QuoteCongress spent as much on infrastructure in its 10 years as BJP is spending in a year: PM in Pune
QuoteAnother identity of Congress rule is giving freedom to terrorists: PM Modi in Pune

छत्रपति शिवाजी महाराज की जय..छत्रपति शिवाजी महाराज की..जय भवानी..जय भवानी..शौर्य, कर्म आणि पुण्यभूमी असलेल्या पुण्यातील भूमीला माझा नमस्कार..कसे आहेत सर्व पुणेकर?
मैं देख रहा हूं जैसा केसरिया सागर लहरा रहा है। (ये जो बच्चे इतने प्यार से तस्वीरें लेकर आएं हैं मेरी प्रार्थना कि उनको नीचे बैठाइये, ये कब से ऐसे ही खड़े हैं, मैं आपका धन्यवाद करता हूं आप जो प्यार दिखा रहे हैं, बच्चों को कहिये आराम से बैठें। हां, बैठिये..बेटा आप बैठिये..देख लिया मैंने तस्वीर देख ली।)

साथियों,

इस धरती ने महात्मा फुले, सावित्रिबाई फुले जैसे अनेक संत समाज सुधारक देश को दिए हैं। और आज ये धरती, दुनिया को शानदार इनोवेटर्स दे रही है, टेक एंटरप्रेन्योर दे रही है। पुणे जितना प्राचीन है, उतना ही फ्यूचरिस्टिक है। (ये जरा माइक की व्यवस्था देखने वाले मुझे लगता है कि आपका इकोसिस्टम चल रहा है, क्योंकि जब मैं शुरू में सुन रहा था तो इको नहीं था कहीं आपने इको चालू कर दिया है क्या? माइक वाले सुन रहे हैं तो करेक्ट करलें..मुझे इको की जरूरत नहीं है 140 करोड़ लोगों का इको बड़ा जबरदस्त है) पुणे में हर क्षेत्र के बेस्ट माइंड्स उपलब्ध हैं और तभी तो कहते हैं- पुणे तिथे काय उणे।

साथियों,

कांग्रेस ने देश में 60 साल तक राज किया लेकिन, कांग्रेस राज की सच्चाई ये थी कि देश की आधी आबादी के पास बेसिक सुविधाएं नहीं थीं और अभी तो हमें सिर्फ 10 साल आपकी सेवा करने का अवसर मिला है। सिर्फ 10 साल, लेकिन इन 10 वर्षों में हमने मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा तो किया ही और साथ ही हर वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करने में जी-जान से जुटे रहे हैं। आवश्यकता और आकांक्षा दोनों की पूर्ति के लिए एक विजन लेकर जीवन खपा रहे हैं। आप भी जानते हैं, कोई शहर में रहे या गांव में, अच्छी सड़कों को देखकर, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को देखकर उसका मन प्रसन्न हो जाता है कि नहीं हो जाता है.. होता है कि नहीं होता है.. जरा जवाब देते फिरिए भाई.. ऐसे ही बैठने का नहीं दूंगा मैं.. अगर मैं करता हूं मेहनत तो आपको भी करनी पड़ेगी। आप मुझे बताइये आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उससे हमें एक विश्वास पैदा होता है कि नहीं होता है। यहां पुणे मेट्रो देखिए, पुणे एयरपोर्ट का नया रूप देखिए, पालखी मार्ग देखिए, समृद्धी महामार्ग देखिए, जगह-जगह को कनेक्ट करती सेमी-हाईस्पीड वंदे भारत ट्रेन देखिए, ये सब आधुनिक हो रहे भारत की तस्वीर हैं..जीते-जागते सबूत हैं। पुणेवासी लिख लीजिए, महाराष्ट्र के मेरे भाई-बहन मोदी की गारंटी है। वो दिन भी आने ही वाला है, जब आप देश की पहली बुलेट ट्रेन में ट्रैवल करेंगे। कांग्रेस ने अपने 10 सालों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर जितना खर्च किया, ये आंकड़ा याद रहेगा देखिए, आपको याद रखना पड़ेगा ये पुणे है और पुणे कोई चीज भूलता नहीं है..आंकड़ा याद रखेंगे आप। डॉ. मनमोहन सिंह जी की जो रिमोट वाली सरकार थी उसने 10 साल में इंफ्रास्ट्रक्चर पर जितना खर्चा किया, हम एक साल में उतना खर्चा कर देंगे। ये आंकड़ा याद रहेगा बड़ी आसानी से आप बता सकते हैं लोगों को और कल अखबारों में ये सब नहीं छपेगा मैं आपको बताकर रखता हूं। इसको कहीं फोन करके पूछेंगे कि छापे की नहीं छापे।

भाइयों और बहनों,

आज का भारत अपने युवा, युवाओं के इनोवेशन, युवा टैलेंट और टेक्नोलॉजी पर भरोसा करते हुए आगे बढ़ रहा है। स्टार्ट अप इंडिया का कमाल देखिए, सिर्फ 10 साल में ही भारत के युवाओं ने सवा लाख से ज्यादा स्टार्ट अप बना दिए हैं। ये आंकड़ा याद रहेगा..कितने..कितने? और गर्व की बात है कि इसमें से अनेक यहां हमारे पुणे में हैं। हमने जो रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म.. ये जो हमारा मिशन है ना हमने जो रिफॉर्म किए हैं नीतिगत बदलाव किए हैं उसका परिणाम मैपिंग के क्षेत्र में नजर आ रहा है। अंग्रेजों के जमाने में कानून बने पड़े थे मैपिंग नहीं कर सकते, हमने सब उखाड़कर फेंक दिया और आज मेरे देश के नौजवान उसमें आगे बढ़ रहे हैं। स्पेस हो, उसको हमने ओपन कर दिया। डिफेंस हो, ऐसे हर सेक्टर को युवा इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप के लिए आज हिंदुस्तान ने खोल दिया है। देश में पहली बार ऐसी नेशनल एजुकेशन पॉलिसी लागू हुई है, जो इनोवेशन को बढ़ावा देती है। और पुणे में तो बुद्धिमान नौजवान हैं..आपके लिए मैं खुशखबरी देता हूं, हमने इस बार बजट में जो इंट्रीम बजट था 1 लाख करोड़ रुपया, जो लोग इनोवेशन करना चाहते हैं उनको आंख बंदकर के देने का हमने निर्णय किया है।

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साथियों,
देश..दुनिया में भी अपनी धमक दिखा रहा है..आज हमारा एक्सपोर्ट रिकॉर्ड स्तर पर है, एफडीआई रिकॉर्ड स्तर पर है और मेरे देश के नौजवान जो इनोवेशन कर रहे हैं, आज जो पेटेंट फाइल हो रहे हैं, आज हिंदुस्तान के इतिहास में सबसे ज्यादा पेटेंट मेरे देश के नौजवान फाइल कर रहे हैं।

