Quoteभाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और नक्सली हिंसा दोनों पर काबू पाया।
Quoteशक्तिशाली और विकसित भारत बनाने के लिए जनता को भरोसा सिर्फ बीजेपी पर है।

भारत माता की…,

भारत माता की… ,

भारत माता की…

जम्मो छत्तीसगढ़ के भाई-बहिनी, सियान, महतारी, मन ला जय जोहार ! सब जना बैठ जाइए, मैंने देख लिया। बैठ जाइए। माता विंध्यवासिनी बिलाई और रुद्रेश्वर महादेव को मैं प्रणाम करता हूं।

भाइयों और बहनों,

19 अप्रैल को हमारे छत्तीसगढ़ में बस्तर सीट पर मतदान हुआ। देश के और राज्यों में मतदान हुआ। और उस प्रथम चरण के मतदान ने साफ कर दिया है कि देश का मन एकदम साफ है और देश का मन कहता है शक्तिशाली, विकसित भारत बनाने के लिए, एक मजबूत सरकार बनानी है। औऱ इसलिए जनता जनार्दन का भरोसा सिर्फ औऱ सिर्फ भाजपा पर है। दूसरी तरफ इंडी गठबंधन वाले हैं, उनके आपस में ही सिर फुटौव्वल चल रही है। आपने देखा होगा, दो दिन पहले झारखंड में इंडी-गठबंधन की रैली थी। वहां सरेआम, एक-दूसरे के सिर फोड़े गए, कपड़े फाड़े गए। ये है, इन लोगों की हालत है। और मैं तो पत्रकार जगत के लोगों को कहूंगा कि इंडी अलायंस वालों ने जब पहली रैली की थी, तब कितने लोगों ने हाथ बांध बांध करके उठाया था। दूसरी रैली हुई थी तो कितने निकल गए, तीसरी हुई तब कितने निकल गए, और ये आखिरी रैली में तो जो पहली में थे उसमें से तो आधे निकल गए, सब छोड़ कर भाग गए। कांग्रेस की स्थिति तो ऐसी है कि दिल्ली में जहां ये कांग्रेस का शाही परिवार रहता है न, ये कांग्रेस के शाही परिवार को उनके नसीब में उनकी खुद की पार्टी कांग्रेस को वोट देने का अवसर नहीं है, बताइए। और वो हिन्दुस्तान भर में वोट मांग रहे हैं। खुद का वोट कांग्रेस को नहीं जाएगा औऱ आपको कहते हैं कि वोट दो क्योंकि वो शाही परिवार जहां रहता है वहां कांग्रेस का कोई उम्मीदवार ही नहीं है। जिस कांग्रेस से दिल्ली का भरोसा तक उठ गया हो, उस पर छत्तीसगढ़ भरोसा कैसे कर सकता है? और तभी देश कह रहा है- फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार !

साथियों,

आज मैं आपसे, विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ के लिए आशीर्वाद मांगने के लिए आया हूं। आज मैं आपके बीच, मेरे लिए कुछ मांगने के लिए आया हूँ और मुझे भरोसा है, मैंने जितनी बार भी आपके पास कुछ मांगा है, छत्तीसगढ़ ने मुझे कभी निऱाश नहीं किया है। मेरी झोली भर दी है उन्होंने।

भाइयों औऱ बहनों,

ये छत्तीसगढ वो प्रदेश है, जिसके पास स्टील की ताकत है। छत्तीसगढ़ के पास कोयले की शक्ति है। छत्तीसगढ़ के पास वन संपदा का भंडार है। छत्तीसगढ़ में विकसित भारत की यात्रा को तेज गति देने का सामर्थ्य है। आपने 10 साल मुझे देखा है। प्रधानमंत्री, आपने जब से बनाया है मेरे काम को देखा है। आपकी सेवा करने का आपने मुझे मौका दिया है, और आपने देखा कोई छुट्टी लिए बिना, मैं आपकी सेवा करता रहूं कि नहीं करता रहा हूं? दिन रात सेवा करता रहा हूँ कि नहीं कर रहा रहूं? मेरे लिए कभी कुछ किया, ऐसी कोई खबर आपने सुनी है, मैंने मेरे लिए कुछ काम किया, ऐसी कोई खबर पढ़ी है। मैं दस साल सिर्फ औऱ सिर्फ आपके लिए, जीता रहा हूं। आपके लिए जूझता रहा हूँ। दस साल में, क्या कुछ नहीं हुआ, (अब उनको नीचे रखिए, इतना वजन उठाकरके क्या करोगे हनुमान जी है बहुत ताकत होती है, आराम से बैठिए भाई, बाकियों का ध्यान divert कर रहे हैं, आप बैठिए, आराम से, बजरंग बली की जय,बजंरंग बली की जय)

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साथियों,

दस साल में महासमुंद सहित छत्तीसगढ़ में पांच नए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए, भाजपा ने हर घर तक बिजली पहुंचाई, सस्ते सिलेंडर वाला गैस कनेक्शन दिया, घर-घर पानी पहुंचाने के लिए तेज़ी से काम हो रहा है, बेलसोंडा-महासमुंद-अरंड के बीच रेल का दोहरीकरण हो रहा है, रायपुर, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट और सब्बावरम से होते हुए इकॉनॉमिक कॉरिडोर बन रहा है, कोडेबाद और धमतरी के बीच हाईवे बेहतर हुआ है। मैं ऐसे कई काम गिना सकता हूं। कांग्रेस के समय में जनजातीय क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ऐसे काम होते ही नहीं थे। आज मोदी आपको गारंटी दे रहा है, 4 जून को चुनाव नतीजे आने के बाद, तीसरी बार मेरी सरकार बनने के बाद, छत्तीसगढ़ में रोड, रेल, सिंचाई और इंटरनेट कनेक्टिविटी का और तेजी से विस्तार किया जाएगा। इससे जुड़ी सारी जानकारियां विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की सरकार सारी जानकारियां लगातार दिल्ली भेज रही है। नई सरकार के पहले 100 दिन में छत्तीसगढ़ के लिए जो फैसले होंगे, उसके लिए इससे मदद मिलेगी

