QuoteThe ones who questioned dateline of Ayodhya Ram Mandir are now clapping in appreciation: PM Modi
QuoteWhat can people expect from 'yuvraj’ of 'jungle raj'? PM's dig at RJD CM candidate Tejashwi Yadav
QuoteBihar will face double whammy if proponents of 'jungle raj' return to power during pandemic: PM Modi in Muzzafarpur

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय।

महान स्वतंत्रता सेनानी खुदी राम बोस, जुब्बा साहनी के ई वीर भूमि क गोर लगे छी !
बाबा गरीबनाथ के इ पावन धरती पर अपने सब के अभिनंदन करे छी !
केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी श्री गिरिराज सिंह जी, संसद में मेरे साथी और बिहार भाजपा अध्यक्ष भाई संजय जायसवाल जी, जेडीयू के हमारे संसद के साथी लल्लन सिंह जी, रमादेवी जी, उपस्थित सभी सांसदगण, विधायकगण, एनडीए के प्रतिनिधिगण और मेरे भाइयों और बहनों, मैं जब-जब मुजफ्फरपुर आया हूं, आपका प्यार और सत्कार मुझे अभिभूत कर देता है। दूर-दूर जहां नजर भी ना पहुंच पाए लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। आपका यही प्यार मेरी ऊर्जा है, मेरी प्रेरणा है।

यहां वैशाली, हाजीपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, उजियारपुर सहित आसपास के अनेक हिस्सों से भी आप सब पधारे हैं, हम सब को आशीर्वाद देने आए हैं। साथ-साथ हजारों साथी, अपने क्षेत्र के उम्मीदवारों के साथ डिजिटल तरीके से भी हमारे साथ जुड़े हुए हैं और इस प्रकार से इतनी बड़ी मात्रा में आज आप हमें आशीर्वाद दे रहे हैं, हम सब आपके हृदय से बहुत-बहुत आभारी हैं।
भाइयो और बहनो, इस बार बिहार का चुनाव बहुत ही असाधारण परिस्थिति में हो रहा है। कोरोना की वजह से, आज पूरी दुनिया चिंता में है, मुश्किल में है। महामारी के इस कठिन समय में बिहार को स्थिर सरकार बनाए रखने की जरूरत है, विकास को, सुशासन को सर्वोपरि रखने वाली सरकार की जरूरत है।
ये समय हवा-हवाई बातें करने वालों को नहीं, बल्कि जिनके पास अनुभव है, जो बिहार को एक गहरे अंधेरे से निकालकर यहां तक लाए हैं, उन्हें दोबारा चुनने का ये अवसर है।
आप कल्पना कर सकते हैं, एक तरफ महामारी हो और साथ ही जंगलराज वाले राज करने आ जाएं तो ये बिहार के लोगों पर दोहरी तरह की मार हो जाएगी।
सोचिए, कोरोना से लड़ाई के लिए जो इतनी राशि खर्च की जा रही है, कोरोना से लड़ने के लिए खासतौर पर जो योजनाएं शुरू की गई हैं, आप सोच सकते हैं अगर ऐसी टोली आई तो इन पैसों का होगा क्या?

साथियो, ‘जंगलराज के ‘युवराज’ बिहार की जनता की और मैं मानता हूं, ये जंगलराज के युवराज से बिहार की जनता पुराने ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर और क्या अपेक्षा कर सकती है?
जंगलराज की परंपरा में सब कुछ सीखने वाले लोगों को मुझसे ज्यादा अच्छी तरह बिहार की जनता जानती है। मुझे ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं है।
इसलिए ही, बिहार के लोग, इस प्रण के साथ आगे बढ़ रहे हैं कि कोरोना के साथ ही बिहार को नुकसान पहुंचाने वाली इन ताकतों को भी हराना है।

साथियो, ये चुनाव आने वाले दशक में, इस सदी में बिहार के भविष्य को तय करेगा। आपका एक वोट ये तय करेगा कि आत्मनिर्भरता का संकल्प लेकर निकले हुए भारत में बिहार की भूमिका कितनी, क्या होगी? आपका एक वोट तय करेगा कि आत्मनिर्भर बिहार का लक्ष्य कितनी तेज़ी से हम पूरा कर पाएंगे।