साथियों,
बीजेपी का संकल्प पत्र, इसी काम को नई स्पीड और नये स्केल देने का रास्ता दिखाता है। 10 साल में पहले भारत मोबाइल फोन इंपोर्टर था 10 साल पहले..मेरे आने से पहले, 2014 के पहले हम मोबाइल फोन इंपोर्ट करते थे। 10 साल में मेरे देश ने ये कमाल कर दिया कि आज हम दुनिया में दूसरे सबसे बड़े एक्सपोर्टर बन गए हैं और पुणेवालों आपके लिए एक और खबर, आप मेड इन इंडिया चिप्स.. मेड इन इंडिया चिप्स से दुनिया की गाड़ियां चलते हुए देखेंगे और मेरा पुणे तो ऑटोमोबाइल का हब है। अब हम भारत को इलेक्ट्रिक व्हीकल का हब बनते देखेंगे। आज NDA सरकार, हर सेक्टर में भारत के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का अवसर दे रही है। बीजेपी का संकल्प, भारत को सेमीकंडक्टर हब, इनोवेशन हब..उसमें मजबूती देने का है। बीजेपी का संकल्प, भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का है। बीजेपी का संकल्प, भारत को हाईड्रोजन एनर्जी का हब बनाने का है।

साथियों,
यह हमारी सरकार है, जिसने पहली बार देश के गरीब और मिडिल क्लास की बचत को बढ़ाने के बारे में सोचा है। अब मैं जो बातें बता रहा हूं ना आप लोगों पर सीधी-सीधी लागू होती है। लेकिन जबतक मेरी बात सुनोगे नहीं..शायद आपका भी उस बात पर ध्यान नहीं गया होगा, काम कैसे होता है मैं एक-एक छोटी-छोटी चीजों पर आपसे बात करने के लिए आया हूं। 2014 से पहले के 10 सालों में आपसे महंगाई और भ्रष्टाचार का डबल टैक्स वसूल किया गया। 2014 में सरकार बनाने के बाद हमने महंगाई पर भी नियंत्रण लगाया और भ्रष्टाचार पर भी कार्रवाई की और आज आप देखिए, भ्रष्टाचारियों में खलबली मची है। 10 वर्षों में टैक्सपेयर्स को सिर्फ टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने..पहले जो इनकम टैक्स का सीमा थी, हमने 7 लाख रुपये तक नो इनकम टैक्स कर दिया। सीमा बढ़ाने से और दूसरे रिफॉर्म से देश के जो टैक्सपेयर्स हैं उनकी जेब में करीब-करीब ढाई लाख करोड़ रुपए की बचत हुई है। मैं जो कहता हूं ना आंकड़े याद रखना इसलिए कह रहा हूं। ढाई लाख करोड़ रुपए की बचत इससे मध्यम वर्गीय परिवारों का बहुत बड़ा बोझ कम हुआ है। हम लोग जन औषधि केंद्र चलाते हैं, देश में 15-20 हजार जन औषधि केंद्र अभी चल रहे हैं उसे हम बढ़ा भी रहे हैं। जन औषधि केंद्र और आयुष्मान योजना से, क्योंकि जन औषधि केंद्र में 100 रुपये की दवा..दवाई 20 रुपये में मिलती है..80 परसेंट डिस्काउंट..साड़ी वाला जो बोर्ड लगाता है ना डिस्काउंट, सारी महिलाएं वहां जाती हैं। हम जन औषधि केंद्र पर 80 परसेंट डिस्काउंट पर दवाई बेचते हैं, ताकि गरीब आदमी को अपने परिवार की चिंता कम हो। आयुष्मान योजना से गरीब और मीडिल क्लास को डेढ़ लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है। ये जो दवाइयां बिकी हैं ना मैं उसके आधार पर कह रहा हूं। बीमारी में ये योजनाएं आप जैसे मेरे सभी परिवारजनों का बहुत बड़ा सहारा बनी हैं और अब तो मोदी ने बड़ी गारंटी दी है और वो तो आप सबके काम आने वाली है। हर परिवार में आज 70 साल की ज्यादा उम्र के दादा-दादी, पिता-माता, नाना-नानी, चाचा कोई ना कोई होता है और 70 साल के बाद कुछ ना कुछ बीमारी तो आ ही जाती है। हर एक को तो मोदी जैसा नसीब नहीं होता है। अब जो मेहनत करने वाला, कमाने वाला परिवार में व्यक्ति है उसके सामने दुविधा रहती है..चिंता रहती है..एक तरफ बच्चों को आधुनिक शिक्षा देनी है बच्चों के सपने पूरे करने हैं उनके आवश्यकताओं, दूसरी तरफ परिवार में बुजुर्ग माता-पिता हैं, दादा-दादी हैं, चाचा-चाची हैं उनको खाने-पीने का प्रॉब्लम नहीं है..लेकिन दवाई, बीमारी ये हर मेहनत करने वाले परिवार के लिए चिंता का विषय होता है। आप जो लोग मेहनत करके कमाते हैं और आज भी अपने माता-पिता के दवाई का बोझ भी उठाते हैं, मोदी की गारंटी है आप जैसे अपने माता-पिता का 70 साल से ऊपर के लोगों का दवाई पर जो खर्च करते हैं, अब ये बेटा करेगा। मोदी करेगा। 70 साल से ऊपर का किसी भी परिवार का, किसी भी परिवार का 70 साल के ऊपर के माता-पिता जो भी होंगे उन सबके इलाज की चिंता ये मोदी करेगा। ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,
सस्ते डेटा से भी आज मोबाइल फोन के बिना जिंदगी असंभव हो गई है। आईपैड के बिना काम नहीं हो सकता है। और डेटा बहुत खर्च होता है। अगर पहले वाली सरकार के समय के हिसाब से चलते तो कितना आपको बोझ होता? सस्ते डेटा से भी और खास करके मेरे नौजवानों को, गरीब और मिडिल क्लास परिवारों की हर महीने हजारों रुपयों की बचत हो रही है। इसी के बलबूते आज मेरे देश का युवा डेटा गवर्नेंस में, डेटा माइनिंग में, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में नए- नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। मिडिल क्लास से, सपनों का घर हर परिवार की इच्छा होती है। मध्यम वर्ग के परिवार की इच्छा होती है कि भाई अपना खुद का घर होना चाहिए। किराए में बच्चों को रहना पड़े ऐसा कोई पसंद नहीं करता है लेकिन वो बहुत मेहनत करके पैसे बचा करके किसी योजना में जाता था। किसी स्कीम लॉन्च कर दी, उसमें बुक करवा देता था, पैसे देता था और बाद में सब घपले महसूस होते थे। मध्यम वर्ग के परिवार को घर मिले, सुरक्षित घर मिले..उसने जो तय किया है वो घर मिले। इसके लिए देश में हमने कानून बनाया। रेरा का कानून और रेरा के कानून के कारण करोड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों का सुरक्षा कवच बन गया है।

साथियों,
हमारी सरकार सबका साथ-सबका विकास के मंत्र पर काम कर रही है और मोदी उनको पूछता है जिनको पहले की सरकारों ने पूछा तक नहीं था। मैं आपको एक उदाहरण देना चाहता हूं आज और पुणे में आया हूं तो शायद यह बात बहुत आसानी से आप समझ पाओगे। हमारे शहरों में रेहड़ी, ठेले, फुटपाथ पर काम करने वाले साथी..ये कोई मोदी आया उसके बाद आए क्या? पहले भी थे। लेकिन इनमें ज्यादातर साथी गांव से आए हैं। एससी, एसटी, ओबीसी समाज से आए हैं। उसमें हमारी बहनें काम करती हैं, लेकिन देश का दुर्भाग्य देखिए, जिन गरीबों के नाम पर बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया, लेकिन उन बैंकों में उनको पैर रखने की जगह नहीं थी। मोदी ने बैंकों के दरवाजे खोल दिए। रेहड़ी-पटरी वालों को फॉर्मल बैंकिंग से जोड़ने का काम किया। पीएम स्वनिधि योजना शुरू की। पुणे सहित देशभर में करीब 70 लाख ऐसे साथियों को 10,000 करोड़ रुपए से अधिक बिना गारंटी लोन मिल चुका है और ध्यान दीजिए, ये बिना गारंटी लोन दिया गया है और जिनकी गारंटी कोई नहीं लेता उन रेहड़ी-पटरी वाले भाई-बहनों की गारंटी मोदी लेता है। और यह सिर्फ वनटाइम लोन नहीं है। इससे ग्रोथ की उनके एस्पिरेशन जगी है। एक लोन चुकाते हैं तो फिर दोगुना नया लोन मिलता है और वो अपने छोटे बिजनेस को और बड़ा बनाते हैं। एस्पिरेशन का ग्रोथ, ये सही मॉडल है विकास का और यही बीजेपी का विकास का मॉडल है।