साथियों, कांग्रेस जब भी सत्ता में रही है, उसने विकास को पटरी से उतारने का काम किया है।कांग्रेस और विकास साथ-साथ चल ही नहीं सकते। इसके बजाय कांग्रेस जहां-जहां सरकार में रही, वहां हिंसा और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया। यही कांग्रेस है, जो जब तक नॉर्थ ईस्ट में थी, तब तक वहां हिंसा की गतिविधियां शांत नहीं हो पा रही थीं। यही कांग्रेस है, जो जब तक पावर में रही, छत्तीसगढ़ में नक्सली, माओवादी, हिंसा बढ़ती रही। आखिर कांग्रेस और हिंसा का ये कौन सा नाता है कौन सा कनेक्शन है? जवाब है भ्रष्टाचार। अपना भ्रष्टाचार छिपाने के लिए कांग्रेस हिंसा को बढ़ावा देती रही। लोग जान गंवाते रहे, लेकिन कांग्रेस अपनी तिजोरी भरने में लगी रही। भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और नक्सली हिंसा दोनों को काबू किया है। अब छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद तेजी से कम हो रहा है। और मैं छत्तीसगढ़ को गारंटी देता हूं- माओवाद को, नक्सलवाद को, जड़ से समाप्त करके रहूंगा। मैं, उन हर माता को आश्ववासन देता हूँ, कि आपके बच्चो की जिंदगी बरबाद न हो, वो बंदूके लेकर जंगलों में भटकने के आदी न बन जाऐ, इसलिए मैं आपके बच्चों की रक्षा के लिए, हर मॉ को वादा करता हूँ, मैं माओवाद, नक्सलवाद को जड़ों से उखाड़ फेकूंगा।

भाइयों और बहनों,

जब नीयत सही होती है, तो नतीजे भी सही मिलते हैं। कांग्रेस की सरकार कहती थी कि दिल्ली से 1 रुपया चलेगा तो लाभार्थी तक 15 पैसा ही पहुंचेगा। ये उनके प्रधानमंत्री कहते थे, उन्होंने इस व्यवस्था को बदलने का कोई प्रयास ही नहीं किया। अब सवाल ये है कि 1 रुपए में से 15 पैसा पहुंचता था तो ये 85 पैसे, eighty five paise ये रास्ते में ही कौन सा पंजा लूट लेता था, भाई? जब आपने मोदी को सेवा का अवसर दिया तो सबसे पहले मैंने इनकी लूट की दुकान पर ताला लगा दिया। देश में 50 करोड़ से ज्यादा जनधन खाते खोले गए, जिनमें से छत्तीसगढ़ में भी पौने दो करोड़ खाते खोले गए। बीते 10 साल में बीजेपी सरकार ने 34 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा सीधे देश की जनता के बैंक खातों में भेजे हैं। आपको, आंकड़ा याद रहेगा, कितना? भूल गए न, 34 लाख करोड़, कितना? 34 लाख करोड़। अब 1 रूपये में से 15 पैसा पहुंचने वाला हिसाब लगाओगे तो क्या होगा, अगर कांग्रेस सरकार होती और उन्होंने 34 लाख करोड़ भेजा होता औऱ 15 पैसा के हिसाब से पहुंचा होता तो 34 लाख करोड़ में से 29 लाख करोड़ रूपए उनकी सरकार के बिचौलिए ही खा जाते। मेरी बात समझ आ रही है? आपको। ये मोदी ने, आपके वो पैसे बचाए हैं। और जो हकदार है, उसके खाते में सीधे सीधे पहुंचाए हैं। बीजेपी सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को तीन लाख करोड़ रुपया बैंक में ट्रांसफर किए हैं। कितना? याद रखोगे न? कितना? अगर कांग्रेस सरकार होती तो इसमें से भी करीब ढाई लाख करोड़ कोई न कोई पंजा मार लेता । जब तक देश में भाजपा की सरकार है, आपके हक का पैसा सीधे आपके अकाउंट में पहुंचता है, कोई बिचौलिया नहीं, कोई कट की कंपनी नहीं, कोई रिश्वत नहीं। ये सेवा मोदी करता है। दिल्ली से 1 रूपया निकले और सौ के सौ पैसे हकदार के पास पहुंचे, ये मोदी की गारंटी है।