साथियो, बिहार में, यहां के नौजवानों, यहां की महिलाओं, यहां के उद्यमियों, किसानों के पास अथाह सामर्थ्य है। हर जिले, हर गांव में कुछ ना कुछ खास है, हर जिला स्पेशल है।
अब जैसे मुजफ्फरपुर और इस क्षेत्र में ही लीची है, आम है, अनेक दूसरे फल और कृषि उपज हैं, चूड़ियां है, दूसरे हस्तशिल्प हैं। अब जब बिहार में तेज विकास का वातावरण बना है, तो इन स्थानीय उत्पादों की ताकत कई गुना बढ़ गई है। अब दुनिया के बाजारों में इनके लिए नई संभावनाएं बन रही हैं।
एनडीए सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर जो निवेश कर रही है, गांवों के पास बेहतर सुविधाएं विकसित करने पर जोर दे रही है उसका लाभ बिहार के लोगों को भी मिलने वाला है। इसके लिए एक लाख करोड़ रुपए का स्पेशल फंड बनाया गया है।
लेकिन भाइयो और बहनो, याद रखिए, वो दल जिन्होंने बिहार को अराजकता दी, कुशासन दिया वो फिर से मौका खोज रहे हैं। जिन्होंने बिहार के नौजवानों को गरीबी और पलायन दिया, सिर्फ अपने परिवार को हजारों करोड़ का मालिक बना दिया, वो फिर मौके की तलाश में है, मौका चाहते हैं।
वो दल जो बिहार के उद्योगों को बंद करने के लिए बदनाम हैं, जिनसे निवेशक कोसों दूर भागते हैं, नाम सुनते ही भाग जाते हैं, वो लोग बिहार के लोगों को विकास के वायदे कर रहे हैं।
सरकारी नौकरी तो छोड़िए, इन लोगों के आने का मतलब है, नौकरी देने वाली प्राइवेट कंपनियां भी यहां से नौ दो ग्यारह हो जाएंगी। और अपना काम, अपना कारोबार करने वालों के साथ इन लोगों का जो बर्ताव रहा है, उसे तो बिहार के लोग कभी नहीं भूल सकते।
रंगदारी दी तो बचोगे, नहीं तो किडनैपिंग इंडस्ट्री का कॉपीराइट तो उन लोगों के पास है ही। इसलिए इनसे सावधान रहना है।
याद रखिए, इन दलों की राजनीति झूठ, फरेब और भ्रम पर आधारित है। इन लोगों के पास बिहार के विकास का न ही कोई रोडमैप है और न ही कोई अनुभव।
भाइयो और बहनो, आज बिहार का युवा विश्वास से भरा हुआ है, आत्मविश्वास से भरा हुआ है। उसकी आकांक्षाएं और अपेक्षाएं पूरी हों, इसके लिए बिहार में सुशासन का बने रहना, नितीश जी के नेतृत्व में बिहार को आगे ले जाना बहुत जरूरी है। नीतीश जी के नेतृत्व में बिहार सुशासन के जिस रास्ते पर चला है उसे केंद्र में एनडीए की सरकार बनने के बाद नई ऊर्जा मिली है। बीते वर्षों में बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के लिए अभूतपूर्व काम किया गया है। बिहार के गरीब से गरीब परिवार को वो मूलभूत सुविधाएं मिल रही हैं, जिनका इंतजार उसने दशकों तक किया है।

आज बिहार के गरीब से गरीब परिवार को भी बिजली, गैस कनेक्शन, शौचालय, घर, आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा सुनिश्चित कराई जा रही है। आज सामान्य से सामान्य परिवार के पास मोबाइल फोन है।
अब बिहार के विकास के अगले चरण में हमें इन सुविधाओं का और विस्तार करना है, बिहार के लोगों को मिल रही सुविधाओं को आधुनिक बनाना है।

