Quoteস্যার এম এম বিশ্বেসরাইয়াকে শ্রদ্ধা জ্ঞাপন
Quote“ ‘সব কা প্রয়াস’ এর মাধ্যম ভারত উন্নত দেশ হওয়ার পথে এগিয়ে চলেছে”
Quote“দরিদ্রদের সেবার জন্য ধর্মীয় ও সামাজিক প্রতিষ্ঠানের গৌরবময় ঐতিহ্য রয়েছে কর্ণাটকের”
Quote“আমাদের সরকার দরিদ্রদের উন্নয়নের কাজ করে চলেছে। কন্নড় সহ সব ভারতীয় ভাষায় চিকিৎসা শিক্ষার সুযোগ দেওয়া হচ্ছে”
Quote“দরিদ্রদের ও মধ্যবিত্ত শ্রেণীর জনগণের স্বাস্থ্যকে বিশেষ গুরুত্ব দেওয়া হচ্ছে”
Quote“স্বাস্থ্য সম্পর্কিত নীতি নির্ধারণের ক্ষেত্রে আমরা মহিলাদের সর্বোচ্চ প্রাধান্য দিচ্ছি”

প্রধানমন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদী আজ চিক্কবল্লপুরে শ্রী মধুসুদন সাই ইন্সটিটিউট অফ মেডিকেল সায়েন্সস অ্যান্ড রিসার্চ-এর উদ্বোধন করেছেন। এসএমএসআইএমএসআর চিকিৎসা সংক্রান্ত শিক্ষার পাশাপাশি উন্নতমানের চিকিৎসা পরিষেবা দেবে বিনামূল্যে। ২০২৩ শিক্ষা বর্ষ থেকে এই প্রতিষ্ঠান কাজ শুরু করবে।

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অনুষ্ঠানে প্রধানমন্ত্রী বলেন, চিক্কবল্লপুর আধুনিক ভারতের এক রূপকার স্যার এম এম বিশ্বেসরাইয়ার জন্মস্থান। তিনি তাঁর স্মৃতিতে শ্রদ্ধা জানান। ঘুরে দেখেন সমাধি সংগ্রহশালা। প্রধানমন্ত্রী বলেন, চিক্কবল্লপুর স্যার বিশ্বেসরাইয়ার জন্য অন্যতম অনুপ্রেরণার উৎস।

প্রধানমন্ত্রী বলেন, সত্যসাই গ্রাম পরিষেবার এক দুর্দান্ত মডেল। শিক্ষা এবং স্বাস্থ্য ক্ষেত্রে এই প্রতিষ্ঠান যে উদ্যোগ গ্রহণ করেছে তিনি তার প্রশংসা করেন। প্রধানমন্ত্রী বলেন, আজ এই মেডিকেল কলেজ উদ্বোধনের ফলে এই লক্ষ্যপূরণের কাজে আরও কিছুটা অগ্রগতি হল।

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প্রধানমন্ত্রী অমৃতকালে উন্নত দেশ গঠনে ভারতের প্রতিশ্রুতিবদ্ধতার কথা উল্লেখ করেন। তিনি বলেন, ‘সব কা প্রয়াস’ অথা সকলের চেষ্টার মাধ্যমে এই প্রতিশ্রুতি পূরণ সম্ভব। ‘বিকশিত ভারত’ গড়ে তোলার জন্য সামাজিক ও ধার্মিক প্রতিষ্ঠানগুলির ভূমিকার ওপরও জোর দেন তিনি। শ্রী মোদী বলেন, দেশের দরিদ্র, দলিত, অনুন্নত ও আদিবাসী শ্রেণীর জনগণের সশক্তিকরণের কাজ চলছে।

প্রধানমন্ত্রী শ্রী সত্যসাই বিশ্ববিদ্যালয়ের মূল উদ্দেশ্য তুলে ধরেন। তিনি বলেন, চিকিৎসা শাস্ত্রে সরকার দেশকে বিশেষভাবে উন্নত করে তোলার লক্ষ্যে কাজ করছে। ২০১৪ সালে দেশে ৩৮০টির কাছাকাছি মেডিকেল কলেজ ছিল। বর্তমানে তা বেড়ে হয়েছে ৬৫০। দেশের উন্নয়নশীল জেলাগুলিতে ৪০টি মেডিকেল গড়ে তোলা হয়েছে বলে তিনি উল্লেখ করেন।

প্রধানমন্ত্রী বলেন, বিগত ৯ বছরে দেশে মেডিকেল পড়ার ক্ষেত্রে আসন সংখ্যা বেড়ে দ্বিগুণ হয়েছে। আগামী ১০ বছরে দেশে যত সংখ্যক চিকিৎসক তৈরি হয়ে আসবেন তা হবে স্বাধীনতার পর থেকে এ পর্যন্ত মোট চিকিৎসকের সংখ্যার অনুরূপ। দেশের উন্নয়নের ফল কর্ণাটকেও প্রতিফলিত হচ্ছে বলে উল্লেখ করে শ্রী মোদী বলেন, এই রাজ্যে ৭০টির কাছাকাছি মেডিকেল কলেজ রয়েছে। প্রধানমন্ত্রী জানান, এ বছরের বাজেট অনুযায়ী দেশে ১৫০টি নার্সিং প্রতিষ্ঠান গড়ে তোলার সিদ্ধান্ত নেওয়া হয়েছে। এর ফলে নার্সিং ক্ষেত্রে সুযোগ বাড়বে।

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প্রধানমন্ত্রী চিকিৎসা শাস্ত্রের পড়ার ক্ষেত্রে ভাষাগত চ্যালেঞ্জের প্রসঙ্গ উত্থাপন করে বলেন, স্থানীয় ভাষায় চিকিৎসা শাস্ত্র নিয়ে পড়ার দিকে বিশেষ নজর দেওয়া হচ্ছে। রাজনৈতিক দলগুলি পিছিয়ে পড়া অঞ্চলের যুবক-যুবতীদির মেডিকেল বা ইঞ্জিনিয়ারিং পেশায় দেখতে ইচ্ছুক নন বলেও অভিযোগ করেন তিনি। প্রধানমন্ত্রী বলেন, ‘আমাদের সরকার দরিদ্রদের উন্নয়ন কাজ করে চলেছে। কন্নড় সহ সব ভারতীয় ভাষায় চিকিৎসা শাস্ত্র নিয়ে পড়ার সুযোগ দেওয়া হচ্ছে।’

প্রধানমন্ত্রী বলেন, দীর্ঘদিন ধরে দেশের দরিদ্র শ্রেণীর জনগণকে কেবল ভোটব্যাঙ্ক হিসেবেই গণ্য করা হত। কিন্তু ‘আমাদের সরকার দেশের দরিদ্রদের পরিষেবা প্রদানকে সর্বোচ্চ অগ্রাধিকার দিচ্ছে। দরিদ্র ও মধ্যবিত্ত শ্রেণীর জনগণের স্বাস্থ্যকে সর্বাধিক গুরুত্ব দেওয়া হচ্ছে।’ শ্রী মোদী জনঔষধী কেন্দ্রগুলির উদাহরণ তুলে ধরেন। তিনি বলেন, কম খরচে ওষুধ দেওয়ার জন্য সারা দেশে বর্তমানে প্রায় ১০ হাজার জনঔষধী কেন্দ্র গড়ে তোলা হয়েছে যার মধ্যে ১ হাজারের বেশি রয়েছে কর্ণাটকে। এ ধরনের উদ্যোগ দেশের দরিদ্র শ্রেণীর মানুষের অর্থ সাশ্রয়ের সহায়ক হয়ে উঠছে বলেও উল্লেখ করেন তিনি।

