প্ৰধানমন্ত্ৰী শ্ৰী নৰেন্দ্ৰ মোদীয়ে এছিয়ান গেমছৰ ৪x৪০০ মিক্সড ৰীলেত ৰূপৰ পদক লাভ কৰা ভাৰতীয় দলটোৰ মহম্মদ আজমল, ভিথ্য়া ৰামৰাজ, ৰাজেশ ৰমেশ আৰু ভেংকটেশ শুভাক অভিনন্দন জনায়। 

প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে Xত পোষ্ট কৰে:

"এছিয়ান গেমছৰ ৪x৪০০ মিক্সড ৰীলেত অতুলনীয় প্ৰদৰ্শনেৰে আমাৰ এথলীটসকলে ৰূপৰ পদক আনিছে। 

এই দৰ্শনীয় জয়ৰ বাবে মহম্মদ আজমল, ভিথ্য়া ৰামৰাজ, ৰাজেশ ৰমেশ আৰু ভেংকটেশ শুভাক অভিনন্দন! তেওঁলোকৰ দলীয় প্ৰদৰ্শন উৎকৃষ্ট আছিল।"

  • Shiv Kumar Verma October 05, 2023

    जय हो
  • KARTAR SINGH Rana October 04, 2023

    heartiest congratulations 💐🇮🇳🙏🇮🇳💐
  • Arun Gupta, Beohari (484774) October 03, 2023