साथियों,
महाराष्ट्र ने लंबे समय तक राजनीतिक अस्थिरता का दौर देखा है और आज मुझे कुछ कहने से पहले और मैं जो बोलूंगा कोई अपने व्यक्तिगत सिर पर न ले ले टोपी। लेकिन हमारे यहां कहते हैं कि कुछ भटकती आत्माएं होती है। जिनकी इच्छाएं पूरी नहीं होती। जिनके सपने अधूरे रह जाते हैं। वो आत्माएं भटकती रहती हैं और फिर खुद का नहीं हुआ तो औरों का भी बिगाड़ने में उनको मजा आता है। हमारा महाराष्ट्र भी.. ऐसी भटकती आत्माओं का शिकार हो चुका है। आज से 45 साल पहले..यहां के एक बड़े नेता ने अपनी महत्वाकांक्षा के लिए इस खेल की शुरुआत की और तब से महाराष्ट्र एक अस्थिरता के दौर में चला गया और कई मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल भी पूरा नहीं कर पाए। यह विपक्ष को ही अस्थिर नहीं करते। ये आत्मा कुछ भी कर देती है। वो अपनी पार्टी में भी ऐसा ही करते हैं और यह आत्मा ऐसा करती है, परिवार में भी कर देती है। 1995 में जब बीजेपी-शिवसेना की सरकार आई तो भी ये आत्मा उस सरकार को स्थिर करने के काम में लग गई और 2019 में तो उन्होंने जनादेश को ही इतना बड़ा अपमान किया वो महाराष्ट्र की जनता भली भांति जानती है और आज सिर्फ महाराष्ट्र को स्थिर करना ही आत्मा को संतोष नहीं होता है। देश में अस्थिरता पैदा करने का खेल चल रहा है। आज भारत को ऐसी भटकती आत्माओं से बचाकर के देश में एक स्थिर मजबूत सरकार की तरफ आगे बढ़ना बहुत जरूरी है दोस्तों.. और मैं तो चाहूंगा महाराष्ट्र में जो ये महायुति हमारी मजबूती के साथ ऐसे आगे बढ़े, ऐसे आगे बढ़े कि पिछले 25-30 साल की जो कमियां रही हैं, वो सारी कमियां पूर्ण करके विकसित भारत के सपने को ड्राइविंग इंजन देने का काम करें, शिंदे जी, देवेंद्र जी और अजित जी के नेतृत्व में।

साथियों,
बीजेपी-एनडीए सरकार महाराष्ट्र को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए काम कर रही है। लेकिन दूसरी तरफ..कांग्रेस और आघाड़ी वालों का उनका मॉडल क्या है? कांग्रेस के शहजादे को (अब मजा आया आपको..इसी इंतजार में घर से निकले थे क्या?) ये कांग्रेस के शहजादे को पूछो कि गरीबी कैसे हटती है, वो कहते हैं खटाखट-खटाखट। शहजादे को पूछो ग्रोथ कैसे होती है तो वो कहते हैं ठकाठक..ठकाठक। शहजादे को पूछोगे.. विकसित भारत बनाने का कोई प्लान है तो वो कहते हैं टकाटक-टकाटक।

साथियों,
दुनिया आज कह रही है कि इंडस्ट्री 4.0 को भारत लीड करेगा। लेकिन कांग्रेस भारत को लाइसेंस कोटा राज की तरफ धकेलने में जुटी है। कांग्रेस के शहजादे की बातें खतरनाक हैं। खुद कांग्रेस के लोग इनके कारण कांग्रेस छोड़-छोड़कर के निकल रहे हैं। नौजवान जिन्होंने जिंदगी के 15-20 साल महत्वपूर्ण वर्ष कांग्रेस को दिए वो आज कांग्रेस छोड़ कर निकल रहे हैं और आकर के एक बात कहते हैं। वो कहते हैं कांग्रेस को माओवादियों ने कब्जे में ले लिया है। एक समय था जब रेडियो खरीदना हो ना रेडियो तब लाइसेंस लेना पड़ता था। बिना लाइसेंस रेडियो नहीं रख सकते थे। क्या आप दुनिया को उस जमाने में ले जा सकते हैं क्या? ये लाइसेंस राज में देश को ले जा सकते हैं क्या? क्या हमें फिर से लाइसेंस राज चाहिए क्या देश में? भाइयों-बहनों मोदी का तो ड्रीम है.. मैं जो 2047 विकसित भारत की बात करता हूं ना। मेरी इच्छा क्या है, मैं बताता हूं। ये मेरे मेरे दिल में पड़ा हुआ है। एक मध्यम वर्ग और ऊपर के जो परिवार हैं उन परिवारों में से यह सरकार की किच..किच..किच..किच पूरी तरह बंद हो जानी चाहिए। सरकार उनकी जिंदगी से निकलनी चाहिए। इस सरकार की आदत हो गई है। हर किसी को टांग अड़ाओ, मैं इसमें से सरकारों को बाहर निकालना चाहता हूं और गरीब को जब जरूरत पड़े सरकार चौबीसों घंटे मौजूद होनी चाहिए। वरना आज ये कागाज लाओ वो कागज लाओ..फलाना लाओ ये करो.. वो करो क्या मतलब है भाई? कब तक ये मध्यम वर्ग के लोगों को परेशान करते रहोगे और मेरे मन की इच्छा है 2047 तक जब देश विकसित भारत बनेगा ये सारी किचपिच चली जाएंगी दोस्तों। आप जैसे परिश्रमी लोग, जो दिन-रात मेहनत करके अपना परिवार आगे बढ़ा रहे हैं। देश के विकास में योगदान दे रहे अब ये शहजादे की नजर आपकी मेहनत की कमाई पर पड़ी है। ये लोग अब कह रहे हैं कि आप जो वेल्थ क्रिएट करते हैं। आप जो कमाते हैं उसका एक्सरे करेंगे। आपके लॉकर का एक्स रे होगा। अंदर क्या पड़ा है? आपके घर का एक्‍सरे होगा, अंदर क्या पड़ा है? एक्सरे होगा कितनी गाड़ियां हैं? एक्स रे किया जाएगा। आपकी संपत्ति आपके पास जो स्त्रीधन होगा उसकी जांच होगी। आपके मंगलसूत्र की जांच होगी।

