प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नारी शक्ति पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं से बातचीत की।
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा, ‘सेवा परमो धर्मः’ हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पुरस्कार प्राप्त करने वालों ने दूसरों की सेवा के लिए अपने जीवन को समर्पित कर दिया है। उन्होंने कहा कि इनका योगदान बहुत महान है जिसके कारण तमाम लोगों को लाभ हुआ है। इनका कार्य समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने उल्लेख किया कि राष्ट्र सिस्टर निवेदिता की 150वीं जयंती मना रहा है, जो निस्वार्थ सेवा की प्रतिमूर्ति थीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि समाज सेवा भारत की अस्मिता है और धर्मशाला, गौशाला और शिक्षण संस्थाओं में इसकी छवि दिखाई देती है।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका गांधी भी उपस्थित थीं।