साथियो, हाल ही में एक और बहुत बड़ी योजना की शुरुआत की गई है, जिसका लाभ बिहार के लोगों को होना तय है। हमारे देश के गांवों में, गांव की जमीन, गांव के घरों के मालिकाना हक को लेकर हमेशा भ्रम की स्थिति रही है।
पीढ़ी दर पीढ़ी रहने के बावजूद गांवों के घरों का कोई कानूनी मालिकाना दस्तावेज़ नहीं है और इसके कारण उसको अनेक प्रकार की कठिनाइयां होती हैं। इस स्थिति में ‘स्वामित्व योजना’ जिसका प्रारंभ हुआ है, ये स्वामित्व योजना से अब तक करीब-करीब 1 लाख लोगों को स्वामित्व का कार्ड दिया गया है और इस स्वामित्व से उनको वो अधिकार मिला है जिससे वो अगर घर से कहीं बाहर जाना है तो चिंता नहीं रहती है कि कोई आकर घर पर कब्जा कर लेगा, कोई घर में घुस जाएगा। अब उनको विश्वास रहता है कि अब उनके पास कागज होने के कारण, ये अधिकृत सरकारी दस्तावेज होने के कारण वे अपने तरीके से बैंक से लोन भी ले सकते हैं और ये स्वामित्व योजना प्रायोगिक रूप से अभी 6 राज्यों में शुरू की है। जैसे ही यहां चुनाव और आचार संहिता समाप्त हो जाएगी, बिहार के गांवों को भी, बिहार के गांवों के हर नागरिक को इसका एक बहुत बड़ा लाभ मिलने वाला है।

साथियो, आज बिहार में कनेक्टिविटी का आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जा रहा है। विशेष रूप से बिहार को पश्चिमी समुद्री तट और पूर्वी समुद्री तट से गैस पाइपलाइन के माध्यम से कनेक्ट किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा योजना के तहत पारादीप-हल्दिया से आने वाली लाइन अभी बांका तक पूरी हो चुकी है और ये मुजफ्फरपुर भी जल्द ही पहुंचेगी।
गुजरात के कांडला से आने वाली पाइपलाइन जो गोरखपुर तक पहुंच चुकी है, उसको भी इससे जोड़ा जा रहा है। बिहार एक प्रकार से दुनिया की सबसे बड़ी गैस पाइपलाइन परियोजना का हिस्सा होने वाला है।

साथियो, बिहार के लिए जो प्रधानमंत्री पैकेज दिया गया था, उसमें पेट्रोलियम और गैस से जुड़े 10 बड़े प्रोजेक्ट थे। हजारों करोड़ रुपए के इन प्रोजेक्ट्स में से अधिकतर पूरे हो चुके हैं। यहां मुज़फ्फरपुर में नया LPG प्लांट लगा है। इसके अलावा पटना और पूर्णिया में भी LPG प्लांट्स का विस्तार किया गया है।
सिर्फ LPG ही नहीं इस पाइपलाइन से बिहार के अनेक जिलों में, अनेक शहरों में पाइप से सस्ती गैस पहुंचाई जा रही है। इतना ही नहीं, इससे बिहार में CNG आधारित कम प्रदूषण फैलाने वाली ट्रैफिक व्यवस्था बनाने का काम चल रहा है।
जब बिहार को गैस कनेक्टिविटी मिल गई तो यहां गैस आधारित कारखानों का खुलना आसान हुआ है। बरौनी जैसे कुछ कारखाने, जो पहले बंद हो गए थे, उनको फिर से चालू करना आसान हो गया है।

भाइयो और बहनो, गैस कनेक्टिविटी के साथ आज यहां हाइवे और रेलवे के नेटवर्क को भी आधुनिक किया जा रहा है। पीएम पैकेज के तहत मुजफ्फरपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों में लगभग 5 हज़ार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स या तो पूरे हो चुके हैं या फिर काम जारी है। छपरा, मुज़फ्फरपुर और बरौनी को कनेक्ट करने वाली सैकड़ों करोड़ रुपए की सड़कें यहां बनी हैं।

साथियो, मुज़फ्फरपुर हो, वैशाली हो, सीतामढ़ी हो, ये पूरा क्षेत्र बिहार के अहम व्यापारिक केंद्र भी है और बिहार में तीर्थाटन का, हैरिटेज टूरिज्म का भी महत्वपूर्ण सेंटर है। ऐसे में यहां के शहरों के सुंदरीकरण पर और सामान्य सुविधाओं का निर्माण NDA सरकार की प्रतिबद्धता है। हाल में मुज़फ्फरपुर में रिवर फ्रंट बनाने का काम भी शुरु किया गया है।
इसके तहत शहर के कई घाटों को विकसित किया जा रहा है, वहां शौचालय और दूसरी सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। जब ये काम पूरा हो जाएगा तो यहां पर्यटकों को भी बहुत आकर्षित करेगा।