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साथियों,

ये कांग्रेस के महाशय कह रहे हैं कि इनहेरिटेंस टैक्स लगाने की सोच रहे हैं। मतलब, आपने जो संपत्ति अर्जित की है। हिन्दुस्तान का हर मां-बाप.. उसके मन में इच्छा रहती है कि मैं जो कुछ भी कमाता हूं, कुछ न कुछ बचाऊ, ताकि मरने के बाद अपने संतानों को कुछ देकर के जाऊ। हर मां बाप ये चाहता है खुद खर्चा नहीं करता है। पैसे बचाता है अपने संतानों को देने के लिए। अब आप नहीं दे पाएंगे। आपके पास अगर दो घर हैं तो एक घर ये कब्जा कर लेंगे। दो गाड़ी है तो एक गाड़ी कब्जा कर लेंगे। खेत 10 एकड़ का है तो पांच एकड़ गया और आधे से अधिक 55% टैक्स लगा करके वो लूटने की बात कर रहे थे। यानी जीते जी तो लूटते हैं, मरने के बाद भी लूटने के खेल खेल रहे हैं। यानी आप कुछ तय नहीं करेंगे। सब कुछ कांग्रेस तय करेगी.. क्या 140 करोड़ का देश ऐसे चल सकता है क्या? क्या ऐसी चीजें हमें मंजूर हैं क्या? हम ऐसी चीजों को चलने देंगे क्या? ऐसे माओवादी प्लान सुनकर.. कौन यहां इनवेस्ट करेगा? कौन स्टार्टअप को लगाने की हिम्मत करेगा।

साथियों,

मोदि आज जो कुछ भी है। बाबा साहब अंबेडर ने जो संविधान बनाया है, उसके कारण एक गरीब का बेटा..आज प्रधानमंत्री बन पाया है। और कांग्रेस ने हमेशा बाबा साहब का अपमान किया। वहीं मोदी के लिए बाबा साहब और उनका संविधान किसी ईश्वर से कम नहीं है। ये भाजपा ही है जिसने संविधान दिवस मनाना शुरू किया और जब पार्लियामेंट में मैं संविधान दिवस मनाने के लिए प्रस्ताव लेकर के आया, यह कांग्रेस पार्टी ने घोर विरोध किया। उन्होंने कहा, 26 जनवरी तो मना रहे हैं। संविधान दिवस मनाने की क्या जरूरत है? बाबा साहब अंबेडकर के प्रति उनके मन में क्या भाव है, इसका यह उदाहरण है। यह भाजपाई है, जिसने बाबा साहब से जुड़े स्थानों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया है। बाबा साहब की भावना के विरुद्ध जाकर अब कांग्रेस और इंडी अघाड़ी वाले संविधान के पीठ में छुरा भोंकने पर लगे हुए हैं।

साथियों,

जब हिंदुस्तान का संविधान बना। सारे विद्वान लोग उसमें बैठे थे और आरएसएस बीजेपी वाले उसमें नहीं थे। सारे लोग बैठे थे। कांग्रेस के महारथी बैठे थे और संविधान सभा ने महीनों तक चर्चा की और चर्चा करके तय किया कि भारत में कभी भी धर्म के आधार पर आरक्षण लागू नहीं होगा। यह हमारे देश के संविधान की मूल भावना है। लेकिन ये वोट बैंक में अंधे हो चुके लोग धर्म के आधार पर देश को बांटने वाले लोग आज धर्म के आधार पर एससी, एसटी, ओबीसी जिनको आरक्षण मिला हुआ है। संविधान के द्वारा मिला हुआ है, संसद के द्वारा मिला हुआ है, बाबा साहब अंबेडकर के कारण मिला हुआ है। अब उसमें डाका डाल कर के उसमें से निकाल कर के धर्म के आधार पर मुसलमानों को देने की योजना बना रहे हैं। क्या देश का कोई दलित आरक्षण के हक को छोड़कर के मुसलमानों को दे सकता है क्या? इस देश का कोई भी आदिवासी आरक्षण के हक को छोड़कर के मुसलमानों को दे सकता है क्या? इस देश का कोई भी ओबीसी आरक्षण का हक छोड़कर के मुसलमान को दे सकता है क्या? और उन्होंने कर्नाटक का एक मॉडल डेवलप किया है। ये कर्नाटक मॉडल क्या है? सुप्रीम कोर्ट ने उनको मना कर दिया। धर्म के आधार पर नहीं कर सकते हो। कांग्रेस को लताड़ा सुप्रीम कोर्ट ने उसके बाद नई चालाकी की। उन्होंने कर्नाटक में क्या किया रातों-रात सभी मुसलमानों को एक फतवा निकालकर ओबीसी बना दिया। सबको ओबीसी बना दिया। सर्कुलर निकाल दिया, ठप्पा मार दिया और जैसे ही वो रातोंरात ओबीसी बने सुबह ओबीसी के पास जो 27 परसेंट आरक्षण था उस पर डाका डालकर के आधे से ज्यादा माल वो खा गए। ओबीसी वाले सारे लटकते रह गए। मुझे बताइए भाइयों, क्या देश में चलेगा क्या ऐसा? ये इंडी अघाड़ी वाले जरा कान खोलकर सुन लो.. मोदी अभी जिंदा है। ये कान खोलकर के सुन लो, शहजादे जब तक मोदी जिंदा है, धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होने देगा। यह देश नहीं होने देगा और जो ये मंसूबे रखते हैं उनको हमेशा-हमेशा के लिए ये देश राजनीति के नक्शे से मिटा देगा जी। जब तक मोदी है, इंडी अघाड़ी वालों की सारी साजिशें नाकाम वो करता रहेगा।

साथियों,

कांग्रेस शासन की एक और पहचान रही है। आतंकवादियों को खुली छूट, हम कैसे भूल सकते हैं वो समय जब आए दिन देश में आतंकी हमले और बम ब्लास्ट होते थे। आतंकियों ने महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे को लहूलुहान कर दिया था। जर्मन बेकरी के सामने क्या हुआ था? साथियों, हमारे महाराष्ट्र में तो जब बाहर निकलते हैं ना तो क्या कहते हैं ये तो..ये तो.. नहीं आऊंगा ऐसा नहीं कहते। जाता है, फिर कहता है ये तो। जाता-वाता नहीं कहते। लेकिन कांग्रेस-इंडी अघाड़ी के राज में क्या गारंटी है ये तो कहने के बाद गया हुआ बेटा घर जिंदा लौट कर आएगा कोई गारंटी नहीं? 10 साल पहले हिंदुस्तान में आतंकी हमले होते थे कि नहीं होते थे। मुंबई में आए दिन बम धमाके होते थे कि नहीं होते थे। काशी में बम धमाके होते थे कि नहीं होते थे। अयोध्या में बम धमाके होते थे कि नहीं होते थे। आज बंद हुए कि नहीं हुए दोस्तों आज बंद हुए कि नहीं हुए, जो यहां पड़ोस में से ये धमाके करने की आदत हो गई थी ना और जो आतंकवादी भेजते थे। उनको आज आटे के लाले पड़ रहे हैं। और यह मोदी है घर में घुस करके मारेगा। ये पीएफआई के लोग आतंकी साजिश करने वाले लोग बहुत बड़ा संगठन..शस्त्रों की ट्रेनिंग, आए दिन देश में धमाके करते रहना उस पीएफआई पर हमने प्रतिबंध लगा दिया। उनके बड़े-बड़े तीसमार खां जेलों में सड़ रहे हैं और ये कांग्रेस वाले चुनाव वोट के लिए उनका सहयोग लेने केरल पहुंच गए जी। क्या ऐसे लोग आपको सुरक्षा दे सकते हैं क्या? ऐसे लोग आपका भला कर सकते हैं क्या? कांग्रेस और इंडी अघाड़ी के ये तुष्टीकरण के कारण आतंकवाद से देश में हाहाकार मचने लगा तो कांग्रेस ने एक और गहरी साजिश रची। पुणे की धरती इसकी साक्षी है। कांग्रेस ने सारा दोष.. निर्दोष हिंदुओं पर मढ़ने के लिए भगवा आतंकवाद की थ्योरी गढ़ दी थी। इन लोगों ने निर्दोष हिंदुओं को जेल में डालकर प्रताड़ित किया था। कांग्रेस ने वो 26/11 मुंबई हमले का लांछन भी पवित्र भगवा पर लगाने की तैयारी कर रखी थी। कांग्रेस वाले तो भगवा को आतंकी कहने वाली किताबें तक छाप करके बैठे थे। ये वो लोग हैं जब आतंकवादी यासीन भटकल पकड़ा जाता है तो उसके पक्ष में बयानबाजी करते हैं, ये वो लोग हैं जो आतंकी याकूब मेमन को फांसी रुकवाने के लिए आधी रात को न्यायालय तक खुलवा देते हैं।