প্রধানমন্ত্রী তাঁর ভাষণে অতীত দিনের কথা স্মরণ করেন যখন দরিদ্র শ্রেণীর মানুষ হাসপাতালে চিকিৎসা পরিষেবার ব্যয় বহন করতে পারতেন না। বর্তমান সরকার দরিদ্রদের এই সমস্যাটির দিকে বিশেষ নজর দিয়ে আয়ুষ্মান ভারত যোজনা চালু করেছে। এর ফলে দরিদ্রদের জন্য হাসপাতালের দরজা খুলে গেছে বলেও মন্তব্য করেন তিনি। প্রধানমন্ত্রী বলেন, ‘সরকার দরিদ্রদের জন্য ৫ লক্ষ টাকা পর্যন্ত বিনামূল্যে চিকিৎসা নিশ্চিত করেছে।’ তিনি হার্ট অপারেশন, হাঁটু প্রতিস্থাপন, ডায়ালিসিস-এর মতন ব্যয়বহুল শল্য চিকিৎসার উদাহরণ দেন। তিনি বলেন, এ ধরণের চিকিৎসার ব্যয় কমানোর জন্য সরকার প্রয়োজনীয় সব পদক্ষেপ গ্রহণ করেছে।

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প্রধানমন্ত্রী বলেন, ‘আমরা স্বাস্থ্য সম্পর্কিত সব নীতির ক্ষেত্রে মা ও বোনেদের অগ্রাধিকার দিচ্ছি।’ মায়েদের স্বাস্থ্য ও পুষ্টির মান উন্নত হলে সকলের স্বাস্থ্য উন্নত হবে বলে মন্তব্য করেন তিনি। প্রধানমন্ত্রী বলেন, সরকার এই লক্ষ্যে বিশেষ গুরুত্ব দিচ্ছে। এ প্রসঙ্গে তিনি শৌচাগার নির্মাণ, বিনামূল্যে গ্যাস সংযোগ, প্রতি বাড়িতে নল বাহিত পানীয় জল প্রদান, সরাসরি ব্যাঙ্কে ভর্তুকি প্রদানের মতো পরিষেবাগুলির উল্লেখ করেন। তিনি বলেন, ব্রেস্ট ক্যান্সারের দিকে সরকার বিশেষ নজর দিয়েছে। গ্রামগুলিতেও প্রাথমিক স্তরে এই রোগ নির্ণয়ের জন্য স্বাস্থ্য কেন্দ্র চালু করা হচ্ছে। কর্ণাটকে ৯ হাজার স্বাস্থ্য পরিষেবা কেন্দ্র গড়ে তোলার জন্য বোম্মাইজি ও তাঁর দলকে অভিনন্দন জানান।

প্রধানমন্ত্রী এএনএম এবং আশাকর্মীদের সশক্তিকরণ করায় কর্ণাটক সরকারের প্রশংসা করেন। ডাবল ইঞ্জিন সরকার তাদের সম্ভাব্য সব রকম সুবিধা দিতে কাজ করে চলেছে বলে মন্তব্য করেন তিনি। শ্রী মোদী বলেন কর্ণাটকে ১ লক্ষের বেশি নথিভুক্ত সেবাকর্মী ও স্বাস্থ্যকর্মী এবং ৫০ হাজার এএনএম ও আশাকর্মীরা আধুনিক যন্ত্রপাতি পেয়েছেন।

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স্বাস্থ্যের পাশাপাশি ডাবল ইঞ্জিন সরকার মহিলাদের অর্থনৈতিক ক্ষমতায়নের জন্য কাজ করে চলেছে বলে প্রধানমন্ত্রী উল্লেখ করেন। কর্ণাটককে দুধ এবং সিল্কের ভূমি বলে উল্লেখ করে প্রধানমন্ত্রী বলেন, ডাবল ইঞ্জিন সরকার দুগ্ধজাত সমবায়গুলিতে মহিলাদের অংশগ্রহণ বাড়ানোর লক্ষ্যে কাজ করে চলেছে। তিনি বলেন, যখন দেশ সুস্থ থাকে তখন উন্নত ভারত গঠনের লক্ষ্যে সকলে কাজ করেন। ফলে উন্নত দেশ গঠনের লক্ষ্যপূরণের জন্য দ্রুত গতিতে এগিয়ে চলা সম্ভব হয়।

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পরিশেষে প্রধানমন্ত্রী ভগবান সাঁইবাবা ও এই সংস্থার সঙ্গে তাঁর দীর্ঘদিনের যোগাযোগের কথা স্মরণ করেন। তিনি বলেন, ‘আমি এখানে অতিথি নই, আমি এই স্থান এবং ভূমির অংশ। প্রতিবারই আমি যখন আপনাদের মাঝে আসি তখন আমার হৃদয় আপনাদের ভালোবাসায় আরও পরিপূর্ণ হয়ে ওঠে।’

অনুষ্ঠানে কর্ণাটকের মুখ্যমন্ত্রী বাসব রাজ বোম্মাই, শ্রী সত্যসাই সঞ্জীবনী সেন্টার ফর চাইন্ড হার্ট কেয়ারের চেয়ারম্যান ডাঃ শ্রী শ্রীনিবাস এবং সদগুরু শ্রী মধুসুদর সাই উপস্থিত ছিলেন।

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প্রেক্ষাপট

এই অঞ্চলের ছাত্রছাত্রীদের সাহায্য করতে এবং ব্যয় সাশ্রয়ী মূল্যে স্বাস্থ্য পরিষেবা দিতে প্রধানমন্ত্রী শ্রী মধুসুদন সাই ইন্সটিটিউট অফ মেডিকেল সায়েন্সস অ্যান্ড রিসার্চ-এর উদ্বোধন করেন। চিক্কবল্লপুরের মুদ্দেনাহল্লিতে সত্যসাই গ্রামে শ্রী সত্যসাই বিশ্ববিদ্যালয় এটি প্রতিষ্ঠা করে। এই প্রতিষ্ঠানটি চিকিৎসা সংক্রান্ত শিক্ষা প্রদানের পাশাপাশি সকলের জন্য বিনামূল্যে উন্নতমানের চিকিৎসা পরিষেবা দেবে। ২০২৩ শিক্ষা বর্ষ থেকে এই প্রতিষ্ঠানটি কাজ করতে শুরু করবে।

