प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संवाद की शुरुआत करते हुए कहा, "मेरे लिये यह सौभाग्य की बात है की नवरात्री के पहले ही दिन देशभर के कार्यकर्ताओं से बातचीत का अवसर मिल रहा है। हमारी आज की यह बातचीत हम सब को देश के लिए, गाँव-ग़रीब के लिए और अधिक ऊर्जा और अधिक प्रतिबद्धता के साथ काम करने के लिए प्रेरित करेI”
वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी बोले, "कुछ लोग पिछली सरकारों के काम को आगे बढ़ाने के लिए हमारी आलोचना करते हैं। लेकिन मैं उनसे पूछना चाहता हूं, आपने उन कार्यों को पूरा क्यों नहीं किया? यह हमारी सरकार है जो कितने समय से लंबित परियोजनाओं को पूरा कर रही है।"
दमोह के एक पार्टी कार्यकर्ता के विपक्ष की विभाजनकारी राजनीति के बारे में प्रश्न का उत्तर देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हम सुख बांटने वालें हैं, वो समाज बांटने वाले हैं, हमें सुख बांटकर हर किसी की जिंदगी में सुख लाने का काम करना है, उनको (कांग्रेस को) समाज बांटकर खुद के परिवार का भला करना है। हमारा मन्त्र ‘सबका साथ, सबका विकास’ है। "
आगरा के एक कार्यकर्त्ता के वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए सरकार कि योजनाओं के बारे में सवाल का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को सरल और चिंता-मुक्त बनाने के लिए उठाये गए कई कदमों, जैसे ‘लाइफ सर्टिफिकेट’ पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री मोदी ने सरकार की 'जन औषधि योजना' और वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स बेनिफिट बढाने जैसी योजनाओं के बारे में बताया जिनसे हमारे वरिष्ठ नागरिकों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
चुनावों के दौरान विपक्षी दलों की विभाजनकारी रणनीतियों और उनके अस्तित्वहीन 'महागठबंधन' के बारे में ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने राजनीतिक सत्ता के लिए देश के हितों से समझौता करने के लिए इन पार्टियों पर निशाना साधा और हाल ही में हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव का उदाहरण भी दिया जिसमें पूर्व प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) ने कर्नाटक में सत्ता हासिल करने के लिए गठबंधन बना लिया।
रायपुर से एक भाजपा कार्यकर्ता से संवाद के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने वर्णन किया कि कैसे 'नवरात्रि' के शुभ और पवित्र दिन उन्हें अच्छे कर्मों को जारी रखने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा, “मेरे पास 130 करोड़ भारतवासियों की ताकत है। उनके भरोसे की ताकत है। उनका विश्वास मेरे लिए बहुत बड़ी ऊर्जा का स्त्रोत है। नवरात्रि के इस पर्व से मुझे जीवन में सदा ही कुछ अच्छा करते रहने की प्रेरणा शक्ति मिलती है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने देश के प्रति अपनी निस्वार्थ सेवा के लिए भारत के पूर्व नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों जैसे नानाजी देशमुख, जयप्रकाश नारायण और राजमाता विजया राजे सिंधिया जी के योगदानों का भी उल्लेख किया।
मैसुरू में अपने संवाद को समाप्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भाजपा एक कैडर बेस्ड पार्टी है। सरकार और पार्टी के लिए कार्यकर्ताओं का फीडबैक महत्वपूर्ण होता है। यही वजह है कि हम समाज के गरीब, शोषित और वंचित तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सफल हो रहे हैं।” उन्होंने बताया कि भाजपा की पहचान एक परिवार या वंश तक ही सीमित नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा, “अनगिनत कर्मयोगी कार्यकर्ताओं और जीवन का सर्वस्व खपा देने वाले निस्वार्थ नेताओं ने ही भाजपा को ‘पार्टी विद डिफरेंस’ बनाया है। अगर भाजपा ‘पार्टी विद डिफरेंस’ है तो उसके कार्यकर्ताओं की छवि भी डिफरेंट होनी चाहिए।”
अंत में उन्होंने भाजपा के विश्व कि सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी होने का श्रेय अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को देते हुए संवाद को समाप्त किया।
मेरे लिये यह सौभाग्य की बात है की नवरात्री के पहले ही दिन देशभर के कार्यकर्ताओं से बातचीत का अवसर मिल रहा है। हमारी आज की यह बातचीत हम सब को देश के लिए, गाँव-ग़रीब के लिए और अधिक ऊर्जा , और अधिक प्रतिबद्धता के साथ काम करने के लिए प्रेरित करे: PM @narendramodi
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A few people criticize us for taking forward the work of previous governments. But I want to ask them, why did you not complete those works?
