मुख्यमंत्री के सद्भावना मिशन अभियान का अम्बाजी में समापन

आगामी 24 घंटे में ही गुजरात पर जुल्म और झूठ के नये हमले शुरू हो जाएंगे : मुख्यमंत्री

सद्भावना की इस शक्ति से गुजरात के विकास की नई दुनिया के दर्शन करवाएंगे

बनासकांठा जिले की विकासयात्रा को आगे बढ़ाने के लिए 1700 करोड़ के नये आयोजनों की घोषणा

मुख्यमंत्री श्री मोदी ने सद्भावना मिशन को मिले जनसमर्थन पर जनता का अंत:करण से जताया आभार

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अहमदाबाद, रविवार: मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अम्बाजी में सद्भावना मिशन के संकल्प के 36वें और अंतिम उपवास का समापन करते हुए गुजरात के विकास की शक्ति और सद्भावना की शक्ति को स्वीकार करने की चुनौती गुजरात विरोधियों को दी है। उन्होंने कहा कि गुजरात के घावों पर नमक छांटना अब बंद होना चाहिए और इन लोगों को गुजरात की शक्ति का स्वीकार करना चाहिए। श्री मोदी ने कहा कि 36 उपवास का तप तो आज पूर्ण हो गया लेकिन गुजरात की सद्भावना की शक्ति का अनुभव दुनिया को निरंतर होता रहेगा। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों के स्नेह में मैं डूब गया हूं और अपनी जिन्दगी इसी जनता की सेवा में अर्पित करने का संकल्प करता हूं।

सद्भावना मिशन को मिले जनसमर्थन पर मुख्यमंत्री ने भावविभोर होते हुए जनता का अंत:करण से ऋण स्वीकार किया। 17 सितंबर, 2011 को शुरू हुए सद्भावना मिशन के तहत आज 36वां उपवास मुख्यमंत्री ने आद्यशक्ति पीठ अम्बाजी में संपन्न किया जिसमें बनासकांठा के कोने-कोने से जनसैलाब उन्हें समर्थन देने उमड़ा। सद्भावना मिशन को जनता की समाजशक्ति का साक्षात्कार करार देते हुए मुख्यमंत्री ने इसे हिन्दुस्तान के सार्वजनिक जीवन की ऐतिहासिक और विरल घटना बतलाया। अभियान की अभूतपूर्व सफलता का श्रेय उन्होंने छह करोड़ गुजरातियों को दिया। बनासकांठा जिले की विकासयात्रा को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने 1700 करोड़ रुपये के नये विकास आयोजनों की घोषणा की।

अपनी माता-जननी का आशीर्वाद लेकर 17 सितंबर को उपवास की शुरूआत करने और आज जगत जननी मां अम्बाजी के आशीर्वाद से समापन करने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, सद्भावना मिशन का विभिन्न पहलुओं से आंकलन हो रहा है। कई लोगों ने अपने इरादे से इस अभियान की गतिविधि को निहारा है लेकिन 36 दिन के इस अनशन अभियान में लाखों नागरिकों का प्रेम इसमें मिला है। यह अभियान किसी के खिलाफ नहीं था और न ही कुछ मांगने के लिए था, फिर भी लोगों ने इसे भारी समर्थन दिया। जो लोग इस सद्भावना मिशन की आलोचना करते हैं उनमें जरा सी भी ईमानदारी बची हो तो उन्हें जनता के प्रेम का सच्चा आंकलन करना चाहिए। राजनीति के चश्मे से इसका आंकलन संभव नहीं है।

श्री मोदी ने कहा कि सद्भावना मिशन के 36 उपवासों का प्रभाव समाजशक्ति पर इतना है कि एक लाख से ज्यादा लोग पदयात्रा करके कई किलोमीटर दूर से आए। 45 लाख गरीब बालकों को नागरिकों ने तिथीभोजन करवाया। छह लाख किलो से अधिक अनाज लोगों ने दान में दिया और इसका वितरण लाखों गरीबों को किया गया। चार करोड़ रुपये कन्या केळवणी निधि में आए। 17 हजार जितनी प्रभातफेरियां सद्भावना के लिए हुई और 20 लाख नागरिकों ने इसमें शामिल होकर संकल्प किए। हजारों किलो ड्रायफ्रूट का वितरण किया गया।

