Quoteपंजाब में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर तभी होगा, जब पारदर्शी सरकार होगी : पंजाब के फाजिल्का में पीएम मोदी
Quoteपीएम किसान सम्मान निधि के तहत केंद्र सरकार ने पंजाब के किसानों के बैंक खातों में सीधे 3,700 करोड़ रुपये जमा किए हैं: पीएम मोदी
Quoteसंत रविदास जी कहां पैदा हुए? उत्तर प्रदेश के बनारस में। क्या आप संत रविदास जी को भी पंजाब से निकाल देंगे? : CM चन्नी की विवादित टिप्पणी पर पीएम मोदी

वाहेगुरु जी दा खालसा, जय श्रीराम, जय-जय श्रीराम, वीर बजरंग बली की।   

ये पराक्रम की धरती है, परिश्रम की धरती है, ये पवित्र धरती है मैं इस धरती को प्रणाम करता हूं। इस मंच से मैं गुरुद्वारा दमदमा साहिब, तख्त आनंदपुर साहिब और गुरुद्वारा तीरथ साहिब को हृदय से प्रणाम करता हूँ। मैं गुरु जम्भेश्वर भगवान के चरणों में प्रणाम करता हूँ। भगवान जम्भेश्वर की प्रेरणा से हमारा बिश्नोई समाज आज भी पूरी दुनिया में जीव-प्रेम और पर्यावरण का सबसे जागरूक सिपाही माना जाता है।

साथियों

इस चुनाव में ये पंजाब में इस बार को जो चुनाव है एक प्रकार से मेरी आखिरी सभा है। और कल शाम को चुनाव प्रचार भी समाप्त हो रहा है। मैं बीते कुछ दिनों में पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों में गया हूं। पूरे पंजाब में आज एक सुर से एक ही आवाज उठ रही है। भाजपा को जिताना हैपंजाब में डबल इंजन की सरकार बनाना है।

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डबल इंजन की सरकार मतलब क्यापंजाब का इस दशक में सबसे तेज विकास। डबल इंजन की सरकार मतलब पंजाब से रेत माफियाड्रग माफिया इनकी विदाई। डबल इंजन की सरकार का मतलब है पंजाब की औद्योगिक इकाइयों में नई ऊर्जा भरना। डबल इंजन की सरकार मतलब है पंजाब के युवाओं को रोजगारस्वरोजगार के नए मौके देना।

साथियों,

पंजाब को आज एक ऐसी सरकार चाहिए जिसकी प्रेरणा राष्ट्रभक्ति हो, जिसकी प्रेरणा पंजाब का विकास हो। बीजेपी पूरे समर्पित भाव से पंजाब के लोगों के सामने पंजाब की सुरक्षा का संकल्प लेकर, पंजाब के विकास का संकल्प लेकर के आई है। एक बार भाजपा को आपकी सेवा करने का मौका दीजिए, एक बार पांच साल मुझे दीजिए और फिर देखिएगा, डबल इंजन की सरकार कैसे पंजाब को तेज गति से आगे बढ़ाती है। आप देखिए देश के इतने सारे राज्य हैं जहां काँग्रेस एक बार गई, फिर कभी लौटकर आई ही नहीं। और जहां भाजपा को आशीर्वाद मिल गया, वहाँ तो काँग्रेस जड़-मूल से साफ हो गई।

साथियों,

पंजाब के इस क्षेत्र ने देश को ये दिखाया था कि खेती भी खुशहाली का जरिया बन सकती है। लेकिन, आज स्थितियां बदल रही हैं। यहाँ की मिट्टी की उपजाऊ क्षमता घट रही है, मिट्टी में केमिकल्स बढ़ गए हैं। ये खिलवाड़ किया है कांग्रेस की नीतियों ने पंजाब के साथ! भाइयों बहनों, इतिहास गवाह है, काँग्रेस पार्टी ने किसानों को हमेशा धोखा दिया है। स्वामीनाथन कमीशन की सिफ़ारिशों को लागू करने की मांग सालों से देश में थी। ये फाइल पर बैठ गए थे लेकिन कांग्रेस सरकारें झूठ पर झूठ बोलती रहीं। केंद्र में हमारी सरकार बनी तो हमने उन सिफ़ारिशों को लागू करने का काम कर के दिखाया भाइयों-बहनों। ये हमारी किसानों के प्रति भारतीय जनता पार्टी का लगाव है। हमने, आप देखिए पुराने रिकॉर्ड और मैं चुनौती देता हूं किसी भी दल को, हमारे समय में अनाज की रिकॉर्ड खरीद की और किसानों के बैंक खातों में सीधे पैसा भेजा हमने उनके खाते में सीधा पैसा है।

भाइयों और बहनों,

पंजाब के किसानों को आज नई सोच, और नए विज़न वाली सरकार चाहिए। आज किसान को बेहतर फसल, कम लागत और बेहतर कीमत की जरूरत है। इसके लिए हमारी सरकार बीज से बाजार तक नई व्यवस्थाएं बना रही है। ये भाजपा की सरकार है जिसने जल-जीवन मिशन शुरू किया है। आज हम पंजाब के घर घर में साफ पानी का कनेक्शन देने के लिए, नल से जल पहुंचाने के लिए हम बहुत तेज गति से काम कर रहे हैं। साथियों, आज पंजाब में हर व्यापार माफियाओं के कब्जे में है। व्यापारियों को माफियाओं की कृपा पर जीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसकी सबसे बड़ी तकलीफ हमारे छोटे व्यापारियों को हो रही है। राज्य में असुरक्षा बढ़ती है, गलत नीतियां होती है तो हमारा व्यापारी इसका नुकसान उठाता है। आज आप देखिए कितनी संभावनाओं से भरा पूरा पंजाब लेकिन इंडस्ट्री यहां से छोड़ कर के भाग रही है। हमारे नौजवानों के भविष्य में एक सवालिया निशान खड़ा हो रहा है। कांग्रेस सरकार की नीतियों के कारण यहां जल्दी कोई आने को तैयार भी नहीं है। वह सात बार सोचता है कि वहां जाऊंगा और माफियाओं के चरण में जाना पड़ेगा तो क्या होगा। इन स्थितियों को भी डबल इंजन की सरकार ही बदल सकती है। आप मुझे बताइये और कोई इसको बदल सकता है क्या? और कोई बदल सकता है क्या? एक भी, सारे चेहरे याद कर लो, किसी में दम है क्या? भाइयों बहनों, ये कोई करेगा तो मोदी ही करेगा। हमने अपने घोषणापत्र में अनेक संकल्प लिए हैं, पंजाब में बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा, पारदर्शी सरकार होगी तो न उद्योगों को पलायन करना होगा, न नौजवानों को अपना गांव अपने लोग, अपने बूढ़े मां-बाप, अपने खेत-खलिहान ये सब छोड़ के मेरे नौजवानों को पंजाब से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।           