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साथियों, कांग्रेस गरीब से सिर्फ विश्वासघात करना जानती है, कांग्रेस कभी भी गरीब की पीड़ा नहीं समझती। सोने के चम्मच लेकर के पैदा हुए लोग, गरीब मां का दर्द क्या होता है, कभी नहीं समझ सकते। मोदी समझ सकता है, वो जिंदगी को जी करके आय़ा है। गरीबी को जी करके आया है। कांग्रेस ने 60 साल तक देश पर राज किया, लेकिन कभी उनको ये चिंता नहीं हुई कि क्या कभी गरीब के बच्चे भूखे सोते होंगे, क्या गरीब के घर में कभी चूल्हा नहीं जलता होगा, मोदी इस दर्द को जानता था और इसलिए मैंने मुफ्त राशन की योजना चालू की औऱ आज गरीब को मुफ्त राशन मिल रहा है। भाजपा ने ना सिर्फ इसे लागू किया बल्कि ये गारंटी भी दी है कि ये योजना अगले 5 साल जारी रहेगी। मुफ्त राशन मिलता रहेगा।कांग्रेस को कभी ये चिंता भी नहीं हुई, कि गरीब के पास, मेरे दलित परिवारों के पास, मेरे आदिवासी परिवारों के पास, इलाज के पैसे कहां से लाएगा? और हम तो जानते हैं कि परिवार में कोई मां, बहन बीमार हो जाती है न, तो परिवार के लोगों को बताती तक नहीं है,सहन करती रहती है, काम भी करती रहती है, पीड़ा सहन करती रहती है, क्यों, उस मां के मन में रहता है कि अगर बच्चो को पता चल गया कि बीमारी है तो अस्पताल तो ले जाएगें लेकिन इतना खर्च आएगा कि संतान कर्ज में डूब जाएगें, अपनी संतान कर्ज में डूब न जाऐं इसलिए हमारे देश की माताऐं और बहनें, दर्द सहन करती थीं, पीड़ा सहन करती थीं लेकिन परिवार को बताती नहीं थीं औऱ कभी कभी मौत को आलिंगन दे देती थीं। ये बात मैं जानता था, तो फिर आपके बेटे का दिल्ली में बैठने का क्या मतलब? क्या मतलब दिल्ली में बैठने का? वो दर्द वो पीड़ा मेरे दिल में थी क्योंकि आपके बीच से निकल कर आय़ा था, आपने मोदी पर भरोसा किया था, आज छत्तीसगढ़ के लाखों परिवारों के पास 5 लाख रुपए के मुफ्त इलाज का गारंटी कार्ड है। अब किसी मां बाप को अपना दर्द छिपाना नहीं पड़ेगा। अब मोदी की गारंटी है कि छत्तीसगढ़ में हर परिवार में जो भी सत्तर साल के ऊपर के बुजुर्ग हैं, उन परिवार में जो लोग कमाने वाले हैं उनको मैं कह देता हूँ, आपको आपके माता पिता की दवाई के इलाज का जो बोझ रहता है न वो पैसे अब बचेगें औऱ आप पैसे का उपयोग अपने बच्चों पर लगा सकते हो, और आपके मात पिता मेरे भी मात पिता हैं, उनकी बिमारी का इलाज मोदी करेगा। आपका ये बेटा ही करेगा।

साथियों,

हमारे देश में करीब 10 करोड़ किसान ऐसे हैं जिनके पास दो हेक्टेयर से भी कम जमीन है। छोटे किसान हैं, इन छोटे किसानों की चिंता कभी कांग्रेस ने नहीं की। छोटे किसानों को भी कभी सीधे पैसा मिलेगा, ये कभी तो उन्होंने सोचा भी नहीं था। मांग भी नहीं की थी। लेकिन ये मोदी तो दुःख दर्द तो समझने वाला इंसान है। आज पीएम किसान सम्मान निधि समय पर किसानों को मिल रही है। भाजपा ने छत्तीसगढ़ के धान किसानों को 3 हजार एक सौ रुपए MSP और 2 साल का बकाया बोनस देने की गारंटी दी थी। यहां विष्णु देव जी की सरकार ने इतने कम समय में ही ये गारंटी पूरी कर, हज़ार करोड़ रुपए धान किसानों तक पहुंचा दिए हैं। तेंदुपत्ता संग्राहकों के साथ भी कांग्रेस की सरकार ने क्या-क्या खेल नहीं किया। तेंदुपत्ता संग्राहकों को दी गई हर गारंटी आज भाजपा सरकार ईमानदारी से पूरी कर रही है। एक और बड़ी गारंटी जो भाजपा यहां की बहनों को दी थी, वो है महतारी वंदन योजना। कांग्रेस तब भ्रम फैला रही थी कि भाजपा ये गारंटी पूरा नहीं करेगी। आज बहनों के बैंक अकाउंट में सीधे इस योजना का पैसा जा रहा है।

साथियों,

मोदी ने गरीबों के 3 करोड़ नए घर बनाने की भी गारंटी दी है। इसमें वो 18 लाख घर भी हैं, जो छत्तीसगढ़ के गरीब, SC/ST/OBC परिवारों को मिलेंगे। और मैं आपको भी कहता हूँ, इस चुनाव के दरम्यान जब आप गांव जाऐं, जब मोहल्ले में जाऐं और आपको कोई कच्चे घर में, झुग्गी झोपड़ी में रहने वाला मिले तो उसे मोदी की गारंटी बता देना,जैसे ही मोदी तीसरी बार बैठेंगे न तेरा घर भी पक्का हो जाएगा। बता देंगे? ऐसे सबको बता देंगे? पक्का बता देंगे? ये घर भी माताओं-बहनों के नाम रजिस्टर होंगे।

भाइयों और बहनों,

मोदी आपके सपने पूरा करने के लिए दिन रात एक कर रहा है, लेकिन कांग्रेस कहती है कि ये तो मुद्दे ही नहीं हैं। और कांग्रेस के लिए मुद्दा क्या है? ये लोग कहते हैं- मोदी का सिर तोड़ देंगे, बताइए चुनाव का मुद्दा है क्या, ये आपके छत्तीसगढ़ में कहा जाता है मोदी का सिर फोड़ देंगे। इतना ही नहीं, यहां ऐसे ऐसे लोग भरे हैं जो मेरी स्वर्गवासी माता को गाली देते हैं। यही लोग हैं जो देशभर में घूम-घूम कर मोदी समाज को, साहू समाज को गाली देते हैं औऱ अदालतों में बड़े गर्व के साथ इंकार करते हैं, अदालत सजा भी देती है।