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It is in our government that is completing the long pending projects: PM @narendramodi https://t.co/WAeZpzgueE
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हम सुख बांटने वालें हैं, वो समाज बांटने वाले हैं, हमें सुख बांटकर हर किसी की जिंदगी में सुख लाने का काम करना है, उनको समाज बांटकर खुद के परिवार का भला करना है: PM @narendramodi https://t.co/WAeZpzgueE
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भारतीय संस्कृति नित्य नूतन चिर पुरातन है। भारत के पास वो सांस्कृतिक विरासत है जिसकी आवश्यकता पूरी दुनिया को है। दुनिया के सामने खड़ी चुनौतियों के बीच जीवन जीने की कला सिखाती हमारी संस्कृति एक आशा की किरण है: PM @narendramodi
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यह दुर्भाग्य की बात है की पहले सत्ता में बैठे लोगों को हमारी अपनी संस्कृति पर नाज़ होने के बजाय शर्म आती थी: PM @narendramodi https://t.co/WAeZpzgueE
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आजादी के बाद दशकों तक यह माना जाता था कि भारत सपेरों और चूहे पकड़ने वालों का देश है और सबसे बदतर स्थिति ये रही कि देश पर दशकों तक शासन करने वाले राजनीतिक वर्ग ने इन हास्यास्पद बातों को बढ़ावा दिया: PM @narendramodi
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आपने एक ऐसी तस्वीर देखी होगी, जिसमें भारत के एक प्रधानमंत्री विदेशी मेहमान के साथ हैं और एक सपेरा बीन बजा रहा है।
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क्या हमारा आत्मसम्मान इतना गिरा हुआ है: PM @narendramodi
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आर्थिक हो या सामाजिक वरिष्ठ नागरिक आत्म निर्भर रहें इसको सुनिश्चित करने के लिए हमारी सरकार ने काम किया है। हमारी विभिन्न योजनाओं के मूल में यही है कि वरिष्ठ नागरिकों का जीवन सरल एवं सुगम हो: PM @narendramodi
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वरिष्ठ नागरिकों की सभी जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए सरकार उनके जीवन से जुड़े अनेक पहलुओं पर विशेष ध्यान दे रही है: PM @narendramodi
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हम सभ जानते हैं कि उम्र बीतने के साथ-साथ स्वास्थ संबंधी दिक्कतें भी आने लगती है। दवाइयों और इलाज का खर्चा बढ़ जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए जन-औषधि योजना शुरू की गई ताकि दवाइयां सस्ते दामों पर उपलब्ध हो: PM @narendramodi
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इसी तरह से स्टेंट की कीमतें भी कम की गई, घुटने का ऑपरेशन भी पहले के मुकाबले अब सस्ता और किफायती हो गया है। पहले वरिष्ठ नागरिकों को अपने जीवित होने का खुद जाकर प्रमाण देना पड़ता था, लेकिन अब इसे भी सरल बनाते हुए life certificate की व्यवस्था शुरू की गई है: PM @narendramodi
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इसके अलावा सरकार senior citizens को tax incentives भी प्रदान कर रही है। उनके लिए आय पर टैक्स में छूट की मूल सीमा को बढ़ाकर 3 लाख कर दिया गया है। इसके साथ-साथ interest पर deduction की सीमा जो पहले 10 हजार थी, उसे बढ़ाकर 50 हजार कर दिया गया है: PM @narendramodi
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आप जिन दलों की बात कर रहे हैं, इनके नेता पहले तो आपस में लड़ते हैं, एक दूसरे खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं, लेकिन जैसे ही मौका मिलता है, सत्ता के लिए मिल जाते हैं: PM @narendramodi
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कर्नाटक में यही हुआ। पहले लोगों की भावनाएं भड़का कर एक दूसरे के खिलाफ जनता को भ्रमित किया। जब सरकार बनाने की बारी आई तो इन्होंने हाथ मिलाने में भी देरी नहीं की: PM @narendramodi https://t.co/WAeZpzgueE
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पिछले दिनों गठबंधन की एक नेता का बयान आपने सुना होगा। उन्होंने यहां तक कहा कि केंद्र में एक मजबूत नहीं, मजबूर सरकार की जरूरत है। आप समझ सकते हैं कि आखिर ये मजबूर सरकार की क्यों अपेक्षा रखते हैं: PM @narendramodi
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मजबूत सरकार होती है तो देश का भला होता है, मजबूर सरकार होती है तो सिर्फ गठबंधन में शामिल दल और उनके नेता का भला होता है: PM @narendramodi https://t.co/WAeZpzgueE
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अगले दस दिनों तक हमारे समस्त वातावरण में नवरात्रि, दुर्गा पूजा और विजयादशमी की उमंग, सुगंध एवं भक्ति का रंग घुलने वाला है: PM @narendramodi https://t.co/WAeZpzgueE