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साथियों,

गरीब की तकलीफ दूर हो, उसका जीवन आसान बने, ये हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता का काम है। कोरोना काल में भाजपा सरकार गरीबों को मुफ्त राशन दे रही है और मुफ्त वैक्सीन भी दे रही है। आपको सब को वैक्सीन लगी है, आपको कोई पैसा देना पड़ा क्या। ये आपकी जिंदगी को बचाने में एक रक्षा कवच के रूप में काम आ रहा है कि नहीं आ रहा है, आपके जीवन को बचाने के लिए भारत सरकार पूरे रात-दिन काम कर रही है कि नहीं कर रही है। आयुष्मान भारत योजना की वजह से पंजाब के 11 लाख गरीबों ने अच्छे अस्पतालों में अपना मुफ्त इलाज कराया है। ये हमारी योजना ऐसी है, अगर आय़ुष्मान भारत योजना का आपके पास कार्ड है तो इस देश के 50 करोड़ लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। दुनिया के कई देशों की आबादी से भी ज्यादा लोगों को और इसकी विशेषता ये है कि आप अगर मुंबई गए है बीमार हो गए, अहमदाबाद गए है बीमार हो गए, लखनऊ गए बीमार हो गए तो वहां भी अस्पताल में इसी कार्ड से मुफ्त में तत्काल आपको डॉक्टरों से सेवा मिलेगी। आपके ऑपरेशन की जरूरत पड़ गई तो वो भी कर दिया जाएगा, यानि पंजाब का नागरिक हिंदुस्तान में कहीं पर भी जाएगा तो उसको ये सुविधा है लेकिन मैं एक और दुख की बात बताता हूं, कि आपके पास कार्ड है आप अहमदाबाद जाएंगे तो ऑपरेशन हो जाएगा, भोपाल जाएंगे तो ऑपरेशन हो जाएगा, लखनऊ जाएंगे तो ऑपरेशन हो जाएगा लेकिन दिल्ली जाएंगे जहां मुख्यमंत्री जो बैठे हैं, दिल्ली में जहां दिल्ली सरकार की अस्पतालें हैं वहां पर आपको मना कर देंगे क्यों, क्योंकि वो इस योजना के साथ जुड़ने के लिए तैयार नहीं है। 

आप मुझे बताइए भैय्या, आपको भारत सरकार 5 लाख रूपया तक बीमारी के लिए खर्च दे रही है तो पंजाब के लोगों को दिल्ली में अगर मदद की जरूरत पड़ जाए तो तुम्हारे पेट में चूहे क्यों दौड़ रहे है बे - मुझे समझ नहीं आ रहा है औऱ जो लोग दिल्ली में आपको घुसने नहीं देना चाहते वो आपसे वोट मांग रहे है क्या ऐसे लोगों को पंजाब में कुछ भी करने का हक है क्या, है क्या? भाइयों-बहनों हमने जो आयुष्मान भारत योजना की बात लगाई है। इससे पंजाब के गरीबों के करीब-करीब 2 हजार करोड़ रुपए बचे हैं। आप कल्पना कीजिए गरीब के लिए 2000 करोड़ रूपये उसकी बीमारी में काम करने का काम दिल्ली में मोदी बैठकर के कर रहा है। भाइयों बहनों ये हमारे दिल में आपके प्रति चिंता है।

पंजाब में 300 से ज्यादा जनऔषधि केंद्र चल रहे हैं और वहां पर जो बाजार में महंगी दवाई मिलती है वैसी ही दवाई, दवाई में कोई समझौता नहीं, कोई कंप्रोमाइज नहीं, उसकी क्वालिटी में कोई कंप्रोमाइज नहीं, लेकिन हमने जो जनऔषधि केंद्र खोले है जो बाजार में दवाई 100 रुपये में मिलती है वहीं दवाई यहां 10 रुपये 20 रुपये में मिल जाती है। ये काम हमने किया है। हम कैसे मदद कर रहे हैं देखिये आप। अगर किसी के परिवार में बुजुर्ग मां-बाप है, डायबिटीज हो गया रोज उनको गोलियां लेनी पड़ रही है, इंजेक्शन लेना पड़ रहा है अगर ये दवाईयां घर में लाई जाए तो महीने का दो ढाई हजार खर्चा तो होता ही होता है। मध्यम वर्ग के परिवार पर दो ढाई हजार रुपये का बोझ लग जाता है लेकिन अगर जन औषधी से ल आएंगे दवाई तो केवल 100-150 रूपये में आपका काम चल जाएगा। हर गरीब परिवार का, मध्यम वर्ग के परिवार का 1000-1500 रूपया बचेगा कि नहीं बचेगा लेकिन इसके लिए हम अरबों-खरबों की जाहिरायत नहीं करते भाई हम तो गरीब के लिए जीते है, गरीब के लिए काम करत है, मध्यम वर्ग के लिए जीते है, मध्यम वर्ग के लिए काम करते हैं। अगर  हाई ब्लड प्रेशर है, उन्हें ऐसे स्टोर्स में गए बहुत सस्तें में दवाई मिल जाएगी। इन केंद्रों से भी हर साल पंजाब के लोगों को करीब-करीब 300 करोड़ रुपये का फायदा हो रहा है, यहां के लोगों को दवाई के खर्चें में 300 करोड़ की बचत, भाइयों-बहनों ये मदद है कि नहीं है, ये मदद है कि नहीं है, ये आपका भला करने के लिए है कि नहीं है क्या कभी हमने किसी अखबार में इश्तिहार दिया है क्या, एडवर्टाइजमेंट दिया है क्या? इसी तरह हमारी सरकार ने जो स्टेंट के पैसे कम कराए हैं,ह्रदय की बीमारी हो हार्ट का स्टेंट लगवाना है, आजकल KNEE की बीमारी हो जाती है 50-60 साल के बाद शुरू हो जाता है। Knee ट्रांसप्लांट कराते है इसमें भी हमने उसके दाम बहुत कम करवा दिए, कानून का उपयोग किया और इसके कारण जिन-जिन लोगों ह्रदय में अगर स्टेंट लगवाया है, हार्ट में ऑपरेशन करवाया है यानि KNEE ऑपरेशन करवाया है उसके भी करोड़ो रूपयों की बचत हुई है। भाइयों-बहनों, हेल्थ सेक्टर में काम कैसा होता है इसके लिए उदाहरण मैं बताता हूं। 