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साथियों, कोई नहीं चाहता कि उसकी संतानें भी गरीब रहें। लेकिन ये कांग्रेस के शाही परिवार की करनी का फल है जो गरीब जहां था, वो गरीब ही रहा। कांग्रेस के दशकों के राज में यही स्थिति थी। कांग्रेस की वजह से ही इतनी बड़ी आबादी पिछड़ी रह गई, वंचित रह गई, शोषित रह गई। ये कांग्रेस ही है ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा तक नहीं दिया। कांग्रेस ने मेडिकल की परीक्षाओं में ओबीसी आरक्षण तक नहीं दिया। और आज जब देश में एक आदिवासी बेटी राष्ट्रपति हैं। यहां छत्तीसगढ़ में, आदिवासी मुख्यमंत्री हैं, छत्तीसगढ़ में ओबीसी उप-मुख्यमंत्री है। पड़ोस में एमपी में भाजपा के मोहन यादव जी मुख्यमंत्री हैं। जब SC/ST/OBC ऐसे पदों पर पहुंच रहे हैं, तो कांग्रेस को लोकतंत्र और संविधान खतरे में नज़र आने लगा है? ये लोग देश के भीतर आग लगाने की धमकी दे रहे हैं।

साथियों,

छत्तीसगढ़ में भूईंया, धनुहार, धांगड़, भिन्जिया, ऐसी अनेक जनजातियां हैं, जो संविधान के तहत अपना हक मांगती थीं। कांग्रेस ने आदिवासियों को उनका ये हक नहीं दिया। कमार और बैंगा जैसी अति पिछड़ी जनजातियां को कांग्रेस ने कभी नहीं पूछा। ये भाजपा है, जिसने इनके लिए पीएम जनमन जैसी 24 हज़ार करोड़ रुपए की योजना बनाई है।

साथियों,

चौबीस के इस चुनाव में आपके सेवक नरेंद्र मोदी को आपका आशीर्वाद चाहिए।ये 2024 के चुनाव में, मैं आपसे, देशवासियों से, आशीर्वाद मांगने के लिए निकला हूँ। मेरे लिए नहीं, आपके सपने पूरे करने के लिए। और मेरा वादा है आपके सपने ही, मेरा संकल्प है। मेरा पल-पल आपके लिए है। मेरा पल-पल देश के लिए है औऱ इसलिए मैं कहता हूँ, 24 बाई सेवन, मैं 2047 के लिए खप जाऊंगा। इस चुनाव में आपको केवल एक सांसद ही नहीं चुनना, बल्कि देश का उज्जवल भविष्य चुनना है, आपके अपने बच्चों का उज्जवल भविष्य सुनिश्चित करना है। आपकी आने वाली पीढ़ियों का जीवन जो मुसीबतों से आपको गुजारना पड़ा, वैसा न गुजारना पड़े, इसकी गारंटी का ये चुनाव है। इसलिए राष्ट्र निर्माण का ये मौका बिल्कुल ना गंवाएं। गर्मी है, शादियां है, खेत में काम भी है लेकिन गर्मी को रुकावट ना बनने दें, कोशिश करें पहले मतदान, फिर जलपान। भारतीय जनता पार्टी को दिया आपका वोट, विकसित भारत बनाएगा, ये मोदी की गारंटी है। औऱ इसलिए मैं देशवासियों को प्रार्थना करता हूँ, भारी मात्रा में मतदान करें। लोकतंत्र के उत्सव को मनाएं, कमल के निशान पर बटन दबाएं। आपका हर वोट, सीधा-सीधा मोदी के पास जाएगा। आपका हर वोट.. (ऑडियो खराब है...31.00-32.40 तक) शाबाश

साथियों,

आपको 26 अप्रैल को महासमुंद से बहन रूप कुमारी चौधरी जी और कांकेर से भोजराज नाग जी, को विजयी बनाना है। और रायपुर में हमारे पुराने साथी बृजमोहन अग्रवाल जी हैं, हमारे इन तीनों साथियों को भारी मतों से विजयी बनाना है, ताकि दिल्ली में, मैं मजबूती से काम कर सकूं, ऐसे छत्तीसगढ़ के प्रतिनीधि मुझे चाहिए। मैं जानता हूं कि इस सभा में भाजाप के कुछ कार्यकर्ता भी हैं, वो बहुत परिश्रम कर रहे हैं। लेकिन ये परिश्रम तभी फलदायक होगा, जब हम अपना-अपना बूथ जीतेंगे। तो बूथ जीतेगें?, अपना पोलिंग बूथ जीतेगें लेकिन बूथ जीतने के लिए हमें भारी मतदान कराना होगा। पुराने सारे रिकार्ड तोड़ने होंगे, तोडेंगे? पक्का करेंगे? अच्छा मेरा एक और आग्रह है।करेंगे? मेरा एक काम अलग है करेंगे, जरा दोनों हाथ ऊपर करके बताइए करेंगे? करेंगे? अच्छा घर-घर जाइएगा और कहिएगा कि मोदी जी आए थे, उन्होंने जोहार कहा है, राम-राम कहा है। मेरा राम राम पहुंचा देंगे?मेरा जोहार पहुंचा देंगे? मेरे साथ बोलिए, भारत माता की जय ! भारत माता की जय ! भारत माता की जय !
बहुत बहुत धन्यवाद

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Text of PM’s speech at TV9 Summit 2025
March 28, 2025
QuoteToday, the world's eyes are on India: PM
QuoteIndia's youth is rapidly becoming skilled and driving innovation forward: PM
Quote"India First" has become the mantra of India's foreign policy: PM
QuoteToday, India is not just participating in the world order but also contributing to shaping and securing the future: PM
QuoteIndia has given Priority to humanity over monopoly: PM
QuoteToday, India is not just a Nation of Dreams but also a Nation That Delivers: PM

श्रीमान रामेश्वर गारु जी, रामू जी, बरुन दास जी, TV9 की पूरी टीम, मैं आपके नेटवर्क के सभी दर्शकों का, यहां उपस्थित सभी महानुभावों का अभिनंदन करता हूं, इस समिट के लिए बधाई देता हूं।