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साथियों,

यह समय भारत का है। वो वक्त चला गया। सदियों पुराने सपने पूरा करने का सामर्थ्य हम रखते हैं दोस्तों। 500 साल पुराना सपना, कितनी पीढ़ियां चली गईं लाखों लोग शहीद हुए प्रभु राम का मंदिर बनाने के लिए, आज अयोध्या में रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हैं कि नहीं है। क्या देश आजाद हुआ उसके दूसरे दिन काम होना चाहिए था कि नहीं होना चाहिए था। लेकिन इनको वोट बैंक की राजनीति और आप देखिए, अयोध्या राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण मिला, उसको भी ठुकरा दिया।

साथियों,

इस देश में ये जितनी बातों को लेकर के कांग्रेस ने देश को गुमराह किया इतने सालों तक, अब देश सपने भी लेकर के चलता है। संकल्प लेकर के भी चलता है। और साथियों, मैं आपको विश्वास दिलाता हूं। आपके सपने यह मोदी का संकल्प है। मेरा पल-पल आपके नाम मेरा पल-पल देश के नाम.. मेरा भारत-मेरा परिवार और आपके लिए 24/7, आपके लिए 24/7 फोर 2047 ये मोदी की गारंटी है। हमारे मुख्यमंत्री शिंदे जी तो लंबे समय से एनडीए के साथी रहे। देवेंद्र फडणवीस जी के पास भी बेहतरीन अनुभव है और अब अजित दादा हो या राज ठाकरे जी हो, ये सभी हमारे साथ जुड़ गए हैं। ये जो महायुति बनी है। एक विकसित भारत-विकसित महाराष्ट्र बनाने के लिए बनी है और इसलिए पुणे में भाई मुरलीधर मोहोल जी, बारामती में बहन सुनेत्रा ताई पवार जी, शिरूर से शिवाजीराव पाटील जी और मावल से श्रीरंग बार्ने जी। हर पोलिंग बूथ में इनको विजयी बनाना है। हर पोलिंग बूथ में विजयी बनाएंगे। पहले के वोटिंग के सारे रिकॉर्ड तोड़ेंगे। सबसे ज्यादा वोटिंग हो इसके लिए प्रयास करेंगे। कितनी ही गर्मी क्यों न हो, मतदान ज्यादा करेंगे। मतदान दिवस को एक उत्सव के रूप में मनाएंगे। पूरे गांव में बूथ में फेस्टिवल का वातावरण बना देंगे। पहले मतदान, फिर जलपान। पहले मतदान, फिर जलपान। याद रखोगे? इन सभी साथियों को.. आप जो वोट देंगे ना वो वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जाएगा। आपका एक-एक वोट मोदी को मजबूत करेगा। तो आप मतदान भारी मात्रा में करेंगे। अच्छा मेरा एक काम करेंगे, पक्का करेंगे। घर-घर जाइएगा और हर घरों में जाकर के कहिएगा कि मोदी जी पुणे आए थे और मोदी जी ने आपको प्रणाम कहा है। जय श्री राम कहा है मेरा जय श्री राम पहुंचा देंगे, मेरा प्रणाम पहुंचा देंगे। आपके मोबाइल फोन का फ्लैशलाइट चालू कीजिए..आपके मोबाइल का फ्लैशलाइट चालू कीजिए और इन सबको विश्वास दीजिए कि आप भारी मतदान कराएंगे। मेरे साथ बोलिए

भारत माता की..

भारत माता की..

भारत माता की..

बहुत-बहुत धन्यवाद।

  • Dheeraj Thakur March 06, 2025

    जय श्री राम जय श्री राम
  • Dheeraj Thakur March 06, 2025

    जय श्री राम
  • कृष्ण सिंह राजपुरोहित भाजपा विधान सभा गुड़ामा लानी November 21, 2024

    जय श्री राम 🚩 वन्दे मातरम् जय भाजपा विजय भाजपा
  • Devendra Kunwar October 08, 2024

    BJP
  • दिग्विजय सिंह राना September 18, 2024

    हर हर महादेव
  • Dr Mukesh Ludanan July 02, 2024

    Jai ho
  • Pradhuman Singh Tomar June 19, 2024

    BJP 97
  • Dharmendra Singh June 18, 2024

    जय श्रीं राम ||🙏
  • krishangopal sharma Bjp June 11, 2024

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140 crore Indians have taken a collective resolve to build a Viksit Bharat: PM Modi on Independence Day

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140 crore Indians have taken a collective resolve to build a Viksit Bharat: PM Modi on Independence Day

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Today, India is not just a Nation of Dreams but also a Nation That Delivers: PM Modi in TV9 Summit
March 28, 2025
QuoteToday, the world's eyes are on India: PM
QuoteIndia's youth is rapidly becoming skilled and driving innovation forward: PM
Quote"India First" has become the mantra of India's foreign policy: PM
QuoteToday, India is not just participating in the world order but also contributing to shaping and securing the future: PM
QuoteIndia has given Priority to humanity over monopoly: PM
QuoteToday, India is not just a Nation of Dreams but also a Nation That Delivers: PM

श्रीमान रामेश्वर गारु जी, रामू जी, बरुन दास जी, TV9 की पूरी टीम, मैं आपके नेटवर्क के सभी दर्शकों का, यहां उपस्थित सभी महानुभावों का अभिनंदन करता हूं, इस समिट के लिए बधाई देता हूं।

TV9 नेटवर्क का विशाल रीजनल ऑडियंस है। और अब तो TV9 का एक ग्लोबल ऑडियंस भी तैयार हो रहा है। इस समिट में अनेक देशों से इंडियन डायस्पोरा के लोग विशेष तौर पर लाइव जुड़े हुए हैं। कई देशों के लोगों को मैं यहां से देख भी रहा हूं, वे लोग वहां से वेव कर रहे हैं, हो सकता है, मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं। मैं यहां नीचे स्क्रीन पर हिंदुस्तान के अनेक शहरों में बैठे हुए सब दर्शकों को भी उतने ही उत्साह, उमंग से देख रहा हूं, मेरी तरफ से उनका भी स्वागत है।