पीएम किसान सम्मान निधि के तहत केंद्र सरकार ने पंजाब के किसानों के बैंक खातों में 3700 करोड़ रुपया सीधा-सीधा किसान के बैंक के खातों में जमा हुआ है अकेले पंजाब में, बीच में कोई कट की कंपनी नहीं, कोई बिचौलिया नहीं, कोई माफिया नहीं सीधा। भाइयों-बहनों मुझे बताइए किसान मुझे आशीर्वाद देगा कि नहीं देगा। इसका लाभ पंजाब के 23 लाख से अधिक किसानों को हुआ है। केंद्र सरकार की आवास योजनाओं के तहत पंजाब में 75 हजार से अधिक घर बनाए जा रहे हैं। औऱ एक-एक घर बनाने के लिए लाख सवा लाख रुपया उनके खाते में भारत सरकार जमा करवाती है ताकि वो पक्के घर में जिंदगी गुजारना शुरू करें। गरीबों को पक्के घर के लिए अकेले पंजाब को 2 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक की राशि दी गई है ये आंकड़े जोड़ दीजिए, मैं तो कुछ भी बता रहा हूं ये सारा दिल्ली से पैसा पंजाब की धरती पर उतारने का हमने काम किया है। 

साथियों, 

उजाला स्कीम के तहत हमनें बिजली बिल कम हो, हमेशा-हमेशा के लिए बिजली का खर्चा कम हो। आपकी जेब से ज्यादा पैसा ना जाएं एक स्थाई व्यवस्था बनाई औऱ टेक्नोलॉजिकल सॉल्यूशन निकाला इसके तहत एलईडी बल्व हमनें पंजाब में वितरित किए। इस वजह से गरीबों के बिजली के बिल में 900 करोड़ रुपये से भी अधिक बिजली का बिल बचा है। अगर मध्यम वर्ग के घर में चार लट्टू बल्व है तो उसका 1500-2000 रुपया बच जाता है बिजली का भैया। ये लोग आज जो वादे कर रहे हैं वो एक प्रकार से आपके घर में रोशनी लाने का वादा नहीं है, आपके जेब के पैसे बचाने का वादा नहीं है ये एक ऐसा रास्ता है जो पूरे पंजाब को कुछ ही वर्षों में अंधकार में डुबो देगा। बिजली के कारखाने चलाने की ताकत नहीं होगी, पूरा पंजाब अंधेरे में फंस जाएगा। ये रास्ता इन्होंने चुना है। आप मुझे बताइए क्या पंजाब में अंधेरा आने देना है, अंधेरा आने देना है, अंधेरा आने देना है तो इन लोगों को दिल्ली में ही रोक लो भैय्या, आने मत दो यहां। हम इस बात की भी व्यवस्था कर रहे हैं कि ना सिर्फ बिजली का बिल कम हो बल्कि बिजली कारखाने भी अच्छे ढंग से चले और जरूरत के हिसाब से नए कारखाने भी लगे।

साथियों,

84 के दंगों के समय जब कांग्रेस के नेता नरसंहार चल रहा था और कांग्रेस के नेता क्या कर रहे थे। हुक्म कहां आ रहे थे ये आपसे ज्यादा और कौन जानता है भाइयों। ये बीजेपी के नेता हमारे कार्यकर्ता हमारे सिख भाई परिवारों को बचाने के लिए, मैं उस समय गुजरात में था एक भी परिवार को तकलीफ नहीं होने दी, एक भी परिवार को, सब शान से जीते है भाइयों-बहनों। हर सुख-दुख में हम पंजाब के लोगों के साथ डटकर के खड़े रहे हैं। 

साथियों 

कांग्रेस हमेशा से एक क्षेत्र के लोगों को दूसरे से लड़ाती आई है, ताकि उनकी गाड़ी चल जाए। यहां कांग्रेस के मुख्यमंत्री ने जो बयान दिया, और जिस पर दिल्ली का परिवार है उनका, मालिक, वो बगल में खड़ा होकर के तालियां बजा रहा था। और ये पूरे देश ने देखा है। अपने इन बयानों से ये लोग किसका अपमान कर रहे हैं? यहां का कोई ऐसा गांव ऐसा नहीं होगा जहां हमारे उत्तर प्रदेश के भाई-बहन या बिहार के भाई-बहन यहां पर मेहनत न करते हों। ऐसा कोई गांव नहीं होगा भाइयों-बहनों। कल ही हमने संत रविदास जी की जयंती मनाई है। मैं जरा इन नेताओं से पूछना चाहता हूं, आप मुझे बताइये संत रविदास जी कहां पैदा हुए थे, पंजाब में पैदा हुए थे क्या ? संत रविदास जी उत्तर प्रदेश के बनारस में पैदा हुए थे, काशी में पैदा हुए थे। और आप कहते हो उत्तर प्रदेश के भैइयों को घुसने नहीं देंगे, तो क्या आप संत रविदास जी को भी निकाल दोगे? क्या संत रविदास जी के नाम को मिटा दोगे? क्या भाषा बोलते हो तुम लोग। इतना ही नहीं मैं जरा पूछना चाहता हूं गुरू गोविंद सिंह जी का जन्म कहां हुआ था? पटना साहिब में, हमारे गुरु महाराज गुरु गोविंद सिंह का जन्म हुआ था… पटना में हुआ, बिहार में हुआ और तुम कहते हो कि बिहार के लोगों को घुसने नहीं देंगे। तो क्या तुम गुरु गोविंद सिंह जी का अपमान करोगे। आप गुरु गोविंद सिंह जी का अपमान सहन करोगे क्या, जिस मिट्टी में गुरु गोविंद सिंह जी ने जन्म लिया उस मिट्टी का अपमान करोगे क्या? जिस मिट्टी में जन्म लेकर गुरु गोविंद सिंह जी ने हमारी रक्षा की उस मिट्टी के संतानों को पंजाब में घुसने नहीं देंगे इस भाषा का प्रयोग करोगे क्या। संत रविदास जी जिन्होंने समाज का इतना बड़ा कल्याण किया, काशी में पैदा हुए आज पंजाब के हर घऱ में संत रविदास जी के प्रति श्रद्धा है उनको भी निकाल दोगे। यूपी और बिहार के लोगों को घुसने नहीं देंगे। भाइयों-बहनों, इस तरह की विभाजनकारी सोच को एक पल के लिए पंजाब में राज करने का अधिकार नहीं है। 