TV9 नेटवर्क का विशाल रीजनल ऑडियंस है। और अब तो TV9 का एक ग्लोबल ऑडियंस भी तैयार हो रहा है। इस समिट में अनेक देशों से इंडियन डायस्पोरा के लोग विशेष तौर पर लाइव जुड़े हुए हैं। कई देशों के लोगों को मैं यहां से देख भी रहा हूं, वे लोग वहां से वेव कर रहे हैं, हो सकता है, मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं। मैं यहां नीचे स्क्रीन पर हिंदुस्तान के अनेक शहरों में बैठे हुए सब दर्शकों को भी उतने ही उत्साह, उमंग से देख रहा हूं, मेरी तरफ से उनका भी स्वागत है।

साथियों,

आज विश्व की दृष्टि भारत पर है, हमारे देश पर है। दुनिया में आप किसी भी देश में जाएं, वहां के लोग भारत को लेकर एक नई जिज्ञासा से भरे हुए हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि जो देश 70 साल में ग्यारहवें नंबर की इकोनॉमी बना, वो महज 7-8 साल में पांचवे नंबर की इकोनॉमी बन गया? अभी IMF के नए आंकड़े सामने आए हैं। वो आंकड़े कहते हैं कि भारत, दुनिया की एकमात्र मेजर इकोनॉमी है, जिसने 10 वर्षों में अपने GDP को डबल किया है। बीते दशक में भारत ने दो लाख करोड़ डॉलर, अपनी इकोनॉमी में जोड़े हैं। GDP का डबल होना सिर्फ आंकड़ों का बदलना मात्र नहीं है। इसका impact देखिए, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, और ये 25 करोड़ लोग एक नियो मिडिल क्लास का हिस्सा बने हैं। ये नियो मिडिल क्लास, एक प्रकार से नई ज़िंदगी शुरु कर रहा है। ये नए सपनों के साथ आगे बढ़ रहा है, हमारी इकोनॉमी में कंट्रीब्यूट कर रहा है, और उसको वाइब्रेंट बना रहा है। आज दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी हमारे भारत में है। ये युवा, तेज़ी से स्किल्ड हो रहा है, इनोवेशन को गति दे रहा है। और इन सबके बीच, भारत की फॉरेन पॉलिसी का मंत्र बन गया है- India First, एक जमाने में भारत की पॉलिसी थी, सबसे समान रूप से दूरी बनाकर चलो, Equi-Distance की पॉलिसी, आज के भारत की पॉलिसी है, सबके समान रूप से करीब होकर चलो, Equi-Closeness की पॉलिसी। दुनिया के देश भारत की ओपिनियन को, भारत के इनोवेशन को, भारत के एफर्ट्स को, जैसा महत्व आज दे रहे हैं, वैसा पहले कभी नहीं हुआ। आज दुनिया की नजर भारत पर है, आज दुनिया जानना चाहती है, What India Thinks Today.

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साथियों,

भारत आज, वर्ल्ड ऑर्डर में सिर्फ पार्टिसिपेट ही नहीं कर रहा, बल्कि फ्यूचर को शेप और सेक्योर करने में योगदान दे रहा है। दुनिया ने ये कोरोना काल में अच्छे से अनुभव किया है। दुनिया को लगता था कि हर भारतीय तक वैक्सीन पहुंचने में ही, कई-कई साल लग जाएंगे। लेकिन भारत ने हर आशंका को गलत साबित किया। हमने अपनी वैक्सीन बनाई, हमने अपने नागरिकों का तेज़ी से वैक्सीनेशन कराया, और दुनिया के 150 से अधिक देशों तक दवाएं और वैक्सीन्स भी पहुंचाईं। आज दुनिया, और जब दुनिया संकट में थी, तब भारत की ये भावना दुनिया के कोने-कोने तक पहुंची कि हमारे संस्कार क्या हैं, हमारा तौर-तरीका क्या है।

साथियों,

अतीत में दुनिया ने देखा है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद जब भी कोई वैश्विक संगठन बना, उसमें कुछ देशों की ही मोनोपोली रही। भारत ने मोनोपोली नहीं बल्कि मानवता को सर्वोपरि रखा। भारत ने, 21वीं सदी के ग्लोबल इंस्टीट्यूशन्स के गठन का रास्ता बनाया, और हमने ये ध्यान रखा कि सबकी भागीदारी हो, सबका योगदान हो। जैसे प्राकृतिक आपदाओं की चुनौती है। देश कोई भी हो, इन आपदाओं से इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान होता है। आज ही म्यांमार में जो भूकंप आया है, आप टीवी पर देखें तो बहुत बड़ी-बड़ी इमारतें ध्वस्त हो रही हैं, ब्रिज टूट रहे हैं। और इसलिए भारत ने Coalition for Disaster Resilient Infrastructure - CDRI नाम से एक वैश्विक नया संगठन बनाने की पहल की। ये सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि दुनिया को प्राकृतिक आपदाओं के लिए तैयार करने का संकल्प है। भारत का प्रयास है, प्राकृतिक आपदा से, पुल, सड़कें, बिल्डिंग्स, पावर ग्रिड, ऐसा हर इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित रहे, सुरक्षित निर्माण हो।

साथियों,

भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हर देश का मिलकर काम करना बहुत जरूरी है। ऐसी ही एक चुनौती है, हमारे एनर्जी रिसोर्सेस की। इसलिए पूरी दुनिया की चिंता करते हुए भारत ने International Solar Alliance (ISA) का समाधान दिया है। ताकि छोटे से छोटा देश भी सस्टेनबल एनर्जी का लाभ उठा सके। इससे क्लाइमेट पर तो पॉजिटिव असर होगा ही, ये ग्लोबल साउथ के देशों की एनर्जी नीड्स को भी सिक्योर करेगा। और आप सबको ये जानकर गर्व होगा कि भारत के इस प्रयास के साथ, आज दुनिया के सौ से अधिक देश जुड़ चुके हैं।