সম্পূর্ণ ভাষণ পড়তে এখানে ক্লিক করুন

  • Gulam Askari April 05, 2023

    jai ho🇮🇳🇮🇳
  • Sangeeta Sharma April 02, 2023

    बहुत ही अच्छी सोच के साथ अच्छी पहल
  • CHANDRA KUMAR March 31, 2023

    कर्नाटक चुनाव जीतने के लिए बीजेपी को कुछ विशेष कार्य करना चाहिए 1. सबसे पहले केंद्र सरकार को 5000 कन्नड़ भाषा शिक्षक का नियुक्ति के लिए नोटिफिकेशन निकाल देना चाहिए। 2. कन्नड़ भाषा विश्वविद्यालय का स्थापना के लिए शिलान्यास कर दीजिए। 3. कर्नाटक में स्ट्रीट फूड का आनंद लीजिए और आम नागरिकों से सीधा जुड़ने का प्रयास कीजिए। 4. कर्नाटक इतिहास से जुड़ी ऐतिहासिक सामान, पुस्तक, मूर्ति आदि का प्रदर्शनी का आयोजन करवाइए। 5. कर्नाटक के विद्यालयों में भ्रमण कीजिए, छात्रों से संवाद कीजिए। 6. कर्नाटक की लडकियों को संगीत, नृत्य, कला, सॉफ्ट स्किल की शिक्षा के लिए 5000 रुपए छात्रवृत्ति की घोषणा कीजिए। 7. कर्नाटक में, प्रत्येक जिला में गरीब वृद्ध स्त्री पुरुष को, कपड़ा वितरण करवाइए। यह अनुदान का कार्य आरएसएस के द्वारा किया जाए, ताकि आचार संहिता उल्लंघन का आरोप नहीं लग सके। बीजेपी को कांग्रेस पार्टी की रणनीति समझ में ही नहीं आ रहा है। कांग्रेस पार्टी का एकमात्र उद्देश्य है अपना अस्तित्व बचाना। दक्षिण भारत से वापसी करना। लेकिन बीजेपी को कोई मौका नहीं देना चाहिए। कांग्रेस पार्टी के तीन रणनीति को तत्काल असफल कीजिए 1. बीजेपी अडानी को सरकारी पैसा देती है और अडानी चुनाव में बीजेपी का मदद करता है। बीजेपी को एक योजनाबद्ध तरीके से इसका जवाब देना चाहिए। a) ग्लोबलाइजेशन और निवेश के नाम पर देश में विदेशी कंपनियों को बुलाया, और इसीलिए आज देश में भारतीय कंपनी खत्म होता जा रहा है। बीजेपी भारतीय कंपनियों को बचाने का प्रयास कर रही है। परिवार में यदि बड़ा बेटा ज्यादा कमाने लगता है तो उसे घर से भगाते नहीं है, बल्कि उससे कहते हैं की परिवार को मजबूत बनाओ, सबके हित में काम करो। यदि देश की कुछ कंपनी अच्छा प्रदर्शन कर रही है, उन्नति कर रही है, तो क्या इन कंपनियों को नष्ट कर दें। विदेशी कंपनियों को ही सहायता करते रहना कांग्रेस पार्टी का लक्ष्य था। लेकिन बीजेपी स्वदेशी कंपनियों की मदद करके उसे मल्टीनेशनल करके मल्टीब्यूजनेस में आगे बढ़ा रही है। बीजेपी ने स्टार्ट अप को भी आगे बढ़ाया है। बीजेपी किसी भी कंपनी के साथ पक्षपात नहीं कर रही है। इतना ही नहीं, बीजेपी को सभी प्राइवेट कंपनी का मीटिंग बुलाना चाहिए। सभी प्राइवेट कंपनी को एक सिस्टम बनाकर स्थाई रोजगार की घोषणा करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। TA DA देना चाहिए , बीजेपी को यह दिखाना चाहिए की कांग्रेस पार्टी भारतीय कंपनियों का दुश्मन है और विदेशी कंपनियों का सहायक है। अडानी और अंबानी से कांग्रेस पार्टी को इसीलिए परेशानी है क्योंकि यह कंपनी भारतीय है, तेजी से विकसित हो रही है, मल्टीनेशनल बन गई है, और मल्टी बिजनेस को अपना रही है। सत्ता में रहते हुए कांग्रेस पार्टी ने पतंजलि कंपनी के साथ सौतेला व्यवहार किया था ! बीजेपी देश की सभी कंपनी को समान अवसर दे रही है। बीजेपी ने देश में कई स्टार्ट अप को आगे बढ़ाया है,जिसे देखकर कांग्रेस पार्टी पागल ही गई है। भारत में आकर विदेशी कंपनी, बिजनेस करके बड़ा हो जाता हैं तब कांग्रेस पार्टी को कोई दिक्कत नहीं होता है। लेकिन भारत की कंपनी विदेश जाकर अपना विस्तार करता है तब कांग्रेस पार्टी के पेट का पानी नहीं पचता है। कांग्रेस पार्टी को अडानी अंबानी से लड़ाई नहीं है, बल्कि हर तरह के विकसित भारतीय तत्वों से कांग्रेस पार्टी नफरत करती है। अब बीजेपी को देश की सभी राष्ट्रीय कंपनियों की सूची बनाकर देश की जनता के सामने रखना चाहिए, किस कंपनी ने कितना रोजगार दिया है और कितना रोजगार देने वाला है, इसका सूची जारी करना चाहिए! 2. राहुल गांधी को जेल भेजना, बीजेपी को दोष दिया जा रहा है की अंबानी अडानी का विरोध करने की वजह से ही राहुल गांधी को जेल भेजा गया। राहुल गांधी ने मोदी जाति को चोर कहा। इससे पहले राहुल गांधी ने ब्राह्मणों को दलितों पर अत्याचार करने वाला कहा था। कांग्रेस पार्टी अलग अलग समय में, अलग अलग स्थान पर, अलग अलग जाति को निशाने (Target) पर लेती है और समाज में विद्वेष पैदा करती है। राहुल गांधी भी जातिवाद को बढ़ाकर देश को बरबाद करना चाहता है, दंगा करवाना चाहता है। राहुल गांधी हिंदुओं को जातियों में तोड़कर वोट का फसल काटना चाहता है। कांग्रेस पार्टी जातिगत जनगणना भी इसी उद्देश्य से करवाना चाहता है ताकि देश जातिवाद का जहर फैलाया जाए। देश को बरबाद करके देश को लूटना कांग्रेस पार्टी का पुराना व्यवसाय है। 