कांग्रेस को चुनौती देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात के सामाजिक संस्कार से गुजरात के नागरिकों ने कुपोषण के खिलाफ जंग छेड़ी है। प्रधानमंत्री कुपोषण को राष्ट्रीय शर्म बताते हैं तो फिर कुपोषण के खिलाफ आंदोलन कर क्यों नहीं इस राष्ट्रीय शर्म से राष्ट्र को मुक्त करते? उन्होंने कहा कि तुम्हारा रास्ता- फूट डालो-राज करो, लेकिन हमारा -सबका साथ-सबका विकास है। 24 घंटे में ही गुजरात को बदनाम करने वाले, गुजरात पर अत्याचार और जुल्म करने वाले दोगुनी ताकत से गुजरात पर हमले करेंगे। गुजरात पर जुल्म और झूठ से प्रहार करेंगे। लेकिन हम सद्भावना मिशन की एकता, शांति और भाईचारे की शक्ति से इन हमलों को परास्त करेंगे।

गुजरात को विकास की इतनी ऊंचाइयों पर पहुंचाया गया है इसकी भूमिका में श्री मोदी ने कहा कि रेगिस्तान की गर्म हवा और धूल उड़ाने वाली धरती पर सूर्यशक्ति से सौर ऊर्जा का प्रकाश फैल रहा है। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर के कारण उत्तर गुजरात की आर्थिक-सामाजिक उन्नति का राजमार्ग बनने वाला है। आज विकास के कारण ही किसान समृद्घ हुआ है और जमीन के भारी दाम मिलने के बावजूद जमीन बेचने को तैयार नहीं है। गुजरात की राजनीतिक स्थिरता, नीतियों की गतिशीलता और प्रगति की ऊंचाई को और बढ़ाने का संकल्प जताते हुए श्री मोदी ने कहा कि छोटे किसानों को ग्रीन हाऊस, नेट हाऊस की कृषि टेक्नोलॉजी की ओर ले जाया जाएगा। और दो बीघा जमीन का किसान भी प्रति वर्ष 10-12 लाख की आय हासिल करने लगेगा।

गुजरात विकास की एक नई दुनिया बनाएगा इसका उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि अब गुजरात की शक्ति और सत्य का स्वीकार होना चाहिए। यही एकता, शांति और भाईचारे की शक्ति है। श्री मोदी ने कहा कि, मैं प्रेम से कहना चाहता हूं कि दस साल से तुमने जो गुजारा है उसको छोडक़र अब गुजरात की शक्ति को स्वीकार करो। देश की जनता अब जान चुकी है कि गुजरात पर दस वर्ष कर जुल्म करने वाले किस तरह से आदत से मजबूर हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री के सद्भावना मिशन के समापन पर आज विधानसभा अध्यक्ष गणपतभाई वसावा, राज्य मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और नागरिक भारी संख्या में उपस्थित थे।

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PM to attend Christmas Celebrations hosted by the Catholic Bishops' Conference of India
December 22, 2024
PM to interact with prominent leaders from the Christian community including Cardinals and Bishops
First such instance that a Prime Minister will attend such a programme at the Headquarters of the Catholic Church in India

Prime Minister Shri Narendra Modi will attend the Christmas Celebrations hosted by the Catholic Bishops' Conference of India (CBCI) at the CBCI Centre premises, New Delhi at 6:30 PM on 23rd December.

Prime Minister will interact with key leaders from the Christian community, including Cardinals, Bishops and prominent lay leaders of the Church.

This is the first time a Prime Minister will attend such a programme at the Headquarters of the Catholic Church in India.

Catholic Bishops' Conference of India (CBCI) was established in 1944 and is the body which works closest with all the Catholics across India.