साथियों,

बीते कुछ समय से दुनिया, ग्लोबल ट्रेड में असंतुलन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी challenges का सामना कर रही है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए भी भारत ने दुनिया के साथ मिलकर नए प्रयास शुरु किए हैं। India–Middle East–Europe Economic Corridor (IMEC), ऐसा ही एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। ये प्रोजेक्ट, कॉमर्स और कनेक्टिविटी के माध्यम से एशिया, यूरोप और मिडिल ईस्ट को जोड़ेगा। इससे आर्थिक संभावनाएं तो बढ़ेंगी ही, दुनिया को अल्टरनेटिव ट्रेड रूट्स भी मिलेंगे। इससे ग्लोबल सप्लाई चेन भी और मजबूत होगी।

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साथियों,

ग्लोबल सिस्टम्स को, अधिक पार्टिसिपेटिव, अधिक डेमोक्रेटिक बनाने के लिए भी भारत ने अनेक कदम उठाए हैं। और यहीं, यहीं पर ही भारत मंडपम में जी-20 समिट हुई थी। उसमें अफ्रीकन यूनियन को जी-20 का परमानेंट मेंबर बनाया गया है। ये बहुत बड़ा ऐतिहासिक कदम था। इसकी मांग लंबे समय से हो रही थी, जो भारत की प्रेसीडेंसी में पूरी हुई। आज ग्लोबल डिसीजन मेकिंग इंस्टीट्यूशन्स में भारत, ग्लोबल साउथ के देशों की आवाज़ बन रहा है। International Yoga Day, WHO का ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के लिए ग्लोबल फ्रेमवर्क, ऐसे कितने ही क्षेत्रों में भारत के प्रयासों ने नए वर्ल्ड ऑर्डर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, और ये तो अभी शुरूआत है, ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर भारत का सामर्थ्य नई ऊंचाई की तरफ बढ़ रहा है।

साथियों,

21वीं सदी के 25 साल बीत चुके हैं। इन 25 सालों में 11 साल हमारी सरकार ने देश की सेवा की है। और जब हम What India Thinks Today उससे जुड़ा सवाल उठाते हैं, तो हमें ये भी देखना होगा कि Past में क्या सवाल थे, क्या जवाब थे। इससे TV9 के विशाल दर्शक समूह को भी अंदाजा होगा कि कैसे हम, निर्भरता से आत्मनिर्भरता तक, Aspirations से Achievement तक, Desperation से Development तक पहुंचे हैं। आप याद करिए, एक दशक पहले, गांव में जब टॉयलेट का सवाल आता था, तो माताओं-बहनों के पास रात ढलने के बाद और भोर होने से पहले का ही जवाब होता था। आज उसी सवाल का जवाब स्वच्छ भारत मिशन से मिलता है। 2013 में जब कोई इलाज की बात करता था, तो महंगे इलाज की चर्चा होती थी। आज उसी सवाल का समाधान आयुष्मान भारत में नजर आता है। 2013 में किसी गरीब की रसोई की बात होती थी, तो धुएं की तस्वीर सामने आती थी। आज उसी समस्या का समाधान उज्ज्वला योजना में दिखता है। 2013 में महिलाओं से बैंक खाते के बारे में पूछा जाता था, तो वो चुप्पी साध लेती थीं। आज जनधन योजना के कारण, 30 करोड़ से ज्यादा बहनों का अपना बैंक अकाउंट है। 2013 में पीने के पानी के लिए कुएं और तालाबों तक जाने की मजबूरी थी। आज उसी मजबूरी का हल हर घर नल से जल योजना में मिल रहा है। यानि सिर्फ दशक नहीं बदला, बल्कि लोगों की ज़िंदगी बदली है। और दुनिया भी इस बात को नोट कर रही है, भारत के डेवलपमेंट मॉडल को स्वीकार रही है। आज भारत सिर्फ Nation of Dreams नहीं, बल्कि Nation That Delivers भी है।

साथियों,

जब कोई देश, अपने नागरिकों की सुविधा और समय को महत्व देता है, तब उस देश का समय भी बदलता है। यही आज हम भारत में अनुभव कर रहे हैं। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। पहले पासपोर्ट बनवाना कितना बड़ा काम था, ये आप जानते हैं। लंबी वेटिंग, बहुत सारे कॉम्प्लेक्स डॉक्यूमेंटेशन का प्रोसेस, अक्सर राज्यों की राजधानी में ही पासपोर्ट केंद्र होते थे, छोटे शहरों के लोगों को पासपोर्ट बनवाना होता था, तो वो एक-दो दिन कहीं ठहरने का इंतजाम करके चलते थे, अब वो हालात पूरी तरह बदल गया है, एक आंकड़े पर आप ध्यान दीजिए, पहले देश में सिर्फ 77 पासपोर्ट सेवा केंद्र थे, आज इनकी संख्या 550 से ज्यादा हो गई है। पहले पासपोर्ट बनवाने में, और मैं 2013 के पहले की बात कर रहा हूं, मैं पिछले शताब्दी की बात नहीं कर रहा हूं, पासपोर्ट बनवाने में जो वेटिंग टाइम 50 दिन तक होता था, वो अब 5-6 दिन तक सिमट गया है।