भाइयों-बहनों 

हमारा पंजाब सीमावर्ती राज्य है इस पर सीमा पार से हमेशा नजरें बनी रहती हैं, गड़ी रहती है, इसलिए यहां जो सरकार बनेगी वो राष्ट्र प्रथम नेशन फर्स्ट इसके लिए प्रतिबद्ध सरकार होनी चाहिए, ढुलमुल रवैये वाले लोग नहीं होने चाहिए। जो लोग भारत को एक राष्ट्र ही नहीं मानते, देश की अखंडता, पंजाब की सुरक्षा ऐसे लोगों के हाथ में हम सुपुर्द नहीं कर सकते हैं। पंजाब वैसे भी आज अनेक चुनौतियों का मुकाबला कर रहा है, इन चुनौतियों में एक और समस्या अस्थिरता वाली हमें किसी भी हालत में जोड़नी नहीं है। लेकिन आज पंजाब को कांग्रेस फिर से अस्थिरता की तरफ ले जाने का प्रयास कर रही है।          

साथियों, 

कांग्रेस की जो ‘पार्टनर इन क्राइम’ है. एक नई पार्टी आई है, वो भी एक के बाद एक झूठ, रोज नई मनगढ़ंत बातें पंजाब में आकर बोल रहे हैं। ये वो लोग हैं जिनकी दिल्ली में सरकार है। आप अगर इनकी सरकार को देखेंगे तो पता चल जाएगा कि ये लोग सिखों को, पंजाबियों को डगर-डगर पर कितना अपमानित करते हैं, दिल्ली जाओगे तो पता चलेगा। आज पंजाब में आकर सिखों को झूठ बोलने वाले इन लोगों ने दिल्ली में एक भी सिख को न मंत्री बनाया है। इतना ही नहीं ये पंजाब को को नशामुक्त करने की बात करते हैं, लेकिन दिल्ली में हर स्कूल-कॉलेज के बगल में शराब के ठेके खोलकर बैठ गए हैं। ये कैसे झूठ बोलने में महारथी हैं, आराम से झूठ बोलना और आराम से पलट जाना. कोई परवाह ही नहीं। दिल्ली में प्रदूषण बढ़ता है तो ये पंजाब के किसानों को गाली देते हैं। दिल्ली की हवा खराब हो गई, आप ने देखा होगा, ये सब हमें नहीं मालूम मैं कह नहीं रहा हूं, आप दिल्ली में जाओ तो पंजाब के किसानों को गाली दो, और यहां आकर किसानों को गले लगाने की बात करो किसी के गले उतरेगा क्या, उतरेगा क्या? ये चलेगा क्या? जब कोरोना की वेव आई तो इन लोगों ने यूपी-पंजाब-हरियाणा के लोगों को झूठ बोलकर के दिल्ली से बाहर भगा दिया। ये बहुत भयंकर होने वाला है महीनों तक खाना नहीं मिलेगा भागो। जो लोग दिल्ली में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के लोगों को भगा देते हैं वो आज आपके पास आए हैं, आप क्या करोगे मेहमान के रूप में स्वीकार करोगे क्या? 

भाइयों-बहनों, 

बात इतनी नहीं है साथियों, इनके इरादे कहीं ज्यादा खतरनाक हैं! आपने सुना होगा, कल इनके एक पुराने विश्वस्त साथी जो पिछले बार पंजाब उनकी तरफ से चुनाव के इंचार्ज थे, और उनके खासम-खास दोस्त थे, अन्ना हजारे के साथ ये आंदोलन में झंडा लेकर के खड़े रहते थे। और कवि होने के नाते, चिंतक होने के नाते देश भर में उनके कवि सम्मेलनों को सुनने के लिए   देश की युवा पीढ़ी घंटों तक इंतजार करती है, ऐसा मां सरस्वती की पूजा में लगा हुआ इंसान, कल उसने कह दिया, जब दर्द काफी हुआ होगा तब उसने मुंह खोला होगा, और कल जब उसने कहा है, उन्हीं के साथी ने जो आरोप लगाया है वो बहुत खतरनाक है। कल उन्हीं के एक साथी ने उनके चरित्र का जो वर्णन किया है, इसको हर मतदाता ने हर देशवासी ने बड़ी गंभीरता से लेने की जरूरत है।    

पंजाब के मेरे भाइयों और बहनों,

ये लोग पंजाब को तोड़ने का सपना पाले हुए हैं। ये लोग सत्ता के लिए अलगाववादियों से भी हाथ मिलाने को तैयार हैं। सत्ता पाने के लिए इन लोगों को अगर देश भी तोड़ना पड़े, तो ये उसके लिए भी तैयार हैं। इनका एजेंडा और देश के दुश्मनों का एजेंडा, पाकिस्तान का एजेंडा अलग नहीं है। इसलिए ही ये सर्जिकल स्ट्राइक पर पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाते हैं। इसलिए ही ये पंजाब में ड्रग्स के नेटवर्क को बढ़ाना चाहते हैं। इसलिए ही ये बॉर्डर पर BSF के बढ़ते अधिकारों के खिलाफ आवाज उठाते हैं। यही इन लोगों का मंसूबा है, यही इनकी सोच है। लेकिन साथियों, अराजकता और अलगाव के नशे में डूबे इन लोगों को पता नहीं है कि मेरा पंजाब है क्या! ये मेरे पंजाब ने कितने घाव झेले हैं लेकिन देश के लिए मरने-मिटने में आगे रहा है ये मेरा पंजाब रहा है भाइयों-बहनों। पंजाब उन गुरुओं, उन शहीदों की भूमि है जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिये थे। ये पंजाब और ये भारत किसी की साजिशों से टूटने वाला नहीं है। हर भारतीय ऐसी ताकतों के सामने पूरी ताकत से खड़ा है।

भाइयों और बहनों,

ये सामान्य चुनाव नहीं है। ये पंजाब के वर्तमान के लिए, पंजाब के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण चुनाव है। अब बीच में दो-तीन दिन ही बचे हैं, 20 तारीख को पंजाब के लोगों को इनके अपराधों का हिसाब करना है। करोगे? चुन-चुन के हिसाब करोगे? पल-पल का हिसाब करोगे? 20 तारीख को पंजाब के लोगों को भाजपा के लिए, एनडीए के लिए, नवा-पंजाब के लिए पूरे जोश से भारी मात्रा में, ज्यादा से ज्यादा संख्या में वोट करना है। वोट करोगे ना? वोट करोगे ना? ऐसा तो नहीं होगा न कि इस सभा के बाद अरे भाई सभा बड़ी जबर्दस्त हो गई रैली बड़ी जबर्दस्त हो गई, चलो आज सो जाते हैं, ऐसा नहीं करोगे ना? ऐसा नहीं करोगे ना? घर-घर जाओगे? एक-एक मतदाता को मिलोगे? देश की बात बताओगे? पंजाब के उज्ज्वल भविष्य की बात बताओगे? यहां के नौजवानों के कल्याण की बात बताओगे? कमल पर वोट डलबाओगे? एनडीए के साथियों को वोट डलबाओगे?  यहां की माताओ-बहनों की भलाई की बात बताओगे? लोगों को मतदान के लिए तैयार करोगे? 