3. बीजेपी दक्षिण भारत को इग्नोर करता है, डबल इंजिन के नाम पर राज्य को केंद्र सरकार कंट्रोल करता है। सभी बीजेपी शासित राज्य में केंद्र सरकार की योजना को लागू करे और उस योजना के खर्च को बढ़ा दे। इससे योजना का प्रभाव ज्यादा दिखेगा। बीजेपी बहुत ही मामूली काम करके देश की जनता को खुश कर सकता है। न कोई अतिरिक्त खर्च होगा और न ही कोई अतिरिक्त संसाधन लगेगा, बस थोड़ा सा इच्छाशक्ति चाहिए। a) सबसे पहले बीजेपी को नशामुक्त भारत की घोषणा कर देना चाहिए। भारत का नशीला पदार्थ विदेशों में बेचा जा सकता है, लेकिन कोई भी नशीला पदार्थ का आयात नहीं किया जायेगा। भारतीयों को नशीला पदार्थ का सेवन करने से रोका जाए। तस्करी बढ़ने का संदेह सही हो सकता है लेकिन तस्करी के डर से अच्छा निर्णय नहीं ले, यह भी तो उचित नहीं है। b) खाद्य पदार्थों पर से टैक्स हटा लिया जाए, ताकि सभी खाद्य पदार्थ सस्ता हो जाए। c) पेट्रोलियम उत्पाद को सस्ता कर दिया जाए। d) विदेशी कंपनी को देश से बाहर करने का घोषणा कर दिया जाए। अब भारत में केवल भारतीय कंपनी का ही वर्चस्व होगा। e) देश में केवल अच्छा उत्पाद ही बिकेगा, नागरिकों के शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले सामान को बिकने से रोका जाए। f) देश के नागरिकों के लिए एक वेबसाइट बनाया जाए। सभी भारतीय नागरिकों से आग्रह किया जाए, अपना वोटर आईडी नंबर डालकर, किस सरकारी योजना का लाभ आपको मिला, और किस सरकारी योजना का लाभ आपको नहीं मिला, उसपर मार्किंग कीजिए। इस सर्वे में जिन भारतीय नागरिकों को एक भी योजना का लाभ नहीं मिला हो, उनके बैंक अकाउंट में एक हजार रुपए भेजा जाए। इससे भारतीय नागरिकों के हाथ में पैसा जायेगा, मार्केट में पैसा का फ्लो बढ़ेगा, देश का आर्थिक स्थिति बेहतर होगा। इस सर्वे में यह मालूम हो जायेगा की किन सरकारी योजना पर व्यर्थ में पैसा बरबाद हो रहा है, उसे बंद करके दूसरी योजना प्रारंभ किया जाए। सरकारी योजना को लागू नहीं करने के आधार पर, कार्रवाई शुरू किया जाए, दंड और प्रोत्साहन ही सरकारी योजना को जनता तक पहुंचा सकता है और सरकार को जनता से जोड़ सकता है। मोदीजी को सभी उद्योगपति से मीटिंग करना चाहिए, जनता को लगना चाहिए की मोदीजी सभी उद्योगपति को आगे बढ़ाना चाहता है, केवल अडानी अंबानी को ही नहीं। साप्ताहिक मीटिंग देश के व्यवसायियों के साथ किया जाना चाहिए। सभी जिला उपायुक्त को निर्देश दिया जाए की वह अपने अपने जिले में व्यवसायियों के साथ प्रत्येक सप्ताह मीटिंग करे, उनकी समस्या को दूर करे, और व्यवसाय बढ़ाने में भागीदार बने। 4. भारतीय मुद्रा का मूल्य बढ़ा दिया जाए, इससे कम मुद्रा देकर ज्यादा पेट्रोलियम का आयात किया जा सकेगा। देश के मंदिरों के स्वर्ण तथा वक्फ बोर्ड के संपत्ति पर भी मुद्रा जारी किया जाए। 5. देश में 10000 न्यायाधीश की नियुक्ति के लिए यूपीएससी को विज्ञापन जारी करने का निर्देश दिया जाए। यदि न्यायपालिका और विपक्ष विरोध करे की यूपीएससी द्वारा न्यायाधीश का नियुक्ति नहीं करना चाहिए। तब बीजेपी को जनता के बीच कहना चाहिए की कॉलेजियम और कांग्रेस जनता को न्याय से वंचित कर रही है। देश में लंबित मुकदमे को खत्म करने तथा देश की जनता को न्याय दिलाने का प्रयास बीजेपी सरकार कर रही है। दस हजार न्यायाधीशों की नियुक्ति में, सभी एलएलबी किए हुए भारतीय नागरिक को आवेदन देने का मौका दिया जाए। इसमें यूपीएससी द्वारा प्रश्नपत्र में रीजनिंग, सामान्य ज्ञान, सामान्य गणित, भारतीय तथा विश्व न्याय व्यवस्था, भारतीय संविधान आदि से प्रश्न पूछा जाए। इसमें इंटरव्यू नहीं रखा जाए, जिससे सामान्य गरीब परिवार के बच्चे को इंटरव्यू में छटने से रोका जा सके। इस तरह कॉलेजियम सिस्टम का महत्व घटेगा, देश में रोजगार बढ़ेगा। अब न्यायाधीशों का स्थानांतरण में, उन न्यायाधीश को प्राथमिकता दिया जाए, जो अच्छा न्याय करता है। न्यायाधीश का प्रमोशन में उन्हें प्राथमिकता दिया जाए जो फैसला सुनाने में निष्पक्ष है और फैसला मिलने के बाद वादी प्रतिवादी संतुष्ट हो जाता है और उच्च न्यायालय में अपील नहीं करता है। इस तरह से कॉलेजियम सिस्टम का महत्व घटेगा और सरकार का माहत्व बढ़ेगा। आज कॉलेजियम सिस्टम के माध्यम से चंद्रचूड़ जैसा न्यायाधीश कांग्रेस पार्टी के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट का उपयोग कर रहा है।
  • Rohit Saini March 28, 2023