साथियों,

ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेशन हमने बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में भी देखा है। हमारे देश में 50-60 साल पहले बैंकों का नेशनलाइजेशन किया गया, ये कहकर कि इससे लोगों को बैंकिंग सुविधा सुलभ होगी। इस दावे की सच्चाई हम जानते हैं। हालत ये थी कि लाखों गांवों में बैंकिंग की कोई सुविधा ही नहीं थी। हमने इस स्थिति को भी बदला है। ऑनलाइन बैंकिंग तो हर घर में पहुंचाई है, आज देश के हर 5 किलोमीटर के दायरे में कोई न कोई बैंकिंग टच प्वाइंट जरूर है। और हमने सिर्फ बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का ही दायरा नहीं बढ़ाया, बल्कि बैंकिंग सिस्टम को भी मजबूत किया। आज बैंकों का NPA बहुत कम हो गया है। आज बैंकों का प्रॉफिट, एक लाख 40 हज़ार करोड़ रुपए के नए रिकॉर्ड को पार कर चुका है। और इतना ही नहीं, जिन लोगों ने जनता को लूटा है, उनको भी अब लूटा हुआ धन लौटाना पड़ रहा है। जिस ED को दिन-रात गालियां दी जा रही है, ED ने 22 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक वसूले हैं। ये पैसा, कानूनी तरीके से उन पीड़ितों तक वापिस पहुंचाया जा रहा है, जिनसे ये पैसा लूटा गया था।

साथियों,

Efficiency से गवर्नमेंट Effective होती है। कम समय में ज्यादा काम हो, कम रिसोर्सेज़ में अधिक काम हो, फिजूलखर्ची ना हो, रेड टेप के बजाय रेड कार्पेट पर बल हो, जब कोई सरकार ये करती है, तो समझिए कि वो देश के संसाधनों को रिस्पेक्ट दे रही है। और पिछले 11 साल से ये हमारी सरकार की बड़ी प्राथमिकता रहा है। मैं कुछ उदाहरणों के साथ अपनी बात बताऊंगा।

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साथियों,

अतीत में हमने देखा है कि सरकारें कैसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिनिस्ट्रीज में accommodate करने की कोशिश करती थीं। लेकिन हमारी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में ही कई मंत्रालयों का विलय कर दिया। आप सोचिए, Urban Development अलग मंत्रालय था और Housing and Urban Poverty Alleviation अलग मंत्रालय था, हमने दोनों को मर्ज करके Housing and Urban Affairs मंत्रालय बना दिया। इसी तरह, मिनिस्ट्री ऑफ ओवरसीज़ अफेयर्स अलग था, विदेश मंत्रालय अलग था, हमने इन दोनों को भी एक साथ जोड़ दिया, पहले जल संसाधन, नदी विकास मंत्रालय अलग था, और पेयजल मंत्रालय अलग था, हमने इन्हें भी जोड़कर जलशक्ति मंत्रालय बना दिया। हमने राजनीतिक मजबूरी के बजाय, देश की priorities और देश के resources को आगे रखा।

साथियों,

हमारी सरकार ने रूल्स और रेगुलेशन्स को भी कम किया, उन्हें आसान बनाया। करीब 1500 ऐसे कानून थे, जो समय के साथ अपना महत्व खो चुके थे। उनको हमारी सरकार ने खत्म किया। करीब 40 हज़ार, compliances को हटाया गया। ऐसे कदमों से दो फायदे हुए, एक तो जनता को harassment से मुक्ति मिली, और दूसरा, सरकारी मशीनरी की एनर्जी भी बची। एक और Example GST का है। 30 से ज्यादा टैक्सेज़ को मिलाकर एक टैक्स बना दिया गया है। इसको process के, documentation के हिसाब से देखें तो कितनी बड़ी बचत हुई है।

साथियों,

सरकारी खरीद में पहले कितनी फिजूलखर्ची होती थी, कितना करप्शन होता था, ये मीडिया के आप लोग आए दिन रिपोर्ट करते थे। हमने, GeM यानि गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म बनाया। अब सरकारी डिपार्टमेंट, इस प्लेटफॉर्म पर अपनी जरूरतें बताते हैं, इसी पर वेंडर बोली लगाते हैं और फिर ऑर्डर दिया जाता है। इसके कारण, भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है, और सरकार को एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की बचत भी हुई है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर- DBT की जो व्यवस्था भारत ने बनाई है, उसकी तो दुनिया में चर्चा है। DBT की वजह से टैक्स पेयर्स के 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा, गलत हाथों में जाने से बचे हैं। 10 करोड़ से ज्यादा फर्ज़ी लाभार्थी, जिनका जन्म भी नहीं हुआ था, जो सरकारी योजनाओं का फायदा ले रहे थे, ऐसे फर्जी नामों को भी हमने कागजों से हटाया है।

साथियों,

 

हमारी सरकार टैक्स की पाई-पाई का ईमानदारी से उपयोग करती है, और टैक्सपेयर का भी सम्मान करती है, सरकार ने टैक्स सिस्टम को टैक्सपेयर फ्रेंडली बनाया है। आज ITR फाइलिंग का प्रोसेस पहले से कहीं ज्यादा सरल और तेज़ है। पहले सीए की मदद के बिना, ITR फाइल करना मुश्किल होता था। आज आप कुछ ही समय के भीतर खुद ही ऑनलाइन ITR फाइल कर पा रहे हैं। और रिटर्न फाइल करने के कुछ ही दिनों में रिफंड आपके अकाउंट में भी आ जाता है। फेसलेस असेसमेंट स्कीम भी टैक्सपेयर्स को परेशानियों से बचा रही है। गवर्नेंस में efficiency से जुड़े ऐसे अनेक रिफॉर्म्स ने दुनिया को एक नया गवर्नेंस मॉडल दिया है।

साथियों,

पिछले 10-11 साल में भारत हर सेक्टर में बदला है, हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है। और एक बड़ा बदलाव सोच का आया है। आज़ादी के बाद के अनेक दशकों तक, भारत में ऐसी सोच को बढ़ावा दिया गया, जिसमें सिर्फ विदेशी को ही बेहतर माना गया। दुकान में भी कुछ खरीदने जाओ, तो दुकानदार के पहले बोल यही होते थे – भाई साहब लीजिए ना, ये तो इंपोर्टेड है ! आज स्थिति बदल गई है। आज लोग सामने से पूछते हैं- भाई, मेड इन इंडिया है या नहीं है?