भाइयों-बहनों,

मैं विशेषकर के उन नवजवानों से आग्रह करना चाहता हूं जो जीवन में पहली बार वोट देने के लिए जाने वाले हैं जो फर्स्ट टाइम वोटर्स हैं, ये फर्स्ट टाइम वोटर आपकी जिंदगी का एक महत्वपूर्ण अवसर है, जब आप वोट डालने जा रहे हैं, मतलब आप अब पंजाब का भविष्य तय करने के एक निर्णय के भागीदार बन रहे हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण अवसर आपको मिला है। मैं फर्स्ट टाइम वोटर से कहना चाहता हूं। आप गर्व के साथ वोट करने जाइए और याद रखिए आज का दिन जीवन में कि आपने अपने पहले वोट से ही पंजाब की शक्ल-सूरत बदलने का काम किया था और आपने पंजाब को बनाने में भागीदारी निभाई। आज मैं हमारे अबोहर के लोगों से भी एक विशेष आग्रह करूंगा। मैं जब यहां मंच पर बैठा था तो जब मैं यहां काम कर रहा था वो सारे पुराने परिवार सब को मैं देख रहा हूं, और हाथ उठाकर के नमस्ते कर रहा हूं। आप सब के बीच में मुझे लंबे अरसे तक काम करने का मौका मिला है, लेकिन आपसे अबोहर के मेरे साथियों को मैं एक विशेष जिम्मेदारी देना चाहता हूं। मुझे बताया गया कि हमारे उम्मीदवार को कोरोना के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, तो अभी दो-तीन दिन आप ही को हर यहां का नागरिक ही उम्मीदवार है। अब हमारे उम्मीदवार कोरोना के कारण न आ पाए, हर व्यक्ति हमारा उम्मीदवार है, हर कार्यकर्ता हमारा उम्मीदवार है। हमें मिलकर के अबोहर में, दो-चार दिन थोड़ा  उनको रेस्ट करना पड़ेगा, आइसोलेसन में रहना पड़ेगा, उस काम को हम निभाएंगे, निभाएंगे क्या? एक-एक कार्यकर्ता इस बात को निभाएगा? हम मिलकर के चलेंगे  एनडीए के हमारे साथी श्रीमान ढींढसा साहब, कैप्टन साहब हम सब मिलकर के पंजाब के सपनों को पूरा करने में कोई कमी नहीं रखेंगे। इसी आशा के साथ आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। दोनों मुट्ठी बंद कर के पूरी ताकत से बोलिए भारत माता की… भारत माता की… भारत माता की… हमारे जो उम्मीदवार है इस चुनाव में उनसे मेरी प्रार्थना है कि आगे आ जाएं। ताकि मैं भी आपके साथ खड़ा हो जाऊं, हरदीप जी भी आ जाएं, भारत माता की… भारत माता की…

बहुत-बहुत धन्यवाद।

 

 

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आज भारत सिर्फ Nation of Dreams नहीं, बल्कि Nation That Delivers भी है: TV9 समिट में पीएम मोदी
March 28, 2025
QuoteToday, the world's eyes are on India: PM
QuoteIndia's youth is rapidly becoming skilled and driving innovation forward: PM
Quote"India First" has become the mantra of India's foreign policy: PM
QuoteToday, India is not just participating in the world order but also contributing to shaping and securing the future: PM
QuoteIndia has given Priority to humanity over monopoly: PM
QuoteToday, India is not just a Nation of Dreams but also a Nation That Delivers: PM

श्रीमान रामेश्वर गारु जी, रामू जी, बरुन दास जी, TV9 की पूरी टीम, मैं आपके नेटवर्क के सभी दर्शकों का, यहां उपस्थित सभी महानुभावों का अभिनंदन करता हूं, इस समिट के लिए बधाई देता हूं।

TV9 नेटवर्क का विशाल रीजनल ऑडियंस है। और अब तो TV9 का एक ग्लोबल ऑडियंस भी तैयार हो रहा है। इस समिट में अनेक देशों से इंडियन डायस्पोरा के लोग विशेष तौर पर लाइव जुड़े हुए हैं। कई देशों के लोगों को मैं यहां से देख भी रहा हूं, वे लोग वहां से वेव कर रहे हैं, हो सकता है, मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं। मैं यहां नीचे स्क्रीन पर हिंदुस्तान के अनेक शहरों में बैठे हुए सब दर्शकों को भी उतने ही उत्साह, उमंग से देख रहा हूं, मेरी तरफ से उनका भी स्वागत है।

साथियों,

आज विश्व की दृष्टि भारत पर है, हमारे देश पर है। दुनिया में आप किसी भी देश में जाएं, वहां के लोग भारत को लेकर एक नई जिज्ञासा से भरे हुए हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि जो देश 70 साल में ग्यारहवें नंबर की इकोनॉमी बना, वो महज 7-8 साल में पांचवे नंबर की इकोनॉमी बन गया? अभी IMF के नए आंकड़े सामने आए हैं। वो आंकड़े कहते हैं कि भारत, दुनिया की एकमात्र मेजर इकोनॉमी है, जिसने 10 वर्षों में अपने GDP को डबल किया है। बीते दशक में भारत ने दो लाख करोड़ डॉलर, अपनी इकोनॉमी में जोड़े हैं। GDP का डबल होना सिर्फ आंकड़ों का बदलना मात्र नहीं है। इसका impact देखिए, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, और ये 25 करोड़ लोग एक नियो मिडिल क्लास का हिस्सा बने हैं। ये नियो मिडिल क्लास, एक प्रकार से नई ज़िंदगी शुरु कर रहा है। ये नए सपनों के साथ आगे बढ़ रहा है, हमारी इकोनॉमी में कंट्रीब्यूट कर रहा है, और उसको वाइब्रेंट बना रहा है। आज दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी हमारे भारत में है। ये युवा, तेज़ी से स्किल्ड हो रहा है, इनोवेशन को गति दे रहा है। और इन सबके बीच, भारत की फॉरेन पॉलिसी का मंत्र बन गया है- India First, एक जमाने में भारत की पॉलिसी थी, सबसे समान रूप से दूरी बनाकर चलो, Equi-Distance की पॉलिसी, आज के भारत की पॉलिसी है, सबके समान रूप से करीब होकर चलो, Equi-Closeness की पॉलिसी। दुनिया के देश भारत की ओपिनियन को, भारत के इनोवेशन को, भारत के एफर्ट्स को, जैसा महत्व आज दे रहे हैं, वैसा पहले कभी नहीं हुआ। आज दुनिया की नजर भारत पर है, आज दुनिया जानना चाहती है, What India Thinks Today.