साथियों,

आज विश्व की दृष्टि भारत पर है, हमारे देश पर है। दुनिया में आप किसी भी देश में जाएं, वहां के लोग भारत को लेकर एक नई जिज्ञासा से भरे हुए हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि जो देश 70 साल में ग्यारहवें नंबर की इकोनॉमी बना, वो महज 7-8 साल में पांचवे नंबर की इकोनॉमी बन गया? अभी IMF के नए आंकड़े सामने आए हैं। वो आंकड़े कहते हैं कि भारत, दुनिया की एकमात्र मेजर इकोनॉमी है, जिसने 10 वर्षों में अपने GDP को डबल किया है। बीते दशक में भारत ने दो लाख करोड़ डॉलर, अपनी इकोनॉमी में जोड़े हैं। GDP का डबल होना सिर्फ आंकड़ों का बदलना मात्र नहीं है। इसका impact देखिए, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, और ये 25 करोड़ लोग एक नियो मिडिल क्लास का हिस्सा बने हैं। ये नियो मिडिल क्लास, एक प्रकार से नई ज़िंदगी शुरु कर रहा है। ये नए सपनों के साथ आगे बढ़ रहा है, हमारी इकोनॉमी में कंट्रीब्यूट कर रहा है, और उसको वाइब्रेंट बना रहा है। आज दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी हमारे भारत में है। ये युवा, तेज़ी से स्किल्ड हो रहा है, इनोवेशन को गति दे रहा है। और इन सबके बीच, भारत की फॉरेन पॉलिसी का मंत्र बन गया है- India First, एक जमाने में भारत की पॉलिसी थी, सबसे समान रूप से दूरी बनाकर चलो, Equi-Distance की पॉलिसी, आज के भारत की पॉलिसी है, सबके समान रूप से करीब होकर चलो, Equi-Closeness की पॉलिसी। दुनिया के देश भारत की ओपिनियन को, भारत के इनोवेशन को, भारत के एफर्ट्स को, जैसा महत्व आज दे रहे हैं, वैसा पहले कभी नहीं हुआ। आज दुनिया की नजर भारत पर है, आज दुनिया जानना चाहती है, What India Thinks Today.

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साथियों,

भारत आज, वर्ल्ड ऑर्डर में सिर्फ पार्टिसिपेट ही नहीं कर रहा, बल्कि फ्यूचर को शेप और सेक्योर करने में योगदान दे रहा है। दुनिया ने ये कोरोना काल में अच्छे से अनुभव किया है। दुनिया को लगता था कि हर भारतीय तक वैक्सीन पहुंचने में ही, कई-कई साल लग जाएंगे। लेकिन भारत ने हर आशंका को गलत साबित किया। हमने अपनी वैक्सीन बनाई, हमने अपने नागरिकों का तेज़ी से वैक्सीनेशन कराया, और दुनिया के 150 से अधिक देशों तक दवाएं और वैक्सीन्स भी पहुंचाईं। आज दुनिया, और जब दुनिया संकट में थी, तब भारत की ये भावना दुनिया के कोने-कोने तक पहुंची कि हमारे संस्कार क्या हैं, हमारा तौर-तरीका क्या है।

साथियों,

अतीत में दुनिया ने देखा है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद जब भी कोई वैश्विक संगठन बना, उसमें कुछ देशों की ही मोनोपोली रही। भारत ने मोनोपोली नहीं बल्कि मानवता को सर्वोपरि रखा। भारत ने, 21वीं सदी के ग्लोबल इंस्टीट्यूशन्स के गठन का रास्ता बनाया, और हमने ये ध्यान रखा कि सबकी भागीदारी हो, सबका योगदान हो। जैसे प्राकृतिक आपदाओं की चुनौती है। देश कोई भी हो, इन आपदाओं से इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान होता है। आज ही म्यांमार में जो भूकंप आया है, आप टीवी पर देखें तो बहुत बड़ी-बड़ी इमारतें ध्वस्त हो रही हैं, ब्रिज टूट रहे हैं। और इसलिए भारत ने Coalition for Disaster Resilient Infrastructure - CDRI नाम से एक वैश्विक नया संगठन बनाने की पहल की। ये सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि दुनिया को प्राकृतिक आपदाओं के लिए तैयार करने का संकल्प है। भारत का प्रयास है, प्राकृतिक आपदा से, पुल, सड़कें, बिल्डिंग्स, पावर ग्रिड, ऐसा हर इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित रहे, सुरक्षित निर्माण हो।

साथियों,

भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हर देश का मिलकर काम करना बहुत जरूरी है। ऐसी ही एक चुनौती है, हमारे एनर्जी रिसोर्सेस की। इसलिए पूरी दुनिया की चिंता करते हुए भारत ने International Solar Alliance (ISA) का समाधान दिया है। ताकि छोटे से छोटा देश भी सस्टेनबल एनर्जी का लाभ उठा सके। इससे क्लाइमेट पर तो पॉजिटिव असर होगा ही, ये ग्लोबल साउथ के देशों की एनर्जी नीड्स को भी सिक्योर करेगा। और आप सबको ये जानकर गर्व होगा कि भारत के इस प्रयास के साथ, आज दुनिया के सौ से अधिक देश जुड़ चुके हैं।

साथियों,

बीते कुछ समय से दुनिया, ग्लोबल ट्रेड में असंतुलन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी challenges का सामना कर रही है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए भी भारत ने दुनिया के साथ मिलकर नए प्रयास शुरु किए हैं। India–Middle East–Europe Economic Corridor (IMEC), ऐसा ही एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। ये प्रोजेक्ट, कॉमर्स और कनेक्टिविटी के माध्यम से एशिया, यूरोप और मिडिल ईस्ट को जोड़ेगा। इससे आर्थिक संभावनाएं तो बढ़ेंगी ही, दुनिया को अल्टरनेटिव ट्रेड रूट्स भी मिलेंगे। इससे ग्लोबल सप्लाई चेन भी और मजबूत होगी।

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साथियों,

ग्लोबल सिस्टम्स को, अधिक पार्टिसिपेटिव, अधिक डेमोक्रेटिक बनाने के लिए भी भारत ने अनेक कदम उठाए हैं। और यहीं, यहीं पर ही भारत मंडपम में जी-20 समिट हुई थी। उसमें अफ्रीकन यूनियन को जी-20 का परमानेंट मेंबर बनाया गया है। ये बहुत बड़ा ऐतिहासिक कदम था। इसकी मांग लंबे समय से हो रही थी, जो भारत की प्रेसीडेंसी में पूरी हुई। आज ग्लोबल डिसीजन मेकिंग इंस्टीट्यूशन्स में भारत, ग्लोबल साउथ के देशों की आवाज़ बन रहा है। International Yoga Day, WHO का ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के लिए ग्लोबल फ्रेमवर्क, ऐसे कितने ही क्षेत्रों में भारत के प्रयासों ने नए वर्ल्ड ऑर्डर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, और ये तो अभी शुरूआत है, ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर भारत का सामर्थ्य नई ऊंचाई की तरफ बढ़ रहा है।