साथियो, रामायण सर्किट के साथ ही बुद्ध और जैन सर्किट के तहत भी यहां बेहतर सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। नीतीश जी के नेतृत्व में जब यहां फिर से NDA की सरकार बनेगी तो सुविधाओं और सुंदरीकरण के प्रोजेक्ट्स को और गति दी जाएगी।

भाइयो और बहनो, विकास और सुशासन के मूल में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास है। विकास हो, दलित-पीड़ित-शोषित-वंचित, नौजवानों का, महिलाओं का, सबका विकास हो।
कोई न पीछे रहे, न ही किसी से भेदभाव हो। इसी सोच के साथ एनडीए सरकार काम कर रही है, भारत को आत्मनिर्भर भारत बनाने में जुटी है।

साथियो, इसमें देश की, बिहार की महिलाओं-बहनों-बेटियों की भी बहुत बड़ी भूमिका है। NDA सरकार चाहे केंद्र में हो या बिहार में, महिला सशक्तिकरण के अभूतपूर्व प्रयास चल रहे हैं।
बेटियों की पढ़ाई, दवाई से लेकर कमाई तक, एक के बाद एक कदम उठाए गए हैं। मिशन इंद्रधनुष हो, पीएम सुरक्षित मातृत्व योजना हो, आज गर्भवती महिलाओं के पोषण से लेकर टीकाकरण के लिए सरकार हर जरूरी मदद दे रही है।

साथियो, बिहार में साढ़े 4 करोड़ से ज्यादा जनधन खाते खोले गए, उसमें से ढाई करोड़ से ज्यादा खाते हमारी माताओं-बहनों के नाम हैं। बिहार की इन बहनों के जनधन खातों में कोरोना लॉकडाउन के समय सैकड़ों करोड़ रुपए की सीधी मदद पहुंचाई गई है।
बिहार में जीविका दीदियों के लिए बैंकों से मिलने वाली मदद का भी विस्तार किया गया है। इस वजह से जीविका दीदियों का नेटवर्क दिनों-दिन और मजबूत हो रहा है।

भाइयो और बहनो, हाल में जो श्रम सुधार किए गए हैं, उसमें देश की महिला श्रम शक्ति के लिए काम के सभी क्षेत्रों को पूरी सुरक्षा के साथ खोल दिया गया है।
महिलाओं को पुरुषों के बराबर मेहनताने का कानूनी अधिकार सुनिश्चित किया गया है। बिहार में श्रमयोगी पेंशन योजना के तहत लगभग 2 लाख श्रमिक साथी जुड़ चुके हैं, इसमें से भी लगभग 70 हज़ार बहनें हैं।
मुद्रा योजना में बिहार में 4 लाख से ज्यादा बिना गारंटी के ऋण आवंटित हुए हैं, जिसमें से लगभग ढाई लाख बिहार की महिला उद्यमियों ने लिए हैं। देश के विकास में, बिहार के विकास में बहन-बेटियों की इस भागीदारी को हमें और मजबूत करना है।

साथियो, बिहार को आत्मनिर्भर बनाने की भावना के साथ आपको इस बार अपना वोट भाजपा, जेडीयू, हम पार्टी और वीआईपी के गठबंधन यानी NDA को डालना है। याद रखिए, आपका एक-एक वोट बिहार को फिर बीमार होने से बचाएगा।
और मेरे प्यारे भाइयो-बहनो, मैं आपको एक बात फिर से याद कराऊंगा। ये कोरोना का काल है फेस मास्क, दो गज की दूरी का नियम आपके परिवार को बीमारी से बचाएगा।
आत्मनिर्भर बिहार के संकल्प में शामिल होने के लिए आपका मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
बहुत-बहुत धन्यवाद। मेरे साथ बोलिए, भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय, बहुत-बहुत धन्यवाद।