    जय हो
  • Sharanabasava March 28, 2023

    Jay modi ji
  • Jayakumar G March 27, 2023

    jai Bharat🌺🌺🌺🌺🇮🇳
  • Arun Gupta, Beohari (484774) March 26, 2023

    🙏💐
  • Kuldeep Yadav March 26, 2023

    આદરણીય પ્રધામંત્રીશ્રી નરેન્દ્ર મોદીજી ને મારા નમસ્કાર મારુ નામ કુલદીપ અરવિંદભાઈ યાદવ છે. મારી ઉંમર ૨૪ વર્ષ ની છે. એક યુવા તરીકે તમને થોડી નાની બાબત વિશે જણાવવા માંગુ છું. ઓબીસી કેટેગરી માંથી આવતા કડીયા કુંભાર જ્ઞાતિના આગેવાન અરવિંદભાઈ બી. યાદવ વિશે. અમારી જ્ઞાતિ પ્યોર બીજેપી છે. છતાં અમારી જ્ઞાતિ ના કાર્યકર્તાને પાર્ટીમાં સ્થાન નથી મળતું. એવા એક કાર્યકર્તા વિશે જણાવું. ગુજરાત રાજ્ય ના અમરેલી જિલ્લામાં આવેલ સાવરકુંડલા શહેર ના દેવળાના ગેઈટે રહેતા અરવિંદભાઈ યાદવ(એ.બી.યાદવ). જન સંઘ વખત ના કાર્યકર્તા છેલ્લાં ૪૦ વર્ષ થી સંગઠનની જવાબદારી સંભાળતા હતા. ગઈ ૩ ટર્મ થી શહેર ભાજપના મહામંત્રી તરીકે જવાબદારી કરેલી. ૪૦ વર્ષ માં ૧ પણ રૂપિયાનો ભ્રષ્ટાચાર નથી કરેલો અને જે કરતા હોય એનો વિરોધ પણ કરેલો. આવા પાયાના કાર્યકર્તાને અહીંના ભ્રષ્ટાચારી નેતાઓ એ ઘરે બેસાડી દીધા છે. કોઈ પણ પાર્ટીના કાર્યકમ હોય કે મિટિંગ એમાં જાણ પણ કરવામાં નથી આવતી. એવા ભ્રષ્ટાચારી નેતા ને શું ખબર હોય કે નરેન્દ્રભાઇ મોદી દિલ્હી સુધી આમ નમ નથી પોચિયા એની પાછળ આવા બિન ભ્રષ્ટાચારી કાર્યકર્તાઓ નો હાથ છે. આવા પાયાના કાર્યકર્તા જો પાર્ટી માંથી નીકળતા જાશે તો ભવિષ્યમાં કોંગ્રેસ જેવો હાલ ભાજપ નો થાશે જ. કારણ કે જો નીચે થી સાચા પાયા ના કાર્યકર્તા નીકળતા જાશે તો ભવિષ્યમાં ભાજપને મત મળવા બોવ મુશ્કેલ છે. આવા ભ્રષ્ટાચારી નેતાને લીધે પાર્ટીને ભવિષ્યમાં બોવ મોટું નુકશાન વેઠવું પડશે. એટલે પ્રધામંત્રીશ્રી નરેન્દ્ર મોદીજી ને મારી નમ્ર અપીલ છે કે આવા પાયા ના અને બિન ભ્રષ્ટાચારી કાર્યકર્તા ને આગળ મૂકો બાકી ભવિષ્યમાં ભાજપ પાર્ટી નો નાશ થઈ જાશે. એક યુવા તરીકે તમને મારી નમ્ર અપીલ છે. આવા કાર્યકર્તાને દિલ્હી સુધી પોચડો. આવા કાર્યકર્તા કોઈ દિવસ ભ્રષ્ટાચાર નઈ કરે અને લોકો ના કામો કરશે. સાથે અતિયારે અમરેલી જિલ્લામાં બેફામ ભ્રષ્ટાચાર થઈ રહીયો છે. રોડ રસ્તા ના કામો સાવ નબળા થઈ રહિયા છે. પ્રજાના પરસેવાના પૈસા પાણીમાં જાય છે. એટલા માટે આવા બિન ભ્રષ્ટાચારી કાર્યકર્તા ને આગળ લાવો. અમરેલી જિલ્લામાં નમો એપ માં સોવ થી વધારે પોઇન્ટ અરવિંદભાઈ બી. યાદવ(એ. બી.યાદવ) ના છે. ૭૩ હજાર પોઇન્ટ સાથે અમરેલી જિલ્લામાં પ્રથમ છે. એટલા એક્ટિવ હોવા છતાં પાર્ટીના નેતાઓ એ અતિયારે ઝીરો કરી દીધા છે. આવા કાર્યકર્તા ને દિલ્હી સુધી લાવો અને પાર્ટીમાં થતો ભ્રષ્ટાચારને અટકાવો. જો ખાલી ભ્રષ્ટાચાર માટે ૩૦ વર્ષ નું બિન ભ્રષ્ટાચારી રાજકારણ મૂકી દેતા હોય તો જો મોકો મળે તો દેશ માટે શું નો કરી શકે એ વિચારી ને મારી નમ્ર અપીલ છે કે રાજ્ય સભા માં આવા નેતા ને મોકો આપવા વિનંતી છે એક યુવા તરીકે. બાકી થોડા જ વર્ષો માં ભાજપ પાર્ટી નું વર્ચસ્વ ભાજપ ના જ ભ્રષ્ટ નેતા ને લીધે ઓછું થતું જાશે. - અરવિંદ બી. યાદવ (એ.બી યાદવ) પૂર્વ શહેર ભાજપ મહામંત્રી જય હિન્દ જય ભારત જય જય ગરવી ગુજરાત આપનો યુવા મિત્ર લી. કુલદીપ અરવિંદભાઈ યાદવ
  • PRATAP SINGH March 26, 2023

    🙏🙏🙏 मनो नमो।
  • Purandar Jadhav March 25, 2023

    pm inaugates srimadhududan
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Today, India is not just a Nation of Dreams but also a Nation That Delivers: PM Modi in TV9 Summit
March 28, 2025
QuoteToday, the world's eyes are on India: PM
QuoteIndia's youth is rapidly becoming skilled and driving innovation forward: PM
Quote"India First" has become the mantra of India's foreign policy: PM
QuoteToday, India is not just participating in the world order but also contributing to shaping and securing the future: PM
QuoteIndia has given Priority to humanity over monopoly: PM
QuoteToday, India is not just a Nation of Dreams but also a Nation That Delivers: PM

श्रीमान रामेश्वर गारु जी, रामू जी, बरुन दास जी, TV9 की पूरी टीम, मैं आपके नेटवर्क के सभी दर्शकों का, यहां उपस्थित सभी महानुभावों का अभिनंदन करता हूं, इस समिट के लिए बधाई देता हूं।

TV9 नेटवर्क का विशाल रीजनल ऑडियंस है। और अब तो TV9 का एक ग्लोबल ऑडियंस भी तैयार हो रहा है। इस समिट में अनेक देशों से इंडियन डायस्पोरा के लोग विशेष तौर पर लाइव जुड़े हुए हैं। कई देशों के लोगों को मैं यहां से देख भी रहा हूं, वे लोग वहां से वेव कर रहे हैं, हो सकता है, मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं। मैं यहां नीचे स्क्रीन पर हिंदुस्तान के अनेक शहरों में बैठे हुए सब दर्शकों को भी उतने ही उत्साह, उमंग से देख रहा हूं, मेरी तरफ से उनका भी स्वागत है।

साथियों,

आज विश्व की दृष्टि भारत पर है, हमारे देश पर है। दुनिया में आप किसी भी देश में जाएं, वहां के लोग भारत को लेकर एक नई जिज्ञासा से भरे हुए हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि जो देश 70 साल में ग्यारहवें नंबर की इकोनॉमी बना, वो महज 7-8 साल में पांचवे नंबर की इकोनॉमी बन गया? अभी IMF के नए आंकड़े सामने आए हैं। वो आंकड़े कहते हैं कि भारत, दुनिया की एकमात्र मेजर इकोनॉमी है, जिसने 10 वर्षों में अपने GDP को डबल किया है। बीते दशक में भारत ने दो लाख करोड़ डॉलर, अपनी इकोनॉमी में जोड़े हैं। GDP का डबल होना सिर्फ आंकड़ों का बदलना मात्र नहीं है। इसका impact देखिए, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, और ये 25 करोड़ लोग एक नियो मिडिल क्लास का हिस्सा बने हैं। ये नियो मिडिल क्लास, एक प्रकार से नई ज़िंदगी शुरु कर रहा है। ये नए सपनों के साथ आगे बढ़ रहा है, हमारी इकोनॉमी में कंट्रीब्यूट कर रहा है, और उसको वाइब्रेंट बना रहा है। आज दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी हमारे भारत में है। ये युवा, तेज़ी से स्किल्ड हो रहा है, इनोवेशन को गति दे रहा है। और इन सबके बीच, भारत की फॉरेन पॉलिसी का मंत्र बन गया है- India First, एक जमाने में भारत की पॉलिसी थी, सबसे समान रूप से दूरी बनाकर चलो, Equi-Distance की पॉलिसी, आज के भारत की पॉलिसी है, सबके समान रूप से करीब होकर चलो, Equi-Closeness की पॉलिसी। दुनिया के देश भारत की ओपिनियन को, भारत के इनोवेशन को, भारत के एफर्ट्स को, जैसा महत्व आज दे रहे हैं, वैसा पहले कभी नहीं हुआ। आज दुनिया की नजर भारत पर है, आज दुनिया जानना चाहती है, What India Thinks Today.