साथियों,

21वीं सदी के 25 साल बीत चुके हैं। इन 25 सालों में 11 साल हमारी सरकार ने देश की सेवा की है। और जब हम What India Thinks Today उससे जुड़ा सवाल उठाते हैं, तो हमें ये भी देखना होगा कि Past में क्या सवाल थे, क्या जवाब थे। इससे TV9 के विशाल दर्शक समूह को भी अंदाजा होगा कि कैसे हम, निर्भरता से आत्मनिर्भरता तक, Aspirations से Achievement तक, Desperation से Development तक पहुंचे हैं। आप याद करिए, एक दशक पहले, गांव में जब टॉयलेट का सवाल आता था, तो माताओं-बहनों के पास रात ढलने के बाद और भोर होने से पहले का ही जवाब होता था। आज उसी सवाल का जवाब स्वच्छ भारत मिशन से मिलता है। 2013 में जब कोई इलाज की बात करता था, तो महंगे इलाज की चर्चा होती थी। आज उसी सवाल का समाधान आयुष्मान भारत में नजर आता है। 2013 में किसी गरीब की रसोई की बात होती थी, तो धुएं की तस्वीर सामने आती थी। आज उसी समस्या का समाधान उज्ज्वला योजना में दिखता है। 2013 में महिलाओं से बैंक खाते के बारे में पूछा जाता था, तो वो चुप्पी साध लेती थीं। आज जनधन योजना के कारण, 30 करोड़ से ज्यादा बहनों का अपना बैंक अकाउंट है। 2013 में पीने के पानी के लिए कुएं और तालाबों तक जाने की मजबूरी थी। आज उसी मजबूरी का हल हर घर नल से जल योजना में मिल रहा है। यानि सिर्फ दशक नहीं बदला, बल्कि लोगों की ज़िंदगी बदली है। और दुनिया भी इस बात को नोट कर रही है, भारत के डेवलपमेंट मॉडल को स्वीकार रही है। आज भारत सिर्फ Nation of Dreams नहीं, बल्कि Nation That Delivers भी है।

साथियों,

जब कोई देश, अपने नागरिकों की सुविधा और समय को महत्व देता है, तब उस देश का समय भी बदलता है। यही आज हम भारत में अनुभव कर रहे हैं। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। पहले पासपोर्ट बनवाना कितना बड़ा काम था, ये आप जानते हैं। लंबी वेटिंग, बहुत सारे कॉम्प्लेक्स डॉक्यूमेंटेशन का प्रोसेस, अक्सर राज्यों की राजधानी में ही पासपोर्ट केंद्र होते थे, छोटे शहरों के लोगों को पासपोर्ट बनवाना होता था, तो वो एक-दो दिन कहीं ठहरने का इंतजाम करके चलते थे, अब वो हालात पूरी तरह बदल गया है, एक आंकड़े पर आप ध्यान दीजिए, पहले देश में सिर्फ 77 पासपोर्ट सेवा केंद्र थे, आज इनकी संख्या 550 से ज्यादा हो गई है। पहले पासपोर्ट बनवाने में, और मैं 2013 के पहले की बात कर रहा हूं, मैं पिछले शताब्दी की बात नहीं कर रहा हूं, पासपोर्ट बनवाने में जो वेटिंग टाइम 50 दिन तक होता था, वो अब 5-6 दिन तक सिमट गया है।

साथियों,

ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेशन हमने बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में भी देखा है। हमारे देश में 50-60 साल पहले बैंकों का नेशनलाइजेशन किया गया, ये कहकर कि इससे लोगों को बैंकिंग सुविधा सुलभ होगी। इस दावे की सच्चाई हम जानते हैं। हालत ये थी कि लाखों गांवों में बैंकिंग की कोई सुविधा ही नहीं थी। हमने इस स्थिति को भी बदला है। ऑनलाइन बैंकिंग तो हर घर में पहुंचाई है, आज देश के हर 5 किलोमीटर के दायरे में कोई न कोई बैंकिंग टच प्वाइंट जरूर है। और हमने सिर्फ बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का ही दायरा नहीं बढ़ाया, बल्कि बैंकिंग सिस्टम को भी मजबूत किया। आज बैंकों का NPA बहुत कम हो गया है। आज बैंकों का प्रॉफिट, एक लाख 40 हज़ार करोड़ रुपए के नए रिकॉर्ड को पार कर चुका है। और इतना ही नहीं, जिन लोगों ने जनता को लूटा है, उनको भी अब लूटा हुआ धन लौटाना पड़ रहा है। जिस ED को दिन-रात गालियां दी जा रही है, ED ने 22 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक वसूले हैं। ये पैसा, कानूनी तरीके से उन पीड़ितों तक वापिस पहुंचाया जा रहा है, जिनसे ये पैसा लूटा गया था।

साथियों,

Efficiency से गवर्नमेंट Effective होती है। कम समय में ज्यादा काम हो, कम रिसोर्सेज़ में अधिक काम हो, फिजूलखर्ची ना हो, रेड टेप के बजाय रेड कार्पेट पर बल हो, जब कोई सरकार ये करती है, तो समझिए कि वो देश के संसाधनों को रिस्पेक्ट दे रही है। और पिछले 11 साल से ये हमारी सरकार की बड़ी प्राथमिकता रहा है। मैं कुछ उदाहरणों के साथ अपनी बात बताऊंगा।

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साथियों,

अतीत में हमने देखा है कि सरकारें कैसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिनिस्ट्रीज में accommodate करने की कोशिश करती थीं। लेकिन हमारी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में ही कई मंत्रालयों का विलय कर दिया। आप सोचिए, Urban Development अलग मंत्रालय था और Housing and Urban Poverty Alleviation अलग मंत्रालय था, हमने दोनों को मर्ज करके Housing and Urban Affairs मंत्रालय बना दिया। इसी तरह, मिनिस्ट्री ऑफ ओवरसीज़ अफेयर्स अलग था, विदेश मंत्रालय अलग था, हमने इन दोनों को भी एक साथ जोड़ दिया, पहले जल संसाधन, नदी विकास मंत्रालय अलग था, और पेयजल मंत्रालय अलग था, हमने इन्हें भी जोड़कर जलशक्ति मंत्रालय बना दिया। हमने राजनीतिक मजबूरी के बजाय, देश की priorities और देश के resources को आगे रखा।

साथियों,

हमारी सरकार ने रूल्स और रेगुलेशन्स को भी कम किया, उन्हें आसान बनाया। करीब 1500 ऐसे कानून थे, जो समय के साथ अपना महत्व खो चुके थे। उनको हमारी सरकार ने खत्म किया। करीब 40 हज़ार, compliances को हटाया गया। ऐसे कदमों से दो फायदे हुए, एक तो जनता को harassment से मुक्ति मिली, और दूसरा, सरकारी मशीनरी की एनर्जी भी बची। एक और Example GST का है। 30 से ज्यादा टैक्सेज़ को मिलाकर एक टैक्स बना दिया गया है। इसको process के, documentation के हिसाब से देखें तो कितनी बड़ी बचत हुई है।

साथियों,

सरकारी खरीद में पहले कितनी फिजूलखर्ची होती थी, कितना करप्शन होता था, ये मीडिया के आप लोग आए दिन रिपोर्ट करते थे। हमने, GeM यानि गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म बनाया। अब सरकारी डिपार्टमेंट, इस प्लेटफॉर्म पर अपनी जरूरतें बताते हैं, इसी पर वेंडर बोली लगाते हैं और फिर ऑर्डर दिया जाता है। इसके कारण, भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है, और सरकार को एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की बचत भी हुई है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर- DBT की जो व्यवस्था भारत ने बनाई है, उसकी तो दुनिया में चर्चा है। DBT की वजह से टैक्स पेयर्स के 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा, गलत हाथों में जाने से बचे हैं। 10 करोड़ से ज्यादा फर्ज़ी लाभार्थी, जिनका जन्म भी नहीं हुआ था, जो सरकारी योजनाओं का फायदा ले रहे थे, ऐसे फर्जी नामों को भी हमने कागजों से हटाया है।

