियरी आप लोग हैं, क्योंकि आप उम्र के उस पड़ाव पर होंगे, जब भारत विकसित होगा, आपके लिए मौज ही मौज है। आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

धन्यवाद।