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साथियों,

भारत आज, वर्ल्ड ऑर्डर में सिर्फ पार्टिसिपेट ही नहीं कर रहा, बल्कि फ्यूचर को शेप और सेक्योर करने में योगदान दे रहा है। दुनिया ने ये कोरोना काल में अच्छे से अनुभव किया है। दुनिया को लगता था कि हर भारतीय तक वैक्सीन पहुंचने में ही, कई-कई साल लग जाएंगे। लेकिन भारत ने हर आशंका को गलत साबित किया। हमने अपनी वैक्सीन बनाई, हमने अपने नागरिकों का तेज़ी से वैक्सीनेशन कराया, और दुनिया के 150 से अधिक देशों तक दवाएं और वैक्सीन्स भी पहुंचाईं। आज दुनिया, और जब दुनिया संकट में थी, तब भारत की ये भावना दुनिया के कोने-कोने तक पहुंची कि हमारे संस्कार क्या हैं, हमारा तौर-तरीका क्या है।

साथियों,

अतीत में दुनिया ने देखा है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद जब भी कोई वैश्विक संगठन बना, उसमें कुछ देशों की ही मोनोपोली रही। भारत ने मोनोपोली नहीं बल्कि मानवता को सर्वोपरि रखा। भारत ने, 21वीं सदी के ग्लोबल इंस्टीट्यूशन्स के गठन का रास्ता बनाया, और हमने ये ध्यान रखा कि सबकी भागीदारी हो, सबका योगदान हो। जैसे प्राकृतिक आपदाओं की चुनौती है। देश कोई भी हो, इन आपदाओं से इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान होता है। आज ही म्यांमार में जो भूकंप आया है, आप टीवी पर देखें तो बहुत बड़ी-बड़ी इमारतें ध्वस्त हो रही हैं, ब्रिज टूट रहे हैं। और इसलिए भारत ने Coalition for Disaster Resilient Infrastructure - CDRI नाम से एक वैश्विक नया संगठन बनाने की पहल की। ये सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि दुनिया को प्राकृतिक आपदाओं के लिए तैयार करने का संकल्प है। भारत का प्रयास है, प्राकृतिक आपदा से, पुल, सड़कें, बिल्डिंग्स, पावर ग्रिड, ऐसा हर इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित रहे, सुरक्षित निर्माण हो।

साथियों,

भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हर देश का मिलकर काम करना बहुत जरूरी है। ऐसी ही एक चुनौती है, हमारे एनर्जी रिसोर्सेस की। इसलिए पूरी दुनिया की चिंता करते हुए भारत ने International Solar Alliance (ISA) का समाधान दिया है। ताकि छोटे से छोटा देश भी सस्टेनबल एनर्जी का लाभ उठा सके। इससे क्लाइमेट पर तो पॉजिटिव असर होगा ही, ये ग्लोबल साउथ के देशों की एनर्जी नीड्स को भी सिक्योर करेगा। और आप सबको ये जानकर गर्व होगा कि भारत के इस प्रयास के साथ, आज दुनिया के सौ से अधिक देश जुड़ चुके हैं।

साथियों,

बीते कुछ समय से दुनिया, ग्लोबल ट्रेड में असंतुलन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी challenges का सामना कर रही है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए भी भारत ने दुनिया के साथ मिलकर नए प्रयास शुरु किए हैं। India–Middle East–Europe Economic Corridor (IMEC), ऐसा ही एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। ये प्रोजेक्ट, कॉमर्स और कनेक्टिविटी के माध्यम से एशिया, यूरोप और मिडिल ईस्ट को जोड़ेगा। इससे आर्थिक संभावनाएं तो बढ़ेंगी ही, दुनिया को अल्टरनेटिव ट्रेड रूट्स भी मिलेंगे। इससे ग्लोबल सप्लाई चेन भी और मजबूत होगी।

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साथियों,

ग्लोबल सिस्टम्स को, अधिक पार्टिसिपेटिव, अधिक डेमोक्रेटिक बनाने के लिए भी भारत ने अनेक कदम उठाए हैं। और यहीं, यहीं पर ही भारत मंडपम में जी-20 समिट हुई थी। उसमें अफ्रीकन यूनियन को जी-20 का परमानेंट मेंबर बनाया गया है। ये बहुत बड़ा ऐतिहासिक कदम था। इसकी मांग लंबे समय से हो रही थी, जो भारत की प्रेसीडेंसी में पूरी हुई। आज ग्लोबल डिसीजन मेकिंग इंस्टीट्यूशन्स में भारत, ग्लोबल साउथ के देशों की आवाज़ बन रहा है। International Yoga Day, WHO का ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के लिए ग्लोबल फ्रेमवर्क, ऐसे कितने ही क्षेत्रों में भारत के प्रयासों ने नए वर्ल्ड ऑर्डर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, और ये तो अभी शुरूआत है, ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर भारत का सामर्थ्य नई ऊंचाई की तरफ बढ़ रहा है।

साथियों,

21वीं सदी के 25 साल बीत चुके हैं। इन 25 सालों में 11 साल हमारी सरकार ने देश की सेवा की है। और जब हम What India Thinks Today उससे जुड़ा सवाल उठाते हैं, तो हमें ये भी देखना होगा कि Past में क्या सवाल थे, क्या जवाब थे। इससे TV9 के विशाल दर्शक समूह को भी अंदाजा होगा कि कैसे हम, निर्भरता से आत्मनिर्भरता तक, Aspirations से Achievement तक, Desperation से Development तक पहुंचे हैं। आप याद करिए, एक दशक पहले, गांव में जब टॉयलेट का सवाल आता था, तो माताओं-बहनों के पास रात ढलने के बाद और भोर होने से पहले का ही जवाब होता था। आज उसी सवाल का जवाब स्वच्छ भारत मिशन से मिलता है। 2013 में जब कोई इलाज की बात करता था, तो महंगे इलाज की चर्चा होती थी। आज उसी सवाल का समाधान आयुष्मान भारत में नजर आता है। 2013 में किसी गरीब की रसोई की बात होती थी, तो धुएं की तस्वीर सामने आती थी। आज उसी समस्या का समाधान उज्ज्वला योजना में दिखता है। 2013 में महिलाओं से बैंक खाते के बारे में पूछा जाता था, तो वो चुप्पी साध लेती थीं। आज जनधन योजना के कारण, 30 करोड़ से ज्यादा बहनों का अपना बैंक अकाउंट है। 2013 में पीने के पानी के लिए कुएं और तालाबों तक जाने की मजबूरी थी। आज उसी मजबूरी का हल हर घर नल से जल योजना में मिल रहा है। यानि सिर्फ दशक नहीं बदला, बल्कि लोगों की ज़िंदगी बदली है। और दुनिया भी इस बात को नोट कर रही है, भारत के डेवलपमेंट मॉडल को स्वीकार रही है। आज भारत सिर्फ Nation of Dreams नहीं, बल्कि Nation That Delivers भी है।