साथियों,

 

हमारी सरकार टैक्स की पाई-पाई का ईमानदारी से उपयोग करती है, और टैक्सपेयर का भी सम्मान करती है, सरकार ने टैक्स सिस्टम को टैक्सपेयर फ्रेंडली बनाया है। आज ITR फाइलिंग का प्रोसेस पहले से कहीं ज्यादा सरल और तेज़ है। पहले सीए की मदद के बिना, ITR फाइल करना मुश्किल होता था। आज आप कुछ ही समय के भीतर खुद ही ऑनलाइन ITR फाइल कर पा रहे हैं। और रिटर्न फाइल करने के कुछ ही दिनों में रिफंड आपके अकाउंट में भी आ जाता है। फेसलेस असेसमेंट स्कीम भी टैक्सपेयर्स को परेशानियों से बचा रही है। गवर्नेंस में efficiency से जुड़े ऐसे अनेक रिफॉर्म्स ने दुनिया को एक नया गवर्नेंस मॉडल दिया है।

साथियों,

पिछले 10-11 साल में भारत हर सेक्टर में बदला है, हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है। और एक बड़ा बदलाव सोच का आया है। आज़ादी के बाद के अनेक दशकों तक, भारत में ऐसी सोच को बढ़ावा दिया गया, जिसमें सिर्फ विदेशी को ही बेहतर माना गया। दुकान में भी कुछ खरीदने जाओ, तो दुकानदार के पहले बोल यही होते थे – भाई साहब लीजिए ना, ये तो इंपोर्टेड है ! आज स्थिति बदल गई है। आज लोग सामने से पूछते हैं- भाई, मेड इन इंडिया है या नहीं है?

साथियों,

आज हम भारत की मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस का एक नया रूप देख रहे हैं। अभी 3-4 दिन पहले ही एक न्यूज आई है कि भारत ने अपनी पहली MRI मशीन बना ली है। अब सोचिए, इतने दशकों तक हमारे यहां स्वदेशी MRI मशीन ही नहीं थी। अब मेड इन इंडिया MRI मशीन होगी तो जांच की कीमत भी बहुत कम हो जाएगी।

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साथियों,

आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान ने, देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को एक नई ऊर्जा दी है। पहले दुनिया भारत को ग्लोबल मार्केट कहती थी, आज वही दुनिया, भारत को एक बड़े Manufacturing Hub के रूप में देख रही है। ये सक्सेस कितनी बड़ी है, इसके उदाहरण आपको हर सेक्टर में मिलेंगे। जैसे हमारी मोबाइल फोन इंडस्ट्री है। 2014-15 में हमारा एक्सपोर्ट, वन बिलियन डॉलर तक भी नहीं था। लेकिन एक दशक में, हम ट्वेंटी बिलियन डॉलर के फिगर से भी आगे निकल चुके हैं। आज भारत ग्लोबल टेलिकॉम और नेटवर्किंग इंडस्ट्री का एक पावर सेंटर बनता जा रहा है। Automotive Sector की Success से भी आप अच्छी तरह परिचित हैं। इससे जुड़े Components के एक्सपोर्ट में भी भारत एक नई पहचान बना रहा है। पहले हम बहुत बड़ी मात्रा में मोटर-साइकल पार्ट्स इंपोर्ट करते थे। लेकिन आज भारत में बने पार्ट्स UAE और जर्मनी जैसे अनेक देशों तक पहुंच रहे हैं। सोलर एनर्जी सेक्टर ने भी सफलता के नए आयाम गढ़े हैं। हमारे सोलर सेल्स, सोलर मॉड्यूल का इंपोर्ट कम हो रहा है और एक्सपोर्ट्स 23 गुना तक बढ़ गए हैं। बीते एक दशक में हमारा डिफेंस एक्सपोर्ट भी 21 गुना बढ़ा है। ये सारी अचीवमेंट्स, देश की मैन्युफैक्चरिंग इकोनॉमी की ताकत को दिखाती है। ये दिखाती है कि भारत में कैसे हर सेक्टर में नई जॉब्स भी क्रिएट हो रही हैं।

साथियों,

TV9 की इस समिट में, विस्तार से चर्चा होगी, अनेक विषयों पर मंथन होगा। आज हम जो भी सोचेंगे, जिस भी विजन पर आगे बढ़ेंगे, वो हमारे आने वाले कल को, देश के भविष्य को डिजाइन करेगा। पिछली शताब्दी के इसी दशक में, भारत ने एक नई ऊर्जा के साथ आजादी के लिए नई यात्रा शुरू की थी। और हमने 1947 में आजादी हासिल करके भी दिखाई। अब इस दशक में हम विकसित भारत के लक्ष्य के लिए चल रहे हैं। और हमें 2047 तक विकसित भारत का सपना जरूर पूरा करना है। और जैसा मैंने लाल किले से कहा है, इसमें सबका प्रयास आवश्यक है। इस समिट का आयोजन कर, TV9 ने भी अपनी तरफ से एक positive initiative लिया है। एक बार फिर आप सभी को इस समिट की सफलता के लिए मेरी ढेर सारी शुभकामनाएं हैं।

मैं TV9 को विशेष रूप से बधाई दूंगा, क्योंकि पहले भी मीडिया हाउस समिट करते रहे हैं, लेकिन ज्यादातर एक छोटे से फाइव स्टार होटल के कमरे में, वो समिट होती थी और बोलने वाले भी वही, सुनने वाले भी वही, कमरा भी वही। TV9 ने इस परंपरा को तोड़ा और ये जो मॉडल प्लेस किया है, 2 साल के भीतर-भीतर देख लेना, सभी मीडिया हाउस को यही करना पड़ेगा। यानी TV9 Thinks Today वो बाकियों के लिए रास्ता खोल देगा। मैं इस प्रयास के लिए बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं, आपकी पूरी टीम को, और सबसे बड़ी खुशी की बात है कि आपने इस इवेंट को एक मीडिया हाउस की भलाई के लिए नहीं, देश की भलाई के लिए आपने उसकी रचना की। 50,000 से ज्यादा नौजवानों के साथ एक मिशन मोड में बातचीत करना, उनको जोड़ना, उनको मिशन के साथ जोड़ना और उसमें से जो बच्चे सिलेक्ट होकर के आए, उनकी आगे की ट्रेनिंग की चिंता करना, ये अपने आप में बहुत अद्भुत काम है। मैं आपको बहुत बधाई देता हूं। जिन नौजवानों से मुझे यहां फोटो निकलवाने का मौका मिला है, मुझे भी खुशी हुई कि देश के होनहार लोगों के साथ, मैं अपनी फोटो निकलवा पाया। मैं इसे अपना सौभाग्य मानता हूं दोस्तों कि आपके साथ मेरी फोटो आज निकली है। और मुझे पक्का विश्वास है कि सारी युवा पीढ़ी, जो मुझे दिख रही है, 2047 में जब देश विकसित भारत बनेगा, सबसे ज्यादा बेनिफिशियरी आप लोग हैं, क्योंकि आप उम्र के उस पड़ाव पर होंगे, जब भारत विकसित होगा, आपके लिए मौज ही मौज है। आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

धन्यवाद।