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साथियों,

भारत आज, वर्ल्ड ऑर्डर में सिर्फ पार्टिसिपेट ही नहीं कर रहा, बल्कि फ्यूचर को शेप और सेक्योर करने में योगदान दे रहा है। दुनिया ने ये कोरोना काल में अच्छे से अनुभव किया है। दुनिया को लगता था कि हर भारतीय तक वैक्सीन पहुंचने में ही, कई-कई साल लग जाएंगे। लेकिन भारत ने हर आशंका को गलत साबित किया। हमने अपनी वैक्सीन बनाई, हमने अपने नागरिकों का तेज़ी से वैक्सीनेशन कराया, और दुनिया के 150 से अधिक देशों तक दवाएं और वैक्सीन्स भी पहुंचाईं। आज दुनिया, और जब दुनिया संकट में थी, तब भारत की ये भावना दुनिया के कोने-कोने तक पहुंची कि हमारे संस्कार क्या हैं, हमारा तौर-तरीका क्या है।

साथियों,

अतीत में दुनिया ने देखा है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद जब भी कोई वैश्विक संगठन बना, उसमें कुछ देशों की ही मोनोपोली रही। भारत ने मोनोपोली नहीं बल्कि मानवता को सर्वोपरि रखा। भारत ने, 21वीं सदी के ग्लोबल इंस्टीट्यूशन्स के गठन का रास्ता बनाया, और हमने ये ध्यान रखा कि सबकी भागीदारी हो, सबका योगदान हो। जैसे प्राकृतिक आपदाओं की चुनौती है। देश कोई भी हो, इन आपदाओं से इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान होता है। आज ही म्यांमार में जो भूकंप आया है, आप टीवी पर देखें तो बहुत बड़ी-बड़ी इमारतें ध्वस्त हो रही हैं, ब्रिज टूट रहे हैं। और इसलिए भारत ने Coalition for Disaster Resilient Infrastructure - CDRI नाम से एक वैश्विक नया संगठन बनाने की पहल की। ये सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि दुनिया को प्राकृतिक आपदाओं के लिए तैयार करने का संकल्प है। भारत का प्रयास है, प्राकृतिक आपदा से, पुल, सड़कें, बिल्डिंग्स, पावर ग्रिड, ऐसा हर इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित रहे, सुरक्षित निर्माण हो।

साथियों,

भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हर देश का मिलकर काम करना बहुत जरूरी है। ऐसी ही एक चुनौती है, हमारे एनर्जी रिसोर्सेस की। इसलिए पूरी दुनिया की चिंता करते हुए भारत ने International Solar Alliance (ISA) का समाधान दिया है। ताकि छोटे से छोटा देश भी सस्टेनबल एनर्जी का लाभ उठा सके। इससे क्लाइमेट पर तो पॉजिटिव असर होगा ही, ये ग्लोबल साउथ के देशों की एनर्जी नीड्स को भी सिक्योर करेगा। और आप सबको ये जानकर गर्व होगा कि भारत के इस प्रयास के साथ, आज दुनिया के सौ से अधिक देश जुड़ चुके हैं।

साथियों,

बीते कुछ समय से दुनिया, ग्लोबल ट्रेड में असंतुलन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी challenges का सामना कर रही है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए भी भारत ने दुनिया के साथ मिलकर नए प्रयास शुरु किए हैं। India–Middle East–Europe Economic Corridor (IMEC), ऐसा ही एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। ये प्रोजेक्ट, कॉमर्स और कनेक्टिविटी के माध्यम से एशिया, यूरोप और मिडिल ईस्ट को जोड़ेगा। इससे आर्थिक संभावनाएं तो बढ़ेंगी ही, दुनिया को अल्टरनेटिव ट्रेड रूट्स भी मिलेंगे। इससे ग्लोबल सप्लाई चेन भी और मजबूत होगी।

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साथियों,

ग्लोबल सिस्टम्स को, अधिक पार्टिसिपेटिव, अधिक डेमोक्रेटिक बनाने के लिए भी भारत ने अनेक कदम उठाए हैं। और यहीं, यहीं पर ही भारत मंडपम में जी-20 समिट हुई थी। उसमें अफ्रीकन यूनियन को जी-20 का परमानेंट मेंबर बनाया गया है। ये बहुत बड़ा ऐतिहासिक कदम था। इसकी मांग लंबे समय से हो रही थी, जो भारत की प्रेसीडेंसी में पूरी हुई। आज ग्लोबल डिसीजन मेकिंग इंस्टीट्यूशन्स में भारत, ग्लोबल साउथ के देशों की आवाज़ बन रहा है। International Yoga Day, WHO का ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के लिए ग्लोबल फ्रेमवर्क, ऐसे कितने ही क्षेत्रों में भारत के प्रयासों ने नए वर्ल्ड ऑर्डर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, और ये तो अभी शुरूआत है, ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर भारत का सामर्थ्य नई ऊंचाई की तरफ बढ़ रहा है।

साथियों,

21वीं सदी के 25 साल बीत चुके हैं। इन 25 सालों में 11 साल हमारी सरकार ने देश की सेवा की है। और जब हम What India Thinks Today उससे जुड़ा सवाल उठाते हैं, तो हमें ये भी देखना होगा कि Past में क्या सवाल थे, क्या जवाब थे। इससे TV9 के विशाल दर्शक समूह को भी अंदाजा होगा कि कैसे हम, निर्भरता से आत्मनिर्भरता तक, Aspirations से Achievement तक, Desperation से Development तक पहुंचे हैं। आप याद करिए, एक दशक पहले, गांव में जब टॉयलेट का सवाल आता था, तो माताओं-बहनों के पास रात ढलने के बाद और भोर होने से पहले का ही जवाब होता था। आज उसी सवाल का जवाब स्वच्छ भारत मिशन से मिलता है। 2013 में जब कोई इलाज की बात करता था, तो महंगे इलाज की चर्चा होती थी। आज उसी सवाल का समाधान आयुष्मान भारत में नजर आता है। 2013 में किसी गरीब की रसोई की बात होती थी, तो धुएं की तस्वीर सामने आती थी। आज उसी समस्या का समाधान उज्ज्वला योजना में दिखता है। 2013 में महिलाओं से बैंक खाते के बारे में पूछा जाता था, तो वो चुप्पी साध लेती थीं। आज जनधन योजना के कारण, 30 करोड़ से ज्यादा बहनों का अपना बैंक अकाउंट है। 2013 में पीने के पानी के लिए कुएं और तालाबों तक जाने की मजबूरी थी। आज उसी मजबूरी का हल हर घर नल से जल योजना में मिल रहा है। यानि सिर्फ दशक नहीं बदला, बल्कि लोगों की ज़िंदगी बदली है। और दुनिया भी इस बात को नोट कर रही है, भारत के डेवलपमेंट मॉडल को स्वीकार रही है। आज भारत सिर्फ Nation of Dreams नहीं, बल्कि Nation That Delivers भी है।