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मेरे पास 130 करोड़ भारतवासियों की ताकत है। उनके भरोसे की ताकत है। उनका विश्वास मेरे लिए बहुत बड़ी ऊर्जा का स्त्रोत है। नवरात्रि के इस पर्व से मुझे जीवन में सदा ही कुछ अच्छा करते रहने की प्रेरणा शक्ति मिलती है: PM @narendramodi
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शक्ति की देवी मां दुर्गा से मेरी यही प्रार्थना है कि वो हमें राष्ट्र की आशाओं एवं आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करते रहने का आशीर्वाद दें और उसके लिए सामर्थ्य प्रदान करें: PM @narendramodi
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जन सामान्य के लिए सरकार अपनी योजनाओं को ठोस आकार दे पाई है, उसे जमीन पर लागू करने में सफल रही है, तो यह आप जैसे कार्यकर्ताओं की बदौलत ही संभव हो सका है: PM @narendramodi
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। आप लोग जमीन पर कार्य करते हैं, जनता के सुख दुःख में भागीदार होते है, इसलिए सरकार को पता चलता है कि लोगों की आशाएं क्या हैं, आकांक्षाएं क्या हैं, हमारी दिशा उसके अनुरूप है या नहीं: PM @narendramodi
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भाजपा एक कैडर बेस्ड पार्टी है। सरकार और पार्टी के लिए कार्यकर्ताओं का फीडबैक महत्वपूर्ण होता है। यही वजह है कि हम समाज के गरीब, शोषित और वंचित तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सफल हो रहे हैं: PM @narendramodi https://t.co/WAeZpzgueE
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जब हम GST लेकर लाए तो उसमें समय-समय पर सुधार करते रहे। इसमें आप कार्यकर्ताओं की ओर से भी कुछ अहम सुझाव आए। GST को लेकर अलग-अलग वर्गों से मुलाकातें हुईं और आवश्यकता के अनुरूप बदलाव किए गए। यही कारण है कि आज GST देश में आर्थिक एकीकरण का महत्वपूर्ण माध्यम बना है: PM @narendramodi
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Party Karyakartas from Mysuru are interacting with PM @narendramodi. Watch here - https://t.co/WAeZpzgueE
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लोग अक्सर सोचते हैं कि रैंकिंग में सुधार होने से केवल कागजों पर चीजें बदलती हैं... लोगों के जीवन में इससे ज्यादा बदलाव नहीं आता... लेकिन सही मायने में कहा जाए तो रैंकिंग में सुधार होने से लोगों के जीवन में बदलाव भी साफतौर पर देखने को मिलता है: PM @narendramodi
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पहले के मुकाबले हमारी ease of doing business ranking में काफी सुधार हुआ है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि business शुरू करने और उसे चलाने की जो प्रक्रियाएं हैं… बिजली से लेकर तमाम चीजों की मंजूरी लेने तक... अब वो और सरल हो गई हैं: PM @narendramodi
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Global innovation index की बात की जाए तो उसमें भी भारत की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 2014 में भारत की innovation रैंकिंग 76 थी जो 2018 में 57 हो गई: PM @narendramodi
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Innovation में हुआ यह सुधार हमारे समाज में साफ दिखाई देता है। पिछले 4 वर्षों में काई सारे नए स्टार्ट-अप शुरू हुए हैं और भारत दुनिया के सबसे बड़े start up ecosystems में से एक है: PM @narendramodi
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अटल इनोवेशन मिशन के तहत, सैकड़ों स्कूलों में टिंकरिंग प्रयोगशालाएं चल रही हैं और स्कूल भी एक innovation based society की नींव रख रहे हैं: PM @narendramodi
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2013-14 में patents की संख्या 4,000 थी जो 2017-18 में बढ़कर 13,000 से अधिक हो गई है वहीं registered ट्रेडमार्क की बात की जाए तो 2013-14 में registered ट्रेडमार्क की संख्या 68,000 थी जो 2016-17 में बढ़कर 2.5 लाख हो गई है: PM @narendramodi
— narendramodi_in (@narendramodi_in) October 10, 2018
इसी प्रकार World Travel & Tourism Competitiveness index में भी सुधार हुआ है। 2013 में भारत की tourism रैंकिंग 65 थी जो 2017 में 40 हो गई: PM @narendramodi
— narendramodi_in (@narendramodi_in) October 10, 2018
और इतना ही नहीं... भारत में विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी सुधार हुआ है – 2013 में भारत में 70 लाख विदेशी पर्यटक आते थे, 2017 में जिनकी संख्या बढ़कर 1 करोड़ से भी ज़्यादा हो गई है: PM @narendramodi