साथियों,

जब कोई देश, अपने नागरिकों की सुविधा और समय को महत्व देता है, तब उस देश का समय भी बदलता है। यही आज हम भारत में अनुभव कर रहे हैं। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। पहले पासपोर्ट बनवाना कितना बड़ा काम था, ये आप जानते हैं। लंबी वेटिंग, बहुत सारे कॉम्प्लेक्स डॉक्यूमेंटेशन का प्रोसेस, अक्सर राज्यों की राजधानी में ही पासपोर्ट केंद्र होते थे, छोटे शहरों के लोगों को पासपोर्ट बनवाना होता था, तो वो एक-दो दिन कहीं ठहरने का इंतजाम करके चलते थे, अब वो हालात पूरी तरह बदल गया है, एक आंकड़े पर आप ध्यान दीजिए, पहले देश में सिर्फ 77 पासपोर्ट सेवा केंद्र थे, आज इनकी संख्या 550 से ज्यादा हो गई है। पहले पासपोर्ट बनवाने में, और मैं 2013 के पहले की बात कर रहा हूं, मैं पिछले शताब्दी की बात नहीं कर रहा हूं, पासपोर्ट बनवाने में जो वेटिंग टाइम 50 दिन तक होता था, वो अब 5-6 दिन तक सिमट गया है।

साथियों,

ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेशन हमने बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में भी देखा है। हमारे देश में 50-60 साल पहले बैंकों का नेशनलाइजेशन किया गया, ये कहकर कि इससे लोगों को बैंकिंग सुविधा सुलभ होगी। इस दावे की सच्चाई हम जानते हैं। हालत ये थी कि लाखों गांवों में बैंकिंग की कोई सुविधा ही नहीं थी। हमने इस स्थिति को भी बदला है। ऑनलाइन बैंकिंग तो हर घर में पहुंचाई है, आज देश के हर 5 किलोमीटर के दायरे में कोई न कोई बैंकिंग टच प्वाइंट जरूर है। और हमने सिर्फ बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का ही दायरा नहीं बढ़ाया, बल्कि बैंकिंग सिस्टम को भी मजबूत किया। आज बैंकों का NPA बहुत कम हो गया है। आज बैंकों का प्रॉफिट, एक लाख 40 हज़ार करोड़ रुपए के नए रिकॉर्ड को पार कर चुका है। और इतना ही नहीं, जिन लोगों ने जनता को लूटा है, उनको भी अब लूटा हुआ धन लौटाना पड़ रहा है। जिस ED को दिन-रात गालियां दी जा रही है, ED ने 22 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक वसूले हैं। ये पैसा, कानूनी तरीके से उन पीड़ितों तक वापिस पहुंचाया जा रहा है, जिनसे ये पैसा लूटा गया था।

साथियों,

Efficiency से गवर्नमेंट Effective होती है। कम समय में ज्यादा काम हो, कम रिसोर्सेज़ में अधिक काम हो, फिजूलखर्ची ना हो, रेड टेप के बजाय रेड कार्पेट पर बल हो, जब कोई सरकार ये करती है, तो समझिए कि वो देश के संसाधनों को रिस्पेक्ट दे रही है। और पिछले 11 साल से ये हमारी सरकार की बड़ी प्राथमिकता रहा है। मैं कुछ उदाहरणों के साथ अपनी बात बताऊंगा।

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साथियों,

अतीत में हमने देखा है कि सरकारें कैसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिनिस्ट्रीज में accommodate करने की कोशिश करती थीं। लेकिन हमारी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में ही कई मंत्रालयों का विलय कर दिया। आप सोचिए, Urban Development अलग मंत्रालय था और Housing and Urban Poverty Alleviation अलग मंत्रालय था, हमने दोनों को मर्ज करके Housing and Urban Affairs मंत्रालय बना दिया। इसी तरह, मिनिस्ट्री ऑफ ओवरसीज़ अफेयर्स अलग था, विदेश मंत्रालय अलग था, हमने इन दोनों को भी एक साथ जोड़ दिया, पहले जल संसाधन, नदी विकास मंत्रालय अलग था, और पेयजल मंत्रालय अलग था, हमने इन्हें भी जोड़कर जलशक्ति मंत्रालय बना दिया। हमने राजनीतिक मजबूरी के बजाय, देश की priorities और देश के resources को आगे रखा।

साथियों,

हमारी सरकार ने रूल्स और रेगुलेशन्स को भी कम किया, उन्हें आसान बनाया। करीब 1500 ऐसे कानून थे, जो समय के साथ अपना महत्व खो चुके थे। उनको हमारी सरकार ने खत्म किया। करीब 40 हज़ार, compliances को हटाया गया। ऐसे कदमों से दो फायदे हुए, एक तो जनता को harassment से मुक्ति मिली, और दूसरा, सरकारी मशीनरी की एनर्जी भी बची। एक और Example GST का है। 30 से ज्यादा टैक्सेज़ को मिलाकर एक टैक्स बना दिया गया है। इसको process के, documentation के हिसाब से देखें तो कितनी बड़ी बचत हुई है।

साथियों,

सरकारी खरीद में पहले कितनी फिजूलखर्ची होती थी, कितना करप्शन होता था, ये मीडिया के आप लोग आए दिन रिपोर्ट करते थे। हमने, GeM यानि गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म बनाया। अब सरकारी डिपार्टमेंट, इस प्लेटफॉर्म पर अपनी जरूरतें बताते हैं, इसी पर वेंडर बोली लगाते हैं और फिर ऑर्डर दिया जाता है। इसके कारण, भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है, और सरकार को एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की बचत भी हुई है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर- DBT की जो व्यवस्था भारत ने बनाई है, उसकी तो दुनिया में चर्चा है। DBT की वजह से टैक्स पेयर्स के 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा, गलत हाथों में जाने से बचे हैं। 10 करोड़ से ज्यादा फर्ज़ी लाभार्थी, जिनका जन्म भी नहीं हुआ था, जो सरकारी योजनाओं का फायदा ले रहे थे, ऐसे फर्जी नामों को भी हमने कागजों से हटाया है।

साथियों,

 