साथियों,

जब कोई देश, अपने नागरिकों की सुविधा और समय को महत्व देता है, तब उस देश का समय भी बदलता है। यही आज हम भारत में अनुभव कर रहे हैं। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। पहले पासपोर्ट बनवाना कितना बड़ा काम था, ये आप जानते हैं। लंबी वेटिंग, बहुत सारे कॉम्प्लेक्स डॉक्यूमेंटेशन का प्रोसेस, अक्सर राज्यों की राजधानी में ही पासपोर्ट केंद्र होते थे, छोटे शहरों के लोगों को पासपोर्ट बनवाना होता था, तो वो एक-दो दिन कहीं ठहरने का इंतजाम करके चलते थे, अब वो हालात पूरी तरह बदल गया है, एक आंकड़े पर आप ध्यान दीजिए, पहले देश में सिर्फ 77 पासपोर्ट सेवा केंद्र थे, आज इनकी संख्या 550 से ज्यादा हो गई है। पहले पासपोर्ट बनवाने में, और मैं 2013 के पहले की बात कर रहा हूं, मैं पिछले शताब्दी की बात नहीं कर रहा हूं, पासपोर्ट बनवाने में जो वेटिंग टाइम 50 दिन तक होता था, वो अब 5-6 दिन तक सिमट गया है।

साथियों,

ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेशन हमने बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में भी देखा है। हमारे देश में 50-60 साल पहले बैंकों का नेशनलाइजेशन किया गया, ये कहकर कि इससे लोगों को बैंकिंग सुविधा सुलभ होगी। इस दावे की सच्चाई हम जानते हैं। हालत ये थी कि लाखों गांवों में बैंकिंग की कोई सुविधा ही नहीं थी। हमने इस स्थिति को भी बदला है। ऑनलाइन बैंकिंग तो हर घर में पहुंचाई है, आज देश के हर 5 किलोमीटर के दायरे में कोई न कोई बैंकिंग टच प्वाइंट जरूर है। और हमने सिर्फ बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का ही दायरा नहीं बढ़ाया, बल्कि बैंकिंग सिस्टम को भी मजबूत किया। आज बैंकों का NPA बहुत कम हो गया है। आज बैंकों का प्रॉफिट, एक लाख 40 हज़ार करोड़ रुपए के नए रिकॉर्ड को पार कर चुका है। और इतना ही नहीं, जिन लोगों ने जनता को लूटा है, उनको भी अब लूटा हुआ धन लौटाना पड़ रहा है। जिस ED को दिन-रात गालियां दी जा रही है, ED ने 22 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक वसूले हैं। ये पैसा, कानूनी तरीके से उन पीड़ितों तक वापिस पहुंचाया जा रहा है, जिनसे ये पैसा लूटा गया था।

साथियों,

Efficiency से गवर्नमेंट Effective होती है। कम समय में ज्यादा काम हो, कम रिसोर्सेज़ में अधिक काम हो, फिजूलखर्ची ना हो, रेड टेप के बजाय रेड कार्पेट पर बल हो, जब कोई सरकार ये करती है, तो समझिए कि वो देश के संसाधनों को रिस्पेक्ट दे रही है। और पिछले 11 साल से ये हमारी सरकार की बड़ी प्राथमिकता रहा है। मैं कुछ उदाहरणों के साथ अपनी बात बताऊंगा।

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साथियों,

अतीत में हमने देखा है कि सरकारें कैसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिनिस्ट्रीज में accommodate करने की कोशिश करती थीं। लेकिन हमारी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में ही कई मंत्रालयों का विलय कर दिया। आप सोचिए, Urban Development अलग मंत्रालय था और Housing and Urban Poverty Alleviation अलग मंत्रालय था, हमने दोनों को मर्ज करके Housing and Urban Affairs मंत्रालय बना दिया। इसी तरह, मिनिस्ट्री ऑफ ओवरसीज़ अफेयर्स अलग था, विदेश मंत्रालय अलग था, हमने इन दोनों को भी एक साथ जोड़ दिया, पहले जल संसाधन, नदी विकास मंत्रालय अलग था, और पेयजल मंत्रालय अलग था, हमने इन्हें भी जोड़कर जलशक्ति मंत्रालय बना दिया। हमने राजनीतिक मजबूरी के बजाय, देश की priorities और देश के resources को आगे रखा।

साथियों,

हमारी सरकार ने रूल्स और रेगुलेशन्स को भी कम किया, उन्हें आसान बनाया। करीब 1500 ऐसे कानून थे, जो समय के साथ अपना महत्व खो चुके थे। उनको हमारी सरकार ने खत्म किया। करीब 40 हज़ार, compliances को हटाया गया। ऐसे कदमों से दो फायदे हुए, एक तो जनता को harassment से मुक्ति मिली, और दूसरा, सरकारी मशीनरी की एनर्जी भी बची। एक और Example GST का है। 30 से ज्यादा टैक्सेज़ को मिलाकर एक टैक्स बना दिया गया है। इसको process के, documentation के हिसाब से देखें तो कितनी बड़ी बचत हुई है।

साथियों,

सरकारी खरीद में पहले कितनी फिजूलखर्ची होती थी, कितना करप्शन होता था, ये मीडिया के आप लोग आए दिन रिपोर्ट करते थे। हमने, GeM यानि गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म बनाया। अब सरकारी डिपार्टमेंट, इस प्लेटफॉर्म पर अपनी जरूरतें बताते हैं, इसी पर वेंडर बोली लगाते हैं और फिर ऑर्डर दिया जाता है। इसके कारण, भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है, और सरकार को एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की बचत भी हुई है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर- DBT की जो व्यवस्था भारत ने बनाई है, उसकी तो दुनिया में चर्चा है। DBT की वजह से टैक्स पेयर्स के 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा, गलत हाथों में जाने से बचे हैं। 10 करोड़ से ज्यादा फर्ज़ी लाभार्थी, जिनका जन्म भी नहीं हुआ था, जो सरकारी योजनाओं का फायदा ले रहे थे, ऐसे फर्जी नामों को भी हमने कागजों से हटाया है।

साथियों,

 