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कल यानी 11 अक्टूबर को हम नानाजी देशमुख की जन्म जयंती मना रहे हैं।
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आप किसी ऐसे कार्यकर्ता से पूछिए, जिन्होंने तीन-चार दशक पहले पार्टी ज्वाइन की हो। वे आपको बताएंगे कि किस प्रकार नानाजी देशमुख कार्यकर्ता के लिए आदर्श थे: PM @narendramodi https://t.co/WAeZpzgueE
बेहद विनम्र, जमीन से जुड़े हुए, विचारधारा के प्रति समर्पित किंतु बाहरी दुनिया से डायलॉग के लिए हमेशा तत्पर रहने वाले, परिश्रमी – यही तो नानाजी का व्यक्तित्व था, जिससे हम बहुत कुछ सीख सकते हैं: PM @narendramodi https://t.co/WAeZpzgueE
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एक संघठक में जिन क्षमताओ की आवश्यकता होती है, नानाजी देशमुख में वह कूट-कूट कर भरी थी: PM @narendramodi
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क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि 1970 के दशक में, जब सिर्फ एक ही पार्टी की तूती बोलती थी, जब उस पार्टी ने विपक्ष को दबाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ा, जब आपातकाल थोपा गया, तो उन हालात में भी ये नानाजी देशमुख थे, जो संगठन की गतिविधियों में सबसे आगे रहे थे: PM @narendramodi
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और फिर, 1977 में जब जनता पार्टी जीती थी, तब नानाजी ने, किसी आरामदायक मंत्री पद लेने की बजाय चित्रकूट जाने का फैसला किया था। उन्होंने देश के ग्रामीण जीवन में सुधार लाने के लिए खुद को समर्पित कर दिया: PM @narendramodi
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12 अक्टूबर को हम अपने एक और नेता की जयंती मनाते हैं, राजमाता विजयाराजे सिंधिया ।
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इस बार का 12 अक्टूबर तो और भी विशेष है क्योंकि यह उनकी 100वीं जयंती है: PM @narendramodi
राजमाता सिंधिया एक समृद्ध राजघराने से थी। अगर वो चाहतीं, तो पूरे ठाठबाट का जीवन जी सकती थीं। लेकिन उन्होंने जनता के बीच रहकर काम करने का फैसला किया - गांवों, जंगलों, आदिवासी और दूरदराज के इलाकों में: PM @narendramodi
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जनता के लिए वह हमेशा हाजिर रहती थीं। सहजता इतनी थी कि लोगों को भी उनके पास जाने के लिए सोचना नहीं पड़ता था। कार्यकर्ताओं के प्रति उनका गजब का स्नेह था: PM @narendramodi
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आपातकाल के दौरान सरकार ने उन्हें अलग अलग तरह से परेशान किया, लेकिन इससे पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता कभी कम नहीं हुई: PM @narendramodi
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भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता आज भी ऐसा ही होना चाहिए -
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दृढ़ और सौम्य यानि Tough and gentle
आत्मविश्वासी और विनम्र यानि Confident and humble
प्रतिबद्ध और मेहनती - Committed and hardworking: PM @narendramodi https://t.co/WAeZpzgueE
कल 11 अक्टूबर को हमारे सम्माननीय लोकनायक जेपी की जयंती है, जिनके अथक प्रयासों और लीडरशिप की वजह से हमारा लोकतांत्रिक ढांचा बच पाया।
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जेपी भी एक आदर्श कार्यकर्ता थे: PM @narendramodi
अगर इतिहास में 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन को याद करें। उस समय गांधी जी समेत कई शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था। अंग्रेजों को लगा कि आंदोलन समाप्त हो गया है: PM @narendramodi
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जेपी ने महात्मा गांधी, सरदार पटेल और दूसरे कई नेताओं के साथ बहुत करीब रहकर काम किया- 1947 के बाद सरकार में वह अपनी पसंद का कोई भी मंत्रालय पा सकते थे: PM @narendramodi
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1970 के दशक की शुरुआत में जब परिस्थितियां हाथ से निकलने लगीं और हमारे लोकतंत्र पर गंभीर खतरा मंडराने लगा, तब उन्होंने मुख्यधारा की राजनीति में लौटकर युवाओं को एकजुट करने का कार्य किया। आपातकाल के विरोध में जो एक बड़ा आंदोलन चला, वह इसी की देन थी: PM @narendramodi
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भारतीय जनता पार्टी की पहचान किसी वंश से जुड़ी हुई नहीं है। अनगिनत कर्मयोगी कार्यकर्ताओं और जीवन का सर्वस्व खपा देने वाले निस्वार्थ नेताओं ने ही भाजपा को ‘पार्टी विद डिफरेंस’ बनाया है। अगर बीजेपी ‘पार्टी विद डिफरेंस’ है तो उसके कार्यकर्ताओं की छवि भी डिफरेंट होनी चाहिए: PM
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