साथियों,

आज हम भारत की मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस का एक नया रूप देख रहे हैं। अभी 3-4 दिन पहले ही एक न्यूज आई है कि भारत ने अपनी पहली MRI मशीन बना ली है। अब सोचिए, इतने दशकों तक हमारे यहां स्वदेशी MRI मशीन ही नहीं थी। अब मेड इन इंडिया MRI मशीन होगी तो जांच की कीमत भी बहुत कम हो जाएगी।

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साथियों,

आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान ने, देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को एक नई ऊर्जा दी है। पहले दुनिया भारत को ग्लोबल मार्केट कहती थी, आज वही दुनिया, भारत को एक बड़े Manufacturing Hub के रूप में देख रही है। ये सक्सेस कितनी बड़ी है, इसके उदाहरण आपको हर सेक्टर में मिलेंगे। जैसे हमारी मोबाइल फोन इंडस्ट्री है। 2014-15 में हमारा एक्सपोर्ट, वन बिलियन डॉलर तक भी नहीं था। लेकिन एक दशक में, हम ट्वेंटी बिलियन डॉलर के फिगर से भी आगे निकल चुके हैं। आज भारत ग्लोबल टेलिकॉम और नेटवर्किंग इंडस्ट्री का एक पावर सेंटर बनता जा रहा है। Automotive Sector की Success से भी आप अच्छी तरह परिचित हैं। इससे जुड़े Components के एक्सपोर्ट में भी भारत एक नई पहचान बना रहा है। पहले हम बहुत बड़ी मात्रा में मोटर-साइकल पार्ट्स इंपोर्ट करते थे। लेकिन आज भारत में बने पार्ट्स UAE और जर्मनी जैसे अनेक देशों तक पहुंच रहे हैं। सोलर एनर्जी सेक्टर ने भी सफलता के नए आयाम गढ़े हैं। हमारे सोलर सेल्स, सोलर मॉड्यूल का इंपोर्ट कम हो रहा है और एक्सपोर्ट्स 23 गुना तक बढ़ गए हैं। बीते एक दशक में हमारा डिफेंस एक्सपोर्ट भी 21 गुना बढ़ा है। ये सारी अचीवमेंट्स, देश की मैन्युफैक्चरिंग इकोनॉमी की ताकत को दिखाती है। ये दिखाती है कि भारत में कैसे हर सेक्टर में नई जॉब्स भी क्रिएट हो रही हैं।

साथियों,

TV9 की इस समिट में, विस्तार से चर्चा होगी, अनेक विषयों पर मंथन होगा। आज हम जो भी सोचेंगे, जिस भी विजन पर आगे बढ़ेंगे, वो हमारे आने वाले कल को, देश के भविष्य को डिजाइन करेगा। पिछली शताब्दी के इसी दशक में, भारत ने एक नई ऊर्जा के साथ आजादी के लिए नई यात्रा शुरू की थी। और हमने 1947 में आजादी हासिल करके भी दिखाई। अब इस दशक में हम विकसित भारत के लक्ष्य के लिए चल रहे हैं। और हमें 2047 तक विकसित भारत का सपना जरूर पूरा करना है। और जैसा मैंने लाल किले से कहा है, इसमें सबका प्रयास आवश्यक है। इस समिट का आयोजन कर, TV9 ने भी अपनी तरफ से एक positive initiative लिया है। एक बार फिर आप सभी को इस समिट की सफलता के लिए मेरी ढेर सारी शुभकामनाएं हैं।

मैं TV9 को विशेष रूप से बधाई दूंगा, क्योंकि पहले भी मीडिया हाउस समिट करते रहे हैं, लेकिन ज्यादातर एक छोटे से फाइव स्टार होटल के कमरे में, वो समिट होती थी और बोलने वाले भी वही, सुनने वाले भी वही, कमरा भी वही। TV9 ने इस परंपरा को तोड़ा और ये जो मॉडल प्लेस किया है, 2 साल के भीतर-भीतर देख लेना, सभी मीडिया हाउस को यही करना पड़ेगा। यानी TV9 Thinks Today वो बाकियों के लिए रास्ता खोल देगा। मैं इस प्रयास के लिए बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं, आपकी पूरी टीम को, और सबसे बड़ी खुशी की बात है कि आपने इस इवेंट को एक मीडिया हाउस की भलाई के लिए नहीं, देश की भलाई के लिए आपने उसकी रचना की। 50,000 से ज्यादा नौजवानों के साथ एक मिशन मोड में बातचीत करना, उनको जोड़ना, उनको मिशन के साथ जोड़ना और उसमें से जो बच्चे सिलेक्ट होकर के आए, उनकी आगे की ट्रेनिंग की चिंता करना, ये अपने आप में बहुत अद्भुत काम है। मैं आपको बहुत बधाई देता हूं। जिन नौजवानों से मुझे यहां फोटो निकलवाने का मौका मिला है, मुझे भी खुशी हुई कि देश के होनहार लोगों के साथ, मैं अपनी फोटो निकलवा पाया। मैं इसे अपना सौभाग्य मानता हूं दोस्तों कि आपके साथ मेरी फोटो आज निकली है। और मुझे पक्का विश्वास है कि सारी युवा पीढ़ी, जो मुझे दिख रही है, 2047 में जब देश विकसित भारत बनेगा, सबसे ज्यादा बेनिफिशियरी आप लोग हैं, क्योंकि आप उम्र के उस पड़ाव पर होंगे, जब भारत विकसित होगा, आपके लिए मौज ही मौज है। आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

धन्यवाद।