    हार्दिक बधाई ❤️
  • Jigish Arvind Mehta October 03, 2023

    Need more gold 🥇 to climb up the ladder
  • Sonal Mansingh October 03, 2023

    💐🙏
  • Sukhdev Rai Sharma Kharar Punjab October 03, 2023

    🚩जय बजरंगबली🚩 *श्रीगुरु चरन सरोज रज* मेरे गुरु/अभिभावक के चरणकमलों में *निज मन मुकुर सुधारि।* मैं अपने दिल के दर्पण को शुद्ध करता हूँ *बरनउँ रघुबर बिमल जसु* मैं बेदाग राम की कहानी का वर्णन करता हूं *जो दायकु फल चारि॥* जो चार फल देते है (4 पुरुषार्थ: इच्छा, समृद्धि, धार्मिकता, मुक्ति) *बुद्धिहीन तनु जानिकै* खुद को कमजोर और नासमझ समझकर *सुमिरौं पवनकुमार।* मैं पवन पुत्र (हनुमान) का चिंतन करता हूं *बल बुद्धिविद्या देहु मोहिं* शक्ति, ज्ञान और सभ्यता प्रदान करने के लिए *हरहु कलेश विकार ॥* और जीवन के सभी दुखों को दूर करने के लिए। *जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।* मैं ज्ञान और गुणों के गहरे समुद्र, भगवान हनुमान की महिमा करता हूं *जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥* मैं बंदर आदमी "वानर" की महिमा करता हूं, जो तीनों लोकों (पृथ्वी, वातावरण और परे) को रोशन करते है। *राम दूत अतुलित बल धामा।* मैं भगवान राम के वफादार दूत की महिमा करता हूं, *अंजनि पुत्र पवनसुत नामा॥* जिसे अंजना (अंजनीपुत्र) और पवन के पुत्र (पवनसुता) के पुत्र के रूप में भी जाना जाता है *महाबीर बिक्रम बजरंगी।* आप प्रतिष्ठित योद्धा हैं, साहसी हैं और "इंद्र के वज्र" के रूप में ताकत रखते हैं *कुमति निवार सुमति के संगी॥* आप नीच मन का नाश करते हैं और उत्तम बुद्धि से मित्रता करते हैं *कंचन बरन बिराज सुबेसा।* सोने के रंग का होने के कारण वह अपने सुंदर रूप में रहते है *कानन कुंडल कुंचित केसा॥* आप झुमके और घुंघराले बालों को सजाते हैं। *हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।* आप एक हाथ में "वज्र" और दूसरे में झंडा धारण करते हैं *काँधे मूँज जनेऊ साजै॥* आप अपने कंधे पर "मुंजा घास" द्वारा तैयार किया गया पवित्र धागा "जनेऊ" सजाते हैं *शंकर सुवन केसरी नंदन।* आप केसरी के पुत्र शिव की प्रसन्नता हैं *तेज प्रताप महा जग बंदन॥* आपके पास एक राजसी आभा है और आपकी पूरी दुनिया द्वारा प्रशंसा की जाता है *बिद्यावान गुनी अति चातुर।* आप अठारह प्रकार की विद्याओं के प्रशंसनीय धाम हैं *राम काज करिबे को आतुर॥* आप हमेशा भगवान राम की सेवा के लिए तैयार हैं *प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।* आप भगवान राम की किंवदंतियों को सुनना पसंद करते हैं *राम लखन सीता मन बसिया॥* आप राम, उनकी पत्नी सीता और उनके छोटे भाई लक्ष्मण के हृदय में निवास करते हैं। *सूक्ष्म रूप धरी सियहिं दिखावा।* आपने लघु रूप धारण कर सीता को खोजा *बिकट रूप धरि लंक जरावा॥* और आपने सोने की बनी लंका को स्थूल रूप में प्रज्वलित करके आग लगा दी *भीम रूप धरि असुर सँहारे।* आपने भयानक रूप धारण करके सभी राक्षसों को नष्ट कर दिया *रामचन्द्र के काज सँवारे॥* और इसी तरह आपने श्री राम के सभी कार्य किए। *लाय सँजीवनि लखन जियाए।* आपने द्रोणागिरी पर्वत को हिमालय से लाये, जिसमें संजीवनी लंका थी और लक्ष्मण को बचाया। *श्रीरघुबीर हरषि उर लाए॥* इस कार्य से प्रसन्न होकर श्री राम ने आपको गले लगा लिया। *रघुपति कीन्हीं बहुत बड़ाई।* राम ने कई बार तालियाँ बजाईं। *तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥* राम ने तो यहां तक ​​कह दिया कि तुम उन्हें उनके भाई भरत के समान प्रिय हो। *सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।* हजारों लोग आपको श्रद्धांजलि देंगे *अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं॥* यह कह रहा है; राम ने फिर गले लगाया *सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।* ब्रम्हा और मुनिष जैसे कई संत: *नारद सारद सहित अहीसा॥* नारद और शारद ने हनुमान को आशीर्वाद दिया है। *जम कुबेर दिक्पाल जहाँ ते।* यम कुबेर और दिकपाल जहाँ हैं *कबी कोबिद कहि सकैं कहाँ ते॥* कवि और लेखक, कोई भी हनुमान की महिमा को स्पष्ट नहीं कर सका। *तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।* आप सुग्रीव के प्रति परम उदार थे *राम मिलाय राजपद दीन्हा॥* राम के साथ उनकी मित्रता की और उन्हें अपना राज्य किष्किंधा प्राप्त किया *तुम्हरो मन्त्र बिभीषन माना।* विभीषण ने भी आपके मंत्र का समर्थन किया, परिणामस्वरूप, लंका के राजा बन गए *लंकेश्वर भए सब जग जाना॥* लंका का पूर्व राजा रावण आपसे डरता था। *जुग सहस्र जोजन पर भानू।* सूर्य, जो पृथ्वी से हजारों की दूरी पर है *लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥* आपने इसे मीठा वाला फल मानकर निगल लिया। *प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।* अपने मुंह में अंगूठी रखकर *जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं॥