हमारी सरकार टैक्स की पाई-पाई का ईमानदारी से उपयोग करती है, और टैक्सपेयर का भी सम्मान करती है, सरकार ने टैक्स सिस्टम को टैक्सपेयर फ्रेंडली बनाया है। आज ITR फाइलिंग का प्रोसेस पहले से कहीं ज्यादा सरल और तेज़ है। पहले सीए की मदद के बिना, ITR फाइल करना मुश्किल होता था। आज आप कुछ ही समय के भीतर खुद ही ऑनलाइन ITR फाइल कर पा रहे हैं। और रिटर्न फाइल करने के कुछ ही दिनों में रिफंड आपके अकाउंट में भी आ जाता है। फेसलेस असेसमेंट स्कीम भी टैक्सपेयर्स को परेशानियों से बचा रही है। गवर्नेंस में efficiency से जुड़े ऐसे अनेक रिफॉर्म्स ने दुनिया को एक नया गवर्नेंस मॉडल दिया है।

साथियों,

पिछले 10-11 साल में भारत हर सेक्टर में बदला है, हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है। और एक बड़ा बदलाव सोच का आया है। आज़ादी के बाद के अनेक दशकों तक, भारत में ऐसी सोच को बढ़ावा दिया गया, जिसमें सिर्फ विदेशी को ही बेहतर माना गया। दुकान में भी कुछ खरीदने जाओ, तो दुकानदार के पहले बोल यही होते थे – भाई साहब लीजिए ना, ये तो इंपोर्टेड है ! आज स्थिति बदल गई है। आज लोग सामने से पूछते हैं- भाई, मेड इन इंडिया है या नहीं है?

साथियों,

आज हम भारत की मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस का एक नया रूप देख रहे हैं। अभी 3-4 दिन पहले ही एक न्यूज आई है कि भारत ने अपनी पहली MRI मशीन बना ली है। अब सोचिए, इतने दशकों तक हमारे यहां स्वदेशी MRI मशीन ही नहीं थी। अब मेड इन इंडिया MRI मशीन होगी तो जांच की कीमत भी बहुत कम हो जाएगी।

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साथियों,

आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान ने, देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को एक नई ऊर्जा दी है। पहले दुनिया भारत को ग्लोबल मार्केट कहती थी, आज वही दुनिया, भारत को एक बड़े Manufacturing Hub के रूप में देख रही है। ये सक्सेस कितनी बड़ी है, इसके उदाहरण आपको हर सेक्टर में मिलेंगे। जैसे हमारी मोबाइल फोन इंडस्ट्री है। 2014-15 में हमारा एक्सपोर्ट, वन बिलियन डॉलर तक भी नहीं था। लेकिन एक दशक में, हम ट्वेंटी बिलियन डॉलर के फिगर से भी आगे निकल चुके हैं। आज भारत ग्लोबल टेलिकॉम और नेटवर्किंग इंडस्ट्री का एक पावर सेंटर बनता जा रहा है। Automotive Sector की Success से भी आप अच्छी तरह परिचित हैं। इससे जुड़े Components के एक्सपोर्ट में भी भारत एक नई पहचान बना रहा है। पहले हम बहुत बड़ी मात्रा में मोटर-साइकल पार्ट्स इंपोर्ट करते थे। लेकिन आज भारत में बने पार्ट्स UAE और जर्मनी जैसे अनेक देशों तक पहुंच रहे हैं। सोलर एनर्जी सेक्टर ने भी सफलता के नए आयाम गढ़े हैं। हमारे सोलर सेल्स, सोलर मॉड्यूल का इंपोर्ट कम हो रहा है और एक्सपोर्ट्स 23 गुना तक बढ़ गए हैं। बीते एक दशक में हमारा डिफेंस एक्सपोर्ट भी 21 गुना बढ़ा है। ये सारी अचीवमेंट्स, देश की मैन्युफैक्चरिंग इकोनॉमी की ताकत को दिखाती है। ये दिखाती है कि भारत में कैसे हर सेक्टर में नई जॉब्स भी क्रिएट हो रही हैं।

साथियों,

TV9 की इस समिट में, विस्तार से चर्चा होगी, अनेक विषयों पर मंथन होगा। आज हम जो भी सोचेंगे, जिस भी विजन पर आगे बढ़ेंगे, वो हमारे आने वाले कल को, देश के भविष्य को डिजाइन करेगा। पिछली शताब्दी के इसी दशक में, भारत ने एक नई ऊर्जा के साथ आजादी के लिए नई यात्रा शुरू की थी। और हमने 1947 में आजादी हासिल करके भी दिखाई। अब इस दशक में हम विकसित भारत के लक्ष्य के लिए चल रहे हैं। और हमें 2047 तक विकसित भारत का सपना जरूर पूरा करना है। और जैसा मैंने लाल किले से कहा है, इसमें सबका प्रयास आवश्यक है। इस समिट का आयोजन कर, TV9 ने भी अपनी तरफ से एक positive initiative लिया है। एक बार फिर आप सभी को इस समिट की सफलता के लिए मेरी ढेर सारी शुभकामनाएं हैं।

मैं TV9 को विशेष रूप से बधाई दूंगा, क्योंकि पहले भी मीडिया हाउस समिट करते रहे हैं, लेकिन ज्यादातर एक छोटे से फाइव स्टार होटल के कमरे में, वो समिट होती थी और बोलने वाले भी वही, सुनने वाले भी वही, कमरा भी वही। TV9 ने इस परंपरा को तोड़ा और ये जो मॉडल प्लेस किया है, 2 साल के भीतर-भीतर देख लेना, सभी मीडिया हाउस को यही करना पड़ेगा। यानी TV9 Thinks Today वो बाकियों के लिए रास्ता खोल देगा। मैं इस प्रयास के लिए बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं, आपकी पूरी टीम को, और सबसे बड़ी खुशी की बात है कि आपने इस इवेंट को एक मीडिया हाउस की भलाई के लिए नहीं, देश की भलाई के लिए आपने उसकी रचना की। 50,000 से ज्यादा नौजवानों के साथ एक मिशन मोड में बातचीत करना, उनको जोड़ना, उनको मिशन के साथ जोड़ना और उसमें से जो बच्चे सिलेक्ट होकर के आए, उनकी आगे की ट्रेनिंग की चिंता करना, ये अपने आप में बहुत अद्भुत काम है। मैं आपको बहुत बधाई देता हूं। जिन नौजवानों से मुझे यहां फोटो निकलवाने का मौका मिला है, मुझे भी खुशी हुई कि देश के होनहार लोगों के साथ, मैं अपनी फोटो निकलवा पाया। मैं इसे अपना सौभाग्य मानता हूं दोस्तों कि आपके साथ मेरी फोटो आज निकली है। और मुझे पक्का विश्वास है कि सारी युवा पीढ़ी, जो मुझे दिख रही है, 2047 में जब देश विकसित भारत बनेगा, सबसे ज्यादा बेनिफिशियरी आप लोग हैं, क्योंकि आप उम्र के उस पड़ाव पर होंगे, जब भारत विकसित होगा, आपके लिए मौज ही मौज है। आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

धन्यवाद।