हमारी सरकार टैक्स की पाई-पाई का ईमानदारी से उपयोग करती है, और टैक्सपेयर का भी सम्मान करती है, सरकार ने टैक्स सिस्टम को टैक्सपेयर फ्रेंडली बनाया है। आज ITR फाइलिंग का प्रोसेस पहले से कहीं ज्यादा सरल और तेज़ है। पहले सीए की मदद के बिना, ITR फाइल करना मुश्किल होता था। आज आप कुछ ही समय के भीतर खुद ही ऑनलाइन ITR फाइल कर पा रहे हैं। और रिटर्न फाइल करने के कुछ ही दिनों में रिफंड आपके अकाउंट में भी आ जाता है। फेसलेस असेसमेंट स्कीम भी टैक्सपेयर्स को परेशानियों से बचा रही है। गवर्नेंस में efficiency से जुड़े ऐसे अनेक रिफॉर्म्स ने दुनिया को एक नया गवर्नेंस मॉडल दिया है।

साथियों,

पिछले 10-11 साल में भारत हर सेक्टर में बदला है, हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है। और एक बड़ा बदलाव सोच का आया है। आज़ादी के बाद के अनेक दशकों तक, भारत में ऐसी सोच को बढ़ावा दिया गया, जिसमें सिर्फ विदेशी को ही बेहतर माना गया। दुकान में भी कुछ खरीदने जाओ, तो दुकानदार के पहले बोल यही होते थे – भाई साहब लीजिए ना, ये तो इंपोर्टेड है ! आज स्थिति बदल गई है। आज लोग सामने से पूछते हैं- भाई, मेड इन इंडिया है या नहीं है?

साथियों,

आज हम भारत की मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस का एक नया रूप देख रहे हैं। अभी 3-4 दिन पहले ही एक न्यूज आई है कि भारत ने अपनी पहली MRI मशीन बना ली है। अब सोचिए, इतने दशकों तक हमारे यहां स्वदेशी MRI मशीन ही नहीं थी। अब मेड इन इंडिया MRI मशीन होगी तो जांच की कीमत भी बहुत कम हो जाएगी।

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साथियों,

आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान ने, देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को एक नई ऊर्जा दी है। पहले दुनिया भारत को ग्लोबल मार्केट कहती थी, आज वही दुनिया, भारत को एक बड़े Manufacturing Hub के रूप में देख रही है। ये सक्सेस कितनी बड़ी है, इसके उदाहरण आपको हर सेक्टर में मिलेंगे। जैसे हमारी मोबाइल फोन इंडस्ट्री है। 2014-15 में हमारा एक्सपोर्ट, वन बिलियन डॉलर तक भी नहीं था। लेकिन एक दशक में, हम ट्वेंटी बिलियन डॉलर के फिगर से भी आगे निकल चुके हैं। आज भारत ग्लोबल टेलिकॉम और नेटवर्किंग इंडस्ट्री का एक पावर सेंटर बनता जा रहा है। Automotive Sector की Success से भी आप अच्छी तरह परिचित हैं। इससे जुड़े Components के एक्सपोर्ट में भी भारत एक नई पहचान बना रहा है। पहले हम बहुत बड़ी मात्रा में मोटर-साइकल पार्ट्स इंपोर्ट करते थे। लेकिन आज भारत में बने पार्ट्स UAE और जर्मनी जैसे अनेक देशों तक पहुंच रहे हैं। सोलर एनर्जी सेक्टर ने भी सफलता के नए आयाम गढ़े हैं। हमारे सोलर सेल्स, सोलर मॉड्यूल का इंपोर्ट कम हो रहा है और एक्सपोर्ट्स 23 गुना तक बढ़ गए हैं। बीते एक दशक में हमारा डिफेंस एक्सपोर्ट भी 21 गुना बढ़ा है। ये सारी अचीवमेंट्स, देश की मैन्युफैक्चरिंग इकोनॉमी की ताकत को दिखाती है। ये दिखाती है कि भारत में कैसे हर सेक्टर में नई जॉब्स भी क्रिएट हो रही हैं।

साथियों,

TV9 की इस समिट में, विस्तार से चर्चा होगी, अनेक विषयों पर मंथन होगा। आज हम जो भी सोचेंगे, जिस भी विजन पर आगे बढ़ेंगे, वो हमारे आने वाले कल को, देश के भविष्य को डिजाइन करेगा। पिछली शताब्दी के इसी दशक में, भारत ने एक नई ऊर्जा के साथ आजादी के लिए नई यात्रा शुरू की थी। और हमने 1947 में आजादी हासिल करके भी दिखाई। अब इस दशक में हम विकसित भारत के लक्ष्य के लिए चल रहे हैं। और हमें 2047 तक विकसित भारत का सपना जरूर पूरा करना है। और जैसा मैंने लाल किले से कहा है, इसमें सबका प्रयास आवश्यक है। इस समिट का आयोजन कर, TV9 ने भी अपनी तरफ से एक positive initiative लिया है। एक बार फिर आप सभी को इस समिट की सफलता के लिए मेरी ढेर सारी शुभकामनाएं हैं।

मैं TV9 को विशेष रूप से बधाई दूंगा, क्योंकि पहले भी मीडिया हाउस समिट करते रहे हैं, लेकिन ज्यादातर एक छोटे से फाइव स्टार होटल के कमरे में, वो समिट होती थी और बोलने वाले भी वही, सुनने वाले भी वही, कमरा भी वही। TV9 ने इस परंपरा को तोड़ा और ये जो मॉडल प्लेस किया है, 2 साल के भीतर-भीतर देख लेना, सभी मीडिया हाउस को यही करना पड़ेगा। यानी TV9 Thinks Today वो बाकियों के लिए रास्ता खोल देगा। मैं इस प्रयास के लिए बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं, आपकी पूरी टीम को, और सबसे बड़ी खुशी की बात है कि आपने इस इवेंट को एक मीडिया हाउस की भलाई के लिए नहीं, देश की भलाई के लिए आपने उसकी रचना की। 50,000 से ज्यादा नौजवानों के साथ एक मिशन मोड में बातचीत करना, उनको जोड़ना, उनको मिशन के साथ जोड़ना और उसमें से जो बच्चे सिलेक्ट होकर के आए, उनकी आगे की ट्रेनिंग की चिंता करना, ये अपने आप में बहुत अद्भुत काम है। मैं आपको बहुत बधाई देता हूं। जिन नौजवानों से मुझे यहां फोटो निकलवाने का मौका मिला है, मुझे भी खुशी हुई कि देश के होनहार लोगों के साथ, मैं अपनी फोटो निकलवा पाया। मैं इसे अपना सौभाग्य मानता हूं दोस्तों कि आपके साथ मेरी फोटो आज निकली है। और मुझे पक्का विश्वास है कि सारी युवा पीढ़ी, जो मुझे दिख रही है, 2047 में जब देश विकसित भारत बनेगा, सबसे ज्यादा बेनिफिशियरी आप लोग हैं, क्योंकि आप उम्र के उस पड़ाव पर होंगे, जब भारत विकसित होगा, आपके लिए मौज ही मौज है। आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

धन्यवाद।