* यह आश्चर्यजनक नहीं है कि आपने समुद्र को छलांग लगा दी *दुर्गम काज जगत के जेते ।* दुनिया के अस्पष्ट कार्य *सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥* आपकी कृपा से प्राप्त हुए *राम दुआरे तुम रखवारे।* आप राम के दरबार के द्वारपाल और संरक्षक हैं *होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥* आपकी सहमति के बिना कोई भी उसके दरबार में प्रवेश नहीं कर सकता *सब सुख लहै तुम्हारी शरना।* आपके शरणागत को सभी सुख मिलते हैं *तुम रक्षक काहू को डर ना॥* आप जिसकी रक्षा करते हैं, उसका कोई भय नहीं रह सकता *आपन तेज सम्हारो आपै ।* एक बार जब आप अपनी शक्तियों का स्मरण करते हैं *तीनौं लोक हाँक ते काँपे॥* तीनों दुनिया डर से कांपने लगती हैं *भूत पिशाच निकट नहिं आवै।* बुरी आत्माएं परेशान नहीं कर सकतीं *महाबीर जब नाम सुनावै॥* जब कोई आपका भजन गाता है और आपको याद करता है। *नासै रोग हरै सब पीरा।* आप सभी बीमारियों को नष्ट करते हैं और सभी निराशाओं को दूर करते हैं *जपत निरंतर हनुमत बीरा॥* जो नियमित रूप से आपको याद करते हैं। *सब पर राम तपस्वी राजा।* हालांकि राम सर्वोच्च हैं *तिन के काज सकल तुम साजा॥* आप उसके सभी कार्यों को पूरा करते हैं। *और मनोरथ जो कोई लावै।* अगर किसी को कभी कुछ चाहिए *तासु अमित जीवन फल पावै॥* आप उसकी इच्छाओं को कई गुना पूरा करते हैं *साधु संत के तुम रखवारे।* आप संत हैं और रक्षक का ध्यान करते हैं *असुर निकंदन राम दुलारे॥* आप राक्षसों का वध करते हैं और राम को प्रिय हैं *अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।* आपके पास आठ अलौकिक शक्तियां और नौ खजाने हैं *अस बर दीन्ह जानकी माता॥* और यह आपको माता सीता द्वारा प्रदान किया गया है। *तुम्हरे भजन राम को पावै।* जो कोई भी आपके भजन गाता है, वह सीधे सर्वोच्च व्यक्ति, राम का अधिकारी होता है *जनम जनम के दुख बिसरावै॥* और जीवन की सभी प्रतिकूलताओं और नकारात्मकताओं से छुटकारा दिलाता है। *अंत काल रघुबर पुर जाई।* जो हमारा भक्त है, वह अपने शरीर की मृत्यु के बाद परमात्मा के धाम में जाता है *जहाँ जन्म हरिभक्त कहाई॥* और उसके बाद जब उनका पुनर्जन्म होता है, तो वे हमेशा भगवान के भक्त के रूप में जाने जाते हैं *और देवता चित्त न धरई।* जो किसी दूसरे भगवान से प्रार्थना नहीं करता *हनुमत सेइ सर्व सुख करई॥* लेकिन केवल आपको, यहां तक ​​​​कि वह जीवन के सभी खजाने को प्राप्त करता है (आमतौर पर यह कहा जाता है कि हर भगवान कुछ न कुछ प्रदान करता है) *संकट कटै मिटै सब पीरा।* सभी रोग दूर हो जाते हैं और सभी विपत्तियों से छुटकारा मिल जाता है *जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥* एक बार जब कोई आपका भक्त बन जाए और आपको याद करे। 🙏🚩 जय बजरंगबली🚩🙏 *जय जय जय हनुमान गोसाईं।* मैं विजयी, सभी इंद्रियों के स्वामी, हनुमान की प्रशंसा करता हूं *कृपा करहु गुरुदेव की नाईं॥* जैसे गुरु अपने शिष्य पर अपनी कृपा बरसाते हैं, वैसे ही मुझे अपने आशीर्वाद से नहलाएं *जो शत बार पाठ कर कोई।* जो इस स्तोत्र का 100 बार पाठ करता है *छूटहि बंदि महा सुख होई॥* उसके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और उसे जीवन का सारा खजाना मिल जाता है। *जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।* जो कभी इस चालीसा का पाठ करता है *होय सिद्धि साखी गौरीसा॥* सभी शक्तियों को प्राप्त करता है और भगवान शिव इसके साक्षी हैं। *तुलसीदास सदा हरि चेरा।* तुलसीदास, जो इस चालीसा के रचयिता हैं, सदैव आपके शिष्य रहेंगे *कीजै नाथ हृदय महँ डेरा॥* और वह हमेशा अपनी आत्मा में विराजमान प्रभु से प्रार्थना करता है। *पवनतनय संकट हरन मंगल मूरति रूप।* मैं पवन पुत्र का आह्वान करता हूं, जो मेरे जीवन के सभी दुखों को दूर करने के लिए एक शुभ रूप है *राम लखन सीता सहित हृदय बसहु सुर भूप॥* मैं आपसे प्रार्थना करता हूं कि मेरे हृदय में राम, सीता और लक्ष्मण के साथ निवास करें। *जय जय सियाराम* 🚩इतिश्री हनुमान चालिसा🚩
  • Ranjeet Kumar October 03, 2023

    congratulations 🎉👏🎉
  • Ranjeet Kumar October 03, 2023

    new India 🇮🇳🇮🇳🇮🇳
  • Ranjeet Kumar October 03, 2023

    Jai bharat mata 🇮🇳🇮🇳🇮🇳
  • Ranjeet Kumar October 03, 2023

    Jai hind 🇮🇳🇮🇳🇮🇳
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PM highlights the new energy and resolve in the lives of devotees with worship of Maa Durga in Navratri
April 03, 2025

The Prime Minister Shri Narendra Modi today highlighted the new energy and resolve in the lives of devotees with worship of Maa Durga in Navratri. He also shared a bhajan by Smt. Anuradha Paudwal.

In a post on X, he wrote:

“मां दुर्गा का आशीर्वाद भक्तों के जीवन में नई ऊर्जा और नया संकल्प लेकर आता है। अनुराधा पौडवाल जी का ये देवी भजन आपको भक्ति भाव से भर देगा।”