  • Reena chaurasia August 28, 2024

    बीजेपी
  • manju chhetri January 29, 2024

    जय हो
  • Babla sengupta December 28, 2023

    Babla sengupta
  • Mahendra singh Solanki Loksabha Sansad Dewas Shajapur mp December 22, 2023

    नमो नमो नमो नमो नमो नमो नमो
  • R N Singh BJP May 20, 2022

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  • शिवकुमार गुप्ता March 17, 2022

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PM chairs a High-Level Meeting to review Ayush Sector
February 27, 2025
QuotePM undertakes comprehensive review of the Ayush sector and emphasizes the need for strategic interventions to harness its full potential
QuotePM discusses increasing acceptance of Ayush worldwide and its potential to drive sustainable development
QuotePM reiterates government’s commitment to strengthen the Ayush sector through policy support, research, and innovation
QuotePM emphasises the need to promote holistic and integrated health and standard protocols on Yoga, Naturopathy and Pharmacy Sector

Prime Minister Shri Narendra Modi chaired a high-level meeting at 7 Lok Kalyan Marg to review the Ayush sector, underscoring its vital role in holistic wellbeing and healthcare, preserving traditional knowledge, and contributing to the nation’s wellness ecosystem.

Since the creation of the Ministry of Ayush in 2014, Prime Minister has envisioned a clear roadmap for its growth, recognizing its vast potential. In a comprehensive review of the sector’s progress, the Prime Minister emphasized the need for strategic interventions to harness its full potential. The review focused on streamlining initiatives, optimizing resources, and charting a visionary path to elevate Ayush’s global presence.

During the review, the Prime Minister emphasized the sector’s significant contributions, including its role in promoting preventive healthcare, boosting rural economies through medicinal plant cultivation, and enhancing India’s global standing as a leader in traditional medicine. He highlighted the sector’s resilience and growth, noting its increasing acceptance worldwide and its potential to drive sustainable development and employment generation.

Prime Minister reiterated that the government is committed to strengthening the Ayush sector through policy support, research, and innovation. He also emphasised the need to promote holistic and integrated health and standard protocols on Yoga, Naturopathy and Pharmacy Sector.

Prime Minister emphasized that transparency must remain the bedrock of all operations within the Government across sectors. He directed all stakeholders to uphold the highest standards of integrity, ensuring that their work is guided solely by the rule of law and for the public good.

The Ayush sector has rapidly evolved into a driving force in India's healthcare landscape, achieving significant milestones in education, research, public health, international collaboration, trade, digitalization, and global expansion. Through the efforts of the government, the sector has witnessed several key achievements, about which the Prime Minister was briefed during the meeting.

• Ayush sector demonstrated exponential economic growth, with the manufacturing market size surging from USD 2.85 billion in 2014 to USD 23 billion in 2023.

•India has established itself as a global leader in evidence-based traditional medicine, with the Ayush Research Portal now hosting over 43,000 studies.

• Research publications in the last 10 years exceed the publications of the previous 60 years.

• Ayush Visa to further boost medical tourism, attracting international patients seeking holistic healthcare solutions.

• The Ayush sector has witnessed significant breakthroughs through collaborations with premier institutions at national and international levels.

• The strengthening of infrastructure and a renewed focus on the integration of artificial intelligence under Ayush Grid.

• Digital technologies to be leveraged for promotion of Yoga.

• iGot platform to host more holistic Y-Break Yoga like content

• Establishing the WHO Global Traditional Medicine Centre in Jamnagar, Gujarat is a landmark achievement, reinforcing India's leadership in traditional medicine.

• Inclusion of traditional medicine in the World Health Organization’s International Classification of Diseases (ICD)-11.

• National Ayush Mission has been pivotal in expanding the sector’s infrastructure and accessibility.

• More than 24.52 Cr people participated in 2024, International Day of Yoga (IDY) which has now become a global phenomenon.

• 10th Year of International Day of Yoga (IDY) 2025 to be a significant milestone with more participation of people across the globe.

The meeting was attended by Union Health Minister Shri Jagat Prakash Nadda, Minister of State (IC), Ministry of Ayush and Minister of State, Ministry of Health & Family Welfare, Shri Prataprao Jadhav, Principal Secretary to PM Dr. P. K. Mishra, Principal Secretary-2 to PM Shri Shaktikanta Das, Advisor to PM Shri Amit Khare and senior officials.